बच्चों की जगह रोबोट भी जा सकेगा स्कूल !    क्रिसमस की टेस्टी डिशेज़ !    खुद से पहले दूसरों की सोचें !    आ गई समझ !    अवसाद के दौर को समझिये !    बच्चों को ये खेल भी सिखाएं !    नानाजी का इनाम !    निर्माण के दौरान नहीं उड़ा सकते धूल !    घर में सुख-समृद्धि की हरियाली !    सीता को मुंहदिखाई में मिला था कनक मंडप !    

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खास खबर
पाक में सत्ता के दांव-पेच

पाक में सत्ता के दांव-पेच

पुष्परंजन विश्लेषक तंज़िया कहते थे, ‘अल्लाह, आर्मी और अमेरिका की वजह से पाकिस्तान सांस ले रहा है।’ अभी जो हालात हैं, उसमें अमेरिका हाशिये पर है, उसकी जगह वहां की अदालत ने ले ली है। यानी अदालत, आर्मी और अल्लाह की कृपा से यह देश चल रहा है। जिन लोगों को ...

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राजग में दरार

राजग में दरार

हरीश लखेड़ा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ने वाली शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे अब कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री हैं। भाजपा-शिवसेना के अलगाव के साथ केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कुनबे में से एक महत्वपूर्ण सदस्य अलग हो ...

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कालापानी पर कूटनीति

कालापानी पर कूटनीति

केंद्र सरकार ने हाल ही में जम्मू, कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद औपचारिक रूप से देश का एक नक्शा जारी किया। इसमें कालापानी और लिपुलेख इलाक़ों को भारत के अंदर दिखाया गया है। इसे लेकर नेपाल भड़का हुआ है। उसका दावा है कि ये इलाके ...

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अंतरिक्ष में आफत

अंतरिक्ष में आफत

अभिषेक कुमार सिंह उम्मीद है कि इस साल की शुरुआत में मिशन शक्ति के तहत भारत ने पृथ्वी की निचली कक्षा में अपने जिस जीवित उपग्रह को अंतरिक्ष में सामरिक क्षमता हासिल करने के लिए देश में बनी एंटी-सैटेलाइट मिसाइल से मार गिराया था, उस सैटेलाइट का कचरा पृथ्वी के वायुमंडल ...

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घर आ जा परदेसी...

घर आ जा परदेसी...

विवेक शर्मा उत्तर प्रदेश से अलग होकर ‘अपना उत्तराखंड’ का नारा बुलंद करने वाले यहां के लोगों को विकास के नाम पर विस्थापन मिला है। पर्यावरण और क्षेत्रीय लोगों की चिंता किनारे रखकर चल रहीं विद्युत परियोजनाओं ने हजारों लोगों को विस्थापित कर दिया है और हजारों एकड़ खेती योग्य भूमि ...

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सांसों पर काला साया

सांसों पर काला साया

अभिषेक कुमार सिंह सर्दियों की आहट के साथ उत्तर भारत में जहरीली धुंध लौट आई है। दिल्ली-एनसीआर में तो हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के पैमाने पर इस इलाके के शहरों (दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम) में हवा की सेहत सबसे खराब आंकड़े यानी 500 ...

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सत्ता का महाभारत

सत्ता का महाभारत

राजकुमार सिंह वह घड़ी आ गयी, जिसका इंतजार था। नेताओं के दावे-वादे बहुत सुन लिये, अब मतदाताओं के फैसले की बारी है। हरियाणा के मतदाता आज नयी विधानसभा और भावी सरकार की बाबत फैसला करेंगे। बेशक जनादेश का खुलासा 24 अक्तूबर को मतगणना से हो पायेगा, लेकिन मतदाता पसंदीदा बटन दबाकर ...

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  • पाक में सत्ता के दांव-पेच
     Posted On December - 9 - 2019
    विश्लेषक तंज़िया कहते थे, ‘अल्लाह, आर्मी और अमेरिका की वजह से पाकिस्तान सांस ले रहा है।’ अभी जो हालात हैं,....
  • राजग में दरार
     Posted On December - 2 - 2019
    हाराष्ट्र विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ने वाली शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे अब कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी....
  • कालापानी पर कूटनीति
     Posted On November - 25 - 2019
    केपी शर्मा ओली की कुंडली में चैन से सोना नहीं लिखा है। उन्हें इस अग्नि परीक्षा से गुजरना है कि....
  • अंतरिक्ष में आफत
     Posted On November - 18 - 2019
    उम्मीद है कि इस साल की शुरुआत में मिशन शक्ति के तहत भारत ने पृथ्वी की निचली कक्षा में अपने....

अंतिम तिथि

Posted On April - 21 - 2010 Comments Off on अंतिम तिथि
अशोक सिंह पाठ्यक्रम : बीए, बीएससी, बीकॉम, बी फार्मा, बीजेसी, एलएलबीएमए, एमएससी, एमकॉम, एमबीए, एलएलएम, एमएड, एमजेसी, एम फार्मा, एमसीए आदि। संस्थान : डा. हरि सिंह गौड़ विश्वविद्यालय, सागर (म.प्र.) न्यूनतम शैक्षिक योग्यता : कम से कम 50′ अंकों सहित 10+2 अथवा ग्रेजुएट। आवेदन : ऑन लाइन आवेदन के लिए वेबसाइट www.dhsgu.ac.in देख सकते हैं। दाखिले : दिनांक 12 और 13 जून को आयोजित की जाने वाली चयन परीक्षा के आधार पर। अंतिम 

घर में भी बने स्कूल जैसा वातावरण

Posted On April - 21 - 2010 Comments Off on घर में भी बने स्कूल जैसा वातावरण
होशियार सिंह हर मां बाप की ख्वाहिश होती है कि उनका बच्चा अपनी कक्षा में बेहतर प्रदर्शन करे और वह लिख- पढ़कर एक बेहतर इनसान बन सके किन्तु इस प्रयास के लिए वे अकेले अपने बच्चे को ही दोषी मानते हैं और अगर वह कोई बेतहर प्रदर्शन नहीं कर पाता तो बच्चे को ही दोषी ठहराते हैं। हकीकत यह है कि इसके लिए अकेले बच्चे ही जिम्मेदार नहीं हैं अपितु उनके मां-बाप भी उतने ही जिम्मेदार होते हैं। कक्षा 

खूब कमाई का जरिया बागवानी

Posted On April - 21 - 2010 Comments Off on खूब कमाई का जरिया बागवानी
कीर्ति शेखर एक समय तक खेती- किसानी ज्यादातर गैर पढ़े-लिखों के कार्यक्षेत्र में आती थी लेकिन अब इसके विकास और होने वाले फायदों ने इसे व्यापारिक गतिविधियों का हिस्सा बना दिया है। कृषि और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों के व्यापार का हिस्सा बनने से व तकनीक का मिश्रण होने से इसमें पढ़ा-लिखा वर्ग भी रुचि लेने लगा है। इस रुचि ने ही कृषि को कई अलग-अलग वर्गों में विभाजित कर दिया है। कृषि 

ऑयल इंडस्ट्री

Posted On April - 14 - 2010 Comments Off on ऑयल इंडस्ट्री
राहें हुईं आसान कीर्ति शेखर विश्वभर में कुछ गिने-चुने उद्योग ही हैं जो दिन-दूनी और रात चौगुनी तरक्की कर रहे हैं। ऑयल एंड गैस इंडस्ट्री भी इन्हीं में से एक है। जिस तेजी से संपूर्ण विश्व में ऊर्जा की खपत और मांग बढ़ती जा रही है उससे इस क्षेत्र में करिअर बनाने वालों की राहें बेहद आसान नज र आ रही हैं। लगातार तरक्की करता जा रहा यह क्षेत्र किसी के भी भविष्य को उज्ज्वल बना सकता है। 

शैक्षणिक बदलावों से छात्र वर्ग को कितना फायदा?

Posted On April - 14 - 2010 Comments Off on शैक्षणिक बदलावों से छात्र वर्ग को कितना फायदा?
अतुल कुमार शर्मा केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में शिक्षा क्षेत्र में किये गये कुछेक परिवर्तनों की योजनाओं के निर्णय नि:संदेह काबिलेगौर हैं। मानव संसाधान  विकास मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन लाने हेतु व्यवस्था की गई है कि पूरे देश में वर्ष 2013 में ली जाने वाली इंजीनियरिंग व मेडिकल कोर्सों में दाखिले हेतु ‘राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा’  होगी। साथ 

विदेशी भाषा जानकारों का जगमगाता क्षेत्र

Posted On April - 7 - 2010 Comments Off on विदेशी भाषा जानकारों का जगमगाता क्षेत्र
सपना बाजपेयी मिश्रा अपनी मातृभाषा से तो हर कोई परिचित रहता है। इसे सीखने के  लिए थोड़े से भी अतिरिक्त प्रयास नहीं करने पड़ते। हमेशा से भाषा संबंधी ज्ञान रखने वालों की विशेष पूछ रही है और अगर यह ज्ञान एक से अधिक भाषाओं का हो तो व्यक्ति की शख्सियत में चार-चांद लग जाते हैं। एक समय तक बहुभाषी होने का अर्थ एक ही देश की अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान होना समझा जाता था लेकिन अब समय बदल चुका है। 

पेपर लैस कम्युनिकेशन

Posted On March - 31 - 2010 Comments Off on पेपर लैस कम्युनिकेशन
शैलेंद्र सिंह मद्रास यूनिवर्सिटी ने घोषणा की है कि 2010 के अंत तक उसके सभी कालेजों का आपसी पत्र व्यवहार और दूसरे संवाद पेपरलेस होंगे। यूनिवर्सिटी के कुलपति ने इस बात की घोषणा करते हुए कहा है कि इसमें न सिर्फ 3 से 4 करोड़ रुपये की बचत होगी बल्कि समय भी बहुत बचेगा। इसमें संवाद में तेजी आएगी और निर्णय लेने में आसानी व जल्दी होगी। पेपरलैस कम्युनिकेशन सुनने में भले हमें एक आम-सा 

पीसी की लैपटॉप से टक्कर

Posted On March - 31 - 2010 Comments Off on पीसी की लैपटॉप से टक्कर
विद्युत प्रकाश मौर्य लैपटॉप बाजार को चुनौती अब नोटबुक पीसी से मिल रही है। नोटबुक पीसी यानी लैपटॉप से भी छोटे आकार का कंप्यूटर। नोटबुक पीसी को लेकर चलना और भी आसान है। बाजार में 14 हजार से लेकर 32 हजार के बीच में नोटबुक पीसी आ गये हैं। कई कंपनियां नोटबुक पीसी उन लोगों को ध्यान में रखकर उतार रही हैं जो कंप्यूटर के शुरुआती यूजर हैं। यानी पहली बार कंप्यूटर यूज करने वाले। ऐसे लोग आमतौर 

कंप्यूटर अकाउंटेंसी

Posted On March - 31 - 2010 Comments Off on कंप्यूटर अकाउंटेंसी
नौकरी की पक्की गारंटी रवीन्द्र भारत के मध्यमवर्गीय और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों में ऐसे युवाओं की कोई कमी नहीं है, जिनकी पहली प्राथमिकता कोई न कोई नौकरी पाना होता है। ये युवा सिंपल ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट करने में अपना वक्त कतई बर्बाद नहीं करना चाहते हैं। इसके बजाय वह कोई ऐसा जॉब ओरिएंटेड कोर्स करना चाहते हैं, जिसे पूरा करने के बाद उन्हें एक सम्मानजनक नौकरी मिल जाए। 

अंतिम तिथि

Posted On March - 24 - 2010 Comments Off on अंतिम तिथि
अशोक सिंह पाठ्यक्रम : एमए (हिंदी नाट्यकला एवं फिल्म अध्ययन, जनसंचार बौद्ध अध्ययन, मानव विज्ञान, समाज कार्य , हिंदी अनुवाद), मास्टर आफ इंफार्मेटिक्स एंड लैंग्वेज इंजीनियरिंग, एम फिल, पीएचडी। संस्थान : महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा। विशेष : एमफिल/ पीएचडी में दाखिले यूजीसी के नियमों के अनुसार। प्रॉस्पैक्टस : संस्थान की वेबसाइट www.hindivishwa. 

कल्पनाशीलता व अभिव्यक्ति से छुएं आकाश को

Posted On March - 24 - 2010 Comments Off on कल्पनाशीलता व अभिव्यक्ति से छुएं आकाश को
करिअर विज्ञापन अनिल कुमार छोटी-सी सुई से लेकर हवाई जहाज तक, नमक से लेकर डिब्बाबंद खाद्य सामग्री तक यहां तक कि मनुष्य के पीने के पानी तक को खरीदने के लिए विज्ञापनों का ही सहारा लिया जा रहा है। आर्थिक उदारीकरण के माहौल में भारतीय बाजार में तथा विदेशी बाजार में कोई भी राष्ट्रीय या बहुराष्ट्रीय कंपनी अपनी सामग्रियों की खपत हेतु अपने बजट का बहुत ही बड़ा हिस्सा विज्ञापनों पर खर्च कर 

क्यों जाएं हम स्कूल?

Posted On March - 24 - 2010 Comments Off on क्यों जाएं हम स्कूल?
डा. रामप्रताप गुप्ता अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर शर्मिंदगी की स्थिति से मुक्ति पाने के लिए भारत ने जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व बैंक की सहायता से सन् 2002 में सर्वशिक्षा अभियान प्रारंभ किया ताकि देश के हर बच्चे को पाठशाला में प्रवेश दिलाया जा सके। पिछले 8 वर्ष से चलाये जा रहे इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के 6 वर्ष की आयु के 95 प्रतिशत बच्चों को पाठशाला में प्रवेश 

ताकि आएं खूब अंक

Posted On March - 17 - 2010 Comments Off on ताकि आएं खूब अंक
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परीक्षा से पूर्व परीक्षा की रिहर्सल

Posted On March - 17 - 2010 Comments Off on परीक्षा से पूर्व परीक्षा की रिहर्सल
-राज कुमार ‘दिनकर’ दरअसल परीक्षाओं के दिनों में न बहुत ज्यादा पढऩा चाहिए न ही बिल्कुल कम। सवाल उठता है आखिर परीक्षाओं के दिनों में कितना पढ़ें? कभी भी चालीस या पैंतालीस मिनट से ज्यादा नहीं पढऩा चाहिए, क्योंकि किसी भी इनसान की एकाग्रता क्षमता पैंतीस से चालीस मिनट से ज्यादा नहीं होती। इसलिए चालीस मिनट पर एक ब्रेक लें। कमरे से बाहर आयें, फ्रेश हो लें और नए सिरे से पढऩे के लिए बैठें। पढ़ते 

हर कोई दीवाना इलेक्ट्रोनिक मीडिया का

Posted On March - 17 - 2010 Comments Off on हर कोई दीवाना इलेक्ट्रोनिक मीडिया का
करिअर अनिल कुमार सूचना क्रांति के इस दौर में इलेक्ट्रानिक मीडिया का व्यापक प्रसार हो रहा है। विभिन्न चैनल्स के विस्तार से दूरदर्शन केंद्र में रिक्तियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। वर्तमान में देश के अंदर दूरदर्शन के लगभग 560 केंद्र क्रियाशील हैं। विकास के अन्य आयामों के साथ दूरदर्शन प्रसारण केंद्रों में भी वृद्धि हुई है। इस क्षेत्र में उद्घोषक, समाचार वाचक, समाचार सम्पादक, 

पांच सवाल

Posted On March - 17 - 2010 Comments Off on पांच सवाल
1. मल्लिका साराभाई कौन है? 2. तमिल भाषा में रामायण की रचना किसने की? 3. ताजमहल का खाका किसने तैयार किया? 4. ‘मेपललीफ’ किस राष्ट्र का प्रतीक है? 5. खेल चैनल ईएसपीएन का पूरा नाम क्या है? सवालों के जवाब शिक्षा लोक के पिछले अंक में पूछे एक सवालों के जवाब इस प्रकार हैं : 1. जी.वी. मावलंकर 2. माखनलाल चतुर्वेदी 3. अंडमान निकोबार में 4. संस्कृत 5. सालिम अली को —प्रभारी  
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