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खास खबर
पुस्तक समीक्षा

पुस्तक समीक्षा

स्त्री संघर्ष की इंद्रधनुषी कहानियां कमलेश भारतीय आधारशिला प्रकाशन के डॉ. कमलेश बहुगुणा की सोलह कहानियों के संग्रह प्रतिबिम्ब की कहानियां स्त्री संघर्ष की इंद्रधनुषी कहानियां हैं। साहित्यकार डॉ. दिवाकर भट्ट के कथनानुसार इनमें स्त्री समाज का संघर्ष सामने रखा गया है। स्त्री समाज का केंद्र होते हुए भी अपना पूरा संसार ...

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कंचन

कंचन

रविन्द्रनाथ टैगोर मैं विदेश लौटकर छोटा नागपुर के एक चन्द्रवंशीय राजा के दरबार में नौकरी करने लगा। उन्हीं दिनों मेरी देशव्यापी कीर्ति की पटल पर अचानक एक छोटी-सी कहानी खिल उठी। उन दिनों गगन टेसू की रक्तिमाभा से विभोर था। शाल वृक्ष की टहनियों पर मंजरियां झूल रही थीं। मधुमक्खियों के ...

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सुरक्षा कवच के साथ छोटी कंपनियों में निवेश

सुरक्षा कवच के साथ छोटी कंपनियों में निवेश

आलोक पुराणिक छोटे कारोबारों में निवेश जोखिम का काम है। यह बात समझने के लिए अर्थशास्त्री होना जरूरी नहीं है। आसपास से यह बात समझी जा सकती है। गरमी में कोई ठेले वाला जूस बेचने लगता है वहीं सर्दियों में गाजर का हलुवा बनाकर बेचता है। हो सकता है कि वह ...

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चीनी सत्ता के खिलाफ बुलंद होते सुर

चीनी सत्ता के खिलाफ बुलंद होते सुर

हालांकि हांगकांग स्पेशल एडमिनिस्ट्रेटिव रीजन (एचकेएसएआर) की प्रशासनिक व्यवस्था में हाल ही में 18 जिला परिषदों की 452 सीटों का लोकतांत्रिक महत्व इस द्वीप के प्रशासनिक ढांचे में सबसे निचले पायदान पर है। इनको मिली शक्तियां भी अत्यंत सीमित हैं, फिर भी 24 नवम्बर को 452 जिला परिषदों के चुनाव ...

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चांद के आर-पार पारखी नजर

चांद के आर-पार पारखी नजर

अरुण नैथानी किसी लक्ष्य को पाने में जुनून किस हद तक कामयाबी दे सकता है, भारत के एक अनाम युवक के रातों-रात हीरो बनने में उसकी बानगी नजर आती है। भारत के महत्वाकांक्षी चंद्रयान मिशन-2 के हाथों अंतिम क्षणों में फिसली सफलता ने हर भारतीय को व्यथित किया। मगर चेन्नई के ...

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आलोचना को धैर्य-ध्यान से सुने सरकार

आलोचना को धैर्य-ध्यान से सुने सरकार

डेनमार्क के एक लेखक ने लिखी थी यह कहानी। लगभग दो सौ साल पहले की बात है। कहानी का शीर्षक है राजा के नये कपड़े। कथानक कुछ इस तरह है कि दो जुलाहे राजा को अनोखे कपड़े बनाकर देने का वादा करते हैं। जुलाहों के अनुसार इन कपड़ों की विशेषता ...

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आयकर राहत से दूर होगी आर्थिक सुस्ती

आयकर राहत से दूर होगी आर्थिक सुस्ती

जयंतीलाल भंडारी हाल ही में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने कहा है कि वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितम्बर, 2019 में विकास दर फिसलते हुए 4.5 फीसदी पर जा पहुंची है, जो पिछले साढ़े छह साल का सबसे निचला स्तर है। अर्थ विशेषज्ञों का कहना है कि ...

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  • कंचन
     Posted On December - 8 - 2019
    रविन्द्रनाथ टैगोर मैं विदेश लौटकर छोटा नागपुर के एक चन्द्रवंशीय राजा के दरबार में नौकरी करने लगा। उन्हीं दिनों 
  • पुस्तक समीक्षा
     Posted On December - 8 - 2019
    आधारशिला प्रकाशन के डॉ. कमलेश बहुगुणा की सोलह कहानियों के संग्रह प्रतिबिम्ब की कहानियां स्त्री संघर्ष की इंद्रधनुषी कहानियां हैं।....
  • सुरक्षा कवच के साथ छोटी कंपनियों में निवेश
     Posted On December - 7 - 2019
    छोटे कारोबारों में निवेश जोखिम का काम है। यह बात समझने के लिए अर्थशास्त्री होना जरूरी नहीं है। आसपास से....
  •  Posted On December - 7 - 2019
    जासूसी में बेशक रोचकता होती है, उसमें सस्पेंस होता है, थ्रिल होता है। इसलिए जासूसी किताबें और कहानियां पढ़ना तो....

सुखी भविष्य के लिए तुरंत हो पहल

Posted On November - 13 - 2019 Comments Off on सुखी भविष्य के लिए तुरंत हो पहल
देश में बढ़ती आबादी को देखते हुए कभी ‘दो बच्चे होते हैं अच्छे’ और कभी ‘हम दो हमारे दो’ जैसे आकर्षक नारे दिये गये लेकिन ये सिर्फ नारे ही रह गये। परिवार नियोजन के लिए लोगों को प्रेरित करने के इरादे से कुछ राज्यों ने पंचायत स्तर पर दो संतान वाले व्यक्तियों को ही चुनाव लड़ने की पात्रता देने का कानून बनाया। हरियाणा द्वारा बनाये ....

एकदा

Posted On November - 13 - 2019 Comments Off on एकदा
श्रीलंका के सीलोन नगर में महता शैसा नामक एक व्यक्ति रहता था। वह ईश्वर का परम भक्त था और बहुत ही ईमानदार भी। वह जंगलों से जड़ी-बूटियां लाकर उन्हें बेचकर अपनी जीविका चलाता था। शैसा का एक परम मित्र था लरोटा। लरोटा एक धनी व्यापारी था और उसके अनेक बाग-बगीचे थे, लेकिन इन दिनों वह गरीबी के दिन बिता रहा था। ....

सुलगते सवाल

Posted On November - 13 - 2019 Comments Off on सुलगते सवाल
पंजाब में सिर्फ दो दिनों में खेतों में पराली जलाने की पंद्रह सौ घटनाएं बताती हैं कि गंभीर होते संकट के बावजूद न प्रशासन जागा है और न किसान जवाबदेह हुए हैं। किसान अपनी सुविधा से इसे जलाने में लगे हैं। यही वजह है कि सुप्रीमकोर्ट को कहना पड़ा कि लोगों को यूं ही वायु प्रदूषण से मरता नहीं छोड़ा जा सकता। यह भी कि ....

एकदा

Posted On November - 12 - 2019 Comments Off on एकदा
जीवन का संदेश एक बार एक संत ने अपने दो भक्तों को बुलाया और कहा आपको यहां से पचास कोस जाना है। एक भक्त को एक बोरी खाने के समान से भर कर दी और कहा जो लायक मिले उसे देते जाना और एक को ख़ाली बोरी दी उससे कहा रास्ते में जो उसे अच्छा मिले, उसे बोरी में भर कर ले जाए। दोनों निकल पड़े, जिसके कंधे पर समान था वह धीरे चल पा रहा था। ख़ाली बोरी वाला भक्त आराम से जा रहा था। थोड़ी दूर उसको एक सोने की ईंट 

आपकी राय

Posted On November - 12 - 2019 Comments Off on आपकी राय
10 अक्तूबर के दैनिक ट्रिब्यून के मुखपृष्ठ पर राजकुमार सिंह का लेख ‘ऐतिहासिक फैसला’ पढ़ा, अच्छा लगा। धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में लंबे अंतराल के बाद राम मंदिर व बाबरी मस्जिद विवाद पर आया शीर्ष अदालत का फैसला शांति सौहार्द का आदर्श व विश्व बंधुत्व की मिसाल बन गया है। ....

घर-घर बसे चाइनीज आइटम

Posted On November - 12 - 2019 Comments Off on घर-घर बसे चाइनीज आइटम
देशभक्ति के भाषणों का रुख अधिकतर पाकिस्तान की तरफ होता है, उधर चाइना घर में घुसा आ रहा है। ....

हमने उपयोग का स्वर्णिम अवसर गंवाया

Posted On November - 12 - 2019 Comments Off on हमने उपयोग का स्वर्णिम अवसर गंवाया
पंद्रह से पैंसठ वर्ष की आयु के लोगों को ‘उत्पादक’ अथवा ‘कर्मी’ माना जाता है। ये किसी न किसी रूप में उत्पादन करके अपना जीवनयापन करते हैं। इसके इतर पंद्रह वर्ष से छोटे बच्चे और पैंसठ वर्ष से बड़े वृद्ध लोगों को ‘अवलंबित’ माना जाता है। इन्हें ‘अनुत्पादक’ माना जाता है। ये कर्मियों पर अवलंबित होते हैं। ....

करतारपुर के संदेश को जीवंत बनायें

Posted On November - 12 - 2019 Comments Off on करतारपुर के संदेश को जीवंत बनायें
सिख पंथ की रोजाना होने वाली अरदास में एक अभिन्न अंग—‘हे ईश्वर! गुरु नानक देव जी के अनुयायियों को जिन गुरुधामों से जुदा होना पड़ा है, उनके खुले दर्शन-दीदार करने का वरदान दीजिए।’ इस किस्म की विनती की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि देश बंटवारे में पंजाब और इसकी आबादी के दो टुकड़े हो गए थे, अनेक ऐतिहासिक पवित्र गुरुद्वारे पाकिस्तान की सीमा के अंदर रह ....

अविस्मरणीय शेषन

Posted On November - 12 - 2019 Comments Off on अविस्मरणीय शेषन
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने वाले टी.एन. शेषन भले ही अब दैहिक रूप में विद्यमान नहीं हैं, मगर चुनाव आयोग के लिए वे ऐसी लक्ष्मण रेखा खींच गये कि जिसे लांघना राजनेताओं के बूते की बात नहीं है। ....

जनादेश के मायने

Posted On November - 11 - 2019 Comments Off on जनादेश के मायने
हरियाणा विधानसभा चुनाव में जनता ने बता दिया है कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव के मुद्दों में बड़ा अंतर होता है। सरकार के अधिकांश मंत्रियों का हार जाना दर्शाता है कि जनता में नाराजगी थी। सरकार वैसे ईमानदारी का ढिंढोरा पीट रही थी पर कोई काम धरातल पर नजर नहीं आया। सरकारी तंत्र पर सरकार की पकड़ कमजोर रही, जिससे आला कर्मचारी व जनता परेशान ....

हर बाधा पर भारी तरक्की का नज़रिया

Posted On November - 11 - 2019 Comments Off on हर बाधा पर भारी तरक्की का नज़रिया
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का कहना था कि, ‘सपना वह नहीं जो आप नींद में देखते हैं। यह तो एक ऐसी चीज़ है जो आपको नींद ही नहीं आने देती।’ ऐसा नहीं है कि केवल महान हस्तियों पर ही यह बात लागू होती है। आज तो हमारे इर्दगिर्द के अनेक लोग ऐसे हैं जो इस बात को मानते हैं और कड़ी मेहनत कर अपनी किस्मत ....

तारीख का फेर और बधाई

Posted On November - 11 - 2019 Comments Off on तारीख का फेर और बधाई
हमारा जमाना भी क्या जमाना था! बचपन में 5-7 साल तक घर में ही धमाचौकड़ी करो और फिर कहीं स्कूल की बात माता-पिता को याद आती थी। कोई भी जाकर दाखिला करा देता था। एक भाई को कह दिया कि इसका भी स्कूल में नाम लिखा दो, भाई की अंगुली पकड़कर हम चल दिये स्कूल। फार्म में पूछा गया कि जन्म-तारीख क्या है? अब भाई ....

दवा से मुनाफे का बेरहम कारोबार

Posted On November - 11 - 2019 Comments Off on दवा से मुनाफे का बेरहम कारोबार
पिछले दिनों सैल टेक्नोलॉजी में काम करने के लिए वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार मिला है। बताया जा रहा है कि उनकी खोज से पता चला कि सैल आक्सीजन के साथ कैसे रिएक्ट करते हैं। इससे रक्ताल्पता (एनीमिया) और कैंसर के इलाज में सफलता मिलेगी। अच्छा है कि ऐसा हो कि कैंसर जैसी बीमारी से लड़ाई आसान हो। ....

सपना सच होना

Posted On November - 11 - 2019 Comments Off on सपना सच होना
राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े फैसले के चलते मीडिया में करतारपुर गलियारे के खुलने का घटनाक्रम भले ही ज्यादा नजर न आया हो, मगर यह एक बड़ी घटना थी जो भारतीय इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई। आज़ादी के बाद से ही करतारपुर साहिब के दीदार का सपना संजोयी आंखों में यह सपना सच होने जैसा था। भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए बाबा नानक ....

व्यापक परिप्रेक्ष्य में जीवन के सरोकार

Posted On November - 10 - 2019 Comments Off on व्यापक परिप्रेक्ष्य में जीवन के सरोकार
वरिष्ठ कवि, आलोचक डॉ. हरमहेन्द्र सिंह बेदी रचित ‘एकान्त में शब्द’ उनका नवीनतम काव्य-संग्रह है। अभी तक वे हिंदी साहित्य को सात कविता संग्रह दे चुके हैं। संग्रह में 44 कविताएं हैं। इनमें प्रकृति, प्रेम, नारी चेतना परिवार, व्यवस्था की विसंगतियों और मानवीय संबंधों को परिभाषित किया है। ....

कटना ‘जामुन का पेड़’

Posted On November - 10 - 2019 Comments Off on कटना ‘जामुन का पेड़’
आईसीएसई ने हिन्दी-उर्दू के मशहूर अफसानानिगार कृश्न चंदर की क्लासिक कहानी ‘जामुन का पेड़’ को दसवीं क्लास के निर्धारित पाठ्यक्रम से अचानक हटा दिया है। बोर्ड के इम्तिहानों से महज तीन महीने पहले यह आश्चर्यजनक फैसला लिया गया। संस्था की दलील है कि कहानी को इसलिए हटाया गया, क्योंकि यह दसवीं के विद्यार्थियों के लिए ‘उपयुक्त’ नहीं थी। ....
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