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खास खबर
अर्श से फर्श पर

अर्श से फर्श पर

हरीश लखेड़ा दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस लगातार दूसरी बार अपना खाता नहीं खोल पाई। यह लगातार तीसरा मौका है, जब कांग्रेस को राजधानी की जनता ने सिरे से नकार दिया। 2013 तक दिल्ली कांग्रेस का मजबूत गढ़ रही और शीला दीक्षित लगातार 15 साल तक मुख्यमंत्री रहीं। लेकिन अब कांग्रेस ...

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ऑल द बेस्ट

ऑल द बेस्ट

दीप्ति अंगरीश 15 फरवरी से सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। फाइनल एग्जाम विद्यार्थियों को तनाव में जकड़ लेता है, वहीं अभिभावकों की चिंता भी बढ़ा देता है। उम्मीद करते हैं कि बोर्ड की परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों ने सभी विषयों की गहन तैयारी कर ली होगी। आखिर ...

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दिल्ली किसकी ?

दिल्ली किसकी ?

हरीश लखेड़ा संसद के बजट सत्र और संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच हो रहा दिल्ली विधानसभा का चुनाव सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं रह गया है। यह चुनाव केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी ...

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रेलवे को निजीकरण नहीं, सरकार की मदद की जरूरत

रेलवे को निजीकरण नहीं, सरकार की मदद की जरूरत

जाहिद खान अपने दूसरे बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिवहन अवसंरचना परियोजनाओं के लिए 103 लाख करोड़ रुपये मुहैया कराने का प्रस्ताव रखा है। इन नयी परियोजनाओं में आवसीय, साफ पेयजल, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य, आधुनिक रेलवे, एयरपोर्ट, मेट्रो बस, लॉजिस्टिक्स शामिल हैं। वित्त मंत्री का कहना था कि ‘नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर ...

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सही दिशा में छोटे कदम

सही दिशा में छोटे कदम

भरत झुनझुनवाला वित्त मंत्री ने स्वीकार किया है कि भारत में 15 से 65 वर्ष की कार्यशील जनसंख्या अधिक है और इसमें वृद्धि होने को है और इन्हें उत्पादक बनाना एक बड़ी चुनौती है। इस दिशा में उन्होंने घोषणा की है कि एक ऑनलाइन डिग्री कार्यक्रम कुछ संस्थाओं द्वारा शुरू ...

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माइंड गेम की गुगली

माइंड गेम की गुगली

रोहित महाजन विफलता का भय, करिअर खत्म होने की आशंका और जीवन की अनिश्चितता। हम सब इन चीजों को महसूस करते हैं। लेकिन क्या भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली जैसी शख्सियतें भी ऐसा महसूस करती हैं? वे कहते हैं कि वे भी ऐसा ही अनुभव करते हैं। वास्तव में ...

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कल के लिए बचाना होगा आज

कल के लिए बचाना होगा आज

अमलेंदु भूषण खां पहले उत्तर प्रदेश फिर बिहार और अब राजस्थान के कोटा में लगातार हो रही बच्चों की मौत पर राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही हैं। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष कोई भी इन मौतों की गहराई तक जाना नहीं चाहता। पूरी दुनिया में सेहतमंद देश कहलाने के लिए शिशु ...

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  • अर्श से फर्श पर
     Posted On February - 17 - 2020
    दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस लगातार दूसरी बार अपना खाता नहीं खोल पाई। यह लगातार तीसरा मौका है, जब कांग्रेस....
  • ऑल द बेस्ट
     Posted On February - 10 - 2020
    15 फरवरी से सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। फाइनल एग्जाम विद्यार्थियों को तनाव में जकड़ लेता है,....
  • दिल्ली किसकी ?
     Posted On February - 4 - 2020
    संसद के बजट सत्र और संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ....
  • रेलवे को निजीकरण नहीं, सरकार की मदद की जरूरत
     Posted On February - 3 - 2020
    अपने दूसरे बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिवहन अवसंरचना परियोजनाओं के लिए 103 लाख करोड़ रुपये मुहैया कराने का....

मंदी पर महाभारत

Posted On September - 16 - 2019 Comments Off on मंदी पर महाभारत
मंदी है या नहीं? यह सवाल है तो आर्थिक लेकिन यह विकट राजनीतिक भी है। सरकार और उसके प्रवक्ता चाहते हैं कि इसे मंदी नहीं सुस्ती मान लिया जाये और कुल मिलाकर ऐसा मसला माना जाये, जो कुछ दिनों में ठीक हो जायेगा। दूसरी तरफ, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल इसी ताक में हैं कि इस मंदी को विकट संकट घोषित कर दिया जाये। मोदी ....

ट्रैफिक रूल्स की रेड लाइट

Posted On September - 9 - 2019 Comments Off on ट्रैफिक रूल्स की रेड लाइट
मुमकिन है कि कई लोगों के लिए नियम-कानून तोड़ना शान की बात हो। रसूखदार, ऊंचे संपर्कों वाले और जेब में नोटों की गड्डी लेकर चलने वालों के लिए कानून को ठेंगा दिखाना कभी मुश्किल नहीं रहा, लेकिन पहली सितंबर, 2019 से देश में लागू संशोधित नये मोटर वाहन कानून के बाद से इस मामले में स्थितियां काफी बदल गयी हैं। ....

कुदरती खेती कमाल की

Posted On September - 2 - 2019 Comments Off on कुदरती खेती कमाल की
कुदरत ने महामूल्यवान संपदा के रूप में जो चीजें हमें उपहार में दी हैं, उनमें धरती यानी माटी की महिमा सबसे ज्यादा है। धरणी धन से परिपूर्ण है, इसीलिए बड़ों ने इसे वसुंधरा कहा है। ....

बार-बार बाढ़

Posted On August - 26 - 2019 Comments Off on बार-बार बाढ़
देश का एक तिहाई से ज्यादा भू-भाग इस मानसून में बारिश के कहर से बेहाल रहा है। जुलाई और अगस्त के दौरान उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक कोई न कोई भू-भाग जल में डूबा रहा है। केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, असम, बिहार के साथ ही इस बार राजस्थान में भी बारिश ने अपना रौद्र रूप दिखाया। ....

दलबदल से राजबल

Posted On August - 19 - 2019 Comments Off on दलबदल से राजबल
विश्व की सबसे बड़ी सियासी पार्टी होने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। यह इसलिए कि भाजपा विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों के नेताओं को बड़ी संख्या में अपने में शामिल कराने के अभियान में जुटी है। एक ओर पार्टी अपनी सदस्यता 11 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ तक ले जाने की मुहिम में जुटी है, तो दूसरी ....

फिर सोनिया गांधी

Posted On August - 12 - 2019 Comments Off on फिर सोनिया गांधी
कांग्रेस को फिर सोनिया गांधी की शरण लेनी पड़ी है। राहुल गांधी के ‘रणछोड़ जी’ बनने के बाद संकट में आई कांग्रेस के सामने सोनिया से बेहतर कोई विकल्प भी नहीं था। इसलिए राहुल के कांग्रेस का अगला अध्यक्ष नेहरू-गांधी परिवार से बाहर के व्यक्ति को बनाने के बयान के बावजूद कांग्रेस मौजूदा हालात में ऐसा जोखिम उठाने के लिए तैयार नहीं हुई। ....

आजादी का अहसास

Posted On August - 5 - 2019 Comments Off on आजादी का अहसास
हिन्दू समाज में व्याप्त सती प्रथा, देवदासी प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर अंकुश लगाने के लिये कानून बनाने के बाद देश की संसद ने मुस्लिम समाज के सुन्नी समुदाय के एक वर्ग में प्रचलित एक बार में तीन तलाक देने की कुप्रथा को अब दंडनीय अपराध बनाकर मुस्लिम महिलाओं की अस्मिता को तार-तार होने से बचाने का प्रयास किया है। ....

पीजीआई में अंगों की मांग अधिक, देने वाले कम

Posted On July - 29 - 2019 Comments Off on पीजीआई में अंगों की मांग अधिक, देने वाले कम
एक व्यक्ति के अंगदान से 8 लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। फिर भी हजारों लोग अंगों की कमी की वजह से मौत का ग्रास बन जाते हैं। इस बहुत बड़े अंतर के केंद्र में मुख्य कारण जागरूकता की कमी होना है। ....

अंगदान  जिंदगी का तोहफा

Posted On July - 29 - 2019 Comments Off on अंगदान  जिंदगी का तोहफा
भारतीय परिवार अंगदान को लेकर बनी अपनी अवधारणाएं तोड़ने लगे हैं, हालांकि इसकी दर पश्चिमी मुल्कों के मुकाबले शोचनीय रूप से कम है। इस तथ्य के बावजूद कि एक मृत देह से मिले अंग कम-से-कम 8 लोगों की जिंदगी बचाने में सहायक होते हैं, फिर भी यह महत्वपूर्ण बात लोगों को किसी दुर्घटना या अन्य घटनाओं में मृत हुए अपने रिश्तेदार के अंगदान-घोषणापत्र पर हस्ताक्षर ....

चांद पर 50 साल

Posted On July - 22 - 2019 Comments Off on चांद पर 50 साल
एक इंसान की जिंदगी में 50 साल का मतलब क्या होता है? 100 साल की उम्र के वैदिक आख्यानों को सही मानें तो यह आधी जिंदगी पार होने का मामला बनता है। लेकिन बात अगर किसी अंतरिक्षीय पिंड की खोज की हो तो यह एक दिलचस्प किस्से में तब्दील हो जाता है। बात हमारे सबसे नजदीकी अंतरिक्षीय पड़ोसी यानी पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा की ....

जागरूकता और सरकार की गंभीरता से मिलेंगे अच्छे परिणाम

Posted On July - 15 - 2019 Comments Off on जागरूकता और सरकार की गंभीरता से मिलेंगे अच्छे परिणाम
भारत में वर्ष 1951 से जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन कार्यक्रम चल रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद हम जनसंख्या पर नियंत्रण पाने के मामले में अन्य देशों के मुकाबले फिसड्डी साबित हुए हैं। हर साल विश्व जनसंख्या दिवस पर भारत में भी लंबे-चौड़े आश्वासनों का पिटारा तो खोला जाता है, लेकिन उन पर अमल के प्रति कोई गंभीर नहीं रहता, नतीजा वही ढाक के ....

गरीबी, भुखमरी, शिक्षा और स्वास्थ्य सबसे बड़ी चुनौती

Posted On July - 15 - 2019 Comments Off on गरीबी, भुखमरी, शिक्षा और स्वास्थ्य सबसे बड़ी चुनौती
आज बढ़ती आबादी का विकराल संकट समूची दुनिया के लिए चुनौती है। बढ़ती आबादी सीमित संसाधनों पर बोझ बनती जा रही है। 1987 में दुनिया की आबादी 5 अरब थी। 2018 में यह बढ़कर 7.8 अरब हो गई। इसमें हर साल अस्सी लाख की दर से बढ़ोतरी हो रही है। 2050 तक इसके 9.8 अरब होने की संभावना है। ....

व्यवसायीकरण रोकना होगा और परंपरागत जल-स्रोत बचाने होंगे

Posted On July - 8 - 2019 Comments Off on व्यवसायीकरण रोकना होगा और परंपरागत जल-स्रोत बचाने होंगे
पृथ्वी की सतह का 70 फीसदी भाग पानी से भरा है। लेकिन इसमें से सिर्फ 2 फीसदी ही हमारे उपयोग के लायक है। काफी जल बर्फ के रूप में जमा हुआ है। नदियों, तालाबों और झरनों से मिलने वाला जल महज एक प्रतिशत है। लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण इनका उपयोग करना भी खतरे से खाली नहीं रह गया है। ....

बड़े संकट की आहट, अब नहीं चेते तो बहुत देर हो जाएगी

Posted On July - 8 - 2019 Comments Off on बड़े संकट की आहट, अब नहीं चेते तो बहुत देर हो जाएगी
पिछले साल इन्हीं दिनों हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का भीषण जल-संकट से सामना हुआ। इसके चलते वहां प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव स्थगित करना पड़ा। पर्यटकों से वहां न जाने की अपीलें की गईं। कई राज्यों में इस बार भी पेयजल को लेकर ऐसे ही हालात हैं। जानकारों ने आशंका जताई है कि अगर हम अब भी देश के प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध उपभोग करते रहे ....

बजट उम्मीदों को मंदी की चुनौती

Posted On July - 1 - 2019 Comments Off on बजट उम्मीदों को मंदी की चुनौती
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 5 जुलाई को वित्त वर्ष 2019-20 के लिए पूर्ण बजट पेश करेंगी। फरवरी में तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पेश कर चुके हैं, अब नये सिरे से बजट के गुणा-गणित तय होंगे। इस साल एक जून से 27 जून के बीच देश में मानसून की बारिश में करीब 35 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी है। ....

सोशल मीडिया जरा बचके

Posted On June - 24 - 2019 Comments Off on सोशल मीडिया जरा बचके
कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक महिला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शादी का प्रस्ताव भेजने की बात कर रही थी। इस वीडियो को एक स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट करते हुए योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए लिखा, ‘इश्क छुपता नहीं छुपाने से।’ ....
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