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खास खबर
जब खाने में नखरे करे छोटू

जब खाने में नखरे करे छोटू

शिखर चंद जैन अक्सर नन्हे बच्चों की मम्मियां उनके खानपान की आदतों और नखरों से परेशान रहती हैं। 1 से 3 साल तक के बच्चों को खाना खिलाना वाकई बड़ी मेहनत का काम है। अगर आप ज़रा सी सूझबूझ से काम लें और एक्सपर्ट की सलाह पर अमल करें तो आपकी ...

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सच्ची दोस्त हैं किताबें

सच्ची दोस्त हैं किताबें

काजल कपूर कभी मेरी गिनती पढ़ाखू लड़की के तौर पर होती थी। भागमभाग, खेलकूद और प्रतिस्पर्धा से अलहदा भी मेरी एक दुनिया थी। वह दुनिया थी किताबों में रचबस जाने की। हालांकि यह वह दौर था जब हमारे घर में या हाथों में मोबाइल की जगह नहीं थी। तब घर में ...

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फ्री गिफ्ट आपका विशेषाधिकार, उन्हें मांगें

फ्री गिफ्ट आपका विशेषाधिकार, उन्हें मांगें

पुष्पा गिरिमाजी किराने की जिस बड़ी दुकान में हर महीने मैं जाती हूं, उसकी आदत प्रसाधन आदि वस्तुओं के साथ मिलने वाले मुफ्त उत्पाद को नहीं देने की है। उदाहरण के लिए पिछले महीने जब मैं घर लौटी और मैंने अपनी पैकिंग खोली तो मैंने पाया कि उसने उस लिप बाम ...

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कम नहीं किताबों के कद्रदान

कम नहीं किताबों के कद्रदान

अभिषेक कुमार सिंह किताब संग डेट पर चलेंगे? यह सवाल थोड़ा अजीब है पर पुस्तक मेलों से लेकर जयपुर, भोपाल, पटना, कोलकाता, लखनऊ, चंडीगढ़ से लेकर हरिद्वार तक में आयोजित होने वाले लिट-फेस्ट पर नज़र डालें तो लगता है कि किताब के साथ डेट करने के इच्छुक लोगों की संख्या बढ़ती ...

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साझे आसमान में संग-संग उड़ान

साझे आसमान में संग-संग उड़ान

मोनिका शर्मा रिश्तों के रंग बेहद खूबसूरत होते हैं। अनचाही उलझनें ही इसके रंग फीके करती हैं। चाहे मायके-ससुराल के रिलेशन हों या हमारे दोस्त और सहकर्मी। सभी एक स्नेह और सहयोग की अनदेखी डोर से बंधे होते हैं। समझ और सामंजस्य की यह डोर उम्रभर साथ चलती है। स्नेह की डोर ...

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बाल कविता

बाल कविता

उड़ायें पतंग मूंगफली का बीता मौसम घेवर-फीणी का फूला दम जाती सर्दी पौष बड़ों का लुत्फ़ उठायें, झूमें हम-तुम दिन में गर्मी, सर्द रात है ये फागुन की है शुरुआत सर्दी, गर्मी फिर हो बारिश हर मौसम में नई बात है सूरज दक्षिण की ओर चलेगा देरी से अब शाम ढलेगी कुछ दिन की है धूप सुहानी फिर सबको ताप खलेगा पेच ...

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दुर्घटनाएं रोकती नयी टेक्नोलॉजी

दुर्घटनाएं रोकती नयी टेक्नोलॉजी

जानकारी कुमार गौरव अजीतेन्दु ऑटो सेक्टर हमेशा से सुरक्षा को महत्वपूर्ण मानता रहा है और दुनिया की कई कंपनियां इसी बात को ध्यान में रखकर काम कर रही हैं। जर्मनी की इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की बहुराष्ट्रीय कंपनी बॉश के इंजीनियर्स का कहना है कि 2022 तक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) से लैस ...

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दिनों में न सिमटे देवी पूजन

Posted On September - 29 - 2019 Comments Off on दिनों में न सिमटे देवी पूजन
हिंदू संस्कृति में मातृ स्थान प्रथम है। सनातन आदि काल से नवरात्र पूजा चली आ रही है। पितृपक्ष की समाप्ति के दूसरे ही दिन कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा की आराधना प्रारंभ हो जाती है। यूं तो हम कन्या को मां दुर्गा का स्वरूप मानते हैं, पर जिस मां की आराधना करने के लिए हम मंदिरों और शक्तिपीठों में घंटों भक्ति भाव से ....

बड़ा हनुमान मंदिर, यहां बच्चे बनते हैं लंगूर

Posted On September - 29 - 2019 Comments Off on बड़ा हनुमान मंदिर, यहां बच्चे बनते हैं लंगूर
अमृतसर में दुर्ग्याणा मंदिर के साथ ही बड़ा हनुमान मंदिर है। इस मंदिर परिसर में बरगद का एक पेड़ है। कहा जाता है कि लव-कुश ने हनुमान जी को पकड़ कर इसी पेड़ में बांध दिया था। मान्यता है कि यह पेड़ और यहां प्रतिष्ठित स्वयंभू हनुमान की प्रतिमा उसी समय से है। इसी मान्यता के चलते अाश्विन नवरात्र में यहां लंगूर मेला लगता है। ....

सप्तऋषियों का तप स्थान सतकुंभा तीर्थ

Posted On September - 22 - 2019 Comments Off on सप्तऋषियों का तप स्थान सतकुंभा तीर्थ
सोनीपत जिले के गन्नौर कस्बे के साथ लगते गांव मियाना खेड़ी गुज्जर स्थित सतकुंभा तीर्थ का महत्व आदिकाल से है। राजा चकवा बैन मान्धाता की राजधानी रहे इस इलाके का इतिहास जितना रोचक है, इसकी धार्मिक मान्यता उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि हजारों साल पुराने इस तीर्थ स्थल पर सप्तऋषियों ने न केवल तपस्या की थी, बल्कि इसका निर्माण और नामकरण भी ....

चेहरे की पहचान से होगी पेमेंट

Posted On September - 22 - 2019 Comments Off on चेहरे की पहचान से होगी पेमेंट
इन दिनों भारत में डिजिटल पेमेंट पर खूब ज़ोर दिया जा रहा है। इसके लिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है। फोनपे, मोवी क्विक, पेटीएम जैसे कई एप डिजिटल पेमेंट के लिए मौजूद हैं, लेकिन चीन इस मामले में एक कदम और आगे निकल रहा है। वहां, कैश और कार्ड पेमेंट तो छोड़िए, स्मार्टफोन और डिजिटल वॉलेट से पेमेंट का तरीका भी पुराना साबित ....

वाहेगुरु  हर सिख के मन में बसा भट्ट कवि का बोला शब्द

Posted On September - 22 - 2019 Comments Off on वाहेगुरु  हर सिख के मन में बसा भट्ट कवि का बोला शब्द
पूरा सिख जगत आज ‘वाहेगुरु’ का नाम लेकर अरदास करता है। लेकिन, जिस भट्ट कवि ने ‘वाहेगुरु’ शब्द सिख जगत की झोली में डाला, उसे भुला-सा दिया गया है। इस भट्ट कवि का नाम था गयंद। उनके अलावा 10 अन्य भट्ट कवियों की बाणी पांचवें गुरु श्री अर्जन देव जी ने 1604 ईस्वी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल की थी। ....

लाजवाब स्वाद के लिये सलाद

Posted On September - 22 - 2019 Comments Off on लाजवाब स्वाद के लिये सलाद
मॉनसून के बाद खान-पान में बदलाव कर रहे हैं तो सलाद को खासतौर से अपने खाने में शामिल करें। इसमें बहुत सारे ताज़ा फल, पत्तेदार सब्जि़यां और ड्राईफ्रूटस डालकर खाने का ज़ायका बढ़ा सकते हैं। यहां कुछ रेसिपीज़ हम आपको बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप अपने डिनर में शामिल कर सकते हैं। ....

व्रत-पर्व

Posted On September - 22 - 2019 Comments Off on व्रत-पर्व
22 सितंबर- जीवित्पुत्रिका व्रत, अष्टमी का श्राद्ध 23 सितंबर- सौभाग्यवतीनां श्राद्ध, नवमी का श्राद्ध, मातृ-नवमी, शक आश्िवन प्रारंभ, दक्षिण गोल प्रारंभ 24 सितंबर- दशमी का श्राद्ध 25 सितंबर- इंदिरा एकादशी व्रत, एकादशी व द्वादशी का श्राद्ध, संन्यासीनां श्राद्ध 26 सितंबर- प्रदोष व्रत, त्रयोदशी का श्राद्ध, मघा त्रयोदशी 27 सितंबर- शस्त्र-विष-दुर्घटनादि से मृतों 

बाल कविता

Posted On September - 22 - 2019 Comments Off on बाल कविता
हम पंछी हम पंछी हैं नील गगन के निकले हैं ऊंची उड़ा़न पर। पंख पसारे मिलकर सारे वार करते हैं तूफान पर। राह खुली है, खुली मंजिलें थक के नहीं होते चूर हम। खुली हवा में उड़ते मिल के लेते आनंद भरपूर हम। पेड़ों पर बने घर हमारे घास फूस के बड़े सलौने। डाल-डाल के पत्ते-पत्ते बन जाते हैं सभी बिछौने। बंधे नहीं हम बंधनों में आजादी के परवाने हैं। दाना-पानी चुनने वाले हम मनमौजी दीवाने हैं। रहा है 

गोद भराई की रस्म में भावनाओं का रखें ख्याल

Posted On September - 22 - 2019 Comments Off on गोद भराई की रस्म में भावनाओं का रखें ख्याल
गोद भराई की रस्म से तो आप सब परिचित होंगे। आप जानते हैं कि गोद भराई के लिए भी कुछ नियम होते हैं। शायद आप चौंक गए होंगे। शिष्टाचार में बात करते हैं गोद भराई के दौरान घर में आने वालों के साथ कैसा हो व्यवहार। ....

खुद को पहचाना तो रब को जाना

Posted On September - 22 - 2019 Comments Off on खुद को पहचाना तो रब को जाना
एक छोटी-सी कहानी कहता हूं। एक राजधानी में एक संध्या बहुत स्वागत की तैयारियां हो रही थीं। सारा नगर दीयों से सजाया गया था। देश का सम्राट खुद गांव के बाहर एक संन्यासी की प्रतीक्षा में खड़ा था। जो संन्यासी आने को था, वह सम्राट के बचपन के मित्रों में से था। उस संन्यासी के यश की खबरें दूर-दूर के राष्ट्रों तक पहुंच गई थीं। ....

हिंदी के अहसास

Posted On September - 22 - 2019 Comments Off on हिंदी के अहसास
नीरज को गांव से शहर आये अभी एक हफ्ता ही हुआ था। वह अपने चाचा जी के यहां कुछ दिन रहने के लिए आया था। उसका घर शहर से 300 कि.मी. दूर था। वह गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ता था। हिंदी मीडियम का छात्र था। उसकी हिंदी बहुत अच्छी थी। शहर में उसके दो चचेरे भाई थे। जो शहर के बड़े अंग्रेजी स्कूल ....

क्याें न दिखें हम सुंदर

Posted On September - 22 - 2019 Comments Off on क्याें न दिखें हम सुंदर
अक्सर सवाल उठाया जाता है कि आखिर सुंदरता का उद्देश्य क्या है? क्या इससे हम दूसरों को अपनी ओर खींचना चाहते हैं या फिर यह हमारे अच्छे स्वास्थ्य की निशानी है। फिर यह सुंदरता कैसी होनी चाहिए-शारीरिक या बौद्धिक? इस बारे में कहा जाता है कि बौद्धिक सुंदरता तो अर्जित की जा सकती है लेकिन शारीरिक सुंदरता कुदरत की देन है। इसे हासिल नहीं किया ....

पहली शिक्षक मां

Posted On September - 22 - 2019 Comments Off on पहली शिक्षक मां
आज इतने वर्षों बाद भी कभी स्कूल के समय को याद करता हूं तो मुझे स्कूल का पहला दिन अक्सर याद आता है। मां बताती है कि जब मेरे बड़े भैया विजय स्कूल के लिए तैयार होते थे और स्कूल जाते थे तब मैं प्रतिदिन भैया के साथ स्कूल जाने के लिए रोया करता था और कहता था कि मैं भी भाली के साथ स्कूल ....

नेह के नाते को दें मजबूती

Posted On September - 22 - 2019 Comments Off on नेह के नाते को दें मजबूती
भाई-बहन का रिश्ता बहुत नाजुक है। नेह का है, मोह का है और जन्म का बंधन है। यह रिश्ता सदा नि:स्वार्थ और मज़बूत बना रहे इसके लिये बच्चों को एक-दूसरे के प्रति जि़म्मेदारी का अहसास कराना ज़रूरी है। यह जिम्मेदारी माता-पिता की ही होती है। बचपन से उनके मन में यह भाव जगह बना ले कि उनके एक -दूजे के प्रति क्या दायित्व हैं? बच्चों ....

टीनएज में चिड़चिड़ापन

Posted On September - 22 - 2019 Comments Off on टीनएज में चिड़चिड़ापन
किशोरावस्था यानी टीनएज में बेटियों के मन में कई जिज्ञासाएं होती हैं। उस समय पेरेंट्स को उसके साथ बैठकर उसके सवालों के तार्किक रूप से जवाब देने चाहिए। सवालों को हवा में न उड़ाकर उनके मन में चल रही हलचल को शांत करने का काम करें। ....

पौधरोपण के संस्कार

Posted On September - 22 - 2019 Comments Off on पौधरोपण के संस्कार
बचपन की कुछ यादें ऐसी हैं जो हमेशा याद रहती हैं और हमें कुछ न कुछ जरूर सिखा जाती हैं। आज भी मुझे याद है जब मेरा दाखिला पापा ने यू-केजी के बाद गांव के सरकारी स्कूल में करवा दिया था। मेरे लिए वहां सब कुछ नया था। जैसे-तैसे मेरा पहला दिन स्कूल में निकल गया। दूसरे दिन मैंने देखा कि एक घंटी खाली थी ....
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