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भिंडी का कुरकुरा स्वाद

Posted On May - 16 - 2020

पुष्पेश पंत

भिंडी को भारतीय खाने का एक अहम हिस्सा माना जाता है। जिसे कई तरह से बनाया जाता है। अचारी भिंडी की तो बात ही कुछ और है, नाम सुनते ही मुंह में पानी भर आता है। अवध की दम भिंडी या दो प्याजी भिंडी तो कमाल की है। भिंडी राजस्थान में बेसनी तो हैदराबाद में चूरण वाली बनाई जाती है। कभी -कभी शादी समारोह में तवे वाली भिंडी का स्वाद भी चखने को मिल जाता है। भरवां भिंडी की बात ही कुछ और है लेकन भिंडी के भरावन में भी अलग-अलग तरीके हैं।
महाराष्ट्र में भिंडी में मूंगफली, तिल और कद्दूकस किये नारियल का भरावन डाला जाता है। साथ में थोड़ी गुड और मिर्च इसका स्वाद लाजवाब बनाती है।
पारसी लोगों की पसंद एंडा मा भिंडा
पारसी लोगों में भिंडी बनाने का अलग तरीका है। वे इसे बहुत स्पाइसी नहीं बनाते बल्कि फ्राई करने के बाद दही में डुबोकर खाया जाता है। यह रायता नहीं बल्कि एक रोज़मर्रा की सब्ज़ी की तरह बनती है। यहां भिंडी को पारंपरिक तरीके से पकाते हुए इसे अंडों के साथ बनाया जाता है। इसे एंडा मा भिंडा कहा जाता है। भिंडी मसाला को हम कैसे भूल सकते हैं , प्याज, टमाटर, लहसुन -अदरक को मिलाकर इसे थोड़ा क्रिस्पी बनाकर परोसा जाता है, जो बिलकुल कढ़ाही भिंडी की तरह लगती है।
भिंडी की वेंडकी कढ़ी
लॉकडाउन के इस दौर में हम भिंडी की हर तरह की स्वाद भरी रेसिपीज़ याद कर रहे हैं। इनमें से एक ही केरला के उडुपी की वेंडकी करी , जो यहां के ब्राहमण लोगों की खास रेपिपी मानी जाती है। यहां इसे प्याज और लहसुन के अलावा पुर्तगाली टमाटर के साथ मिक्स किया जाता है। ग्रेवी के लिये नारियल और मिर्च का पेस्ट बनाकर इसकी चिपचिपाहट कम करने के लिये इमली का गूदा मिला देते हैं। इसमें थोड़ा सा गुड़ भी डालते हैं। इसे चावल के साथ खाया जाता है।
भिंडी कुज़्हाम्बु
मैंगलोर में, प्याज, लहसुन या टमाटर के अलावा इमली, गुड़ और तीखी लाल मिर्च के साथ भिंडी की सब्ज़ी बनती है। इस खाने में खास ट्विस्ट नारियल का दूध लाता है जिससे ग्रेवी के लिये और मिर्च का तीखापन कम करने के लिये मिलाया जाता है। तमिलनाडु में, भिंडी कुज़्हाम्बु यानी एक कढ़ी के तौर पर पकाई जाती है। खासकर इसे गर्मी का खाना माना जाता है। इसे हल्का-फुल्का भोजन माना जाता है और चावल के साथ खाते हैं।
ग्रेवी और सूखी से नॉनवेज भिंडी
उत्तर भारत में तो भिंडी को ग्रेवी वाली और सूखी भंडी, दोनों तरह से बनाया जाता है। इसे चपाती और चावल दोनों के साथ पसंद किया जाता है। यहां नॉन वेज कॉम्बोज़ में भी भिंडी शामिल है। हाल ही में ध्रुपद मास्टर उस्ताद वसिफुद्दीन डागर ने हमें भिंडी मुर्ग का ज़ायका चखाया। हालांकि खुद ध्रुपद मास्टर भिंडी गोश्त खाने की इच्छा रखते थे। वह इच्छा एक अन्य दोस्त ने पूरी कर दी।
ग्रेवी भिंडी बनाने की विधि
सामग्री: भिन्डी (2 इंच के टुकड़ों में साफ की हुई और कटी हुई- 300 ग्राम )
दही — 500 मिली
अदरक-लहसुन का पेस्ट- 1/2 चम्मच
जीरा पाउडर —-1/4 चम्मच
धनिया पाउडर—1/2 टी स्पून
तेल—1/2 कप
नमक स्वादानुसार
टेम्परिंग के लिये करी पत्ते
हरी मिर्च ———1 ( कटी हुई)
लाल मिर्च ——1 पूरी
राई के बीज—- 1/4 चम्मच
जीरा ———1/4 छोटा चम्मच
बनाने की विधि
एक कड़ाही में तेल गरम कर लें। अब उसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट डालें और 15 सेकेंड के लिए तेज़ चलाएं । नमक के साथ पिसा हुआ मसाला डालें। भिन्डी के साथ इसे मिलाएं और तेज़ आंच पर भूनें । तब तक भूनते रहें जब तक कि ये थोड़ा कुरकुरा न हो जाये। इस दौरान ध्यान रखें कि यह अपने हरे रंग को बरकरार रखे । फिर इसे स्टोव से उतार लें ।
दही को फेंट लें और अब उसमें तली हुई भिन्डी को डाल दें । थोड़ा सा तेल गरम करके उसमें राई के बीज तड़कायें, फिर मिर्च और करी पत्ते को इसमें डाल दें। इसके बाद दही मिला लें। तुरंत बंद कर थोड़ा ठंडा होने पर परोस दें।


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