प्रवासी पक्षियों की नैसर्गिक यात्राएं !    सर्दी की गर्मागर्म सौगातें !    खाते-खाते दें सीख !    अनोखा जन्मदिन !    कल करे सो आज कर !    थोड़ा-सा बचपना कर लें !    बदतर नर्सिंग होने पर बहाना नहीं चलेगा !    सफाई से दिल का रिश्ता !    वर्तमान डगर और कर्म निरंतर !    व्रत-पर्व !    

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खास खबर
प्रवासी पक्षियों की नैसर्गिक यात्राएं

प्रवासी पक्षियों की नैसर्गिक यात्राएं

रमेश चन्द्र त्रिपाठी अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी से दूर कुछ दिन कहीं प्रवास पर जाकर सुकून के दिन बिताना किसे अच्छा नहीं लगता? बदलाव की यह नैसर्गिक आकांक्षा सिर्फ इनसानों में ही नहीं अपितु पक्षियों में भी पाई जाती है। तेज बारिश एवं कड़ी धूप में भी हजारों मील का सफर ...

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सर्दी की गर्मागर्म सौगातें

सर्दी की गर्मागर्म सौगातें

दीप्ति अंगरीश सर्दियों में गर्मागर्म खाने का ही नहीं गर्म तासीर वाले खाने के भी बहुत फायदे हैं। इससे शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है और रोग पास नहीं फटकते। घीया का हलवा सामग्री : 250 ताजा घीया, एक चम्मच घी, पाव चम्मच इलायची पाउडर, पाव कप नारियल बुरादा, पाव कप मेवे की कतरन, ...

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खाते-खाते दें सीख

खाते-खाते दें सीख

सुभाष चंद्र क्या कर रहो हो बेटा? इस तरह से खाना नहीं खाते। पूरी कोशिश करो कि खाना खाते समय मुंह से आवाज नहीं के बराबर हो। ये गुड मैनर्स नहीं है। ठीक है मम्मी। आगे से ध्यान रखूंगा। संभव है मां-बेटा के बीच ऐसी बातचीत आपने भी सुनी हो। आपके घर ...

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अनोखा जन्मदिन

अनोखा जन्मदिन

गोविंद भारद्वाज सघन वन में इस साल कड़ाके की सर्दी पड़ रही थी। किंग लायन अपने परिवार के साथ शाही गुफा में बड़े मजे से रह रहा था। उसके बड़े बेटे यानी कि सघन वन के युवराज लोनी का जन्मदिन भी आने वाला था। ऐसी ठंड को देखते हुए किंग लायन ...

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कल करे सो आज कर

कल करे सो आज कर

देवेन्द्रराज सुथार पिछले साल डाक विभाग ने अखिल भारतीय पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया था। प्रतियोगिता के लिए पत्र भेजने की अंतिम तिथि एक महीने बाद की थी। सो, मैंने प्रतियोगिता के विज्ञापन की कतरन किताब के पन्नों के बीच में डालते हुए सोचा कि बाद में पत्र लिख दूंगा, ...

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थोड़ा-सा बचपना कर लें

थोड़ा-सा बचपना कर लें

शिल्पा जैन सुराणा हंसता, खिलखिलाता, मुस्कुराता बचपन, कितना प्यारा लगता है। जब भी किसी बच्चे को खुलकर मुस्कुराते देखते हैं तो चेहरे पर अनायास ही एक मुस्कान आ जाती है और दिल में एक ख्याल भी, हम भी अगर बच्चे होते। तो क्यों नही थोड़ा बचपना भी कर लिया जाए, माना ...

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बदतर नर्सिंग होने पर बहाना नहीं चलेगा

बदतर नर्सिंग होने पर बहाना नहीं चलेगा

पुष्पा गिरिमाजी मुकम्मल नर्सिंग सेवा उपलब्ध नहीं कराने के लिए क्या मैं एक अस्पताल को जिम्मेदार ठहरा सकता हूं। कैंसर पीड़ित मेरी पत्नी इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती थी। खराब नर्सिंग देखभाल के चलते उनमें कई और जटिलताएं आ गईं और अंतत: उनकी मौत हो गई। मेरी शिकायत के ...

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  • विवाह से पहले यादगार लम्हे
     Posted On December - 8 - 2019
    शादी-ब्याह की जो राह रस्मों-रीतियों से होकर गुज़रती थी, उसमें कॉकटेल, मेहंदी नाइट, बैचलर पार्टियों के बाद प्री-वेडिंग शूट्स भी....
  • सफाई से दिल का रिश्ता
     Posted On December - 8 - 2019
    इन दिनों टेंशन,डिप्रेशन व एंग्जायटी जैसी मानसिक बीमारियां हर कोई को परेशान कर रही हैं। हम अक्सर झुंझलाहट, तनाव और....
  • बदतर नर्सिंग होने पर बहाना नहीं चलेगा
     Posted On December - 8 - 2019
    मुकम्मल नर्सिंग सेवा उपलब्ध नहीं कराने के लिए क्या मैं एक अस्पताल को जिम्मेदार ठहरा सकता हूं। कैंसर पीड़ित मेरी....
  • खाते-खाते दें सीख
     Posted On December - 8 - 2019
    क्या कर रहो हो बेटा? इस तरह से खाना नहीं खाते। पूरी कोशिश करो कि खाना खाते समय मुंह से....

आत्मज्ञान की डगर

Posted On November - 17 - 2019 Comments Off on आत्मज्ञान की डगर
आत्मज्ञान कहीं बाहर बैठा हुआ नहीं है, जिसे जाकर पाया जा सके। भगवान कृष्ण कहते हैं– ‘चित्त की समता ही योग है।’ हमें हर वस्तु में दिव्य चेतना दिखनी चाहिये, तभी हम पूर्णता पा सकेंगे। हमें हर वस्तु में अच्छाई ही देखनी चाहिये। एक मधुमक्खी, फूल में केवल रस पर केंद्रित होती है और उसकी मिठास का आनंद लेती है। जो सदा हर वस्तु का ....

झूठ से कर लें तौबा

Posted On November - 17 - 2019 Comments Off on झूठ से कर लें तौबा
बचपन से यही सुनता आया हूं कि झूठ बोलना पाप है। शिष्टाचार की बुनियादी बातों में यह बात बहुत मायने रखती है कि बचपन से ही सच बोलने की आदत बच्चों में डालनी चाहिये। घर में हो या स्कूल में, हर जगह सच ही कहा जाये। लेकिन, जैसे-जैसे हाथों में मोबाइल की संख्या बढ़ती गई है, लोग झूठ भी बोलने लगे हैं। रहते कहीं हैं ....

इस समोसे में आलू नहीं

Posted On November - 17 - 2019 Comments Off on इस समोसे में आलू नहीं
जब तक रहेगा समोसे में आलू। यह गाना समोसे और आलू के संबंध को इस तरह पेश करता है जैसे समोसे और आलू को अलग किया ही नहीं जा सकता। और यह काफी हद तक सही भी है क्योंकि परंपरागत समोसा बिना आलू के अधूरा है। लेकिन स्वाद के मुरीदों की तो बात ही कुछ और है। वे ऐसे-ऐसे प्रयोग करते हैं कि कहने ही ....

पुस्तकों से करें प्रेम

Posted On November - 17 - 2019 Comments Off on पुस्तकों से करें प्रेम
बाल कविता पुस्तकें हैं वरदान। सर्वोत्तम मित्र यही, अकेला ना रहे इनसान।। हर प्रकार का ज्ञान छिपा, हर अक्षर हैं इनके मोती। इनको जिसने अपना लिया, रहे ना उसकी किस्मत सोती।। भाषा ज्ञान का भेद नहीं, सब देशों में मिल जाए। किसी को एक ही पुस्तक, प्रसिद्धि शिखर पर पहुंचाए।। विभिन्न रूपों में मिलती है, विषय भी हैं इनके अपार। कीमत महत्वहीन हो जाए, जब अपना ले इन्हें संसार।। निरक्षर को साक्षर कर दें, अज्ञानी 

बिना पानी के स्प्रे से नहाएंगे अंतरिक्ष यात्री

Posted On November - 17 - 2019 Comments Off on बिना पानी के स्प्रे से नहाएंगे अंतरिक्ष यात्री
नहाने का नाम सुनते ही पानी से भीगा हुआ शरीर हमारी कल्पना में आता है लेकिन एक अंतरिक्ष यात्री के लिए नहाना इतना आसान नहीं होता। अंतरिक्ष में यात्रियों को स्पेस शटल में कम से कम सामान ले जाना हाेता है। जहां नहाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं होता। न नहाने पर शरीर पर कई तरह के कीटाणु पैदा हो जाते हैं। ....

मास्टर जी की मुस्कान

Posted On November - 17 - 2019 Comments Off on मास्टर जी की मुस्कान
5 साल की उम्र में मुझे स्कूल भेजा गया था। बचपन में बीमार रहता था तो दादा-दादी बहुत लाड से रखते थे। उन्हें मुझे स्कूल भेजने की कोई जल्दी नहीं थी, उनके मुताबिक मैं अभी 2-4 साल बाद भी स्कूल जा सकता था। ऐसे में पिताजी की भूमिका बहुत जागरूक नागरिक की थी। वे अपने घर के सारे बच्चों के साथ -साथ पड़ोसियों के बच्चों ....

अविस्मरणीय सबक

Posted On November - 17 - 2019 Comments Off on अविस्मरणीय सबक
संसार में आने वाला प्रत्येक प्राणी अनगढ़ पत्थर की भांति होता है, जिसे एक शिल्पी तराशकर सुंदर मूर्ति में बदल सकता है। वह शिल्पकार माता-पिता व शिक्षक के रूप में समाज में विद्यमान होते हैं जो बालक को संवार कर खूबसूरत व्यक्तित्व प्रदान करते हैं। कभी-कभी उनकी कही कोई बात इतनी प्रभावी हो जाती है और स्वतः चारित्रिक गुणों का विकास करने में सक्षम हो ....

बापू की सीख

Posted On November - 17 - 2019 Comments Off on बापू की सीख
'विदित, ये क्या किया तुमने फिर से बाथरूम का नल खुला छोड़ दिया?' मम्मी ने विदित को गुस्से से कहा। 'वो भूल गया था।' विदित ने लापरवाही से कहा तो मम्मी को और गुस्सा आ गया। ....

मेमोरी न छीन ले मोबाइल

Posted On November - 17 - 2019 Comments Off on मेमोरी न छीन ले मोबाइल
कुछ दिन पहले मैं ट्रेन से सफर कर रही थी। अपने सामान को व्यवस्थित करने के बाद जब मैंने अपने कोच में चारों तरफ नजर दौड़ायी तो हर इनसान मोबाइल में व्यस्त दिखा। सबसे ज्यादा अचरज मुझे तब हुआ जब मैंने करीब दो साल की बच्ची को मोबाइल हाथों में पकड़े और उसमें राइम्स देखते हुए पाया। ....

इतना भी न बचाएं कि सुकून से जी न पाएं

Posted On November - 17 - 2019 Comments Off on इतना भी न बचाएं कि सुकून से जी न पाएं
कहीं आपको भी तो ज़रूरत से ज्यादा बचाने की आदत नहीं पड़ गई है? अगर आप में हैं ऐसी कुछ आदतें, तो अभी बदल दीजिए। ....

फोन में गुम हम-तुम

Posted On November - 17 - 2019 Comments Off on फोन में गुम हम-तुम
दृश्य एक : कुशल कुमार शाम को ऑफिस से घर पहुंचे। तीन साल के अपने बच्चे का कोई रिस्पॉंस न देखकर खिन्न हो गये। कुछ दिन पहले तक ऑफिस से आते ही कुशल का बेटा पापा के कंधे पर झूलने लगता था। फिर उतरकर नटखट शरारतें करने लगता था। कभी ठुमक-ठुमक कर चलता और कभी पापा के लिए रखे पानी को खुद पी जाता। उसकी ....

दुनिया के बेहतरीन म्यूजि़यम

Posted On November - 10 - 2019 Comments Off on दुनिया के बेहतरीन म्यूजि़यम
शिखर चंद जैन म्यूजियम हमें बीते ज़माने की कला, संस्कृति, इतिहास और विज्ञान की तरक्की के बारे में काफी कुछ बताते हैं। म्यूजियम की सैर सिर्फ मनोरंजन के लिहाज से नहीं बल्कि शिक्षा की दृष्टि से भी फायदेमंद होती है। लेकिन मुश्किल यह है कि म्यूजियम हर शहर में तो होते नहीं, इसलिए अक्सर बच्चों को इनमें जाने का अवसर बहुत कम मिल पाता है। जो बच्चे महानगरों में रहते हैं, वे भी अपने शहर का ही 

पार्टी दे रहे हैं तो रहें सजग

Posted On November - 10 - 2019 Comments Off on पार्टी दे रहे हैं तो रहें सजग
आज का सामाजिक वातावरण ऐसा है कि किसी भी खुशी के अवसर पर पार्टी का आयोजन आवश्यक-सा हो गया है। बच्चे या बड़े, किसी का भी जन्मदिन हो, बच्चे का जन्म हो या फिर शादी की सालगिरह अथवा अन्य कोई सुअवसर, सभी अवसरों पर हम अपने मित्रों, पड़ोसियों तथा रिश्तेदारों को एकत्रित अवश्य करते हैं। ....

चाय के साथ लें कुछ पौष्टिक

Posted On November - 10 - 2019 Comments Off on चाय के साथ लें कुछ पौष्टिक
शाम की चाय के साथ अक्सर हम कुछ खाने को ढूंढते हैं। अगर वो हेल्दी और स्वादिष्ट दोनों हों तो बात ही बन जाती है। आज हम आपको बताएंगे मुरमुरे से बने व्यंजनों के बारे में जो खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होते हैं और जल्दी से बन भी जाते हैं। ....

आत्मविश्वास की जीत

Posted On November - 10 - 2019 Comments Off on आत्मविश्वास की जीत
स्कूल में बाल दिवस की तैयारी चल रही थी। सभी बच्चे बड़े खुश थे। सभी अपनी-अपनी तैयारियों में लगे हुए थे। बाल दिवस पर प्रत्येक वर्ष विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं होती थीं। जैसे कुर्सी दौड़, लेमन रेस, जलेबी दौड़ आदि। इस बार स्कूल में बाल दिवस पर भाषण प्रतियोगिता भी थी। भाषण प्रतियोगिता के लिए बहुत कम नाम आये थे। ....

बुरी संगत से बचना 

Posted On November - 10 - 2019 Comments Off on बुरी संगत से बचना 
जीवन में कई मर्तबा नासमझी में ऐसी छोटी-छोटी घटनायें घट जाती हैं जो बड़ी सीख भी दे जाती हैं। ऐसी ही छोटी-सी घटना व सीख ने मेरे जीवन को डगमगाने से पहले ही संभाल लिया जो आज भी मेरे स्मरण में है। ....
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