व्रत-पर्व !    जब ढूंढ़ना हो आशियाना !    ब्रह्मा के यज्ञ का साक्षी ब्रह्मसरोवर !    विवाह से पहले यादगार लम्हे !    1100 नंबर पर शिकायत का हुआ उलटा असर! !    चैनल चर्चा !    सुकून और सेहत का संगम !    गुमनाम हुए जो गायक !    फ्लैशबैक !    'एवरेज' कहकर रकुल को किया रिजेक्ट! !    

लहरें › ›

खास खबर
विवाह से पहले यादगार लम्हे

विवाह से पहले यादगार लम्हे

अलका कौशिक शादी-ब्याह की जो राह रस्मों-रीतियों से होकर गुज़रती थी, उसमें कॉकटेल, मेहंदी नाइट, बैचलर पार्टियों के बाद प्री-वेडिंग शूट्स भी जुड़ चुका है। नये दौर के कपल्स अपने विवाह को सिर्फ रस्म-अदायगी की तरह नहीं देखते बल्कि उसमें रोमांच और रोचकता की ऐसी चाशनी भी घोलते हैं कि परंपराओं ...

Read More

बाल कविता

बाल कविता

छुट्टी खुशियां लाये रविवार की छुट्टी आज, देर तक सोते रहेंगे। मम्मी न खींचेगी रजाई, पापा न कुछ कहेंगे। टेबल से उठाकर अखबार, खोल कर प्यारा पन्ना। सर्वप्रथम बाल कहानी, पढ़ने की होती तमन्ना। याद रही जो सीख पढ़ेंगे, और स्कूल में पहला दिन। बाल कविता भी अच्छी लगती, रहते न पढ़े बिन। मम्मी बनाये गाजर का हलवा, भीनी-भीनी खुश्बू आये। मुंह में आ ...

Read More

खाना खाएं लेकिन सलीका भी सीखें

खाना खाएं लेकिन सलीका भी सीखें

योगेश कुमार खाना खाने के दौरान किया जाने वाला व्यवहार भी शिष्टाचार का अहम हिस्सा हैं। अब बच्चे हों या बड़े, अगर इन मैनर्स का ध्यान नहीं रखते हैं तो घर आए मेहमानों के सामने और अगर कहीं बाहर खाना खाने जा रहे हैं तो वहां भी दूसरों के समक्ष शर्मिन्दगी ...

Read More

मूंगफली खाइए, रोग भगाइए

मूंगफली खाइए, रोग भगाइए

कृष्णलता यादव मूंगफली को अक्सर ‘गरीबों का बादाम’ कहा जाता है, कारण-यह विटामिन, प्रोटीन से भरपूर, वसा व ऊर्जा का अच्छा स्रोत है वहीं बालों की चमक बढ़ाने, रक्त संचार ठीक रखने, त्वचा की नमी बरकरार रखने और स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक है। गर्म तासीर के कारण इसका प्रयोग सर्दी ...

Read More

लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग से जलवायु को ख़तरा

लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग से जलवायु को ख़तरा

कुमार गौरव अजीतेन्दु वीडियो स्ट्रीमिंग का ट्रेंड लोगों में बढ़ता जा रहा है। ओरिजनल और नए प्रकार का कंटेंट होने के कारण इन्हें काफी पसंद किया जा रहा है। इन प्लेटफॉर्म द्वारा अपना कंटेंट किसी के साथ शेयर न करने के कारण इनकी डिमांड बनी रहती है लेकिन हाल ही में ...

Read More

आत्मरक्षा

आत्मरक्षा

स्वाति गुप्ता ‘मां, मैं तो डांस क्लब ही ज्वॉइन करूंगी’, मिनी ने जिद करते हुए कहा। मिनी छठी कक्षा की छात्रा थी। उसके स्कूल में सारे क्लब बने हुए थे, जिसे बच्चे अपने शौक के हिसाब से ज्वॉइन कर सकते थे। आज मिनी की क्लास टीचर ने सभी बच्चों को क्लब के ...

Read More

सहारा बनो

सहारा बनो

मधु गोयल हम पांचों के ग्रुप में रोहन बहुत शैतान था। वह अपने साथ-साथ बाकी बच्चों को वही करने को कहता, जो वह चाहता। अगर कोई बच्चा नहीं मानता तो उससे झगड़ा करता। कभी किसी के घर की लाइटें तोड़ देना, भागते हुए के टांग अड़ा देना और कभी-कभी किसी बच्चे ...

Read More


दोस्ती में समझदारी भी ज़रूरी

Posted On September - 15 - 2019 Comments Off on दोस्ती में समझदारी भी ज़रूरी
राजेश का स्वभाव दूसरों से घुलने-मिलने वाला था। उसकी इस आदत के कारण बचपन से ही उसके कई दोस्त बन गए थे। वही दोस्त स्कूल से लेकर कॉलेज की पढ़ाई करने तक उसके साथ रहे। राजेश का सोचना था कि दोस्त वही है जो हर वक्त उसके साथ बैठे, पार्टी करे और साथ घूमने चले। इसी आदत के कारण राजेश अपने दोस्तों को हर रोज ....

सहयोगियों की कार्यक्षमता को समझें

Posted On September - 15 - 2019 Comments Off on सहयोगियों की कार्यक्षमता को समझें
हमारे ऑफिस में काम करने वाले लोग बहुत खुश रहते थे। किसी को बॉस से कोई शिकायत नहीं थी, सिवाए तनख्वाह कम होने के। काम का माहौल बहुत अच्छा था। सभी लोग अपने वर्क प्रोफाइल से भी खुश थे। जिस बिल्डिंग में हमारा ऑफिस था, उसमें और भी कई ऑफिस थे। हमारा अपने आसपास के ऑफिस के लोगों से अच्छा परिचय था। अक्सर लोग हैरान ....

आज का एकलव्य

Posted On September - 15 - 2019 Comments Off on आज का एकलव्य
मास्टर श्याम दसवीं कक्षा में गणित पढ़ा रहे थे। पढ़ाते-पढ़ाते उनका ध्यान खिड़की की ओर गया। उनको लगा कि कोई बाहर की तरफ खड़ा है। उन्होंने खिड़की से झांक कर देखा तो वहां कोई नज़र नहीं आया। अगले दिन जब उन्होंने पढ़ाना शुरू किया तो उनको लगा कि फिर कोई खिड़की के बाहर खड़ा है। उन्होंने तुरंत खिड़की के बाहर झांका तो एक लड़का दीवार ....

सुडोकू से बढ़ाएं बच्चों की एकाग्रता

Posted On September - 15 - 2019 Comments Off on सुडोकू से बढ़ाएं बच्चों की एकाग्रता
कई शोधों के नतीजे बताते हैं कि मस्तिष्क को नई, चुनौतीपूर्ण एवं उद्दीपन गतिविधियों से कुरेदते रहने पर वह ‘शार्प’ होता है। इसलिए व्यक्ति को सुडोकू, काकुरो, निनटेंडो, मोनोपोली, जिगसॉ जैसी पजल्स के साथ-साथ वर्ग पहेली या क्रॉस वर्ड्स भी हल करनी चाहिए। मुंबई के न्यूरोसर्जन डॉ. मिलिन्द वैद्य संख्याओं वाले ब्रेन गेम (जैसे सुडोकू) खेलने की राय देते हैं। ....

विद्यालय जाने की खुशी

Posted On September - 15 - 2019 Comments Off on विद्यालय जाने की खुशी
4 साल की थी मैं तब, मेरे माता-पिता ने मुझे स्कूल में दाखिल करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। हर दिन घर पर लिखने और पढ़ने का अभ्यास करवाया जाता। इसके अलावा एक छोटा सा ब्लैक बोर्ड, स्लेट और कलर पेंसिल के साथ कुछ कलर बुक्स भी मुझे लाकर दी जाती थी। माता-पिता चाहते थे कि किसी तरह अच्छे स्कूल में बेटी का दाखिला ....

तंग नज़रिये की फूहड़ता

Posted On September - 15 - 2019 Comments Off on तंग नज़रिये की फूहड़ता
बीते कुछ सालों में सिनेमाई दुनिया और इसकी भाषा काफी बदली है। दर्शकों का टेस्ट भी इसके साथ काफी बदला है। अब फिल्मों में फूहड़पन, द्विअर्थी संवाद और अश्लीलता की भरमार नज़र आती है , और सेंसर बोर्ड कई कट लगाने के बावजूद उस पर लगाम नहीं लगा पाता। दूसरा सिचुएशनल कॉमेडी या एडल्ट रोमांटिक कॉमेडी से भरी इन फिल्मों में नारी के ....

इनसान से एक कदम आगे टेक्नोलॉजी

Posted On September - 15 - 2019 Comments Off on इनसान से एक कदम आगे टेक्नोलॉजी
कैपजेमिनी रिसर्च इंस्टीट्यूट के ताजा सर्वे में खुलासा हुआ है कि ग्राहक इनसानों से ज्यादा चैटबॉट की सहायता लेना पसंद कर रहे हैं। खासतौर पर तब जब वे कोई प्रोडक्ट खरीदने के लिए रिसर्च कर रहे हों, नई सर्विस के बारे में समझना चाहते हों या प्रोडक्ट खरीदने के बाद कस्टमर केयर सर्विस की मदद लेना चाहते हों। ....

महिलाएं भी कर सकती हैं श्राद्ध!

Posted On September - 15 - 2019 Comments Off on महिलाएं भी कर सकती हैं श्राद्ध!
पितरों की सद‍्गति के लिए अकसर पुरुष ही श्राद्ध करते हैं। लेकिन, विशेष परिस्थितियों में महिलाएं भी श्राद्ध कर सकती हैं। गरुड़ पुराण समेत कई ग्रंथों में इसका उल्लेख है। गरुड़ पुराण के अनुसार पति, पिता या कुल में कोई पुरुष सदस्य नहीं होने पर या उसके होने पर भी यदि वह श्राद्ध कर्म कर पाने की स्थिति में नहीं हो, तो महिला श्राद्ध कर ....

आध्यात्मिक यात्रा में सहायक मुद्राएं

Posted On September - 15 - 2019 Comments Off on आध्यात्मिक यात्रा में सहायक मुद्राएं
सत्संग, ध्यान, कीर्तन, सद्साहित्य का अध्ययन, चिंतन-मनन तो आध्यात्मिक यात्रा में सहायक हैं ही, मुद्राएं भी बहुत उपयोगी हैं। अन्य चीज़ों के लिए तो खास तरह के वातावरण या अलग-से समय की आवश्यकता होती है, लेकिन कई मुद्राएं आप कहीं भी, कभी भी आजमा सकते हैं। इनमें समय भी कम लगता है। ....

उपवास के लिए साबूदाना व्यंजन

Posted On September - 15 - 2019 Comments Off on उपवास के लिए साबूदाना व्यंजन
मोती-से चमकीले दानों वाला साबूदाना विभिन्न रूपों में सेवन किया जाता है। फलाहार श्रेणी का होने के कारण इसका सर्वाधिक उपयोग व्रत-उपवास के समय किया जाता है। कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत, ऊर्जादायक, थकान हरने , शरीर के तापमान व रक्तचाप को नियंत्रित रखने आदि विशेषताओं के कारण यह रसोईघर में अपनी उपस्थिति निरन्तर बनाए रखता है। ....

परोपकार को याद रखना भी ईश्वर का संदेश

Posted On September - 15 - 2019 Comments Off on परोपकार को याद रखना भी ईश्वर का संदेश
इस दुनिया में लेना-देना, लाभ-हानि, उतार-चढ़ाव चलते रहते हैं। सभी को कभी न कभी किसी से मदद लेनी पड़ सकती है। लेकिन, अहसान को जल्द से जल्द और बराबर मात्रा में लौटाना महत्वपूर्ण है। भगवान कृष्ण हमें इन उदाहरणों में दिखाते हैं... ....

हिंदी मन को भाये

Posted On September - 15 - 2019 Comments Off on हिंदी मन को भाये
बाल कविता अंग्रेजी विदेशी भाषा, मुझको रास ना आये। गणित के गुणा-भाग से, सिर मेरा चकराए। इतिहास सदा हमसे, गड़े मुर्दे उखड़वाये। विज्ञान निज प्रयोगों से, मेरे भेजे को खाये। संस्कृत है वैदिक भाषा, जननी हिंदी की कहलाये। हिंदी हमारी मातृभाषा, हिंदी मन को भाये। भूप सिंह ‘भारती’  

खुद भी शिष्टाचार अपनाएं

Posted On September - 15 - 2019 Comments Off on खुद भी शिष्टाचार अपनाएं
आज हम बात करेंगे अपने प्रति शिष्टाचार की। सभ्य व्यवहार समाज के लिए ही नहीं, अपने लिए भी ज़रूरी है। खुद के व्यक्तित्व का विकास देखते हैं वह क्या-क्या है। ....

कैसे खिलाएं बच्चों को सब्जि़यां

Posted On September - 8 - 2019 Comments Off on कैसे खिलाएं बच्चों को सब्जि़यां
हरी सब्जियों को देखते ही बच्चे नाक-भौं सिकोड़ने लगते हैं। अधिकतर मांओं की यही समस्या होती है कि बच्चे सब्जि़यों को देखते ही खाना खाने से कतराने लगते हैं। तो ऐसा क्या करें कि वे सब्जि़यां खाने लग जाएं। ....

डिजिटल युग में हिंदी

Posted On September - 8 - 2019 Comments Off on डिजिटल युग में हिंदी
सचमुच, ये हिंदी के अच्छे दिन हैं। लाल किले की प्राचीर से लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ तक। नि:संदेह राजाश्रय में इसका विस्तार हुआ है। मगर सही मायनों में तकनीक की ताल पर हिंदी ने अपनी सधी चाल चल दी है। वह आज इतराती हुई चली है। नयी पीढ़ी के साथ कदमताल करते हुए। ....

मां के अनमोल शब्द

Posted On September - 8 - 2019 Comments Off on मां के अनमोल शब्द
स्कूल का पहला दिन हर व्यक्ति के लिए बेहद खास होता है। मेरा भी स्कूल का पहला दिन मेरे लिए यादगार है। स्कूल जाने से पहले मेरी मां ने मेरे लिए प्लास्टिक के थैले का बहुत सुंदर स्कूल बैग तैयार किया। मैं बहुत खुश था क्योंकि घर वाले कह रहे थे कि कल तुम्हारा दाखिला करवा दिया जाएगा। मुझे ये मालूम नहीं था कि दाखिला ....
Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.