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खास खबर
प्रकृति साधना का मौसम

प्रकृति साधना का मौसम

केवल तिवारी सावन-भादो या जुलाई-अगस्त। मिले-जुले मौसम के दो महीने। गर्मी भी, बारिश भी। तपिश भी, बौछारें भी। हवा चले तो ठंडी-ठंडी, रुक जाये तो पसीने से तर-बतर। यह समय है कुछ सीख देने वाला। कुछ त्यागने और कुछ अपनाने का समय। कुदरत को और करीब से समझने का मौसम। प्रकृति ...

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संगमेश्वर महादेव शिव और शक्ति का अनूठा संगम

संगमेश्वर महादेव शिव और शक्ति का अनूठा संगम

मोहन मैत्रेय पिहोवा (पृथूदक) का संगमेश्वर महादेव अरुणाय एक विशिष्ट धार्मिक-सांस्कृतिक स्थल है। सरस्वती और दृष्दवती (घघ्घर) के मध्य स्थित क्षेत्र ‘ब्रह्मावर्त’ के रूप में विख्यात रहा है, जिसका प्रमुख तीर्थ कुरुक्षेत्र है। महाराजा वेन के पुत्र महाराजा पृथु द्वारा अपने पिता की अन्त्येष्टि जिस स्थल पर संपन्न की गयी, वह ...

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खुशहाल गृहस्थी के लिए मंगला गौरी व्रत

खुशहाल गृहस्थी के लिए मंगला गौरी व्रत

मदन गुप्ता सपाटू सावन में शिव परिवार की पूजा का विशेष महत्व है। जिस प्रकार प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव की विशेष पूजा होती है, वैसे ही प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत होता है और मां गौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के आशीर्वाद के ...

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पेंगोंग सरहद पर जादुई झील

पेंगोंग सरहद पर जादुई झील

लेह से करीब 225 किलोमीटर दूर समुद्र तल से 14272 फुट की ऊंचाई पर स्थित करिश्माई झील पेंगोंग त्सो की छटा देखते ही बनती है। इसकी खूबसूरती ने सदियों से जहां देश-विदेश के वैज्ञानिकों को अपनी ओर आकर्षित किया, वहीं फिल्मों में यहां की लोकेशन आते ही सैलानियों की आवाजाही ...

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प्रभु से मिलाप का मार्ग प्रेम और श्रद्धा

प्रभु से मिलाप का मार्ग प्रेम और श्रद्धा

संत राजिन्दर सिंह जी महाराज प्रभु के प्रति प्रेम और श्रद्धा एक शब्दहीन अवस्था है। यह ऐसा अनुभव है जो आत्मा के स्तर पर ही किया जाता है। प्रभु के प्रति प्रेम और श्रद्धा, हमारी आत्मा के प्रभु से मिलाप का मार्ग है। जरूरत है इसे विकसित करने की। इसके लिए ...

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झिरकेश्वर महादेव अरावली की गोद में पांडवकालीन तपोभूमि

झिरकेश्वर महादेव अरावली की गोद में पांडवकालीन तपोभूमि

देशपाल सौरोत प्राचीन झीरी वाला शिव मंदिर का अनूठा इतिहास है। हरियाणा-राजस्थान बार्डर पर फिरोजपुर झिरका में प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण अरावली की वादियों की गोद में है यह मंदिर। मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान इस रमणीक स्थल पर पूजा-अर्चना कर शिवलिंग की स्थापना की थी। तभी से ...

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बांस का आशियाना

बांस का आशियाना

पर्यावरण को लेकर जताई जा रही चिंताओं में कंक्रीट के जंगलों का तेजी से बढ़ना और हरियाली का उजड़ना शामिल है। विशेषज्ञ कहते हैं कि निर्माण कार्य में अगर बांस का इस्तेमाल बढ़ाया जाये तो इसके दोहरे फायदे हैं। बांस तेजी से बढ़ता है और इसे काटने में कोई कानूनी ...

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रेडिएशन की ए.बी.सी.

Posted On March - 27 - 2011 Comments Off on रेडिएशन की ए.बी.सी.
देवेश प्रकाश भौतिकशास्त्र में विकिरण या रेडिएशन से आशय एक ऐसी प्रक्रिया से है जिसमें गतिशील कण या तरंगें किसी माध्यम अथवा स्पेस के जरिये आगे बढ़ते हैं। जापान में भूकंप और सुनामी के बाद सबसे बड़ा खतरा परमाणु विकिरण का पैदा हो गया है। वहां के फुकुशीमा परमाणु संस्थान में हुए दो विस्फोटों से स्थिति द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हिरोशिमा और नागासाकी में अमरीका द्वारा परमाणु बम 

गेम : कौन जीतेगा बाजी!

Posted On March - 27 - 2011 Comments Off on गेम : कौन जीतेगा बाजी!
जयसिंह रघुवंशी अभिषेक बच्चन फिलहाल करिअर के बुरे दौर से गुजर रहे हैं। पिछले वर्ष उनकी प्रदर्शित हुई फिल्में रावण और खेलें हम जी जान से ने बॉक्स ऑफिस पर पानी तक नहीं मांगा। लेकिन जूनियर बच्चन उन लोगों में से नहीं हैं जो आसानी से हार मान ले। लिहाजा वे मैदान में डटे हुए हैं। अप्रैल महीना अभिषेक के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उनकी दो फिल्में गेम और दम मारो दम रिलीज होने वाली है। बॉलीवुड 

चल पड़ी चित्रांगदा की गाड़ी

Posted On March - 27 - 2011 Comments Off on चल पड़ी चित्रांगदा की गाड़ी
जयसिंह रघुवंशी सुधीर मिश्रा की फिल्म ये साली जि़दगी हिट हुई और फिल्म की नायिका चित्रांगदा सिंह की गाड़ी चल पड़ी। सवाल ये उठता है कि क्या चित्रांगदा कमर्शियल फिल्में करेंगी? अब तक तो वे हजारों ख्वाहिशें ऐसी जैसी फिल्में करती आई हैं जो कला फिल्मों के प्रेमियों को लुभाती रही हैं। आखिर कार इस बात का जवाब चित्रांगदा से बेहतर कौन दे सकता है। लिहाजा हमने उनके आगे ही ये सवाल रख दिया। 

भूकंपरोधी घरों की बढ़ती ज़रूरत

Posted On March - 27 - 2011 Comments Off on भूकंपरोधी घरों की बढ़ती ज़रूरत
पारुल भार्गव जापान समेत दुनिया में पिछले एक दशक से भूकंपों का जिस तरह से सिलसिला चल रहा है उस परिप्रेक्ष्य में जरूरी हो जाता है कि भूकंप-पट्टी में भूकंपरोधी घर बनाए जाना जरूरी है। क्योंकि हाल ही में जापान में आए भूकंप और सुनामी के बावजूद वहां इंसानी तबाही उतनी नहीं हुई जितनी 2004 में आई सुनामी से भारत में हुई थी। हमारे यहां बड़ी संख्या में लोग इस सुनामी की भेंट चढ़ गए थे। हमने टीवी 

तेनाली राम के किस्से

Posted On March - 27 - 2011 Comments Off on तेनाली राम के किस्से
पीतल की कढ़ाही एक बार राजा कृष्णदेव राज दरबार में बैठे थे तभी एक गरीब किसान व साहूकार  को लेकर सैनिक दरबार में हाजिर हुए। किसान ने राजा को बताया कि साहूकार ने उससे अपने खेतों में चलाने के लिए हल लिया था, अब वो उसे वापस नहीं कर रहा है जबकि साहूकार का कहना था—’महाराज! मैंने किसान से कोई हल नहीं लिया। ये असत्य बोल रहा है।’ राजा ने तेनाली को कहा कि इस मुकदमे का वो ही फैसला करे। तेनाली ने किसान 

क्वेश्चन क्लब

Posted On March - 27 - 2011 Comments Off on क्वेश्चन क्लब
नयनतारा दीदी के जवाब मैक्लाडगंज को छोटा तिब्बत क्यों कहते हैं? ”दीदी, मैक्लाडगंज को छोटा तिब्बत क्यों कहते हैं?’ ”हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला जिले में स्थित मैक्लाडगंज वह स्थान है जहां गर्मियों में बौद्ध धर्म के प्रमुख दलाई लामा निवास करते हैं। मैक्लाडगंज तिब्बती शरणार्थियों का बसेरा है। यहां हर तरफ मॉन्क या जिसे अपभ्रंश में मैक्क कहते हैं, घूमते रहते हैं। पूरा परिवेश बौद्ध 

खजाने का रहस्य

Posted On March - 27 - 2011 Comments Off on खजाने का रहस्य
सेठ का अन्त करीब आ पहुंचा। उसने अपने  सभी बच्चों को बुलाया। बोला,   ‘देखो बच्चो सारी उम्र मैं तुम्हें मेहनत करने व अक्लमंदी  की बातें सीखने की सलाह देता रहा मगर तुम लोगों  ने आलस और आमोद-प्रमोद के चक्कर में मेरी एक न सुनी। तुमने हमेशा अपना सारा समय खेलकूद में गंवा दिया। अब मेरा अन्त समय पास आ गया है। अब शायद तुम्हारे होश ठिकाने आएं। मेरी इस अथाह दौलत के कारण कई चोर डाकू तुम्हारा जीना 

विज्ञान के झरोखे से

Posted On March - 27 - 2011 Comments Off on विज्ञान के झरोखे से
बच्चो, विज्ञान से संबंधित कुछ रोचक प्रश्नोत्तर नीचे दिये जा रहे हैं जो तुम्हारे ज्ञान में वृद्धि करने में सहायक सिद्ध होंगे। 0 अंगूर को दवा क्यों माना जाता है? —जिन बड़े-बड़े भयंकर एवं जटिल रोगों में किसी प्रकार का कोई पदार्थ खाने-पीने को नहीं दिया जाता है उसमें अंगूर का सेवन बताया जाता है। अंगूर कैंसर, टीवी, पायरिया, सूखा रोग, रक्त विकार, बार-बार मूत्र त्याग एवं दुर्बलता 

वास्तु समाधान

Posted On March - 27 - 2011 Comments Off on वास्तु समाधान
पी. खुराना मेरी जन्मतिथि 25.2.1979 है। मैंने कई डिग्रियां की हुई हैं, बावजूद इसके कहीं भी अच्छी नौकरी नहीं लग रही है। -मनोज, दिल्ली -मनोज जी, आपका शुभ समय निकल चुका है और उस समय के बीच आपको कई अवसर भी मिले होंगे परंतु आपने उनको ठुकराया, जिस वजह से आपको आज तक पछताना पड़ रहा है। परंतु चिंता न करें। आप निम्न उपाय करें। जब भी नौकरी के लिए आवेदन करें तो बृहस्पतिवार के दिन ही करें तथा साक्षात्कार 

एक ऑस्कर के लिए

Posted On March - 27 - 2011 Comments Off on एक ऑस्कर के लिए
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श्रीमती पोपट

Posted On March - 27 - 2011 Comments Off on श्रीमती पोपट
कहानी महिंदर सिंह सरना धूप चढऩे पर जब श्रीमती पोपट ने आंख खोली तो वह कोई आंख खोलने का समय न था। मतलब यह कि अभी तो धूप चढ़ी ही थी और धूप चढऩे से दिन तो नहीं चढ़ जाता। सम्पन्न महिलाओं का दिन तो दोपहर को चढ़ता है। शनील की रज़ाई का छोर उसने अपने कंधों तले दोहरा कर लिया और टांगें फैला कर औंधे मुख लेट गयी। यह उसके सोने का मनपसंद ढंग था। इस प्रकार सोने से उसको एक अनोखा-सा शारीरिक सुख का अनुभव 

रमन

Posted On March - 27 - 2011 Comments Off on रमन
 

रंगों के धागों में बंधा हिंदुस्तान

Posted On March - 20 - 2011 Comments Off on रंगों के धागों में बंधा हिंदुस्तान
कैलाश सिंह भारत को कई चीजें जोड़ती हैं। हमारे धार्मिक विश्वास, आस्थाएं और होली जैसे त्योहार भी। होली वाकई उन गिने चुने त्योहारों में एक है जिसका चरित्र अखिल भारतीय है। नाम कुछ भी हो, तरीका कुछ भी हो लेकिन पूरे भारत में होली का मकसद एक ही है उमंग, उल्लास और मस्ती। वाकई होली एक ऐसा त्योहार है जो समूचे हिंदुस्तान को जोड़ता है। चाहे उत्तर हो या दक्षिण। पूरब हो या पश्चिम। होली हिंदुस्तान 

मस्त झूमते पेड़ों के संग गये महकते रंग

Posted On March - 20 - 2011 Comments Off on मस्त झूमते पेड़ों के संग गये महकते रंग
राजकिशन नैन देसज पेड़ लगाने और उनसे रंग बनाने की कला हम भूलते जा रहे हैं। होली के मौके पर टेसू के फूलों को पानी में भिगोकर पीला रंग बनाना भी हमने छोड़ दिया है। टेसू की तरह कोई डेढ़ सौ पेड़-पौधे और हैं, जिनसे हमारे बड़े रंग बनाते आए हैं। कुछ पेड़ों के फूलों से रंग बनता है, जबकि बहुत से पौधों की जड़, तने और शाखाओं से रंग प्राप्त होता है। रंग भरे बीजों वाले भी कुछ पौधे देखने 

अभिनेत्रियों के नखरों से भरी होली

Posted On March - 20 - 2011 Comments Off on अभिनेत्रियों के नखरों से भरी होली
गोपा सी होली यानी रंगों का पर्व। अोर रंग होंगे तो जाहिर है आपके चेहरे की रंगत बदरंग होगी। मगर इस त्योहार में कुछ ऐसी मस्ती छिपी होती है कि लोग खुशी से अपना चेहरा रंगों से सराबोर करना पसंद करते हैं। सच भी है आम जिंदगी में यह एक ऐसा त्योहार है, जब लोग सारे अहम को ताक पर रखकर रंगीन होना पसंद करते है। मगर हमारे रुपहले परदे की तारिकाएं इस मस्ती को भी अपने अंदाज से मनाना पसंद करती हैं। इस 

उहा रोटी, उहा दाल

Posted On March - 20 - 2011 Comments Off on उहा रोटी, उहा दाल
होली मुबारक ! गोविन्द राकेश उवें तां हिन्दुस्तान विच थई तरक्की की गाहल या तां 26 जनवरी कूं कीती वेंदी हे या 15 अगस्त कू। लेकिन अज न तां गणतंत्र दिवस हे अते न ही आजादी डिहाड़ा। ऐझे मौके ते तरक्की दी गाहल कुझ बेतुकी तां कैनी लगदी? लेकिन कैना। सईं। अज सब जायज हे, क्यूंकि अज होली हे। तुसां मर्जी जिथां वेठे होवो, मौसम विच बदलाव तुसां महसूस पे करेंदे होसो, मौसम खुल ग्ये, सर्दी तकरीबन रुकसत