षष्ठम‍्-कात्यायनी !    इस बार गायब है आमों की मलिका ‘नूरजहां’ !    हालात से चिंतित जर्मन राज्य के वित्त मंत्री ने की आत्महत्या !    भारतीय मूल के लोग आये आगे !    दिल्ली से पैदल मुरैना जा रहे व्यक्ति की आगरा में मौत !    राज्यों और जिलों की सीमाएं सील !    लॉकडाउन से बिजली की मांग में भारी कमी !    अजिंक्य रहाणे ने 10 लाख रुपये किये दान !    दान का सिलसिला जारी, पीएम ने राष्ट्रपति का किया धन्यवाद !    ईरान से लाये 275 लोगों को जोधपुर में रखा गया अलग !    

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खास खबर
साथ छोड़ते हाथ

साथ छोड़ते हाथ

हरीश लखेड़ा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी रहे पूर्व ग्वालियर रियासत के ‘महाराज’ ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के साथ ही मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार की विदाई हो गई है। अब लगभग 15 महीने बाद फिर से वहां भाजपा का कमल खिल रहा है। कमलनाथ ...

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यस, बस?

यस, बस?

आलोक पुराणिक सरकार ने यस बैंक के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही बैंक पर लगी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की रोक 18 मार्च को हट जाएगी। आरबीआई ने 5 मार्च से यस बैंक को मोर्टेरियम या अधिस्थगन में रखा था। मूल घोषणा में यह अधिस्थगन 3 ...

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वायरस से जंग

वायरस से जंग

अमलेंदु भूषण खां पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कहर से दहशत में है। अकेले चीन में तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पूरी दुनिया में अबतक एक लाख से अधिक लोगों को इसका संक्रमण हैं। भारत में अब तक 39 लोग इसकी चपेट में आ चुके ...

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सुपर माॅम

सुपर माॅम

दुनिया का कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है, जहां महिलाओं ने अपनी सफलता का लोहा न मनवाया हो। फिर चाहे वह बिजनेस हो, सेना या फिर खेल का मैदान। महिला खिलाड़ियों के लिए शादी और बच्चों के बाद खेल में वापसी करना कठिन होता हैै, लेकिन उससे भी मुश्किल होता है ...

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दुनिया में घूमा कृष्णा और सीमा का चक्का

दुनिया में घूमा कृष्णा और सीमा का चक्का

हरियाणा के अग्रोहा में जन्मी और राजस्थान में ब्याही एक और मातृशक्ित हैं कृष्णा पूनिया, जिन्होंने अनेक बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का भाल ऊंचा किया। वस्तुत: उन्होंने तो अपनी अधिकांश उपलब्धियां शादी के बाद ही हासिल की हैं, इसलिए वह कुछ विशेष हैं और उन खिलाड़ियों के लिए टाॅनिक ...

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पीजी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं

पीजी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं

नवीन पांचाल पेइंग गेस्ट (पीजी) यानी सुविधाओं के बदले भुगतान करके रहने वाला मेहमान। होटल और गेस्ट हाउस की तुलना में कम खर्चीला, लेकिन इनके बराबर की सुविधाएं देने वाले पीजी कंसेप्ट को मेट्रोपोलिटिन शहरों ने हाथों हाथ अपनाया है। इनका चलन इतना अधिक बढ़ा है कि गांव हो या शहर ...

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रेवाड़ी : लकड़ी, फाइबर शीट से कमरों का पार्टिशन

रेवाड़ी : लकड़ी, फाइबर शीट से कमरों का पार्टिशन

तरुण जैन रिहायशी आबादी व औद्योगिक विकास के चलते रेवाड़ी जिला नयी पहचान बना चुका है। यहां रोजगार के अवसर बढ़े हैं। ऐसे मंे देशभर के लोग यहां के उद्योगों में काम करते हैं। उन्हें रहने के लिए मकानों की जरूरत होती है। इस कमी को पूरा करने के लिए ...

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  • साथ छोड़ते हाथ
     Posted On March - 23 - 2020
    ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी रहे पूर्व ग्वालियर रियासत के ‘महाराज’ ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल....
  • यस, बस?
     Posted On March - 16 - 2020
    सरकार ने यस बैंक के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही बैंक पर लगी भारतीय रिजर्व....
  • वायरस से जंग
     Posted On March - 9 - 2020
    पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कहर से दहशत में है। अकेले चीन में तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत....
  • सुपर माॅम
     Posted On March - 8 - 2020
    दुनिया का कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है, जहां महिलाओं ने अपनी सफलता का लोहा न मनवाया हो। फिर चाहे वह....

अंतिम तिथि

Posted On March - 24 - 2010 Comments Off on अंतिम तिथि
अशोक सिंह पाठ्यक्रम : एमए (हिंदी नाट्यकला एवं फिल्म अध्ययन, जनसंचार बौद्ध अध्ययन, मानव विज्ञान, समाज कार्य , हिंदी अनुवाद), मास्टर आफ इंफार्मेटिक्स एंड लैंग्वेज इंजीनियरिंग, एम फिल, पीएचडी। संस्थान : महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा। विशेष : एमफिल/ पीएचडी में दाखिले यूजीसी के नियमों के अनुसार। प्रॉस्पैक्टस : संस्थान की वेबसाइट www.hindivishwa. 

कल्पनाशीलता व अभिव्यक्ति से छुएं आकाश को

Posted On March - 24 - 2010 Comments Off on कल्पनाशीलता व अभिव्यक्ति से छुएं आकाश को
करिअर विज्ञापन अनिल कुमार छोटी-सी सुई से लेकर हवाई जहाज तक, नमक से लेकर डिब्बाबंद खाद्य सामग्री तक यहां तक कि मनुष्य के पीने के पानी तक को खरीदने के लिए विज्ञापनों का ही सहारा लिया जा रहा है। आर्थिक उदारीकरण के माहौल में भारतीय बाजार में तथा विदेशी बाजार में कोई भी राष्ट्रीय या बहुराष्ट्रीय कंपनी अपनी सामग्रियों की खपत हेतु अपने बजट का बहुत ही बड़ा हिस्सा विज्ञापनों पर खर्च कर 

क्यों जाएं हम स्कूल?

Posted On March - 24 - 2010 Comments Off on क्यों जाएं हम स्कूल?
डा. रामप्रताप गुप्ता अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर शर्मिंदगी की स्थिति से मुक्ति पाने के लिए भारत ने जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व बैंक की सहायता से सन् 2002 में सर्वशिक्षा अभियान प्रारंभ किया ताकि देश के हर बच्चे को पाठशाला में प्रवेश दिलाया जा सके। पिछले 8 वर्ष से चलाये जा रहे इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के 6 वर्ष की आयु के 95 प्रतिशत बच्चों को पाठशाला में प्रवेश 

ताकि आएं खूब अंक

Posted On March - 17 - 2010 Comments Off on ताकि आएं खूब अंक
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परीक्षा से पूर्व परीक्षा की रिहर्सल

Posted On March - 17 - 2010 Comments Off on परीक्षा से पूर्व परीक्षा की रिहर्सल
-राज कुमार ‘दिनकर’ दरअसल परीक्षाओं के दिनों में न बहुत ज्यादा पढऩा चाहिए न ही बिल्कुल कम। सवाल उठता है आखिर परीक्षाओं के दिनों में कितना पढ़ें? कभी भी चालीस या पैंतालीस मिनट से ज्यादा नहीं पढऩा चाहिए, क्योंकि किसी भी इनसान की एकाग्रता क्षमता पैंतीस से चालीस मिनट से ज्यादा नहीं होती। इसलिए चालीस मिनट पर एक ब्रेक लें। कमरे से बाहर आयें, फ्रेश हो लें और नए सिरे से पढऩे के लिए बैठें। पढ़ते 

हर कोई दीवाना इलेक्ट्रोनिक मीडिया का

Posted On March - 17 - 2010 Comments Off on हर कोई दीवाना इलेक्ट्रोनिक मीडिया का
करिअर अनिल कुमार सूचना क्रांति के इस दौर में इलेक्ट्रानिक मीडिया का व्यापक प्रसार हो रहा है। विभिन्न चैनल्स के विस्तार से दूरदर्शन केंद्र में रिक्तियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। वर्तमान में देश के अंदर दूरदर्शन के लगभग 560 केंद्र क्रियाशील हैं। विकास के अन्य आयामों के साथ दूरदर्शन प्रसारण केंद्रों में भी वृद्धि हुई है। इस क्षेत्र में उद्घोषक, समाचार वाचक, समाचार सम्पादक, 

पांच सवाल

Posted On March - 17 - 2010 Comments Off on पांच सवाल
1. मल्लिका साराभाई कौन है? 2. तमिल भाषा में रामायण की रचना किसने की? 3. ताजमहल का खाका किसने तैयार किया? 4. ‘मेपललीफ’ किस राष्ट्र का प्रतीक है? 5. खेल चैनल ईएसपीएन का पूरा नाम क्या है? सवालों के जवाब शिक्षा लोक के पिछले अंक में पूछे एक सवालों के जवाब इस प्रकार हैं : 1. जी.वी. मावलंकर 2. माखनलाल चतुर्वेदी 3. अंडमान निकोबार में 4. संस्कृत 5. सालिम अली को —प्रभारी  

आत्मविश्वास कराएगा परीक्षा में पास

Posted On March - 10 - 2010 Comments Off on आत्मविश्वास कराएगा परीक्षा में पास
सुरेन्द्र राणा शिक्षा-शास्त्री विलियम जेम्स का कथन है कि-‘परीक्षा के दौरान थोड़ा-सा आत्मविश्वास परीक्षा के पूर्व चिंतित होकर की गयी ढेरों तैयारी से  कहीं अच्छा परिणाम दे सकता है।’ परीक्षा में अच्छे एवं संतुलित प्रदर्शन के लिए विद्यार्थी में आत्मविश्वास का होना बहुत जरूरी है। यही एक ऐसा मौका होता है जब आपकी पूरे वर्ष की मेहनत का मूल्यांकन होता है। कभी-कभी देखा जाता है कि 

पौधों के साथ जिंदगी और रोजगार

Posted On March - 10 - 2010 Comments Off on पौधों के साथ जिंदगी और रोजगार
करिअर/प्लांट पैथालोजिस्ट कीर्ति शेखर पेड़-पौधे हमें भोजन के अलावा प्राणवायु यानी आक्सीजन भी देते हैं। आदिकाल से ही हम इनका उपभोग करते आए हैं। यह भी बिना कुछ  बोले चुपचाप सिर्फ हमें देते ही रहे हैं। लेकिन परोपकार में लगे रहने वाले पेड़-पौधे कभी-कभी बीमार भी हो जाते हैं। इनकी बीमारी का पता लगाना व इसका उचित इलाज करने के लिए विज्ञान की एक शाखा निर्धारित की गई है। इस शाखा को 

अंतिम तिथि

Posted On March - 10 - 2010 Comments Off on अंतिम तिथि
अशोक सिंह ०पाठ्यक्रम : एमएससी (जैव प्रौद्योगिकी), एमएससी (कृषि), एमवीएससी, एमटैक (जैव प्रौद्योगिकी)। संस्थान : संयुक्त जैव प्रौद्योगिकी प्रवेश परीक्षा, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली-110067. (वेबसाइट-www.jnu.ac.in) अवधि : दो-दो वर्ष प्रत्येक दाखिले : दिनांक 20 मई को आयोजित की जाने वाली चयन परीक्षा के आधार पर। प्रास्पेक्टस : ‘जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय’ 
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