32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने कहा-हवा में भी है कोरोना! !    श्रीनगर में लगा आधा ‘दरबार’, इस बार जम्मू में भी खुला नागरिक सचिवालय! !    कुवैत में 'अप्रवासी कोटा बिल' पर मुहर, 8 लाख भारतीयों पर लटकी वापसी की तलवार !    मुम्बई, ठाणे में भारी बारिश !    हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर ढाई लाख का इनाम, पूरे यूपी में लगेंगे पोस्टर !    एलएसी विवाद : पीछे हटीं चीन और भारत की सेनाएं, डोभाल ने की चीनी विदेश मंत्री से बात! !    अवैध संबंध : पत्नी ने अपने प्रेमी से करवायी पति की हत्या! !    कोरोना : भारत ने रूस को पीछे छोड़ा, कुल केस 7 लाख के करीब !    भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने साधा राहुल गांधी पर निशाना !    राहुल का कटाक्ष : हारवर्ड के अध्ययन का विषय होंगी कोविड, जीएसटी, नोटबंदी की विफलताएं !    

कौड़ियों के भाव बिक रहा सरकारी बाजरा

Posted On June - 29 - 2020

चरखी दादरी की अनाज मंडी में बारिश के भीग कर खराब हुआ बाजरा। -निस

चरखी दादरी, 28 जून (निस)
बाजरा खरीद के 6 माह बाद भी खरीद एजेंसियों की लापरवाही से उठान नहीं हो पाया। बारिश से बाजरा सड़ गया है। ऐसे में खरीद एजेंसियों द्वारा सरकारी खरीद के बाजरे को कौड़ियों के भाव बेचा जा रहा है। इससे सरकार को लाखों रुपये का चूना लग रहा है। अधिकारी लॉकडाउन में लेबर नहीं मिलने का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
सरकार द्वारा नवंबर माह में सरकारी खरीद 200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से हजारों क्विंटल बाजरे की खरीद की थी। खरीद एजेंसियों द्वारा बाजरा की बोरियों को मंडी में ही शैड के नीचे लगा दिया गया है। निर्देशों के बावजूद खरीद एजेंसियों ने समय रहते बाजरा का उठान नहीं करवाया। अब बाजरा शैड के नीचे ही खराब होकर जहरीला बन चुका है। साथ ही बाजरा के थैले फटने से यह बारिश के पानी के साथ मिलकर लोथड़ों में तबदील हो चुका है।
मुर्गी फार्म संचालकाें को बेचा
खराब हुए लाखों का बाजरा कौडि़यों के भाव मुर्गा फार्म संचालकों को बेचा जा रहा है। मुर्गी फार्म संचालक विजय कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की लापरवाही से बाजरा खाने लायक नहीं है। यहीं कारण है कि वह सरकारी रेट से एक हजार रुपए सस्ता बाजरा खरीदा जा रहा है।
लॉकडाउन के कारण हुआ नुकसान : खरीद एजेंसी
खरीद एजेंसी के मैनेजर राजेश ग्रेवाल ने बताया कि सरकार द्वारा जिस समय निर्देश जारी किए, उसके कुछ समय बाद ही कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया। ऐसे में लेबर नहीं मिलने से बाजरा का उठान नहीं हुआ। खरीद के बाद शेड के नीचे बाजरा लगाया गया था। 3 माह के बाद यह जहरीला बन जाता है। ऐसे में इसे कम रेट पर मुर्गी फार्म संचालकों को बेच रहे हैं।


Comments Off on कौड़ियों के भाव बिक रहा सरकारी बाजरा
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.