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खास खबर
आज़ादी का संघर्ष

आज़ादी का संघर्ष

ललित शौर्य कमल पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। हर साल वह पन्द्रह अगस्त के कार्यक्रमों में बड़े उत्साह के साथ भाग लेता था। लेकिन उसको एक बात समझ में नहीं आती थी कि आखिर हर साल पंद्रह अगस्त क्यों मनाया जाता है। हर साल स्वतंत्रता दिवस मनाने से क्या लाभ है। ...

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डंडे का कमाल

डंडे का कमाल

राजपाल सिंह गुलिया अतीत में झांकता हूं तो स्मृतिपटल पर न जाने कितनी ही तस्वीरें उभरने लगती हैं। स्कूल का वह दिन याद आ जाता है। एक दिन मास्टरजी ने सुबह की प्रार्थना सभा के बाद कड़क आवाज़ में कहा, ‘कच्ची पहली वाले सभी बच्चे खड़े हो जाएं, जिनका नाम नहीं ...

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बात करने की कला

बात करने की कला

मोनिका अग्रवाल दरअसल, बात कह देना ही काफी नहीं होता। बात को ठीक प्रकार से कहना एक कला है। कहने का अभिप्राय है कि जितनी भी बात की जाए वह अर्थपूर्ण हो। पुरानी कहावत है कि निरर्थक बात से ज्यादा अच्छी अर्थपूर्ण चुप्पी है। बेसिर-पैर की बातें सिर्फ हंसी का पात्र ...

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महिलाओं की गिरफ्तारी पर क्या हैं नियम

महिलाओं की गिरफ्तारी पर क्या हैं नियम

मधु गोयल कानून में महिलाओं को बहुत से अधिकार दिये हैं, जिनके बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। ज़रूरी है कि महिलाएं जानें कि उन्हें कौन से कानूनी अधिकार मिले हैं ताकि वह अपने साथ हुए अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठा सकें। किसी भी महिला की गिरफ्तारी के नियम और ...

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इतिहास के आईने से  प्रतिबंधित साहित्य

इतिहास के आईने से प्रतिबंधित साहित्य

राजवंती मान मुझको कौमी दर्द का बीमार रहने दीजिये। मुल्क की खातिर मुझे बेजार रहने दीजिये॥ (प्रतिबंधित लाहौर की फांसी’ उर्फ भगतसिंह का तराना, एन.एल.ए. ‘बमलट’, 1931, बनारस सिटी) अंग्रेजों के भारत में काबिज़ होते ही प्राच्य ज्ञान, संस्कृति और मूल्यों पर पाश्चात्य असर दृष्टिगोचर होने लगा। सभ्यताओं के बीच की खाई से जागरूक ...

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आज से मार्गी होंगे बृहस्पति, सभी रािशयों पर असर

आज से मार्गी होंगे बृहस्पति, सभी रािशयों पर असर

मदन गुप्ता सपाटू ज्योतिष के अनुसार हमारे सौरमंडल में जब भी कोई बड़ा ग्रह राशि परिवर्तन करता है, वह वक्री या मार्गी होता है, उदय अथवा अस्त होता है या उसकी गति बदलती है, तो धरती के अलावा मानव जीवन पर विशेष प्रभाव पड़ते हैं। ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह का महत्व ...

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लोहागर्ल जहां पानी में गल गयी थी भीम की गदा

लोहागर्ल जहां पानी में गल गयी थी भीम की गदा

सुनील दीक्षित हरियाणा के साथ लगते राजस्थान में कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थान हैं, जहां श्रद्धालुओं व पर्यटकों का 12 माह आना-जाना लगा रहता है। ऐसा ही एक स्थान है लोहागर्ल। अब ‘लुहागरजी’ के नाम से प्रसिद्ध यह धार्मिक रमणीक स्थान झुंझुनू से 30 किलोमीटर की दूरी पर नवलगढ़ तहसील में ...

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भक्ति की राह पर जरूरी श्रद्धा-सबूरी

Posted On July - 14 - 2019 Comments Off on भक्ति की राह पर जरूरी श्रद्धा-सबूरी
शिरडी के साईं बाबा ने श्रद्धा और सबूरी का मंत्र दिया। श्रद्धा भक्ति के मार्ग की नींव है। इस मार्ग पर बने रहने के लिए जरूरी है सबूरी यानी सब्र, संयम। यह दोनों अलग नहीं, बल्कि एक सिक्के के दो पहलू हैं। दोनों महत्वपूर्ण हैं। ऐसा हो सकता है कि भक्ति के पथ पर चलते हुए हमें तुरंत फल न मिले। ....

खुद को बदल कर देखिये, सब बदलेगा

Posted On July - 14 - 2019 Comments Off on खुद को बदल कर देखिये, सब बदलेगा
हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म का संगम कहे जाने वाले सारनाथ में भगवान शिव, बुद्ध और तीर्थंकर श्रेयांश नाथ के चरण पड़े। यह कितना अद्भुत संयोग है। और कितना अद्भुत संगम। ठीक उसी तरह जैसे तीर्थों में प्रयागराज। ....

गुरु पूर्णिमा भक्तों का दिन

Posted On July - 14 - 2019 Comments Off on गुरु पूर्णिमा भक्तों का दिन
गुरु पूर्णिमा को गुरु का दिन कहते हैं, लेकिन वास्तव में यह है भक्त का दिन। यह कृतज्ञता महसूस करने का दिन है, इस सुंदर ज्ञान के लिए जो कि तुम्हारे सद‍्गुरु से तुम्हें मिला है। कृतज्ञता महसूस करो कि कैसे इस ज्ञान ने तुम्हें परिवर्तित कर दिया है। ....

मेहमानों के प्रति सम्मान

Posted On July - 7 - 2019 Comments Off on मेहमानों के प्रति सम्मान
जीवन के विभिन्न पड़ावों पर चाहे बाल्यावस्था हो या वृद्ध अवस्था, शिष्टाचार बहुत ज़रूरी है। इन सब पड़ावों पर इसके अलग-अलग रूप भी सामने आते हैं। इन्हीं रूपों में से एक है मेहमानों के प्रति शिष्टाचार। ....

अध्यापक बन गया

Posted On July - 7 - 2019 Comments Off on अध्यापक बन गया
सतीश शर्मा जब भी मैं स्कूल के मेरे पहले दिन के बारे में सोचता हूं तो याद आता है कि मेरे पिता जी मेरी उंगली पकड़े हुए गांव की एक दुकान की ओर ले जा रहे हैं। पिता जी कह रहे हैं कि आज तुम जो भी खाने के लिए चीज कहोगे तुम्हें मिलेगी। मैं बहुत खुश था। मैंने अपनी मन-पसन्द गुड़ की सेल ली और घर आने लगा तो पिता जी बोले घर नहीं मेरे साथ चलो। वह मुझे गांव की राजकीय प्राथमिक पाठशाला में ले गये। पाठशाला 

यौन-उत्पीड़न के खिलाफ अधिकार

Posted On July - 7 - 2019 Comments Off on यौन-उत्पीड़न के खिलाफ अधिकार
अक्सर देखा है जब भी कोई महिला या लड़की यौन उत्पीड़न की शिकार होती है, तब वह घटना सुर्खियां बनती है और हर कोई सरकार से कड़े फैसले लेने की गुज़ारिश करता दिखता है।  यौन-उत्पीड़न के खिलाफ महिलाओं के अधिकारों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं दिल्ली हाईकोर्ट के एडवोकेट एन के अग्रवाल। ....

ऑनलाइन रेपुटेशन

Posted On July - 7 - 2019 Comments Off on ऑनलाइन रेपुटेशन
सोशल नेटवर्किंग साइट्स के शुरुआती दौर में इन्हें केवल किशोरों के मनोरंजन का साधन माना जाता था, मगर, अब ये सोशल साइट्स व्यवसाय और प्रोफेशनल रिलेशनशिप मेंटेन करने में भी भूमिका निभा रही हैं। आप सोचेंगे कि ऐसा भला कैसे हो सकता है? ....

चौमासा 12 से, मंगल कार्यों को विराम

Posted On July - 7 - 2019 Comments Off on चौमासा 12 से, मंगल कार्यों को विराम
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी बेहद खास है। देवशयनी कहलाने वाली यह एकादशी इस बार 12 जुलाई को है। पुराणों में कहा गया है कि इस एकादशी की रात भगवान विष्णु क्षीरसागर व पाताल में 4 माह के विश्राम के लिए चले जाते हैं। इसे चातुर्मास या चौमासा की शुरुआत भी कहते हैं। धार्मिक मान्यता है कि चातुर्मास में विवाह, गृह प्रवेश जैसे मंगल कार्य ....

मुसीबत में अपनों का साथ

Posted On July - 7 - 2019 Comments Off on मुसीबत में अपनों का साथ
मोनिका शर्मा जीवन में कोई भी परेशानी पैदा हुई है तो उसका कोई न कोई कारण होगा ही। आमतौर पर तकलीफें, किसी अपने की नासमझी के कारण भी पैदा होती हैं। याद रखें कि उस समय जो कुछ भी गलत हुआ है या जो भी तकलीफदेह हालात बने हुए हैं, उनमें अपनी ऊर्जा अपनों को संभालने में लगाएं। गलतियां याद न दिलाएं बेहतर यही होता है कि ऐसे में नासमझी के चलते अगर रिश्तों में कोई दुविधापूर्ण स्थिति आ ही गई है तो 

ब्रेड के टेस्टी व्यंजन

Posted On July - 7 - 2019 Comments Off on ब्रेड के टेस्टी व्यंजन
रेणु खंतवाल खानपान में नाश्ते का अपना महत्व है और अगर घर पर कोई आ जाए तो चाय के साथ अच्छा-सा नाश्ता आपकी मेहमान नवाज़ी में चार चांद लगा देता है। यहां हम आपको ऐसे ही कुछ चटपटे नाश्ते के बारे में बता रहे हैं जो आप अपने लिए भी बना सकते हैं और मेहमानों को भी खिला सकते हैं। चटपटा ब्रेड पकौड़ा सामग्री : ब्रेड दो स्लाइस, ऑयल तलने के लिए, बेसन करीब एक कप, नमक स्वादानुसार, बारीक कटी हरी 

दादा जी की थैली

Posted On July - 7 - 2019 Comments Off on दादा जी की थैली
अर्विना गहलोत मेरे दादाजी के कंधे पर हमेशा एक थैली लटकी रहती थी उसमें उनकी ज़रूरत का छोटा-मोटा सामान उसमें रहता था। बिल्कुल जादुई पिटारे की तरह थी दादाजी की थैली। जब भी दादा जी कहीं जाते हैं मेरे लिए कुछ न कुछ ज़रूर लाते हैं। बाहर से आने पर मैं तो इंतजार करता, दादाजी कब अपनी थैली खोले और मुझे जादुई थैली में से आम, अमरुद खाने को मिले। एक दिन गर्मी की दोपहर में दादा जी को सिलाई मशीन 

परिवार में प्यार के लिए फैमिली टॉनिक

Posted On July - 7 - 2019 Comments Off on परिवार में प्यार के लिए फैमिली टॉनिक
दीप्ति अंगरीश हर संडे ज़रूरी है फैमिली टाॅनिक। यह सुनने में अजीब लग रहा होगा, लेकिन आपको और पूरे परिवार को खुश रहना है तो हमेशा पीना और पिलाना पड़ेगा फैमिली टाॅनिक। इसे बनाने के लिए चाहिए परिवार का साथ, प्यार और समय। इस टाॅनिक को कम से कम संडे के संडे पिएं और पिलाएं। इससे घर में खुशहाली और बढ़ेगी। संडे को नो गैजेट कम से कम सप्ताह में एक दिन परिवार में प्यार रहे तो इसके लिए जरूरी है 

केरल देश का पहला डिजिटल गार्डन

Posted On July - 7 - 2019 Comments Off on केरल देश का पहला डिजिटल गार्डन
कुमार गौरव अजीतेन्दु देश का पहला डिजिटल गार्डन केरल में बनाया जा रहा है। इसके लिए राजभवन स्थित 21 एकड़ के क्षेत्र में फैले कनककुन्नु गार्डन में जितने भी पेड़ हैं, सभी को क्यूआर कोड दिया जा रहा है। स्मार्टफोन के ज़रिए पेड़ों पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर उसकी पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है। इसमें पेड़ों की प्रजाति, उम्र, बॉटेनिकल नाम, प्रचलित नाम, पेड़ों पर फूल खिलने का मौसम, फल आने 

धीरे-धीरे रे मना…

Posted On July - 7 - 2019 Comments Off on धीरे-धीरे रे मना…
भले देर से हों, प्रभु के प्यारों के काम होते जरूर हैं। इसलिए भगवान के काम करते समय, धैर्य होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। संत कबीर ने भी कहा है- धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय, माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय। ....

कालका जी इतिहास और आस्था का संगम

Posted On July - 7 - 2019 Comments Off on कालका जी इतिहास और आस्था का संगम
मंदिर के नाम पर समूचे इलाके के नामकरण होने की मिसालें दिल्ली में एक-दो ही हैं। पहली है झंडेवालान, जिसका नाम झंडेवाला मंदिर से पड़ा है। दूसरी है कालका जी। मां दुर्गा के एक रूप काली माता का मंदिर ‘कालका जी’ पांडवों के समय का माना जाता है। बताते हैं कि इस मंदिर के भवन का निर्माण इन्द्रप्रस्थ की स्थापना के साथ ही हुआ था। ....

मायने रखता है मन का सरिता हो जाना

Posted On July - 7 - 2019 Comments Off on मायने रखता है मन का सरिता हो जाना
निरन्तर प्रवाहशीलता का नाम है– सरिता। किसी के लिए मात्र पानी का भंडार तो अन्य के लिए जीवन का आधार, ममत्व, वात्सल्य और त्याग की जीवनदायी त्रिवेणी-सी। इस भाव के वशीभूत सरिता जल में स्नान, उसके तट पर दान, पूजन-अर्चन, अर्पण-तर्पण व आचमन में मानव मन को पुण्यार्जन का अहसास होता है। ....
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