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सितारे चमकाने वालों के तारे गर्दिश में

Posted On May - 21 - 2020

तिरछी नज़र

शमीम शर्मा

दवाई और किरयाना को छोड़कर हर धंधे पर कोरोना का कहर बरपा है और सबसे ज़्यादा असर पड़ा है हमारे ज्योतिषियों के कारोबार पर। ज्योतिषियों की सलाहें, कुंडलियों का मिलान, अंक विज्ञान औंधे मंुह जा गिरे हैं। सारे घरों में शनि विराज हो गया है।
सभी शुभ योग एक साथ खटाई में पड़ गये हैं। सारी जन्म पत्रिकायें पानी भर रही हैं और सबका भविष्य फल एक समान हो गया है। एक ही कारण कोरोना, जिसने सबकी नींद उड़ा रखी है। सबके सितारे गर्दिश में हैं।
हस्त रेखायें, नाम, अंक, तिथि-तारे सारे बेचारे बुरी तरह हारे। राजयोग, विवाहयोग सब लाचार हो चले हैं। किसी नग की अंगूठी काम नहीं आ रही है। सारे टोने-टोटके, झाड़े-बूझे मुंह बाये बैठे हैं। अवश्य ही ज्योतिष शास्त्र के धुरंधर अपनी ही रेखायें पढ़ रहे होंगे और उन्हें भविष्य फल कड़वा लग रहा होगा।
ज्ञानी कहते हैं—सुबह जल्दी उठने से उम्र बढ़ती है। मुर्गा सुबह उठता है और शाम तक शहीद हो जाता है। जो पूरी तरह तंदुरुस्त थे, अपनी दिनचर्या के पक्के थे, वे भी कोरोना की चपेट में हैं।
कोरोना की एक बड़ी मार पड़ी है पाणिग्रहण संस्कार पर। जिनके विवाह हो ही नहीं रहे थे, वे तो खुश हैं कि चलो उन्हें दिल को समझाने का एक मौका मिल गया कि कोरोना के कारण कुंडली खटाई में है। पर अच्छे-भले नौजवान व नवयुवतियां भी रेड जोन में आ गये हैं। लगता है कि कोरोना के जाने के बाद जब विवाह वेला आयेगी तो विवाहों का रूप बदल चुका होगा। तामझाम निश्चित ही कम हो जायेगा। शादी के निमंत्रण पत्रों की भाषा में आमूलचूल बदलाव करना पड़ेगा। विवाह पत्रिका में लिखा होगा :-
भेज रहे हैं तुम्हें निमंत्रण प्रियवर तुम्हें बुलाने को
हे मानस के राजहंस तुम आ मत जाना खाने को।
इधर, अपने मजदूर भाइयों पर जो गाज गिर रही है उसे देखकर लगता है कि उनकी किस्मत बहुत ही खराब है। यदि जरा सी भी अच्छी होती तो कोरोना इलेक्शन टाइम में आता। सभी मजदूरों की जंवाइयों जैसी खातिरदारी होती और मास्क व सेनेटाइजरों की तो उनके घरों में बाढ़ आ जाती।

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एक बार की बात है अक रामप्यारी एक रेहड़ी पै तै अमरूद लेण खात्तर रुकी तो एक अमरूद ठाकै खाण लाग्गी। पहल्या ए बुड़का मारते ही बोल्ली—ताऊ! तेरे अमरूदां मैं तो कीड़ा है। ताऊ बोल्या—ए बेट‍्टी किस्मत की बात होया करै, के बेरा आगली बार स्कूटी लिकड़ ज्या। रामप्यारी बोल्ली—दो किल्लो तौल दे ताऊ।


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