लव मेरिज करने वाली युवती ने ससुराल में किया हंगामा! !    सेल्समैन को जिंदा जलाने के आरोपी काबू !    31 अध्यापकों को मिला उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान !    पत्नी की हत्या का आरोपी एसडीओ गिरफ्तार !    गूगल मैप ने बेटी को पिता से मिलाया !    छत से फिसलकर पूर्व क्रिकेटर के ससुर की मौत !    ‘खट्टर सरकार ने किया हरियाणा से भाईचारा खत्म’ !    हिमाचल में 24 की मौत 800 से ज्यादा सड़कें बंद !    जूनियर विश्व कुश्ती में भारत को 3 पदक !    बड़ी स्क्रीनों पर गंगा आरती !    

लहरें › ›

खास खबर
गुस्से से मिली सीख

गुस्से से मिली सीख

वर्षा रानी हमारे समय में बच्चों का पांच वर्ष की उम्र में स्कूल में दाखिला होता था। मेरी बहन उस समय दूसरी कक्षा में पढ़ती थी। मां उसे रोज़ सुबह नहला-धुलाकर, साफ-सुथरे कपड़े पहनाकर स्कूल भेजती थी। मैं सोचती थी कि मेरे रोने-धोने की तो बात ही नहीं, क्योंकि मेरी बहन ...

Read More

'किसी कमज़ोर पर कभी मत हंसना'

'किसी कमज़ोर पर कभी मत हंसना'

विद्या बात तब की है जब मैं 10वीं की छात्रा थी। पढ़ाई में मन कम लगता तो खेल-कूद के लिये गली में बच्चों को तलाश शुरू हो जाती। पड़ोस में रहने वाले एक परिवार के बच्चों के साथ खासा मेलजोल और खेलना कूदना होता रहता था। एक अन्य घर में दो ...

Read More

किताबों से दोस्ती

किताबों से दोस्ती

ललित शौर्य मंगलवन के राजा शेर सिंह के तीन बच्चे थे। मोंटी, चिंटू और मिंटू। तीनों ही बड़े शरारती थे। मोंटी और चिंटू पढ़ने-लिखने में बहुत होशियार थे। दोनों नियमित स्कूल भी जाते थे लेकिन मिंटू अपनी ही दुनिया में खोया रहता था। उसे स्कूल से कोई मतलब नहीं था। पढ़ाई-लिखाई ...

Read More

बुज़ुर्गों के अधिकार

बुज़ुर्गों के अधिकार

मधु गोयल बुजुर्गों के प्रति आज की पीढ़ी असंवेदनशील होती जा रही है। ऐसे में बहुत ज़रूरी है कि बुज़ुर्गों के प्रति उनके अधिकारों के लिए जानकारी मुहैया कराई जाए। दिन-प्रतिदिन बुजुर्गों के प्रति लापरवाही के केस बढ़ते जा रहे हैं। बच्चे मां-बाप को संपत्ति से बेदखल कर दर-दर की ठोकरें ...

Read More

लज़्जत से भरपूर देसी ज़ायका

लज़्जत से भरपूर देसी ज़ायका

कृष्णलता यादव अगर बरसात के मौसम में बाहर कीचड़ व फिसलन की धमाचौकड़ी हो, घर में कोई सब्जी नहीं, सब्जीवाला भी नहीं आया, फिर ऐसे में कौन-सी सब्जी बनाई जाए? ऐसे में जवाब है— बेसन के गट्टे। सामग्री : तीन-चौथाई कप बेसन, नमक-मिर्च-हल्दी स्वादानुसार, आधा चम्मच गर्म मसाला, एक-चौथाई कप दही, दो ...

Read More

बच्चों को सिखायें डे टू डे मैनर्स

बच्चों को सिखायें डे टू डे मैनर्स

स्वाति गुप्ता हम सभी चाहते हैं कि हमारा बच्चा खाने के बाद अपनी प्लेट खुद उठाकर रखे, खिलौनों से खेलने के बाद उसे वापस अपनी जगह पर रख दें, दिन में दो बार ब्रश करे। लेकिन यह सब इतना आसान नहीं होता। बच्चों को ये सब बातें हमें छुटपन से ही ...

Read More

बाल कविता

बाल कविता

धरती के आभूषण पेड़ आओ मिलकर पेड़ लगाएं। पेड़ लगाकर धरा सजाएं॥ हरी-भरी तब होगी डाली। पौधों की जब हो रखवाली॥ पेड़ों-सा कोई न साथी। पेड़ हमारे बने हिमाती॥ धरती के आभूषण पेड़। प्रदूषण के दुश्मन पेड़॥ तरुवर ही है जीवन दाता। इनसे अपना पावन नाता॥ शुद्ध हवा हमको देते हैं। बदले में न कुछ लेते हैं॥ मेघ बुलाकर वर्षा करते। पोखर ताल-तलैया भरते॥ हम ...

Read More


  • आज़ादी से नौकरी
     Posted On August - 18 - 2019
    नौकरी अगर मनमाफिक नहीं है तो प्रचलित कहावतों और मुहावरों में हमेशा ही तुच्छ मानी गई है चाहे वह सरकारी....
  • सार्वजनिक स्थल पर शिष्टाचार
     Posted On August - 18 - 2019
    प्राचीन समय से बुजुर्ग हमें विनम्र और शालीन व्यवहार की शिक्षा देते आ रहे हैं। शिष्टाचारपूर्ण किया गया व्यवहार....
  • ओ रे… कन्हैया
     Posted On August - 18 - 2019
    अद‍्भुत था श्री कृष्ण का बाल्य जीवन। उनका मनमोहक चेहरा, अनुपम मुस्कान, बांसुरी और उनका नृत्य ऐसा था कि लोग....
  • नयी खोजों का दौर जारी
     Posted On August - 18 - 2019
    पॉकेट वीडियोगेम का भी एक ज़माना हुआ करता था। बाद में उसकी जगह मोबाइल फोन गेम्स ने ले ली और....

खस्ता शक्करपारा-सुहाली व गुलगुला

Posted On July - 28 - 2019 Comments Off on खस्ता शक्करपारा-सुहाली व गुलगुला
कृष्णलता यादव त्योहारों का सीज़न शुरू हो रहा है। ऐसे में गृहणियों के लिये यह परेशानी खड़ी हो जाती है कि इस पर्व पर क्या नया व्यंजन बनायें। भले ही त्योहार विशेष पर मिलने वाले व्यंजनों की हाट-बाज़ार में भरमार रहती है, किन्तु घरेलू व्यंजनों की बात कुछ और ही होती है। कुछ अंचलों में तीज के अवसर पर बहन-बेटियों के यहां कोथली (उपहार) के रूप में ये ठेठ देसी व्यंजन पहुंचाने का चलन है। आइए, 

परंपरा का निर्वाह

Posted On July - 28 - 2019 Comments Off on परंपरा का निर्वाह
कमलेश भारतीय सीख तो एक है लेकिन देने वाले दो। मेरे पिता का निधन तब हो गया जब मैं मात्र तेरह वर्ष की आयु का था। हमारा परिवार जमींदार परिवार था। गांव में ज़मीन और हवेली थी। पिता के निधन के बाद दादी ने मुझे ज़मीन और जीवन दोनों की शिक्षा देने का मोर्चा संभाला। भुट्टों वाले मौसम की बात है। गांव में खूब मक्की के खेत होते और दादी का हुक्म कि कम से कम आधी बोरी, जिसमें बीस किलो भुट्टे आ सके, 

असफलता अंत नहीं

Posted On July - 28 - 2019 Comments Off on असफलता अंत नहीं
शिल्पा जैन सुराणा परिवार में सख्ती ज्यादा हो या पढ़ाई का प्रेशर बनने लगे तो डर की वजह से बच्चे गलत कदम उठा लेते हैं। इसीलिये ज़रूरी है कि आप अपने लाड़लों से प्रेमपूर्वक, दोस्ताना व्यवहार करें, उन्हें हिम्मत दें और कहें कि हर हाल में आप उनके साथ हैं। माहौल को करें लाइट देखा जाता है जब बच्चे के एग्ज़ाम हैं या रिजल्ट आने वाला होता है तो बच्चों में एंग्जाइटी बढ़ जाती है। ऐसे में आप बच्चे 

हमेशा अलर्ट रहिए

Posted On July - 28 - 2019 Comments Off on हमेशा अलर्ट रहिए
दीप्ति अंगरीश अमूमन होता यह है कि जब जीवन की गाड़ी सही चल रही होती है तो हम कई बातों पर गौर नहीं करते। कई बार अलार्म की आवाज़ सुनकर भी अनसुना कर देते हैं। लेकिन, यह सही नहीं है। माना कि 20 से 40 साल की उम्र प्रकृति का दिया उपहार होता है। इस उम्र में बहुत कुछ कर सकते हैं। इसका कारण, हमारे भीतर छिपा होता है एनर्जी का पॉवर हाउस। आमतौर पर इस उम्र में हम बहुत-सी चीजें टाल देते हैं, जो उम्र गुज़रने 

साहसी हर्ष

Posted On July - 27 - 2019 Comments Off on साहसी हर्ष
हर्ष और उसके साथी अक्सर घूमने जाया करते थे। उन्हें पर्वत, पहाड़, झरने देखना बहुत पसंद था। वे सभी दोस्त ग्यारहवीं में पढ़ते थे। छुट्टियों में वे अपने आस-पास के दर्शनीय स्थलों में हो आते। हर्ष पढ़ने में बहुत होशियार था। इसीलिए सभी मित्र उसका बहुत सम्मान करते थे। उसकी कही हुई बातों को नहीं टालते। ....

व्रत-पर्व

Posted On July - 27 - 2019 Comments Off on व्रत-पर्व
28 जुलाई : कामिका एकादशी व्रत 29 जुलाई : सोम प्रदोष व्रत, श्रावण सोमवार व्रत 30 जुलाई : श्रावण शिवरात्रि व्रत, शिव चतुर्दशी व्रत, भौम व्रत, दुर्गा यात्रा, हनुमान दर्शन 31 जुलाई : पितृकार्येषु अमावस 1 अगस्त : श्रावण (हरियाली) अमावस, मेला छिन्नमस्ितका (चिन्तपूर्णी) प्रारंभ, पिठौरी अमावस (उड़ीसा), जेडी दीप पूजा, हरेली, चिताऊ अमावस (उड़ीसा) 2 अगस्त : चंद्र दर्शन (30 

बच्चों को सिखाएं पार्टी मैनर्स

Posted On July - 21 - 2019 Comments Off on बच्चों को सिखाएं पार्टी मैनर्स
मोनिका अग्रवाल जब भी किसी पार्टी में जाना हो तो हम सोच में पड़ जाते हैं कि बच्चों को साथ लेकर जायें या नहीं। कारण, है बच्चों की शैतानियां। कभी-कभी उनकी किसी न किसी हरकत की वजह से माता-पिता को शर्मिंदा होना पड़ जाता है। खेल-कूद अलग है लेकिन खाते समय कपड़े खराब करना, दूसरे बच्चों से झगड़ना, शांति से न बैठना, रिश्तेदारों से बुरा बर्ताव या बदतमीज़ी ऐसी कई आदतें हैं, जो अक्सर बच्चे पार्टियों 

नर को नारायण से जोड़ते नारद

Posted On July - 21 - 2019 Comments Off on नर को नारायण से जोड़ते नारद
देवर्षि के इस चर्चित रू‍प से पूर्व इनके दो जन्मों का वृत्त मिलता है। नारद पहले उपबर्हण नाम के गन्धर्व थे। एक प्रसंग के अनुसार एक बार जगतस्रष्टा की आराधना गन्धर्व और अप्सराएं नृत्य संगीत के माध्यम से कर रहे थे। ....

लॉर्ड्स पर जीते क्रिकेट के गॉड

Posted On July - 21 - 2019 Comments Off on लॉर्ड्स पर जीते क्रिकेट के गॉड
क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर आईसीसी विश्व कप के फाइनल में सुपर ओवर की आखिरी गेंद फेंके जाने पर न्यूज़ीलैंड के इंगलैंड के बराबर 15 रन पर पहुंचने पर इंगलैंड के खिलाड़ियों ने मैदान में दौड़कर एक-दूसरे से गले मिलकर बधाइयां देना शुरू कर दी थीं, क्योंकि उनकी विश्व कप जीतने की सालों पुरानी मुराद पूरी हो गई थी। इंगलैंड का ....

शिवतुल्य जो बोलता है, वही जप है

Posted On July - 21 - 2019 Comments Off on शिवतुल्य जो बोलता है, वही जप है
ओशो शिवसूत्र है- कथा जपः। दानमात्मज्ञानम‍्। स्वशक्ति प्रचयोऽस्य विश्वम‍्, स्थितिलयौ। यानी वे जो भी बोलते हैं, वही जप है। आत्मज्ञान ही उनका दान है। जो अंतस शक्तियों का स्वामी और ज्ञान का कारण है, स्वशक्ति का सतत‍् विलास ही इसका विश्व है और वह स्वेच्छा से स्थिति और लय करता है। ये सूत्र चिंगारियों की तरह हैं। इन्हें अपने ज्ञान को हटाकर समझने की कोशिश करना; क्योंकि 

हरियाली अमावस पर पंच महायोग

Posted On July - 21 - 2019 Comments Off on हरियाली अमावस पर पंच महायोग
17 जुलाई से शुरू हुआ सावन का महीना इस बार पूरे 30 दिनों का है। भगवान शिव की आराधना के इस खास महीने में 4 सोमवार पड़ेंगे। सावन के पहले सोमवार का व्रत 22 जुलाई को है और इसी दिन श्रावण कृष्ण पंचमी भी है। ....

पेंसिल-कॉपी का आनंद

Posted On July - 21 - 2019 Comments Off on पेंसिल-कॉपी का आनंद
राघव जैन स्कूल का वह पहला दिन, हर बच्चे के लिए बहुत सारी यादें संजोकर रखता है। मुझे याद है उस दिन, घर में एक अलग-सा माहौल था। स्कूल की वर्दी पहनाकर मुझे कहा गया कि तेरी फोटो खिचवाएंगे और फिर स्कूल जायेंगे। मैं खुशी-खुशी मम्मी-पापा के साथ घर से चल पड़ा। मेरी सबसे पहले स्टूडियो में तस्वीरें निकालीं और उसके बाद बहुत सारी खाने-पीने की चीज़ें दिलाईं। इसी बीच, मुझे स्कूल वाली बात भूल चुकी 

स्वादिष्ट भी पौष्टिक भी

Posted On July - 21 - 2019 Comments Off on स्वादिष्ट भी पौष्टिक भी
विद्या बारिश और मानसून के मस्त मौसम में कुछ चटपटा तो कुछ तीखा खाने का मन तो होता है लेकिन मीठे को भला कैसे इग्नोर किया जा सकता है। उस पर इस मौसम में मिलने वाले पौष्टिक भुट्टे भी मन को खूब ललचाते हैं। तो क्यों न इन सबके साथ मज़ेदार ज़ायकेदार लज़ीज व्यंजन बनाए जाएं। स्वीट कॉर्न खीर सामग्री : 2 फ्रेश मुलायम भुट्टे, डेढ़ लीटर दूध, 1 कप शक्कर, 1 चम्मच इलायची पाउडर, मेवे कतरे हुए विधि : ताज़ा और मुलायम 

मर्म की बात

Posted On July - 21 - 2019 Comments Off on मर्म की बात
कृष्णलता यादव बात तब की है जब मैं आठ-दस साल की थी। हुआ यूं कि गांव के एक व्यक्ति ने हमारे यहां से पानस (ऊंट का पसंदीदा चारा) खरीदा और पिताजी को रुपये देकर यह कहकर चल दिया, ‘मैं चलता हूं, खेत पर जल्दी पहुंचना है, हिसाब बाद में होता रहेगा।’ पिताजी ने गुणा-तकसीम करने के बाद मुझ से कहा, ‘हमारी ओर रामदयाल काका का एक रुपया निकलता है, यह उनके घर दे आओ।’ इतना सुनना था कि मां ने रोषपूर्ण लहजे में 

एंड्रॉयड के अल्फाबेटिकल नाम

Posted On July - 21 - 2019 Comments Off on एंड्रॉयड के अल्फाबेटिकल नाम
कुमार गौरव अजीतेन्दु गूगल का एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम अपने सफर के ग्यारहवें साल में है। फिलहाल, इसका लेटेस्ट वर्जन ‘पाई’ मार्केट में है, जिसे पिछले साल छह अगस्त को लॉन्च किया गया था। उल्लेखनीय है कि एंड्रॉयड के हर वर्जन का नामकरण अल्फाबेटिकल ऑर्डर के अनुसार किया गया है। स्मार्टफोन यूजर्स में 88 फीसदी एंड्रॉयड एंड्रॉयड, दुनिया के सबसे पॉपुलर स्मार्टफोन ऑपरेटिंग सिस्टम्स में 

सावन बरसे

Posted On July - 21 - 2019 Comments Off on सावन बरसे
झूम-झूम के बरसे सावन उमड़-घुमड़ के गरजे सावन। गांव-बस्ती पड़ गये झूले याद आये जिनको भूले। पकड़ रस्सी झूले की हाथ आओ अम्बर को हम छू लें। देख बिजलियां हरषे सावन झूम-झूम के बरसे सावन। निखरी अपनी धरती रानी क्यारी-क्यारी लगे सुहानी। जहां तलक भी नजरें जाएं भरा हुआ बस पानी-पानी। मेघों से मिल लरजे सावन झूम-झूम के बरसे सावन। मोर-पपीहा, नाचे-गाये मेढक भी तो शोर मचाये। लेकर हल खेतों में हलधर मन ही 
Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.