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खास खबर
सावन बरसे

सावन बरसे

झूम-झूम के बरसे सावन उमड़-घुमड़ के गरजे सावन। गांव-बस्ती पड़ गये झूले याद आये जिनको भूले। पकड़ रस्सी झूले की हाथ आओ अम्बर को हम छू लें। देख बिजलियां हरषे सावन झूम-झूम के बरसे सावन। निखरी अपनी धरती रानी क्यारी-क्यारी लगे सुहानी। जहां तलक भी नजरें जाएं भरा हुआ बस पानी-पानी। मेघों से मिल लरजे सावन झूम-झूम के बरसे सावन। मोर-पपीहा, नाचे-गाये मेढक भी तो ...

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पेंसिल-कॉपी का आनंद

पेंसिल-कॉपी का आनंद

राघव जैन स्कूल का वह पहला दिन, हर बच्चे के लिए बहुत सारी यादें संजोकर रखता है। मुझे याद है उस दिन, घर में एक अलग-सा माहौल था। स्कूल की वर्दी पहनाकर मुझे कहा गया कि तेरी फोटो खिचवाएंगे और फिर स्कूल जायेंगे। मैं खुशी-खुशी मम्मी-पापा के साथ घर से चल ...

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कच्चा आम, पक्का आम

कच्चा आम, पक्का आम

ललित शौर्य रसोई से कच्चे आम की चटनी की खुश्बू आ रही थी। ओजस चटनी चखने को बेकरार हो रहा था। दरअसल, ओजस की दादी कच्चे आम की तीखी चटनी बना रही थी, जो घर पर सभी को पसंद थी। ओजस से रहा नहीं गया। वह सीधे रसोई में जाकर चटनी ...

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बच्चा गोद लेने के अधिकार और कानून

बच्चा गोद लेने के अधिकार और कानून

मधु गोयल क्या आप जानते हैं बच्चा गोद लेने के लिए क्या कानून और शर्तें हैं? देखा जाए तो आज के समय में पेरेंटिंग बहुत बड़ी जिम्मेदारी हैै। जबकि जिंदगी भागमभाग और तनावों से भरी हो गई है। अधिकांश लड़के-लड़कियां देर से विवाह करते हैं और लड़कियां गर्भधारण भी देर से ...

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स्वादिष्ट भी पौष्टिक भी

स्वादिष्ट भी पौष्टिक भी

विद्या बारिश और मानसून के मस्त मौसम में कुछ चटपटा तो कुछ तीखा खाने का मन तो होता है लेकिन मीठे को भला कैसे इग्नोर किया जा सकता है। उस पर इस मौसम में मिलने वाले पौष्टिक भुट्टे भी मन को खूब ललचाते हैं। तो क्यों न इन सबके साथ मज़ेदार ...

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मर्म की बात

मर्म की बात

कृष्णलता यादव बात तब की है जब मैं आठ-दस साल की थी। हुआ यूं कि गांव के एक व्यक्ति ने हमारे यहां से पानस (ऊंट का पसंदीदा चारा) खरीदा और पिताजी को रुपये देकर यह कहकर चल दिया, ‘मैं चलता हूं, खेत पर जल्दी पहुंचना है, हिसाब बाद में होता रहेगा।’ ...

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एंड्रॉयड के अल्फाबेटिकल नाम

एंड्रॉयड के अल्फाबेटिकल नाम

कुमार गौरव अजीतेन्दु गूगल का एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम अपने सफर के ग्यारहवें साल में है। फिलहाल, इसका लेटेस्ट वर्जन ‘पाई’ मार्केट में है, जिसे पिछले साल छह अगस्त को लॉन्च किया गया था। उल्लेखनीय है कि एंड्रॉयड के हर वर्जन का नामकरण अल्फाबेटिकल ऑर्डर के अनुसार किया गया है। स्मार्टफोन यूजर्स में ...

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  • लॉर्ड्स पर जीते क्रिकेट के गॉड
     Posted On July - 21 - 2019
    क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर आईसीसी विश्व कप के फाइनल में सुपर ओवर की आखिरी गेंद....
  • बच्चों को सिखाएं पार्टी मैनर्स
     Posted On July - 21 - 2019
    मोनिका अग्रवाल जब भी किसी पार्टी में जाना हो तो हम सोच में पड़ जाते हैं कि बच्चों को साथ लेकर जायें या नहीं। कारण, 
  • शिवतुल्य जो बोलता है, वही जप है
     Posted On July - 21 - 2019
    ओशो शिवसूत्र है- कथा जपः। दानमात्मज्ञानम‍्। स्वशक्ति प्रचयोऽस्य विश्वम‍्, स्थितिलयौ। यानी 
  • संस्कार ज़रूरी हैं
     Posted On July - 21 - 2019
    दीप्ति अंगरीश किसी भी पदार्थ को यदि एक साथ जोड़ने की ज़रूरत आन पड़े तो उसे केमिकल के सहारे आप जोड़ सकते हैं। जितना 

शादी के बाद हॉट सीन से तौबा : ईशा

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on शादी के बाद हॉट सीन से तौबा : ईशा
‘लिरिल गर्ल’ के साथ सफल मॉडल रह चुकी ईशा कोप्पिकर (अब ईशा कोप्पिकर नारंग) ने साउथ इंडियन फिल्मों से अपने फिल्मी करिअर की शुरुआत की थी। वैसे तो ईशा ‘एक था दिल एक थी धड़कन’ से हिंदी फिल्मों में अपनी पारी की शुरुआत करने वाली थीं, लेकिन किसी कारण से यह फिल्म आजतक रिलीज नहीं हो पाई है। सबसे पहले ईशा ‘फिजा’ में गीतांजलि की छोटी-सी भूमिका में, जबकि बाद में ‘आमदनी अठन्नी खर्चा 

भावनाएं हैं स्वास्थ्य की बैरोमीटर

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on भावनाएं हैं स्वास्थ्य की बैरोमीटर
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है, वाली कहावत काफी पुरानी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ  भी इस पर काफी बल देते हैं। यह एक जानी-मानी बात है कि यदि दिमाग में कोई परेशानी हो तो थोड़े समय बाद इसका प्रभाव हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है और हम जल्दी जल्दी बीमार होने लगते हैं। शरीर में होने वाली पीड़ा, मांसपेशियों का दर्द आदि बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हम जैसा 

खुद को बूढ़ा बनाने में हम भी हैं जिम्मेदार

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on खुद को बूढ़ा बनाने में हम भी हैं जिम्मेदार
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वास्तु समाधान

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on वास्तु समाधान
-पी. खुराना मेरी जन्मतिथि 12 जून, 1964 है। मैं अपने घर की दिशाओं का विवरण दे रहा हूं। कृपया बताएं कि कोई वास्तु दोष तो नहीं है, क्योंकि मैं बीमार रहता हूं। -सुरेश, भिवानी सुरेश जी, जो विवरण आपने दिया है उसमें तो कोई वास्तु दोष वाली बात नहीं है परन्तु  आपकी जन्म तिथि इस प्रकार है कि आपको जल्द ही मानसिक तनाव हो जाता है। आप अपने शयनकक्ष में पलंग दक्षिण दीवार के साथ लगायें, सोते 

गजलें

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on गजलें
बात दिल की दिल में दबी रहने दे, आंखों में थोड़ी सी नमी रहने दे। दुआएं देंगी तितलियां गुलशन की, फूलों में थोड़ी खुशबू बसी रहने दे। रोशन करती है  जहां शमां जलकर, इक लौ दिल में भी जलती रहने दे। हो जाए न शर्मसार आईना देखकर, थोड़ी गैरत तो आंखों में बची रहने दे। रोटी की जद्दोजहद में माना हंसना मुहाल हुआ, होंठों पर फिर भी मुस्कान सजी रहने दे। माना कि आरजू है तेरी आसमां छूने की, ‘प्रीत‘कदमों तले 

गहरे पानी पैठ

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on गहरे पानी पैठ
डा. ज्ञानचंद्र शर्मा सपने और हकीकत उर्दू की किसी पाठ्य-ïपुस्तक में ‘सोते-जागते की दास्तान’ नाम की एक कहानी पढ़ी थी। इसके मुख्य पात्र का नाम संभवत: अबुल हसन था। वह कोई काम नहीं करता था। उसकी मां दिन भर मेहनत कर जो कुछ कमा कर लाती, वह घर में निठल्ला बैठा, मजे से उड़ाता। एक दिन खा-पीकर वह बे$िफक्र गहरी नींद सो रहा था कि कुछ परियां उसे उठा कर अपनी शहजादी के पास ले गईं। उसे नहला 

कहानी

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on कहानी
झंझावात मामूली सी जिरह के बाद थानेदार दीन मुहम्मद ने फैसला सुनाया। —आप जा सकते हैं। —तो तुम और क्या कहोगे। तुम तुम मेरे गुलाम हो। खरीदे हुए नौकर। उसने कहकहा लगाया और थाने से बाहर निकल गया। यह फैसला सुनकर सिपाही रामदीन-हैरान सा हो गया। वह थानेदार का मुंह ताकता रह गया। थोड़ी हिम्मत जुटा कर धीरे से बोला— बड़ी मशक्कत के बाद इसे काबू में करके हुजूर के सामने पेश किया था और आपने, वह… अटका और 

जीव-जन्तुओं की अनोखी दुनिया

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on जीव-जन्तुओं की अनोखी दुनिया
– योगेश कुमार गोयल शिकार के पीछे  नहीं भागता ‘रेसर’ सांप रेसर जाति के अन्य सांपों की ही भांति यूं तो लाल पूंछ वाले रेसर सांप की गिनती तेजी से रेंगने वाले सांपों में ही की जाती है किन्तु फिर भी यह शिकार के पीछे कभी-कभार ही भागता है। अमूमन होता यही है कि जब इसे भूख लगती है तो यह अपनी जीभ को बाहर निकालकर लपलपाता है, जिससे इसे छिपकली या छोटे स्तनपायी प्राणियों की गंध सूंघने 

क्वेश्चन क्लब नयनतारा दीदी के जवाब

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on क्वेश्चन क्लब नयनतारा दीदी के जवाब
सी होर्स क्या है? ”दीदी, यह सी होर्स क्या है?” ”मछली है, लेकिन ऐसे संकेत कम ही हैं जो इसे मछली बनाते हैं। इसका सिर पोनी की तरह ही होता है। स्केल्स की बजाय सी होर्स का शरीर सख्त प्लेट्स और कांटेदार स्पाइक्स से ढका होता है और उसकी दुम सांप की तरह होती है।” ”फिर तो इसकी हरकतें भी मछली जैसी नहीं होती होंगी?” ”हां, यह आमतौर से अपनी दुम को पानी में सी-वीड पर लपेट लेता है ताकि बहाव 

विज्ञान के झरोखे से

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on विज्ञान के झरोखे से
-घमंडीलाल अग्रवाल बच्चो, विज्ञान से संबंधित कुछ रोचक प्रश्नोत्तर नीचे दिए जा रहे हैं जो तुम्हारे ज्ञान में वृद्धि करने में सहायक सिद्ध होंगे। मोबाइल फोन त्वचा संबंधी रोग क्यों उत्पन्न करते हैं? — मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल करने वाले लोगों की त्वचा में खुजली से संबंधित शिकायतें उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल फोन का प्रयोग करने वालों के चेहरे और 

कविताये

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on कविताये
अप्रैल फूल अप्रैल फूल के दिन, बंदर के आया मन में। गधे को बनाता हूं फूल, वही मूर्ख है वन में। गधे को दिया न्यौता, कहा, ‘आज घर आना। दावत दे रहा हूं सबको, पकवान बने हैं ना ना।’ सुनकर गधा गदगद हुआ, मुंह से टपकी लार। पहना कोट, बांधी टाई, खूब किया शिंगार। तय समय पर पहुंच गया, वह बंदर के घर। देखा जब सिर चकराया, ताला था द्वार पर। शर्मसार सा हुआ गधा, मुंह में बुदबुदाया। ‘आज तो है अप्रैल फूल, बंदर ने खूब 

बाल कहानी

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on बाल कहानी
भूल का अहसास यह प्रेरक प्रसंग महाभारत काल का है। एक बार की बात है। पांडु पुत्र  युधिष्ठिïर अपने चारों भाइयों— भीम, अर्जुन, नकुल व सहदेव के साथ बैठे हुए थे और विविध विषयों पर विचार-ïविमर्श कर रहे थे। बातचीत  के दौरान नाना प्रकार के प्रसंग आ रहे थे— कभी गूढ़ विषय पर बातचीत होने लगती, तो कभी कोई हास्य प्रसंग आ जाता। पांचों भाइयों में भीम विशाल शरीर वाले थे, लेकिन बेहद मजाकिया स्वभाव 

डांस पे चांस!

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on डांस पे चांस!
यशराज कैंप की चर्चित फिल्म ‘रब ने बना दी जोड़ी’ हालांकि बॉक्स ऑफिस पर पिट गई, लेकिन इस फिल्म ने कम से कम यह मैसेज देने की कोशिश तो की कि अगर सलीके से नाचना-गाना आए, तो किसी का भी दिल जीता जा सकता है। फिल्म का यह गाना तब खूब चला था— ‘वो बंदा ही क्या है जो नाचे ना गाए… आ हाथों में तू हाथ थाम ले, ओए डांस पे चांस मार ले!’ इस संदर्भ में हम कह सकते हैं कि बॉलीवुड के फिल्मकारों ने हमेशा ही 

नानाजी देशमुख एक ऋषि-पुरुष का अवसान

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on नानाजी देशमुख एक ऋषि-पुरुष का अवसान
1977 के लोकसभा चुनावों के बाद की बात है। बलरामपुर (उप्र)की रानी राजलक्ष्मी अपने महल में उदास बैठी थीं। मतदाताओं ने चुनाव मैदान में उतरे कई दूसरे सूरमाओं की तरह रानी के खाते में भी शिकस्त लिख दी थी और रानी के निकट यह कुछ ज्यादा ही अपमानजनक बात थी क्योंकि ऐसा उनके गृह क्षेत्र के मतदाताओं ने किया था। वे बलरामपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस की प्रत्याशी थीं और कांग्रेसविरोधी लहर के बावजूद 

गुस्से को ऐसे करें नियंत्रित

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on गुस्से को ऐसे करें नियंत्रित
अगर आपको लगता है कि आप अपने गुस्से को नियंत्रित करने में असमर्थ हो रहे हैं तो नीचे दिए गए कुछ बिंदुओं को आजमाकर देखें। इन्हें आजमाकर आप न सिर्फ अपने गुस्से को नियंत्रित कर सकेंगे बल्कि आपके व्यक्तित्व में भी सुधर होंगे। गुस्से में खर्च होने वाली अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाएं। व्यायाम इसका सबसे अच्छा जरिया है। रोज एक सीमित समयावधि के नियम से व्यायाम करें, ऐसा करके आपका 

गुस्से से भी भरी है नई पीढ़ी

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on गुस्से से भी भरी है नई पीढ़ी
मल्टी नेशनल कंपनी में अच्छी पोस्ट पर कार्यरत नमन के पास जीवन की लगभग हर खुशी है। रहने के लिए एक अच्छा घर, पढ़ी-लिखी, समझदार बीवी व पांच साल का प्यारा-सा बेटा। आर्थिक रूप से काफी मजबूत नमन ऑफिस में भी अच्छा परफोर्मेंस देता है। लेकिन उसकी एक आदत से घर और ऑफिस में उसके सहयोगी सभी परेशान रहते हैं। नमन स्वंय ही अपनी इस आदत से काफी परेशान है। यह आदत है छोटी-छोटी बातों पर अकसर नमन को गुस्सा 
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