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खास खबर
पाप का अंत

पाप का अंत

बाल कविता दस शीश का दशानन ना एक शीश बचा पाया। राम ने जीत लंका सत्य का परचम फहराया। झूठ कभी जीते ना सामने कभी सच्चाई के। दुष्ट ही सदैव झुके सामने यहां अच्छाई के। जब-जब भी पाप बढ़ा लिया ईश्वर ने अवतार। राम और कृष्ण हुए मिटा दुष्टों का अत्याचार। बच्चों तुम जीवन में भगवान राम सरीखे बनो। राह अपनी नित्य ही सच पर चलने ...

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स्वाद में सेहत वाला तड़का

स्वाद में सेहत वाला तड़का

दीप्ति त्योहारों का मौसम है। ऐसे में मीठा तो हर घर में बनता है। खासकर जब हलवे की बात हो तो इसके अलग-अलग ज़ायके हमारे मुंह में पानी भर देते हैं। घीया (लौकी) का हलवा सामग्री - लोकी-तीन कप (ग्रेटैड), मिल्क पाउडर-आधा कप, इलायची पाउडर - एक छोटा चम्मच, चीनी- दो बडे़ चम्मच, ...

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हेल्थ और सिक्योरिटी के इनोवेटिव रास्ते

हेल्थ और सिक्योरिटी के इनोवेटिव रास्ते

कुमार गौरव अजीतेन्दु दिल की बीमारियां हमेशा खतरनाक होती हैं, इसलिए अब इनसे लड़ने के लिए भी टेक्नोलॉजी ने अपने कदम आगे बढ़ा दिए हैं जो भविष्य में होने वाले हार्ट अटैक की जानकारी दे रही है। थी-डी प्रिंटिंग हार्ट से ट्रांसप्लांट के लिए लगी कतार को कम करने की कोशिश ...

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नानी से बचत की सीख

नानी से बचत की सीख

याद रही जो सीख विकास बिश्नोई जब मैं स्कूल में पढ़ा करता था तो लगभग हर तीन से चार महीने के बाद मैं और भाई मां के साथ नानी के पास जाया करते थे। नानी हमें बहुत प्यार करती थी। वहां जाते ही हम खूब खेलते थे और हर रोज शाम को ...

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अविस्मरणीय यादें

अविस्मरणीय यादें

स्कूल में पहला दिन शोभा गोयल जीवन की अविस्मरणीय यादों में एक होती है स्कूल में पहले दिन की याद। उस जमाने में 5-6 साल के बच्चे को प्रथम कक्षा में एडमिशन मिलता था। पहले दिन मेरी मम्मी मुझे स्कूल छोड़ कर चली गयी। पहला दिन और अजनबी स्कूल में अजनबी बच्चे। ...

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पड़ोसी के बच्चे से न करें तुलना

पड़ोसी के बच्चे से न करें तुलना

पेरेंटिंग सुभाष चन्द्र सौम्या आज सहमी-सहमी है अपने घर में। शाम को पिताजी भी घर आए। लेकिन, उनसे भी बात नहीं कर रही है। आखिर क्या हुआ उसे? पिता जी ने एक बार पूछा। कोई जवाब नहीं दिया सौम्या ने। खाने की टेबल पर भी गुमसुम। वैसे, गुमसुम रहना सौम्या की आदत नहीं। ...

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मतभेद हों, मनभेद नहीं

मतभेद हों, मनभेद नहीं

रिश्ते मोनिका शर्मा रिश्तों में टकराव की स्थिति जब बनती है तो मतभेद हो ही जाते हैं। फिर चाहे वह सहकर्मी से हों, किसी रिश्तेदार से या परिवार से, मतभेद को समझदारी से सुलझाना ज़रूरी है। ऐसा नहीं किया तो पुरानी बातें कब गांठ बनकर मनभेद में बदल जाएं, पता ही नहीं ...

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सेहत की साथी टेक्नोलॉजी

Posted On August - 25 - 2019 Comments Off on सेहत की साथी टेक्नोलॉजी
तकनीक आज हर क्षेत्र में अपनी अहमियत जता रही है। इसके बिना हम अधूरे से हैं। अब टेक्नोलॉजी हमारा काम ही आसान नहीं कर रही बल्कि हमारी सेहत का ख्याल भी रखती है। ....

लौट आई तितली

Posted On August - 25 - 2019 Comments Off on लौट आई तितली
दस वर्षीय विधि के पापा को पेड़-पौधों से बहुत लगाव है। उन्होंने अपनी बालकनी में कई गमले रखे हुए हैं, जिन में वे तरह-तरह के फूलों वाले और सजावटी पौधे लगाते हैं। हर साल मौसम के अनुसार गमलों में रोपते रहते हैं। यूं तो इस बालकनी का रास्ता लॉबी से होकर जाता है लेकिन विधि के कमरे की खिड़की भी इसी बालकनी में खुलती है। ....

तलाशें रिश्तों के निबाह की राह

Posted On August - 25 - 2019 Comments Off on तलाशें रिश्तों के निबाह की राह
अपने आप को समय ना देने पर तनाव, चिड़चिड़ापन और हताशा घेर लेती है। इन हालातों में खुद के प्रति ही एक शिकायत का भाव पैदा होता है। द्दिल-दिमाग कई उलझनों में घिर जाता है। जो समय के साथ और बढ़ती जाती हैं । ....

केले की टिकिया

Posted On August - 25 - 2019 Comments Off on केले की टिकिया
केले की टिकिया इतनी पौष्टिक और स्वादिष्ट होती है कि आप स्वयं के साथ अपने बच्चों को भी मन भरकर खिला सकती हैं। ....

पापा का पहला थप्पड़

Posted On August - 25 - 2019 Comments Off on पापा का पहला थप्पड़
जब कभी भी मैं अपने बचपन के दिन याद करती हूं तो पापा का पहला थप्पड़ जरूर याद आता है। पहला थप्पड़ मेरे लिए एक बहुत बड़ी सीख भी बना। जब मैं 4 साल की थी तब मैं पहली बार बड़ी बहन के साथ स्कूल गयी। ....

बच्चों के लिये क्वालिटी टाइम

Posted On August - 25 - 2019 Comments Off on बच्चों के लिये क्वालिटी टाइम
अभिभावक सोचते हैं कि हम बच्चों के लिए ही तो जी रहे हैं। यह मारामारी, नाइन टू सेवन की जिंदगी इसलिये है ताकि बच्चों को सभी सुख-सुविधायें, अच्छी शिक्षा, स्टैंडर्ड लाइफ दे सकें। ....

यात्रा के दौरान शिष्टाचार

Posted On August - 25 - 2019 Comments Off on यात्रा के दौरान शिष्टाचार
हमारे व्यवहार और वाणी में शिष्टता न हो तो कौन हमसे बात करना चाहेगा? इसीलिए कहा जाता है कि मनुष्य का परिचय उसके शिष्टाचार से मिल जाता है। भागदौड़ वाली जीवनशैली होने की वजह से लोगों में व्यावहारिकता कुछ कम हो गई है। ....

बक्सर यहां राम ने किया था ताड़का का वध

Posted On August - 25 - 2019 Comments Off on बक्सर यहां राम ने किया था ताड़का का वध
श्री राम कथा में रुचि रखने वाले लोग बक्सर का नाम बड़े आदर से लेते हैं। यही वह जगह है जहां त्रेतायुग में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने धर्म की रक्षा के लिए सुकेतु यक्ष की कन्या ताड़का का वध किया था। महात्मा बुद्ध की तपस्थली, भगवान महावीर स्वामी की जन्मस्थली बिहार राज्य का छोटा-सा जनपद है बक्सर। ....

अंतर्यात्रा में गुरु की जरूरत

Posted On August - 25 - 2019 Comments Off on अंतर्यात्रा में गुरु की जरूरत
परमात्मा के ज्ञान से, परमात्मा के ओंकार स्वरूप से साक्षात्कार सद‍्गुरु ही कराता है। इसलिए कबीर कहते हैं- तीन लोक नौ खण्ड में गुरु से बड़ा न कोय, कर्ता करे न कर सके, गुरु करे सो होय। ....

12 साल गर्भ में रहे, नाना के घर नहीं लिया जन्म

Posted On August - 25 - 2019 Comments Off on 12 साल गर्भ में रहे, नाना के घर नहीं लिया जन्म
जाहरवीर गोगा जी के समाधि स्थल गोगामेड़ी में पूरे भादों महीने के दौरान मेला लगता है। मुख्य मेला नवमी को लगता है। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित गोगामेड़ी पर सभी धर्म और सम्प्रदाय के लोग माथा टेकने के लिए दूर-दूर से आते हैं। श्रद्धालु पहले गोरक्षनाथ टीले पर शीश नवाते हैं, उसके¢ बाद गोगा जी की समाधि पर माथा टेकते हैं। ....

व्रत-पर्व

Posted On August - 25 - 2019 Comments Off on व्रत-पर्व
25 अगस्त- श्री गोगा नवमी, नन्दोत्सव 26 अगस्त- अजा एकादशी व्रत (स्मार्त) 27 अगस्त- अजा एकादशी व्रत (वैष्णव), वत्स द्वादशी (पूजा), अघोर द्वादशी 28 अगस्त- प्रदोष व्रत, मास शिवरात्रि व्रत, अघोरा-चतुर्दशी, पर्यूषण पर्व प्रारंभ (जैन) 29 अगस्त- अघोर चतुर्दशी 30 अगस्त- भाद्रपद अमावस, कुशाग्रहणी अमावस, पिठोरी अमावस, लोहागर्ल यात्रा (स्नान), रानी सती मेला (झुंझुनूं-राजस्थान) 31 अगस्त- भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रारंभ 

मुखर होती नारी

Posted On August - 25 - 2019 Comments Off on मुखर होती नारी
आज के समाज की लड़की बदल गई है। वह न तो रोती है और न ही धोखा बर्दाश्त करती है। न उसे खुद को लेकर कोई गलतफहमी है और न ही वह प्यार के नाम पर खुद को बलिदान करने को तैयार है। यह नयी लड़की चारदीवारी में कैद भी नहीं है, अपने रास्ते खुद तलाश रही है। अपनी आजादी के मायने उसने ढूंढ लिए ....

किताबों से दोस्ती

Posted On August - 18 - 2019 Comments Off on किताबों से दोस्ती
मंगलवन के राजा शेर सिंह के तीन बच्चे थे। मोंटी, चिंटू और मिंटू। तीनों ही बड़े शरारती थे। मोंटी और चिंटू पढ़ने-लिखने में बहुत होशियार थे। दोनों नियमित स्कूल भी जाते थे लेकिन मिंटू अपनी ही दुनिया में खोया रहता था। उसे स्कूल से कोई मतलब नहीं था। पढ़ाई-लिखाई की बात करते ही उसे उबासी आ जाती। वह झूमने लगता। नींद उसकी आंखों में नाचने ....

‘किसी कमज़ोर पर कभी मत हंसना’

Posted On August - 18 - 2019 Comments Off on ‘किसी कमज़ोर पर कभी मत हंसना’
बात तब की है जब मैं 10वीं की छात्रा थी। पढ़ाई में मन कम लगता तो खेल-कूद के लिये गली में बच्चों को तलाश शुरू हो जाती। पड़ोस में रहने वाले एक परिवार के बच्चों के साथ खासा मेलजोल और खेलना कूदना होता रहता था। एक अन्य घर में दो बुजुर्ग थे जिन्हें हम खूब परेशान भी करते थे। उनकी डांट सुनकर बड़े हुए। ....

बुज़ुर्गों के अधिकार

Posted On August - 18 - 2019 Comments Off on बुज़ुर्गों के अधिकार
बुजुर्गों के प्रति आज की पीढ़ी असंवेदनशील होती जा रही है। ऐसे में बहुत ज़रूरी है कि बुज़ुर्गों के प्रति उनके अधिकारों के लिए जानकारी मुहैया कराई जाए। दिन-प्रतिदिन बुजुर्गों के प्रति लापरवाही के केस बढ़ते जा रहे हैं। बच्चे मां-बाप को संपत्ति से बेदखल कर दर-दर की ठोकरें खाने के लिए छोड़ देते हैं या फिर उससे भी बदतर हालत में। ....

ओ रे… कन्हैया

Posted On August - 18 - 2019 Comments Off on ओ रे… कन्हैया
अद‍्भुत था श्री कृष्ण का बाल्य जीवन। उनका मनमोहक चेहरा, अनुपम मुस्कान, बांसुरी और उनका नृत्य ऐसा था कि लोग आनंद में डूब जाते। यह एक ऐसा आनंद था, जिसे उन्होंने पहले कभी नहीं जाना था। वह पूरी बिरादरी को इतने बेसुध कर देते कि लोग उनके लिए पागल हो उठते। कृष्ण के बालपन के बारे में काफी कुछ कहा और लिखा गया है। ....
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