प्लांट से बाहर हुए हड़ताली अस्थाई कर्मचारी !    दूसरे की जगह परीक्षा दिलाने वाले 2 और काबू !    पाकिस्तान में 2 भारतीय गिरफ्तार !    लता मंगेशकर के स्वास्थ्य में अच्छा सुधार !    खादी ग्रामोद्योग घोटाले को लेकर सीबीआई केस दर्ज !    कंधे की चोट, पाक के खिलाफ डेविस कप मैच से हटे बोपन्ना !    एकदा !    जनजातीय क्षेत्रों में खून जमा देने वाली ठंड !    रामपुर बुशहर नगर परिषद उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत !    राम रहीम से हो सकती है हनीप्रीत की मुलाकात ! !    

लहरें › ›

खास खबर
दो गुरुओं के चरणों से पावन अमर यादगार

दो गुरुओं के चरणों से पावन अमर यादगार

जितेंद्र अग्रवाल मीरी-पीरी के मालिक छठे गुरु श्री हरगोबिंद साहिब और दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चरणों से पावन अमर यादगार के रूप में शोभायमान है अंबाला स्थित गुरुद्वारा मंजी साहिब। गुरु हरगोबिंद जी यहां दो बार रुके थे। वहीं, गुरु गोबिंद सिंह जी यहां आये थे। गुरु हरगोबिंद ...

Read More

ऊंचा आशियाना... आएंगी ढेर सारी खुशियां

ऊंचा आशियाना... आएंगी ढेर सारी खुशियां

वास्तु मदन गुप्ता सपाटू महंगे होते जा रहे मकानों के कारण महानगरों के बाद अब छोटे शहरों में भी फ्लैट में रहने का चलन बढ़ने लगा है। बहुमंजिला इमारतों के बिल्डर अकसर दावा करते हैं कि उनके फ्लैट वास्तु अनुरूप बने हैं, लेकिन उन दावों में कितनी सच्चाई है, यह कोई जानकार ...

Read More

आत्मज्ञान की डगर

आत्मज्ञान की डगर

अम्मा अमृतानंदमयी आत्मज्ञान कहीं बाहर बैठा हुआ नहीं है, जिसे जाकर पाया जा सके। भगवान कृष्ण कहते हैं– ‘चित्त की समता ही योग है।’ हमें हर वस्तु में दिव्य चेतना दिखनी चाहिये, तभी हम पूर्णता पा सकेंगे। हमें हर वस्तु में अच्छाई ही देखनी चाहिये। एक मधुमक्खी, फूल में केवल रस ...

Read More

इस समोसे में आलू नहीं

इस समोसे में आलू नहीं

रेणु खंतवाल जब तक रहेगा समोसे में आलू। यह गाना समोसे और आलू के संबंध को इस तरह पेश करता है जैसे समोसे और आलू को अलग किया ही नहीं जा सकता। और यह काफी हद तक सही भी है क्योंकि परंपरागत समोसा बिना आलू के अधूरा है। लेकिन स्वाद के ...

Read More

पुस्तकों से करें प्रेम

पुस्तकों से करें प्रेम

बाल कविता पुस्तकें हैं वरदान। सर्वोत्तम मित्र यही, अकेला ना रहे इनसान।। हर प्रकार का ज्ञान छिपा, हर अक्षर हैं इनके मोती। इनको जिसने अपना लिया, रहे ना उसकी किस्मत सोती।। भाषा ज्ञान का भेद नहीं, सब देशों में मिल जाए। किसी को एक ही पुस्तक, प्रसिद्धि शिखर पर पहुंचाए।। विभिन्न रूपों में मिलती है, विषय भी हैं इनके अपार। कीमत महत्वहीन हो जाए, जब ...

Read More

बिना पानी के स्प्रे से नहाएंगे अंतरिक्ष यात्री

बिना पानी के स्प्रे से नहाएंगे अंतरिक्ष यात्री

कुमार गौरव अजीतेन्दु नहाने का नाम सुनते ही पानी से भीगा हुआ शरीर हमारी कल्पना में आता है लेकिन एक अंतरिक्ष यात्री के लिए नहाना इतना आसान नहीं होता। अंतरिक्ष में यात्रियों को स्पेस शटल में कम से कम सामान ले जाना हाेता है। जहां नहाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं ...

Read More

मास्टर जी की मुस्कान

मास्टर जी की मुस्कान

विजेन्द्र सिंह चौहान 5 साल की उम्र में मुझे स्कूल भेजा गया था। बचपन में बीमार रहता था तो दादा-दादी बहुत लाड से रखते थे। उन्हें मुझे स्कूल भेजने की कोई जल्दी नहीं थी, उनके मुताबिक मैं अभी 2-4 साल बाद भी स्कूल जा सकता था। ऐसे में पिताजी की भूमिका ...

Read More


  • फोन में गुम हम-तुम
     Posted On November - 17 - 2019
    दृश्य एक : कुशल कुमार शाम को ऑफिस से घर पहुंचे। तीन साल के अपने बच्चे का कोई रिस्पॉंस न....
  • इतना भी न बचाएं कि सुकून से जी न पाएं
     Posted On November - 17 - 2019
    कहीं आपको भी तो ज़रूरत से ज्यादा बचाने की आदत नहीं पड़ गई है? अगर आप में हैं ऐसी कुछ....
  • मेमोरी न छीन ले मोबाइल
     Posted On November - 17 - 2019
    कुछ दिन पहले मैं ट्रेन से सफर कर रही थी। अपने सामान को व्यवस्थित करने के बाद जब मैंने अपने....
  • आत्मज्ञान की डगर
     Posted On November - 17 - 2019
    आत्मज्ञान कहीं बाहर बैठा हुआ नहीं है, जिसे जाकर पाया जा सके। भगवान कृष्ण कहते हैं– ‘चित्त की समता ही....

कविताये

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on कविताये
अप्रैल फूल अप्रैल फूल के दिन, बंदर के आया मन में। गधे को बनाता हूं फूल, वही मूर्ख है वन में। गधे को दिया न्यौता, कहा, ‘आज घर आना। दावत दे रहा हूं सबको, पकवान बने हैं ना ना।’ सुनकर गधा गदगद हुआ, मुंह से टपकी लार। पहना कोट, बांधी टाई, खूब किया शिंगार। तय समय पर पहुंच गया, वह बंदर के घर। देखा जब सिर चकराया, ताला था द्वार पर। शर्मसार सा हुआ गधा, मुंह में बुदबुदाया। ‘आज तो है अप्रैल फूल, बंदर ने खूब 

बाल कहानी

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on बाल कहानी
भूल का अहसास यह प्रेरक प्रसंग महाभारत काल का है। एक बार की बात है। पांडु पुत्र  युधिष्ठिïर अपने चारों भाइयों— भीम, अर्जुन, नकुल व सहदेव के साथ बैठे हुए थे और विविध विषयों पर विचार-ïविमर्श कर रहे थे। बातचीत  के दौरान नाना प्रकार के प्रसंग आ रहे थे— कभी गूढ़ विषय पर बातचीत होने लगती, तो कभी कोई हास्य प्रसंग आ जाता। पांचों भाइयों में भीम विशाल शरीर वाले थे, लेकिन बेहद मजाकिया स्वभाव 

डांस पे चांस!

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on डांस पे चांस!
यशराज कैंप की चर्चित फिल्म ‘रब ने बना दी जोड़ी’ हालांकि बॉक्स ऑफिस पर पिट गई, लेकिन इस फिल्म ने कम से कम यह मैसेज देने की कोशिश तो की कि अगर सलीके से नाचना-गाना आए, तो किसी का भी दिल जीता जा सकता है। फिल्म का यह गाना तब खूब चला था— ‘वो बंदा ही क्या है जो नाचे ना गाए… आ हाथों में तू हाथ थाम ले, ओए डांस पे चांस मार ले!’ इस संदर्भ में हम कह सकते हैं कि बॉलीवुड के फिल्मकारों ने हमेशा ही 

नानाजी देशमुख एक ऋषि-पुरुष का अवसान

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on नानाजी देशमुख एक ऋषि-पुरुष का अवसान
1977 के लोकसभा चुनावों के बाद की बात है। बलरामपुर (उप्र)की रानी राजलक्ष्मी अपने महल में उदास बैठी थीं। मतदाताओं ने चुनाव मैदान में उतरे कई दूसरे सूरमाओं की तरह रानी के खाते में भी शिकस्त लिख दी थी और रानी के निकट यह कुछ ज्यादा ही अपमानजनक बात थी क्योंकि ऐसा उनके गृह क्षेत्र के मतदाताओं ने किया था। वे बलरामपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस की प्रत्याशी थीं और कांग्रेसविरोधी लहर के बावजूद 

वास्तु समाधान

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on वास्तु समाधान
-पी. खुराना मेरी जन्मतिथि 12 जून, 1964 है। मैं अपने घर की दिशाओं का विवरण दे रहा हूं। कृपया बताएं कि कोई वास्तु दोष तो नहीं है, क्योंकि मैं बीमार रहता हूं। -सुरेश, भिवानी सुरेश जी, जो विवरण आपने दिया है उसमें तो कोई वास्तु दोष वाली बात नहीं है परन्तु  आपकी जन्म तिथि इस प्रकार है कि आपको जल्द ही मानसिक तनाव हो जाता है। आप अपने शयनकक्ष में पलंग दक्षिण दीवार के साथ लगायें, सोते 

गजलें

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on गजलें
बात दिल की दिल में दबी रहने दे, आंखों में थोड़ी सी नमी रहने दे। दुआएं देंगी तितलियां गुलशन की, फूलों में थोड़ी खुशबू बसी रहने दे। रोशन करती है  जहां शमां जलकर, इक लौ दिल में भी जलती रहने दे। हो जाए न शर्मसार आईना देखकर, थोड़ी गैरत तो आंखों में बची रहने दे। रोटी की जद्दोजहद में माना हंसना मुहाल हुआ, होंठों पर फिर भी मुस्कान सजी रहने दे। माना कि आरजू है तेरी आसमां छूने की, ‘प्रीत‘कदमों तले 

गहरे पानी पैठ

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on गहरे पानी पैठ
डा. ज्ञानचंद्र शर्मा सपने और हकीकत उर्दू की किसी पाठ्य-ïपुस्तक में ‘सोते-जागते की दास्तान’ नाम की एक कहानी पढ़ी थी। इसके मुख्य पात्र का नाम संभवत: अबुल हसन था। वह कोई काम नहीं करता था। उसकी मां दिन भर मेहनत कर जो कुछ कमा कर लाती, वह घर में निठल्ला बैठा, मजे से उड़ाता। एक दिन खा-पीकर वह बे$िफक्र गहरी नींद सो रहा था कि कुछ परियां उसे उठा कर अपनी शहजादी के पास ले गईं। उसे नहला 

कहानी

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on कहानी
झंझावात मामूली सी जिरह के बाद थानेदार दीन मुहम्मद ने फैसला सुनाया। —आप जा सकते हैं। —तो तुम और क्या कहोगे। तुम तुम मेरे गुलाम हो। खरीदे हुए नौकर। उसने कहकहा लगाया और थाने से बाहर निकल गया। यह फैसला सुनकर सिपाही रामदीन-हैरान सा हो गया। वह थानेदार का मुंह ताकता रह गया। थोड़ी हिम्मत जुटा कर धीरे से बोला— बड़ी मशक्कत के बाद इसे काबू में करके हुजूर के सामने पेश किया था और आपने, वह… अटका और 

जीव-जन्तुओं की अनोखी दुनिया

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on जीव-जन्तुओं की अनोखी दुनिया
– योगेश कुमार गोयल शिकार के पीछे  नहीं भागता ‘रेसर’ सांप रेसर जाति के अन्य सांपों की ही भांति यूं तो लाल पूंछ वाले रेसर सांप की गिनती तेजी से रेंगने वाले सांपों में ही की जाती है किन्तु फिर भी यह शिकार के पीछे कभी-कभार ही भागता है। अमूमन होता यही है कि जब इसे भूख लगती है तो यह अपनी जीभ को बाहर निकालकर लपलपाता है, जिससे इसे छिपकली या छोटे स्तनपायी प्राणियों की गंध सूंघने 

क्वेश्चन क्लब नयनतारा दीदी के जवाब

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on क्वेश्चन क्लब नयनतारा दीदी के जवाब
सी होर्स क्या है? ”दीदी, यह सी होर्स क्या है?” ”मछली है, लेकिन ऐसे संकेत कम ही हैं जो इसे मछली बनाते हैं। इसका सिर पोनी की तरह ही होता है। स्केल्स की बजाय सी होर्स का शरीर सख्त प्लेट्स और कांटेदार स्पाइक्स से ढका होता है और उसकी दुम सांप की तरह होती है।” ”फिर तो इसकी हरकतें भी मछली जैसी नहीं होती होंगी?” ”हां, यह आमतौर से अपनी दुम को पानी में सी-वीड पर लपेट लेता है ताकि बहाव 

विज्ञान के झरोखे से

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on विज्ञान के झरोखे से
-घमंडीलाल अग्रवाल बच्चो, विज्ञान से संबंधित कुछ रोचक प्रश्नोत्तर नीचे दिए जा रहे हैं जो तुम्हारे ज्ञान में वृद्धि करने में सहायक सिद्ध होंगे। मोबाइल फोन त्वचा संबंधी रोग क्यों उत्पन्न करते हैं? — मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल करने वाले लोगों की त्वचा में खुजली से संबंधित शिकायतें उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल फोन का प्रयोग करने वालों के चेहरे और 

गुस्से को ऐसे करें नियंत्रित

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on गुस्से को ऐसे करें नियंत्रित
अगर आपको लगता है कि आप अपने गुस्से को नियंत्रित करने में असमर्थ हो रहे हैं तो नीचे दिए गए कुछ बिंदुओं को आजमाकर देखें। इन्हें आजमाकर आप न सिर्फ अपने गुस्से को नियंत्रित कर सकेंगे बल्कि आपके व्यक्तित्व में भी सुधर होंगे। गुस्से में खर्च होने वाली अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाएं। व्यायाम इसका सबसे अच्छा जरिया है। रोज एक सीमित समयावधि के नियम से व्यायाम करें, ऐसा करके आपका 

गुस्से से भी भरी है नई पीढ़ी

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on गुस्से से भी भरी है नई पीढ़ी
मल्टी नेशनल कंपनी में अच्छी पोस्ट पर कार्यरत नमन के पास जीवन की लगभग हर खुशी है। रहने के लिए एक अच्छा घर, पढ़ी-लिखी, समझदार बीवी व पांच साल का प्यारा-सा बेटा। आर्थिक रूप से काफी मजबूत नमन ऑफिस में भी अच्छा परफोर्मेंस देता है। लेकिन उसकी एक आदत से घर और ऑफिस में उसके सहयोगी सभी परेशान रहते हैं। नमन स्वंय ही अपनी इस आदत से काफी परेशान है। यह आदत है छोटी-छोटी बातों पर अकसर नमन को गुस्सा 

बाल कविताएं

Posted On March - 24 - 2010 Comments Off on बाल कविताएं
अप्रैल फूल अप्रैल फूल के दिन, बंदर के आया मन में। गधे को बनाता हूं फूल, वही मूर्ख है वन में। गधे को दिया न्यौता, कहा, ‘आज घर आना। दावत दे रहा हूं सबको, पकवान बने हैं ना ना।’ सुनकर गधा गदगद हुआ, मुंह से टपकी लार। पहना कोट, बांधी टाई, खूब किया शिंगार। तय समय पर पहुंच गया, वह बंदर के घर। देखा जब सिर चकराया, ताला था द्वार पर। शर्मसार सा हुआ गधा, मुंह में बुदबुदाया। ‘आज तो है अप्रैल फूल, बंदर 

‘सिरसा जिला में लगेंगे 40 करोड़ की लागत से दो ‘वाटर ट्रीटमेंट प्लांट’

Posted On March - 22 - 2010 Comments Off on ‘सिरसा जिला में लगेंगे 40 करोड़ की लागत से दो ‘वाटर ट्रीटमेंट प्लांट’
गांव केलनियां में 60 लाख की लागत से खेल स्टेडियम की घोषणा सिरसा, 21 मार्च (निस)। सिरसा शहर से 5 किलोमीटर दूर केलनियां गांव में 25 करोड़ रुपए की लागत से जर्मन तकनीक पर आधारित ‘वाटर ट्रीटमैंट प्लांट’ लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त शहर के निकटवर्ती गांव बेगू में भी 15 करोड़ रुपए की लागत से एक अन्य ‘वाटर ट्रीटमैंट प्लांट’ की स्थापना की जाएगी। इन दोनों प्लांटों की राज्य सरकार द्वारा स्वीकृति 

राम नवमी

Posted On March - 21 - 2010 Comments Off on राम नवमी
राम नवमी पावन पर्व मनाएं, श्रीराम, रघुवर का चरित अपनाएं। राम महान, महान रामचरित, जैसे जल से पवित्र गंगा सरित। हरित धरा ज्यों सावन के आये, राम नवमी पावन पर्व मनाएं। कैकई, सुमित्रा जी के प्यारे, आंखों के तारे कौशल्या के बताएं। रामायण के सभी पात्र-चरित्र, संस्कृति में हैं अमर-पवित्र। सर्वत्र सब उनके गुण गाएं, राम नवमी पावन पर्व मनाएं। शिक्षादायक यह पर्व प्यारा, रवि, शशि ज्यों करे उजियारा। तारा, 
Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.