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खास खबर
घर आ जा परदेसी...

घर आ जा परदेसी...

विवेक शर्मा उत्तर प्रदेश से अलग होकर ‘अपना उत्तराखंड’ का नारा बुलंद करने वाले यहां के लोगों को विकास के नाम पर विस्थापन मिला है। पर्यावरण और क्षेत्रीय लोगों की चिंता किनारे रखकर चल रहीं विद्युत परियोजनाओं ने हजारों लोगों को विस्थापित कर दिया है और हजारों एकड़ खेती योग्य भूमि ...

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सांसों पर काला साया

सांसों पर काला साया

अभिषेक कुमार सिंह सर्दियों की आहट के साथ उत्तर भारत में जहरीली धुंध लौट आई है। दिल्ली-एनसीआर में तो हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के पैमाने पर इस इलाके के शहरों (दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम) में हवा की सेहत सबसे खराब आंकड़े यानी 500 ...

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प्याज का राज

प्याज का राज

50000 टन प्याज का बफर स्टाक था सरकार के पास। उसमें से 15000 टन का इस्तेमाल वह कर चुकी है 35000 टन का स्टाक अभी और है सरकार के पास। इसका इस्तेमाल करके प्याज के भाव कम किये जा सकते हैं आलोक पुराणिक जून 2019 में प्याज के रिटेल भाव दिल्ली में ...

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  • घर आ जा परदेसी…
     Posted On November - 11 - 2019
    उत्तर प्रदेश से अलग होकर ‘अपना उत्तराखंड’ का नारा बुलंद करने वाले यहां के लोगों को विकास के नाम पर....
  • सांसों पर काला साया
     Posted On November - 4 - 2019
    सर्दियों की आहट के साथ उत्तर भारत में जहरीली धुंध लौट आई है। दिल्ली-एनसीआर में तो हालात सबसे ज्यादा खराब....
  • प्याज का राज
     Posted On September - 30 - 2019
    जून 2019 में प्याज के रिटेल भाव दिल्ली में 26 रुपये किलो थे, जो सितंबर 2019 में बढ़कर 60 रुपये....
  • फिर सोनिया गांधी
     Posted On August - 12 - 2019
    कांग्रेस को फिर सोनिया गांधी की शरण लेनी पड़ी है। राहुल गांधी के ‘रणछोड़ जी’ बनने के बाद संकट में....

व्रत-पर्व

Posted On March - 11 - 2019 Comments Off on व्रत-पर्व
11 मार्च- याज्ञवल्क्य जयंती। 12 मार्च- गोरूपिणी षष्ठी (बंगाल)। 13 मार्च- कामदा सप्तमी व्रत, कल्याण सप्तमी। 14 मार्च- होलाष्टक प्रारंभ, चैत्र संक्रान्ति (15 मुहूर्ति), अन्नपूर्णा अष्टमी, लक्ष्मी-सीताष्टमी 16 मार्च- लट‍्ठमार होली (नंद गांव)। 17 मार्च- आमलकी एकादशी व्रत, काशी विश्वनाथ शृंगार दिवस। -सत्यव्रत बेंजवाल  

चलना सूर्य का भी कठिन है

Posted On March - 11 - 2019 Comments Off on चलना सूर्य का भी कठिन है
सूर्य न केवल सौरमंडल के मध्य में है, बल्कि पृथ्वी पर जीवन का केंद्र भी है। हमें गर्मी और प्रकाश उसी से मिलता है। हमारे महाकाव्यों के अनुसार, सूर्यदेव प्रतिदिन सात घोड़ों के रथ पर सवार होते हैं। ये घोड़े सप्ताह के 7 दिनों और इंद्रधनुष के 7 रंगों की ओर संकेत करते हैं। ....

राहु-केतु ने बदला घर, सभी राशियों पर असर

Posted On March - 11 - 2019 Comments Off on राहु-केतु ने बदला घर, सभी राशियों पर असर
राहु और केतु ग्रह ने राशि बदल ली है। गत 7 मार्च को राहु ने मिथुन और केतु ने धनु राशि में प्रवेश किया है। ये दोनों ग्रह इन राशियों में 19 सितंबर 2020 तक रहेंगे। राहु का राशि परिवर्तन न केवल व्यक्ति विशेष के लिए, बल्कि राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डालेगा। ....

जरूरत भर हो संग्रह पूरा डूबें खुद में

Posted On March - 11 - 2019 Comments Off on जरूरत भर हो संग्रह पूरा डूबें खुद में
समाज में यह धारणा प्रबल होती जा रही है कि बिना बाहरी संपदा के जीवन अधूरा-सा है और इसे अर्जित करके ही प्रतिष्ठित हुआ जा सकता है। यह सोच अंततः एक अंतहीन दौड़ साबित होती है, क्योंकि धन की भूख कभी मिटती नहीं। संतों ने बार-बार इस ओर आगाह किया है कि तृष्णा का कोई अंत नहीं है। ....

बदलनी होगी सोच

Posted On March - 8 - 2019 Comments Off on बदलनी होगी सोच
महिलाओं को सशक्त करना राजनीतिक एजेंडे में शामिल तो हुआ है, लेकिन अभी पितृसत्तात्मक सोच बदली नहीं है। इस सोच के चलते इसका व्यापक असर अभी दिखना बाकी है। संसद में ही 33 प्रतिशत आरक्षण पर 22 साल से कुछ नहीं हो सका है। कोई भी दिवस मनाने का अपना एक महत्व होता है। यह इतिहास को याद करने और पीछे मुड़कर संघर्ष यात्रा को गर्व से देखने का दिन होता है, लेकिन दिक्कत यह है कि इसका भी बाजारीकरण हो गया है। महिलाओं 

मुखर हुई महिलाएं

Posted On March - 8 - 2019 Comments Off on मुखर हुई महिलाएं
महिलाओं के प्रति हिंसा के कई कारण हैं। एक तो महिलाएं मुखर हुई हैं, भली औरत के तमगे से खुद को आज़ाद किया और बुरी औरत कहलाने का साहस जुटा लिया। उसने सामाजिक निंदा और आरोपों की परवाह करना बंद कर दिया। उसने अपने को पहचाना, उसके भीतर अपनी पहचान की छटपटाहट आई और उसने चुनौतियां स्वीकार कीं। अपने दम पर आगे बढ़ीं। उन्होंने रूढ़ियों ....

अपनी गरिमा पहचानें

Posted On March - 8 - 2019 Comments Off on अपनी गरिमा पहचानें
पिछले साल विश्व महिला दिवस 100 वर्ष पूरे कर चुका है, लेकिन भारत में आज भी इसकी प्रासंगिकता विचारणीय है। सशक्तीकरण का सही अर्थ है कि स्त्री अपने पक्ष में अपने फैसले ले सके। इसमें सबसे महत्वपूर्ण है अपनी देह के पक्ष में अपनी सहमति और विरोध जाहिर कर सके। यह गौरतलब है कि घर से बाहर तक औरत के वजूद को महज़ एक देह ....

… पर नहीं बढ़ी गांव की भागीदारी

Posted On March - 8 - 2019 Comments Off on … पर नहीं बढ़ी गांव की भागीदारी
आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। जितनी आजादी उन्हें आज है, वैसी पहले नहीं थी। वर्तमान समय में महिलाओं की स्थिति में काफी बदलाव आए हैं, लेकिन ये बदलाव शहरी क्षेत्रों में ही दिखते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन बदलावों की गूंज सुनाई नहीं देती। कितने ही महिला दिवस आए और चले गये, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं इससे बेखबर आज भी पितृसत्तात्मक सोच ....

नयी दिशा में नारी

Posted On March - 8 - 2019 Comments Off on नयी दिशा में नारी
गरिमा यात्रा भारत जैसे देश की सामाजिक-सांस्कृतिक और राजनीतिक परिस्थितियों में कई अर्थों में अभूतपूर्व है। पहली बार इतने व्यापक स्तर पर एक गैर-राजनीतिक आयोजन हुआ। दूसरी बात, 'मी टू' अभियान को पुरुषत्ववादी अहंकार से ग्रस्त लोग एक शिक्षित, खाते-पीते, मध्यम वर्ग तक सीमित बता रहे थे। उनका कहना था कि आम लोगों से इसका कोई ताल्लुक नहीं है। ऐसा कहने वालों का मानना था ....

जीवन प्रबंधन है शिव ज्ञान

Posted On March - 4 - 2019 Comments Off on जीवन प्रबंधन है शिव ज्ञान
शिव यानी कल्याण स्वरूप। शम्भू यानी आनंद स्वरूप वाले। शंकर यानी सबका कल्याण करने वाले। शशिशेखर यानी चंद्रमा धारण करने वाले। नीलकंठ यानी नीले कंठ वाले। त्रिलोकेश अर्थात तीनों लोकों के स्वामी। ऐसे ही 108 नामों से शिव को जाना जाता है। शिव के नाम अनेक। शिव के रूप अनेक। हर नाम और हर रूप का अर्थ अलग। कभी क्रोधित शिव। कभी शांत शिव। कभी ....

धर्म वाक्य

Posted On March - 4 - 2019 Comments Off on धर्म वाक्य
अत्यन्तकोप: कटुका च वाणी दरिद्रता च स्वजनेषु वैरम‍्। नीचप्रसङ्ग कुलहीनसेवा चिह्नानि देहे नरकस्थितानाम‍्।। अति क्रोध, कटु वचन, दरिद्रता, आत्मीय जनों से वैर, नीचों का संग और नीच की सेवा- ये नरक में रहने वालों के लक्षण हैं। गुणैरुत्तमतां याति नौच्चैरासनसंस्थित:। प्रासादशिखरस्थोऽपि काक: किं गरुडायते।। प्राणी गुणों से उत्तम होता है, ऊंचे आसन पर बैठकर नहीं, 

घंटेश्वर महादेव मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु बांधते थे घंटियां

Posted On March - 4 - 2019 Comments Off on घंटेश्वर महादेव मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु बांधते थे घंटियां
लगभग 500 साल प्राचीन रेवाड़ी का घंटेश्वर महादेव मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। कभी एक बावड़ी में स्थित छोटा-सा यह मंदिर आज विशाल रूप ले चुका है। शहर के बिलकुल बीच में बने इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु इसके परिसर में एक घंटी बांध जाते थे। नतीजा यह हुआ कि मंदिर परिसर में ....

चांदी का शिवलिंग बढ़ाता है धन-धान्य

Posted On March - 4 - 2019 Comments Off on चांदी का शिवलिंग बढ़ाता है धन-धान्य
महाशिवरात्रि के दिन व्रत रख कर रात को भगवान शिव की विधिवत आराधना करना कल्याणकारी माना जाता है। रात्रि जागरण में शिव की चार पहर की पूजा व आरती का विधान आवश्यक माना गया है। इस अवसर पर शिव पुराण का पाठ करना व सुनना भी कल्याणकारी बताया गया है। इसके अगले दिन ब्राह्मणों और शारीरिक रूप से असमर्थ लोगों को मिठाई व भोजन देने ....

विधानसभा की रौनक

Posted On March - 1 - 2019 Comments Off on विधानसभा की रौनक
महेन्द्रगढ़ वाले पंडितजी अकेले ऐसे नेता हैं, जो विधानसभा में रौनक लगाए रखते हैं। पक्ष और विपक्ष में कितना भी टकराव क्यों न हो, पंडितजी में ऐसी कला है कि वे उसे तुरंत हंसी-मजाक में बदल देते हैं। विपक्ष की हर बात का तोड़ रखने वाले दादा अकेले ही पूरे विपक्ष से निपट लेते हैं। बजट सत्र में भी कई बार ऐसे मौके आए जब ....

सीआईए और सऊदी अरब ने पाला था हाफिज को

Posted On March - 1 - 2019 Comments Off on सीआईए और सऊदी अरब ने पाला था हाफिज को
पाकिस्तान के तानाशाह जनरल जियाउल हक ने सबसे पहले हाफिज सईद के अंदर की आग को पहचाना था। उस समय हाफिज सईद लाहौर के यूनिवर्सिटी आॅफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाॅजी में इस्लामिक स्टडीज का प्रोफेसर था। 1980 के दशक में हाफिज सईद को सऊदी अरब इस्लामिक शिक्षा के लिए भेजा गया, जहां उसकी मुलाकात मुफ्ती शेख अब्दुल अजीज बिन बाज और फिलस्तीनी स्काॅलर अब्दुल्ला उज्जम से ....

आतंक का आका पाकिस्तान

Posted On March - 1 - 2019 Comments Off on आतंक का आका पाकिस्तान
इमरान खान को सबूत चाहिए कि मसूद अजहर के संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में आत्मघाती हमला कराया है। दुनियाभर में उनके इस बयान को मूर्खतापूर्ण करार दिया जा रहा है। इस कांड के कुछ घंटे बाद ही जैश-ए-मोहम्मद के प्रवक्ता मुहम्मद हसन ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। फिर भी इमरान सबूत मांग रहे हैं। ‘सबूत दीजिए और बातचीत कीजिए‘, ये पाक प्रधानमंत्री के शिगूफे ....
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