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खास खबर
घर आ जा परदेसी...

घर आ जा परदेसी...

विवेक शर्मा उत्तर प्रदेश से अलग होकर ‘अपना उत्तराखंड’ का नारा बुलंद करने वाले यहां के लोगों को विकास के नाम पर विस्थापन मिला है। पर्यावरण और क्षेत्रीय लोगों की चिंता किनारे रखकर चल रहीं विद्युत परियोजनाओं ने हजारों लोगों को विस्थापित कर दिया है और हजारों एकड़ खेती योग्य भूमि ...

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सांसों पर काला साया

सांसों पर काला साया

अभिषेक कुमार सिंह सर्दियों की आहट के साथ उत्तर भारत में जहरीली धुंध लौट आई है। दिल्ली-एनसीआर में तो हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के पैमाने पर इस इलाके के शहरों (दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम) में हवा की सेहत सबसे खराब आंकड़े यानी 500 ...

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सत्ता का महाभारत

सत्ता का महाभारत

राजकुमार सिंह वह घड़ी आ गयी, जिसका इंतजार था। नेताओं के दावे-वादे बहुत सुन लिये, अब मतदाताओं के फैसले की बारी है। हरियाणा के मतदाता आज नयी विधानसभा और भावी सरकार की बाबत फैसला करेंगे। बेशक जनादेश का खुलासा 24 अक्तूबर को मतगणना से हो पायेगा, लेकिन मतदाता पसंदीदा बटन दबाकर ...

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प्याज का राज

प्याज का राज

50000 टन प्याज का बफर स्टाक था सरकार के पास। उसमें से 15000 टन का इस्तेमाल वह कर चुकी है 35000 टन का स्टाक अभी और है सरकार के पास। इसका इस्तेमाल करके प्याज के भाव कम किये जा सकते हैं आलोक पुराणिक जून 2019 में प्याज के रिटेल भाव दिल्ली में ...

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राखीगढ़ी से निकला निष्कर्ष आर्य ही हैं हम

राखीगढ़ी से निकला निष्कर्ष आर्य ही हैं हम

राजवंती मान राखीगढ़ी हरियाणा के हिसार जिले के नारनौंद खंड में सरस्वती तथा दृषद्वती नदियों के शुष्क क्षेत्र में बसा एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक गांव है, जहां सिंधु घाटी सभ्यता, जिसमें लगभग 20 लाख वर्ग किलोमीटर में सिंध, बलूचिस्तान, पंजाब, जम्मू, हरियाणा, राजस्थान, कच्छ-गुजरात और महाराष्ट्र तक की आबादी शामिल थी, के ...

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  • घर आ जा परदेसी…
     Posted On November - 11 - 2019
    उत्तर प्रदेश से अलग होकर ‘अपना उत्तराखंड’ का नारा बुलंद करने वाले यहां के लोगों को विकास के नाम पर....
  • सांसों पर काला साया
     Posted On November - 4 - 2019
    सर्दियों की आहट के साथ उत्तर भारत में जहरीली धुंध लौट आई है। दिल्ली-एनसीआर में तो हालात सबसे ज्यादा खराब....
  • सत्ता का महाभारत
     Posted On October - 21 - 2019
    वह घड़ी आ गयी, जिसका इंतजार था। नेताओं के दावे-वादे बहुत सुन लिये, अब मतदाताओं के फैसले की बारी है।....
  • प्याज का राज
     Posted On September - 30 - 2019
    जून 2019 में प्याज के रिटेल भाव दिल्ली में 26 रुपये किलो थे, जो सितंबर 2019 में बढ़कर 60 रुपये....

सोशल मीडिया जरा बचके

Posted On June - 24 - 2019 Comments Off on सोशल मीडिया जरा बचके
कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक महिला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शादी का प्रस्ताव भेजने की बात कर रही थी। इस वीडियो को एक स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट करते हुए योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए लिखा, ‘इश्क छुपता नहीं छुपाने से।’ ....

मुफ्त की योजनाओं के लाभांश

Posted On June - 17 - 2019 Comments Off on मुफ्त की योजनाओं के लाभांश
दक्षिण के राज्यों में मुफ्तखोरी के अलग आयाम हैं। रंगीन टीवी से लेकर मंगलसूत्र तक की व्यवस्था की जाती रही है। पर स्मार्ट नेताओं ने यह भी चिन्हित किया कि मुफ्तखोरी अंतत संस्थानों को तबाह करती है, तो मुफ्तखोरी के बजाय आइटमों की कीमत सस्ती रखने पर विचार किया गया। स्वर्गीय जया ललिता ‘अम्मा कैंटीन’ का विचार लेकर आयीं, जहां सस्ते में बेहतरीन खाना उपलब्ध कराया गया। पूर्णत मुफ्त किया जाना 

वोट राजनीति का अर्थशास्त्र

Posted On June - 17 - 2019 Comments Off on वोट राजनीति का अर्थशास्त्र
आलोक पुराणिक मेट्रो में और दिल्ली की डीटीसी बसों में महिलाएं मुफ्त यात्रा करेंगी, ऐसी घोषणा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से करीब एक साल पहले की है। अरविंद केजरीवाल राजनीति में भ्रष्टाचार मिटाने आये थे। भ्रष्ट राजनेताओं को निपटाने आये थे। दिल्ली की जनता ने उनके भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को जमकर समर्थन दिया था और प्रचंड बहुमत के साथ केजरीवाल चुने गये 

हिंदी हैं हम तो विरोध क्यों?

Posted On June - 10 - 2019 Comments Off on हिंदी हैं हम तो विरोध क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली सरकार ने नयी शिक्षा नीति लाने के लिए विशेषज्ञों और जनता से सुझाव मांगे थे। आप कहेंगे इस नयी शिक्षा नीति की आवश्यकता क्या थी? आमतौर पर वर्ष 2014 से पहले कांग्रेस पार्टी द्वारा रचित शिक्षा नीति चल रही थी। भाजपा या दक्षिणपंथी विचार वालों का यह मानना रहा है कि कांग्रेस जनित शिक्षा नीति के रूप में वास्तव में ....

17वीं लोकसभा: गरीब देश के अमीर रहनुमा

Posted On June - 3 - 2019 Comments Off on 17वीं लोकसभा: गरीब देश के अमीर रहनुमा
दिन चली चुनाव प्रक्रिया के बाद देश ने 17वीं लोकसभा के लिए अपने 542 प्रतिनिधियों का चुनाव कर लिया है। संसद के निचले सदन लोकसभा के ये सदस्य अगले 5 साल तक जनता का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके लिए कानून बनाएंगे, उनके मुद्दे और समस्याएं संसद में उठाएंगे। ....

उम्र का बंधन

Posted On March - 29 - 2019 Comments Off on उम्र का बंधन
लोकसभा के महासमर के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है। 2014 के महासमर के कई अजेय योद्धा 2019 के चुनावी रण में नहीं दिखेंगे। इस बार ‘चुनावी महाभारत’ में भाजपा के भीष्म पितामह माने जाने वाले वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से लेकर डा. मुरली मनोहर जोशी समेत कई बुजुर्ग नेताओं को घर में ‘आराम’ करने के लिए छोड़ दिया गया है। ....

परिवार से बड़ी पॉलिटिक्स

Posted On March - 15 - 2019 Comments Off on परिवार से बड़ी पॉलिटिक्स
लोकसभा के सियासी महाभारत के लिए रणभेरी बज चुकी है। राजनीतिक दलों के ‘योद्धा’ अपने-अपने खेमे तलाशने में लगे हैं, लेकिन कई राजनीतिक घराने ऐसे भी हैं, जो इस 17वीं लोकसभा की सियासी जंग में अपनों के खिलाफ तलवारें भांजेंगे। 16वीं लोकसभा में वे एक ही छत्र तले चुनाव मैदान में थे, लेकिन इस बार दूसरों से ज्यादा अपनों को ‘निपटाने’ की कोशिश में हैं। ....

बदलनी होगी सोच

Posted On March - 8 - 2019 Comments Off on बदलनी होगी सोच
महिलाओं को सशक्त करना राजनीतिक एजेंडे में शामिल तो हुआ है, लेकिन अभी पितृसत्तात्मक सोच बदली नहीं है। इस सोच के चलते इसका व्यापक असर अभी दिखना बाकी है। संसद में ही 33 प्रतिशत आरक्षण पर 22 साल से कुछ नहीं हो सका है। कोई भी दिवस मनाने का अपना एक महत्व होता है। यह इतिहास को याद करने और पीछे मुड़कर संघर्ष यात्रा को गर्व से देखने का दिन होता है, लेकिन दिक्कत यह है कि इसका भी बाजारीकरण हो गया है। महिलाओं 

मुखर हुई महिलाएं

Posted On March - 8 - 2019 Comments Off on मुखर हुई महिलाएं
महिलाओं के प्रति हिंसा के कई कारण हैं। एक तो महिलाएं मुखर हुई हैं, भली औरत के तमगे से खुद को आज़ाद किया और बुरी औरत कहलाने का साहस जुटा लिया। उसने सामाजिक निंदा और आरोपों की परवाह करना बंद कर दिया। उसने अपने को पहचाना, उसके भीतर अपनी पहचान की छटपटाहट आई और उसने चुनौतियां स्वीकार कीं। अपने दम पर आगे बढ़ीं। उन्होंने रूढ़ियों ....

अपनी गरिमा पहचानें

Posted On March - 8 - 2019 Comments Off on अपनी गरिमा पहचानें
पिछले साल विश्व महिला दिवस 100 वर्ष पूरे कर चुका है, लेकिन भारत में आज भी इसकी प्रासंगिकता विचारणीय है। सशक्तीकरण का सही अर्थ है कि स्त्री अपने पक्ष में अपने फैसले ले सके। इसमें सबसे महत्वपूर्ण है अपनी देह के पक्ष में अपनी सहमति और विरोध जाहिर कर सके। यह गौरतलब है कि घर से बाहर तक औरत के वजूद को महज़ एक देह ....

… पर नहीं बढ़ी गांव की भागीदारी

Posted On March - 8 - 2019 Comments Off on … पर नहीं बढ़ी गांव की भागीदारी
आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। जितनी आजादी उन्हें आज है, वैसी पहले नहीं थी। वर्तमान समय में महिलाओं की स्थिति में काफी बदलाव आए हैं, लेकिन ये बदलाव शहरी क्षेत्रों में ही दिखते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन बदलावों की गूंज सुनाई नहीं देती। कितने ही महिला दिवस आए और चले गये, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं इससे बेखबर आज भी पितृसत्तात्मक सोच ....

नयी दिशा में नारी

Posted On March - 8 - 2019 Comments Off on नयी दिशा में नारी
गरिमा यात्रा भारत जैसे देश की सामाजिक-सांस्कृतिक और राजनीतिक परिस्थितियों में कई अर्थों में अभूतपूर्व है। पहली बार इतने व्यापक स्तर पर एक गैर-राजनीतिक आयोजन हुआ। दूसरी बात, 'मी टू' अभियान को पुरुषत्ववादी अहंकार से ग्रस्त लोग एक शिक्षित, खाते-पीते, मध्यम वर्ग तक सीमित बता रहे थे। उनका कहना था कि आम लोगों से इसका कोई ताल्लुक नहीं है। ऐसा कहने वालों का मानना था ....

सीआईए और सऊदी अरब ने पाला था हाफिज को

Posted On March - 1 - 2019 Comments Off on सीआईए और सऊदी अरब ने पाला था हाफिज को
पाकिस्तान के तानाशाह जनरल जियाउल हक ने सबसे पहले हाफिज सईद के अंदर की आग को पहचाना था। उस समय हाफिज सईद लाहौर के यूनिवर्सिटी आॅफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाॅजी में इस्लामिक स्टडीज का प्रोफेसर था। 1980 के दशक में हाफिज सईद को सऊदी अरब इस्लामिक शिक्षा के लिए भेजा गया, जहां उसकी मुलाकात मुफ्ती शेख अब्दुल अजीज बिन बाज और फिलस्तीनी स्काॅलर अब्दुल्ला उज्जम से ....

आतंक का आका पाकिस्तान

Posted On March - 1 - 2019 Comments Off on आतंक का आका पाकिस्तान
इमरान खान को सबूत चाहिए कि मसूद अजहर के संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में आत्मघाती हमला कराया है। दुनियाभर में उनके इस बयान को मूर्खतापूर्ण करार दिया जा रहा है। इस कांड के कुछ घंटे बाद ही जैश-ए-मोहम्मद के प्रवक्ता मुहम्मद हसन ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। फिर भी इमरान सबूत मांग रहे हैं। ‘सबूत दीजिए और बातचीत कीजिए‘, ये पाक प्रधानमंत्री के शिगूफे ....

‘माननीयों’ का मर्ज

Posted On February - 22 - 2019 Comments Off on ‘माननीयों’ का मर्ज
हरियाणा को सेहतमंद और तंदरुस्ती वाले प्रदेशों में गिना जाता है, लेकिन उसी हरियाणा के लोग ‘माननीय’ विधायक बनने के बाद ‘बीमार’ हो रहे हैं। विधायक ही नहीं, उनके जीवनसाथी भी बीमार रहे हैं। ‘बीमारी’ भी ऐसी कि लगभग हर माह उन्हें हजारों रुपये की दवा खानी पड़ रही है। ....

जानलेवा जाम

Posted On February - 15 - 2019 Comments Off on जानलेवा जाम
सुरा प्रेम में भारत का दर्जा दुनिया के अन्य कई देशों से बहुत ऊपर है। विश्व में हमारा खुशहाली सूचकांक गिर रहा है तो शराब की खपत के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2005 से 2016 के बीच यह खपत दोगुनी हो चुकी है। मनोवैज्ञानिक विश्लेषण बताता है कि आनंद-प्रमोद के व्यसन का रूप ले लेने से व्यक्ति को मानसिक तनाव, असंतोष ....
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