हरियाणा में मतदान समाप्त, 65 प्रतिशत लोगों ने डाले वोट !    हरियाणा में चार बजे तक 50.59 प्रतिशत मतदान !    कलानौर और महम में कांग्रेस-भाजपा समर्थकों में हाथापाई !    हरियाणा में तीन बजे तक 46 फीसदी मतदान !    बहादुरगढ़ में भिड़े 2 गुट !    हरियाणा में 2 बजे तक 37 फीसदी मतदान !    हरियाणा में सुबह 11बजे तक 22 फीसदी मतदान, सबसे ज्यादा फतेहाबाद में 27 प्रतिशत पड़े वोट !    छिटपुट शिकायतों के बीच हरियाणा में मतदान जारी !    इस बार पहले से दोगुना होगा जीत का अंतर !    आजाद हिंद फौज के सेनानी का निधन !    

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खास खबर
पाप का अंत

पाप का अंत

बाल कविता दस शीश का दशानन ना एक शीश बचा पाया। राम ने जीत लंका सत्य का परचम फहराया। झूठ कभी जीते ना सामने कभी सच्चाई के। दुष्ट ही सदैव झुके सामने यहां अच्छाई के। जब-जब भी पाप बढ़ा लिया ईश्वर ने अवतार। राम और कृष्ण हुए मिटा दुष्टों का अत्याचार। बच्चों तुम जीवन में भगवान राम सरीखे बनो। राह अपनी नित्य ही सच पर चलने ...

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स्वाद में सेहत वाला तड़का

स्वाद में सेहत वाला तड़का

दीप्ति त्योहारों का मौसम है। ऐसे में मीठा तो हर घर में बनता है। खासकर जब हलवे की बात हो तो इसके अलग-अलग ज़ायके हमारे मुंह में पानी भर देते हैं। घीया (लौकी) का हलवा सामग्री - लोकी-तीन कप (ग्रेटैड), मिल्क पाउडर-आधा कप, इलायची पाउडर - एक छोटा चम्मच, चीनी- दो बडे़ चम्मच, ...

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हेल्थ और सिक्योरिटी के इनोवेटिव रास्ते

हेल्थ और सिक्योरिटी के इनोवेटिव रास्ते

कुमार गौरव अजीतेन्दु दिल की बीमारियां हमेशा खतरनाक होती हैं, इसलिए अब इनसे लड़ने के लिए भी टेक्नोलॉजी ने अपने कदम आगे बढ़ा दिए हैं जो भविष्य में होने वाले हार्ट अटैक की जानकारी दे रही है। थी-डी प्रिंटिंग हार्ट से ट्रांसप्लांट के लिए लगी कतार को कम करने की कोशिश ...

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नानी से बचत की सीख

नानी से बचत की सीख

याद रही जो सीख विकास बिश्नोई जब मैं स्कूल में पढ़ा करता था तो लगभग हर तीन से चार महीने के बाद मैं और भाई मां के साथ नानी के पास जाया करते थे। नानी हमें बहुत प्यार करती थी। वहां जाते ही हम खूब खेलते थे और हर रोज शाम को ...

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अविस्मरणीय यादें

अविस्मरणीय यादें

स्कूल में पहला दिन शोभा गोयल जीवन की अविस्मरणीय यादों में एक होती है स्कूल में पहले दिन की याद। उस जमाने में 5-6 साल के बच्चे को प्रथम कक्षा में एडमिशन मिलता था। पहले दिन मेरी मम्मी मुझे स्कूल छोड़ कर चली गयी। पहला दिन और अजनबी स्कूल में अजनबी बच्चे। ...

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पड़ोसी के बच्चे से न करें तुलना

पड़ोसी के बच्चे से न करें तुलना

पेरेंटिंग सुभाष चन्द्र सौम्या आज सहमी-सहमी है अपने घर में। शाम को पिताजी भी घर आए। लेकिन, उनसे भी बात नहीं कर रही है। आखिर क्या हुआ उसे? पिता जी ने एक बार पूछा। कोई जवाब नहीं दिया सौम्या ने। खाने की टेबल पर भी गुमसुम। वैसे, गुमसुम रहना सौम्या की आदत नहीं। ...

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मतभेद हों, मनभेद नहीं

मतभेद हों, मनभेद नहीं

रिश्ते मोनिका शर्मा रिश्तों में टकराव की स्थिति जब बनती है तो मतभेद हो ही जाते हैं। फिर चाहे वह सहकर्मी से हों, किसी रिश्तेदार से या परिवार से, मतभेद को समझदारी से सुलझाना ज़रूरी है। ऐसा नहीं किया तो पुरानी बातें कब गांठ बनकर मनभेद में बदल जाएं, पता ही नहीं ...

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  • सर्दी में गुनगुनी घुमक्कड़ी
     Posted On October - 20 - 2019
    घुमक्कड़ी के लिए अच्छे दिन शुरू होते हैं अब! पसीना छुड़ाती गर्मी विदा ले चुकी है और बारिश भी थक....
  • मन की भी हो मरम्मत
     Posted On October - 20 - 2019
    मन को भी मरम्मत की ज़रूरत है। इसके लिये जि़ंदगी में थोड़ा ठहराव, खुद का साथ और सोच की सही....
  • स्वाद में पोषण का तड़का
     Posted On October - 20 - 2019
    त्योहारों के सीज़न में अक्सर हम गरिष्ठ भोजन खाते हैं। लज़ीज व्यंजन ज़रूर खाएं लेकिन उसमें पोषण को नज़रअंदाज़ बिल्कुल....
  • आरोग्यता का अमृत धनतेरस
     Posted On October - 20 - 2019
    दीपावली के रूप में विख्यात महापर्व स्वास्थ्य चेतना जगाने के साथ शुरू होता है। दिवाली के पंच पर्वों की शुरुआत....

कविताएं

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on कविताएं
कहां है समुन्द्र थके हारे यात्री ने मुम्बई पहुंच कर पूछा कहा है – समुन्द्र मैं उससे मिलने आया हूं। वह दहाड़ता क्यों नहीं कहां है भाई समुन्द्र? कहां है समुन्द्र में उतरती रात कब डूबा है सूर्य उसके गर्भ में खबर है, तो बताओ समुन्द्र तट से कहां टकराती है लहरें मैं उनकी गणना करने आया हूं एक दो तीन दस बीस हजार सौ करोड़ या इससे भी आगे बूंद बूंद समुन्द्र कहां लहराता है नाचता है कहां मैं समुन्द्र 

मोटा भाई

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on मोटा भाई
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कहानी

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on कहानी
कमल कपूर नीम अब भी हरा है चंदनपुर की धरती पर पांव धरते ही  मन  महक उठा देवधर का। बरसों बाद लौटे थे वह गंगा तट पर बसी इस अपनी  जन्मभूमि में, बाबा जिसे ‘धरती का स्वर्ग’कहा करते थे। बस स्टेशन से बाहर निकले तो चौंक गये देखकर कि यहां तो सब कुछ नया-नया था… ‘साहेब जी, रिक्ïशा चाहिए?’उन्होंने नजर उठाकर देखा… गले में रुमाल  बांधे एक रंगीला किशोर खड़ा था सामने। अरे! यहां रिक्ïशे 

जीव-जन्तुओं की अनोखी दुनिया

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on जीव-जन्तुओं की अनोखी दुनिया
– योगेश कुमार गोयल जहरीला सांप ‘बुशमास्टर’ मध्य अमेरिका तथा दक्षिण अमेरिका के उष्णकटिबंधीय स्थानों में पाया जाने वाला पिट वाइपर समूह का ‘बुशमास्टर’ सांप बेहद विषैला सांप है, जिसका संबंध रैटल स्नेक से भी है। बिल्कुल दुबला-पतला यह सांप 12 फुट तक लंबा होता है, जिसके विषदंत की लम्बाई भी एक इंच तक होती है। मादा बुशमास्टर एक बार में 12 तक अण्डे देती है। बुशमास्टर के शरीर का पिछला 

बाल कविताएं

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on बाल कविताएं
अम्मा की लोरी लोरी गाकर सुलाती अम्मा, मीठी निंदिया बुलाती अम्मा। थक कर मैं हो जाता चूर, देकर थपकी सहलाती अम्मा। परी लोक की कथा सुनाकर, मेरे मन को बहलाती अम्मा। ममता का आंचल फैलाकर सरगम में लोरी गाती अम्मा। नींद सुहानी जब मुझे आती, हौले-हौले गुनगुनाती अम्मा। — गोविन्द भारद्वाज विजय पताका फहराओगे… सीख तुम्हारे दादा की है, मुन्ना सुन लो खोले कान। जितनी सुंदर होगी संगत, उतने 

क्वेश्चन क्लब व् नयनतारा दीदी के जवाब

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on क्वेश्चन क्लब व् नयनतारा दीदी के जवाब
सारडीन क्या है? ”दीदी, सारडीन क्या होती है?” ”छोटी, पीली, हरी मछली जिनका संबंध हरडिंग परिवार से होता है।  जब यह पूरी बड़ी हो जाती है तो लगभग 25 से. मी.की होती है, इन्हें पिलचर्ड्स कहा जाता है और इन्हें स्मोक्ड करके अन्य हरडिंग्स की तरह बेचा जाता है।” ”लेकिन यह तो डिब्बे में बंद करके बाजार में बेची जाती है।” ”आमतौर से सारडीन को उस समय पकड़ा जाता है जब वह बहुत छोटी होती है और फिर उन्हें 

विज्ञान के झरोसे से

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on विज्ञान के झरोसे से
घमंडीलाल अग्रवाल बच्चो, विज्ञान से संबंधित कुछ रोचक प्रश्नोत्तर नीचे दिये जा रहे हैं जो तुम्हारे ज्ञान में वृद्धि करने में सहायक सिद्ध होंगे। तिल अत्यंत लाभकारी क्यों माना जाता है? – तिल में मौजूद सीसामिन तथा सीसामीलिन नामक रसायन उच्च रक्तचाप तथा लिवर को क्षतिग्रस्त होने से रोकते हैं। इसमें विटामिन ‘ई’ रहता है जो हृदय व तंत्रिका तंत्र के लिए लाभकारी है। तिल मैंगनीज, 

बाल कहानी

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on बाल कहानी
रमाशंकर चंचल सोने के हाथ क़िसी समय ढोरां के एक रेवड़ का मालिक स्पेती में रहता था। उसकी एक सुंदर लड़की थी। जब वह स्पेती में टहलने के लिए निकलती, तो आकाश के तारे धुंधले पड़ जाते। झरनों की आवाज़ थम जाती। कारण यह था कि उसकी आंखें तारों से ज्यादा चमकीली थीं। उसकी आवाज़ झरनों के संगीत से भी मीठी थी। उसका नाम मेत्फुक था। मेत्फुक का पिता उसे बहुत प्यार करता था और उसकी हर इच्छा पूरी 

कश्मीर का खीरभवानी मंदिर

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on कश्मीर का खीरभवानी मंदिर
ऊंचे-ऊंचे विशाल पर्वतों में घिरी, कुदरत की मनमोहक रचना कश्मीर वादी को धरती का स्वर्ग कहा जाता है। चारों ओर हरे-हरेे मैदान, बर्फीले पहाड़ों से बहते झरने, फलों और फूलों से लदे बाग-बगीचे तथा निर्मल जल की नदियां वादी को आकर्षक बनाते है। गर्मियों में यह वादी यदि खूबसूरत और ठंडी नदियों के लिए प्रसिद्ध है तो सर्दियो में सर्द ऋतु के खेलों के लिए मश्हूर है। आजकल यह घाटी पूरा वर्ष पर्यटकों 

शादी के बाद हॉट सीन से तौबा : ईशा

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on शादी के बाद हॉट सीन से तौबा : ईशा
‘लिरिल गर्ल’ के साथ सफल मॉडल रह चुकी ईशा कोप्पिकर (अब ईशा कोप्पिकर नारंग) ने साउथ इंडियन फिल्मों से अपने फिल्मी करिअर की शुरुआत की थी। वैसे तो ईशा ‘एक था दिल एक थी धड़कन’ से हिंदी फिल्मों में अपनी पारी की शुरुआत करने वाली थीं, लेकिन किसी कारण से यह फिल्म आजतक रिलीज नहीं हो पाई है। सबसे पहले ईशा ‘फिजा’ में गीतांजलि की छोटी-सी भूमिका में, जबकि बाद में ‘आमदनी अठन्नी खर्चा 

भावनाएं हैं स्वास्थ्य की बैरोमीटर

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on भावनाएं हैं स्वास्थ्य की बैरोमीटर
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है, वाली कहावत काफी पुरानी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ  भी इस पर काफी बल देते हैं। यह एक जानी-मानी बात है कि यदि दिमाग में कोई परेशानी हो तो थोड़े समय बाद इसका प्रभाव हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है और हम जल्दी जल्दी बीमार होने लगते हैं। शरीर में होने वाली पीड़ा, मांसपेशियों का दर्द आदि बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हम जैसा 

खुद को बूढ़ा बनाने में हम भी हैं जिम्मेदार

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on खुद को बूढ़ा बनाने में हम भी हैं जिम्मेदार
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वास्तु समाधान

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on वास्तु समाधान
-पी. खुराना मेरी जन्मतिथि 12 जून, 1964 है। मैं अपने घर की दिशाओं का विवरण दे रहा हूं। कृपया बताएं कि कोई वास्तु दोष तो नहीं है, क्योंकि मैं बीमार रहता हूं। -सुरेश, भिवानी सुरेश जी, जो विवरण आपने दिया है उसमें तो कोई वास्तु दोष वाली बात नहीं है परन्तु  आपकी जन्म तिथि इस प्रकार है कि आपको जल्द ही मानसिक तनाव हो जाता है। आप अपने शयनकक्ष में पलंग दक्षिण दीवार के साथ लगायें, सोते 

गजलें

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on गजलें
बात दिल की दिल में दबी रहने दे, आंखों में थोड़ी सी नमी रहने दे। दुआएं देंगी तितलियां गुलशन की, फूलों में थोड़ी खुशबू बसी रहने दे। रोशन करती है  जहां शमां जलकर, इक लौ दिल में भी जलती रहने दे। हो जाए न शर्मसार आईना देखकर, थोड़ी गैरत तो आंखों में बची रहने दे। रोटी की जद्दोजहद में माना हंसना मुहाल हुआ, होंठों पर फिर भी मुस्कान सजी रहने दे। माना कि आरजू है तेरी आसमां छूने की, ‘प्रीत‘कदमों तले 

गहरे पानी पैठ

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on गहरे पानी पैठ
डा. ज्ञानचंद्र शर्मा सपने और हकीकत उर्दू की किसी पाठ्य-ïपुस्तक में ‘सोते-जागते की दास्तान’ नाम की एक कहानी पढ़ी थी। इसके मुख्य पात्र का नाम संभवत: अबुल हसन था। वह कोई काम नहीं करता था। उसकी मां दिन भर मेहनत कर जो कुछ कमा कर लाती, वह घर में निठल्ला बैठा, मजे से उड़ाता। एक दिन खा-पीकर वह बे$िफक्र गहरी नींद सो रहा था कि कुछ परियां उसे उठा कर अपनी शहजादी के पास ले गईं। उसे नहला 

कहानी

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on कहानी
झंझावात मामूली सी जिरह के बाद थानेदार दीन मुहम्मद ने फैसला सुनाया। —आप जा सकते हैं। —तो तुम और क्या कहोगे। तुम तुम मेरे गुलाम हो। खरीदे हुए नौकर। उसने कहकहा लगाया और थाने से बाहर निकल गया। यह फैसला सुनकर सिपाही रामदीन-हैरान सा हो गया। वह थानेदार का मुंह ताकता रह गया। थोड़ी हिम्मत जुटा कर धीरे से बोला— बड़ी मशक्कत के बाद इसे काबू में करके हुजूर के सामने पेश किया था और आपने, वह… अटका और 
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