बिहार में लू से अब तक 61 की मौत !    पंकज सांगवान की पार्थिव देह आज पहुंचने की उम्मीद !    टीचर का स्नेह भरा स्पर्श !    बाथरूम इस्तेमाल के तरीके !    मेरे पापा जी !    सुपरफूड सोया !    कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल !    काम का रैप ... !    पापा का प्यार !    कोने-कोने में टेक्नोलॉजी !    

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खास खबर
टीचर का स्नेह भरा स्पर्श

टीचर का स्नेह भरा स्पर्श

सविता स्याल उम्र के इस पड़ाव पर, जब जीवन के खट्टे-मीठे अनुभव याद करती हूं तो नये विद्यालय में पहली कक्षा का प्रथम दिवस आज भी मेरे स्मृति पटल पर ऊभर आता है तथा मेरे चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कुराहट दे जाता है । मुझे रात को ही मां ने ...

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मेरे पापा जी

मेरे पापा जी

पापा जी मेरे पापा जी सबसे गहरा है नाता जी। बड़े लाड़ से हमको पालें हैं ये जीवन के रखवाले। कैसी भी हों हालात भले हर हाल में हमको संभाले। प्यार इनका ही लुभाता जी सबसे गहरा है नाता जी। मेहनत कर हमको पढ़ाते मंजिल तक सदा पहुंचाते। देकर अच्छे संस्कार हमें एक अच्छा इनसान बनाते। रखे छांव में बन छाता जी सबसे ...

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कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल

कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल

मधु गोयल वैसे तो महिलाएं हर क्षेत्र में कामयाबी दर्ज करा रही हैं। बदलते वक्त के साथ उनकी भूमिकाएं भी बदली हैं। फिर भी काफी महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सचेत नहीं हैं। ज्यादा से ज्यादा महिलाएं सार्वजनिक क्षेत्रों में सक्रिय रूप से भाग ले पाएं इसके लिये वर्कप्लेस पर उनकी ...

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सुपरफूड सोया

सुपरफूड सोया

सही मायनों में सुपरफूड है सोयाबीन। यह एक कंपलीट फूड है, जिसे हम दूध, दही और आटा के तौर पर अपने खान-पान में शामिल करते हैं। इसे दाल के रूप में पकाकर भी इसका भरपूर प्रोटीन प्राप्त किया जा सकता है। इतना ही नहीं सोयाबीन के बीज पीसकर इससे कुकिंग ...

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काम का रैप ...

काम का रैप ...

दीप्ति अंगरीश परिवार की होम मिनिस्टर हैं तो काम में रैप करना आपको सभी सदस्यों को सिखाना होगा। आप चाहती हैं कि परिवार का हर सदस्य पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में सफलता हासिल करे तो अपनाएं ये टिप्स... काम को आंकें परिवार को सिखाइए कि अपने पर्सनल व प्रोफेशनल काम को हर पहलू ...

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कोने-कोने में टेक्नोलॉजी

कोने-कोने में टेक्नोलॉजी

कुमार गौरव अजीतेन्दु टेक्नोलॉजी के विस्तार ने न केवल इनसानों को हमेशा सहूलियत दी है बल्कि इससे उनकी आंतरिक क्षमताओं का भी विकास हुआ है। अगर आप किसी काम को मॉडर्न तरीके से करते हैं तो यह आपके समय के साथ चलने का परिचायक होता है। आज तकनीक ने घर के ...

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जीवन को सम्बल देता प्यारा रिश्ता

जीवन को सम्बल देता प्यारा रिश्ता

रिश्ते/ फादर्स डे मोनिका शर्मा जिंदगी की अनगिनत उलझनों को जीते हुए पिता हमेशा संघर्षशील रहते हैं। रात-दिन तकलीफों का पहाड़ ढोते हैं। ताकी बच्चों के जीवन को सुकून और स्थायित्व मिल सके। भावी पीढ़ी की जिंदगी की बुनियाद को ठोस आधार देने के लिए अपना सुख- चैन भुला देते हैं। तेज़ी ...

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  • आसां नहीं अब पेरेंटिंग
     Posted On June - 16 - 2019
    श्रुति एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करती है। सवेरे आठ बजे घर से निकल कर रात के नौ बजे घर....
  • कबिरा सोई पीर है जो जाने पर पीर…
     Posted On June - 16 - 2019
    महापुरुष एवं संत महात्मा युग-द्रष्टा होते हैं, तो युग स्रष्टा भी। वास्तव में युगीन परिस्िथतियां ही किसी महापुरुष के इस....
  • टीचर का स्नेह भरा स्पर्श
     Posted On June - 16 - 2019
    सविता स्याल उम्र के इस पड़ाव पर, जब जीवन के खट्टे-मीठे अनुभव याद करती हूं तो नये विद्यालय में पहली कक्षा का प्रथम 
  • जीवन को सम्बल देता प्यारा रिश्ता
     Posted On June - 16 - 2019
    रिश्ते/ फादर्स डे मोनिका शर्मा जिंदगी की अनगिनत उलझनों को जीते हुए पिता हमेशा संघर्षशील रहते हैं। रात-दिन 

कश्मीर का खीरभवानी मंदिर

Posted On April - 4 - 2010 Comments Off on कश्मीर का खीरभवानी मंदिर
ऊंचे-ऊंचे विशाल पर्वतों में घिरी, कुदरत की मनमोहक रचना कश्मीर वादी को धरती का स्वर्ग कहा जाता है। चारों ओर हरे-हरेे मैदान, बर्फीले पहाड़ों से बहते झरने, फलों और फूलों से लदे बाग-बगीचे तथा निर्मल जल की नदियां वादी को आकर्षक बनाते है। गर्मियों में यह वादी यदि खूबसूरत और ठंडी नदियों के लिए प्रसिद्ध है तो सर्दियो में सर्द ऋतु के खेलों के लिए मश्हूर है। आजकल यह घाटी पूरा वर्ष पर्यटकों 

कविताये

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on कविताये
अप्रैल फूल अप्रैल फूल के दिन, बंदर के आया मन में। गधे को बनाता हूं फूल, वही मूर्ख है वन में। गधे को दिया न्यौता, कहा, ‘आज घर आना। दावत दे रहा हूं सबको, पकवान बने हैं ना ना।’ सुनकर गधा गदगद हुआ, मुंह से टपकी लार। पहना कोट, बांधी टाई, खूब किया शिंगार। तय समय पर पहुंच गया, वह बंदर के घर। देखा जब सिर चकराया, ताला था द्वार पर। शर्मसार सा हुआ गधा, मुंह में बुदबुदाया। ‘आज तो है अप्रैल फूल, बंदर ने खूब 

बाल कहानी

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on बाल कहानी
भूल का अहसास यह प्रेरक प्रसंग महाभारत काल का है। एक बार की बात है। पांडु पुत्र  युधिष्ठिïर अपने चारों भाइयों— भीम, अर्जुन, नकुल व सहदेव के साथ बैठे हुए थे और विविध विषयों पर विचार-ïविमर्श कर रहे थे। बातचीत  के दौरान नाना प्रकार के प्रसंग आ रहे थे— कभी गूढ़ विषय पर बातचीत होने लगती, तो कभी कोई हास्य प्रसंग आ जाता। पांचों भाइयों में भीम विशाल शरीर वाले थे, लेकिन बेहद मजाकिया स्वभाव 

डांस पे चांस!

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on डांस पे चांस!
यशराज कैंप की चर्चित फिल्म ‘रब ने बना दी जोड़ी’ हालांकि बॉक्स ऑफिस पर पिट गई, लेकिन इस फिल्म ने कम से कम यह मैसेज देने की कोशिश तो की कि अगर सलीके से नाचना-गाना आए, तो किसी का भी दिल जीता जा सकता है। फिल्म का यह गाना तब खूब चला था— ‘वो बंदा ही क्या है जो नाचे ना गाए… आ हाथों में तू हाथ थाम ले, ओए डांस पे चांस मार ले!’ इस संदर्भ में हम कह सकते हैं कि बॉलीवुड के फिल्मकारों ने हमेशा ही 

नानाजी देशमुख एक ऋषि-पुरुष का अवसान

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on नानाजी देशमुख एक ऋषि-पुरुष का अवसान
1977 के लोकसभा चुनावों के बाद की बात है। बलरामपुर (उप्र)की रानी राजलक्ष्मी अपने महल में उदास बैठी थीं। मतदाताओं ने चुनाव मैदान में उतरे कई दूसरे सूरमाओं की तरह रानी के खाते में भी शिकस्त लिख दी थी और रानी के निकट यह कुछ ज्यादा ही अपमानजनक बात थी क्योंकि ऐसा उनके गृह क्षेत्र के मतदाताओं ने किया था। वे बलरामपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस की प्रत्याशी थीं और कांग्रेसविरोधी लहर के बावजूद 

वास्तु समाधान

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on वास्तु समाधान
-पी. खुराना मेरी जन्मतिथि 12 जून, 1964 है। मैं अपने घर की दिशाओं का विवरण दे रहा हूं। कृपया बताएं कि कोई वास्तु दोष तो नहीं है, क्योंकि मैं बीमार रहता हूं। -सुरेश, भिवानी सुरेश जी, जो विवरण आपने दिया है उसमें तो कोई वास्तु दोष वाली बात नहीं है परन्तु  आपकी जन्म तिथि इस प्रकार है कि आपको जल्द ही मानसिक तनाव हो जाता है। आप अपने शयनकक्ष में पलंग दक्षिण दीवार के साथ लगायें, सोते 

गजलें

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on गजलें
बात दिल की दिल में दबी रहने दे, आंखों में थोड़ी सी नमी रहने दे। दुआएं देंगी तितलियां गुलशन की, फूलों में थोड़ी खुशबू बसी रहने दे। रोशन करती है  जहां शमां जलकर, इक लौ दिल में भी जलती रहने दे। हो जाए न शर्मसार आईना देखकर, थोड़ी गैरत तो आंखों में बची रहने दे। रोटी की जद्दोजहद में माना हंसना मुहाल हुआ, होंठों पर फिर भी मुस्कान सजी रहने दे। माना कि आरजू है तेरी आसमां छूने की, ‘प्रीत‘कदमों तले 

गहरे पानी पैठ

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on गहरे पानी पैठ
डा. ज्ञानचंद्र शर्मा सपने और हकीकत उर्दू की किसी पाठ्य-ïपुस्तक में ‘सोते-जागते की दास्तान’ नाम की एक कहानी पढ़ी थी। इसके मुख्य पात्र का नाम संभवत: अबुल हसन था। वह कोई काम नहीं करता था। उसकी मां दिन भर मेहनत कर जो कुछ कमा कर लाती, वह घर में निठल्ला बैठा, मजे से उड़ाता। एक दिन खा-पीकर वह बे$िफक्र गहरी नींद सो रहा था कि कुछ परियां उसे उठा कर अपनी शहजादी के पास ले गईं। उसे नहला 

कहानी

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on कहानी
झंझावात मामूली सी जिरह के बाद थानेदार दीन मुहम्मद ने फैसला सुनाया। —आप जा सकते हैं। —तो तुम और क्या कहोगे। तुम तुम मेरे गुलाम हो। खरीदे हुए नौकर। उसने कहकहा लगाया और थाने से बाहर निकल गया। यह फैसला सुनकर सिपाही रामदीन-हैरान सा हो गया। वह थानेदार का मुंह ताकता रह गया। थोड़ी हिम्मत जुटा कर धीरे से बोला— बड़ी मशक्कत के बाद इसे काबू में करके हुजूर के सामने पेश किया था और आपने, वह… अटका और 

जीव-जन्तुओं की अनोखी दुनिया

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on जीव-जन्तुओं की अनोखी दुनिया
– योगेश कुमार गोयल शिकार के पीछे  नहीं भागता ‘रेसर’ सांप रेसर जाति के अन्य सांपों की ही भांति यूं तो लाल पूंछ वाले रेसर सांप की गिनती तेजी से रेंगने वाले सांपों में ही की जाती है किन्तु फिर भी यह शिकार के पीछे कभी-कभार ही भागता है। अमूमन होता यही है कि जब इसे भूख लगती है तो यह अपनी जीभ को बाहर निकालकर लपलपाता है, जिससे इसे छिपकली या छोटे स्तनपायी प्राणियों की गंध सूंघने 

क्वेश्चन क्लब नयनतारा दीदी के जवाब

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on क्वेश्चन क्लब नयनतारा दीदी के जवाब
सी होर्स क्या है? ”दीदी, यह सी होर्स क्या है?” ”मछली है, लेकिन ऐसे संकेत कम ही हैं जो इसे मछली बनाते हैं। इसका सिर पोनी की तरह ही होता है। स्केल्स की बजाय सी होर्स का शरीर सख्त प्लेट्स और कांटेदार स्पाइक्स से ढका होता है और उसकी दुम सांप की तरह होती है।” ”फिर तो इसकी हरकतें भी मछली जैसी नहीं होती होंगी?” ”हां, यह आमतौर से अपनी दुम को पानी में सी-वीड पर लपेट लेता है ताकि बहाव 

विज्ञान के झरोखे से

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on विज्ञान के झरोखे से
-घमंडीलाल अग्रवाल बच्चो, विज्ञान से संबंधित कुछ रोचक प्रश्नोत्तर नीचे दिए जा रहे हैं जो तुम्हारे ज्ञान में वृद्धि करने में सहायक सिद्ध होंगे। मोबाइल फोन त्वचा संबंधी रोग क्यों उत्पन्न करते हैं? — मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल करने वाले लोगों की त्वचा में खुजली से संबंधित शिकायतें उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल फोन का प्रयोग करने वालों के चेहरे और 

गुस्से को ऐसे करें नियंत्रित

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on गुस्से को ऐसे करें नियंत्रित
अगर आपको लगता है कि आप अपने गुस्से को नियंत्रित करने में असमर्थ हो रहे हैं तो नीचे दिए गए कुछ बिंदुओं को आजमाकर देखें। इन्हें आजमाकर आप न सिर्फ अपने गुस्से को नियंत्रित कर सकेंगे बल्कि आपके व्यक्तित्व में भी सुधर होंगे। गुस्से में खर्च होने वाली अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाएं। व्यायाम इसका सबसे अच्छा जरिया है। रोज एक सीमित समयावधि के नियम से व्यायाम करें, ऐसा करके आपका 

गुस्से से भी भरी है नई पीढ़ी

Posted On March - 28 - 2010 Comments Off on गुस्से से भी भरी है नई पीढ़ी
मल्टी नेशनल कंपनी में अच्छी पोस्ट पर कार्यरत नमन के पास जीवन की लगभग हर खुशी है। रहने के लिए एक अच्छा घर, पढ़ी-लिखी, समझदार बीवी व पांच साल का प्यारा-सा बेटा। आर्थिक रूप से काफी मजबूत नमन ऑफिस में भी अच्छा परफोर्मेंस देता है। लेकिन उसकी एक आदत से घर और ऑफिस में उसके सहयोगी सभी परेशान रहते हैं। नमन स्वंय ही अपनी इस आदत से काफी परेशान है। यह आदत है छोटी-छोटी बातों पर अकसर नमन को गुस्सा 

बाल कविताएं

Posted On March - 24 - 2010 Comments Off on बाल कविताएं
अप्रैल फूल अप्रैल फूल के दिन, बंदर के आया मन में। गधे को बनाता हूं फूल, वही मूर्ख है वन में। गधे को दिया न्यौता, कहा, ‘आज घर आना। दावत दे रहा हूं सबको, पकवान बने हैं ना ना।’ सुनकर गधा गदगद हुआ, मुंह से टपकी लार। पहना कोट, बांधी टाई, खूब किया शिंगार। तय समय पर पहुंच गया, वह बंदर के घर। देखा जब सिर चकराया, ताला था द्वार पर। शर्मसार सा हुआ गधा, मुंह में बुदबुदाया। ‘आज तो है अप्रैल फूल, बंदर 

‘सिरसा जिला में लगेंगे 40 करोड़ की लागत से दो ‘वाटर ट्रीटमेंट प्लांट’

Posted On March - 22 - 2010 Comments Off on ‘सिरसा जिला में लगेंगे 40 करोड़ की लागत से दो ‘वाटर ट्रीटमेंट प्लांट’
गांव केलनियां में 60 लाख की लागत से खेल स्टेडियम की घोषणा सिरसा, 21 मार्च (निस)। सिरसा शहर से 5 किलोमीटर दूर केलनियां गांव में 25 करोड़ रुपए की लागत से जर्मन तकनीक पर आधारित ‘वाटर ट्रीटमैंट प्लांट’ लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त शहर के निकटवर्ती गांव बेगू में भी 15 करोड़ रुपए की लागत से एक अन्य ‘वाटर ट्रीटमैंट प्लांट’ की स्थापना की जाएगी। इन दोनों प्लांटों की राज्य सरकार द्वारा स्वीकृति 
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