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तापसी का इरादा बदला

Posted On May - 9 - 2020

सिल्वर स्क्रीन

ए.चकवर्ती

अभिनेत्री तापसी पन्नू के शब्दों में कहें ,तो यह लाॅकडाउन उनके लिए लंबे वेकेशन के तौर पर आया है। ‘सांड की आंख’,’थप्पड़ ‘ जैसी अहम फिल्मों के न चलने से तापसी बहुत अपसेट थीं। अब घर में बैठकर उन्हें मंथन का पर्याप्त समय मिल रहा है। वह यह भी विवेचना कर रही हैं कि सांड की आंख,थप्पड़ जैसी अच्छी फिल्मों की बजाये उन्हें जुड़वा, बेबी, मिशन मंगल जैसी हिट फिल्मों की सख्त ज़रूरत है। यही नहीं कोराना के खिलाफ उनकी निजी लड़ाई में उनके कई दोस्त भी उनके साथ हैं। तापसी ने अपने पास जमा ढेर सारी किताबों की भी मदद लेनी शुरू कर दी है। इस के अलावा तापसी स्टीपन स्पिलसबर्ग, बीआर चोपड़ा, डेविड धवन की फिल्मों को फिर से देख रही हैं। लाॅकडाउन से पहले वह एक अच्छी फिल्म हसीन दिलरुबा की काफी शूटिंग की है। इस फिल्म के डायरेक्टर और कास्ट पर नज़र दौड़ायें, तो वे सब करिश्माई व्यक्तित्व के नहीं दिखते।

नसीरुद्दीन का सहारा फोन

नसीरुद्दीन शाह को उनसे जुड़े विवादों से अलग देखें, तो प्रशंसक उनकी एक्टिंग के कायल हैं। इस समय उनके पास न के बराबर काम है। पर इससे उन्हें कुछ फर्क नहीं पड़ता है। वैसे भी 70 के हो चुके नसीर अब आरामतलबी से अपने कुछ दूसरे काम निबटा रहे हैं। ‘शेक्सपियर’ और ‘इस्मत आपा’ पर वह कुछ सार्थक काम करना चाहते हैं। इस लाॅकडाउन में उन्हें इसका पूरा मौका मिला है। फोन पर भी वह अपने साथियों से जमकर बातें कर रहे हैं। जहां तक फिल्मों का सवाल है, उन्हें सीरयस और हार्डकोर फिल्मों का परफेक्ट मिश्रण कहा जाता है। ‘त्रिदेव’ जैसी कुछेक फिल्मों में डांस आइटम पेश कर चुके नसीर साहब को कभी गाने-बजाने वाले रोल के बारे में सुनते ही कंपकपी आ जाती थी। इसलिए आज भी इस तरह की एक भी फिल्म में वह मन से काम नहीं कर पाए।
एक अरसे से अपने थियेटर के लिए कुछ करना चाहते हैं। वह इन दिनों नेगेटिव किरदार ज्यादा करना चाहते हैं। वह मानते हैं कि इस तरह के किरदार ज्यादा पाॅवरफुल और रोचक होते हैं।

इलियाना की उम्मीदें

इलियाना डिक्रूज़ की किस्मत अच्छी है कि उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘द बिग बुल’ लॉकडाउन में नहीं फंसी। यह फिल्म अक्टूबर के अंत में रिलीज़ होने वाली है। इसलिए इस पर लाॅकडाउन का असर कम ही पड़ता दिख रहा है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि लाॅकडाउन के खत्म होने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। इधर सोशल मीडिया में वह कोरोना के बारे में लोगों को बार-बार सचेत कर रही हैं। वह लॉकडाउन में न सिर्फ खुद घर के अंदर वक्त बिता रही हैं बल्कि लोगों से भी आग्रह कर रही हैं कि बेवजह घर से न निकलें। पिछले साल उनकी फिल्म ‘पागलपंती’ की कुछ खास चर्चा नहीं हुई। हर साल अमूमन एक फिल्म करने वाली इलियाना के पास फिलहाल सिर्फ एक ही फिल्म है। ‘द बिग बुल’ सबसे ज्यादा अभिनेता बच्चन के लिए उम्मीदों से भरी फिल्म है।

वेब सीरीज़ में रमी कीर्ति

‘फोर मोर शाॅट प्लीज़ 2’ , ‘बर्ड आफ ब्लड’ में काम कर चुकी कीर्ति कुल्हारी का मन इन दिनों वेब सीरीज़ में ही रम रहा है। वह लाॅकडाउन से पहले कुछ वेब सीरीज की तैयारी कर रही थीं और अब वह फोर मोर शाॅट प्लीज के दूसरे सीज़न में दिखाई पड़ेंगी। कीर्ति के अभिनय की ज़मीन बहुत मजबूत हैं इसलिए उनके अभिनय का आकाश बहुत विशाल है। यह वजह है कि फिल्म हो या टीवी हर जगह उनके अभिनय की काफी सराहना होती है। न ही उन्होंने ऐसी कोई ज़िद पाल रखी है कि उन्हें सिर्फ हीरोइन ही बनना है। उरी, मिशन मंगल जैसी फिल्मों में उनके द्वारा निभाए गये किरदार इस बात का स्पष्ट संकेत देते हैं। अब आने वाली फिल्म ‘द गर्ल आन द ट्रेन’ में भी उनका शानदार करेक्टर है। वह इसमें एक ब्रिटिश पुलिस अधिकारी का रोल कर रही हैं। इसमें अदिति राव हैदरी और परिणीति चोपड़ा का भी अहम रोल है। इसके साथ ही ‘फोर मोर शाॅट प्लीज़’ में भी अंजना मेनन का किरदार कर रही है। वैसे इसमें सयानी गुप्ता और मानवी घुरु भी हैं।

नवाज़ुद्दीन के बढ़ते भाव

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के करियर में बीते दो तीन सालों में कुछ अस्थिरता देखी जा रही है। देखा जाए तो उनकी कोई फिल्म फ्लोर में नहीं है। उनके ढेरों प्रशंसक भी मानते हैं कि इसके लिए काफी हद तक नवाज़ भी दोषी हैं। हाल के वर्षों में लगातार ऐसी फिल्मों में काम किया है,जो बॉक्स ऑफिस पर शून्य साबित हुई है। सभी जानते हैं कि किक, बदलापुर, बजरंगी जैसी फिल्मों ने उन्हें स्टारडम के गलियारों में सीधी एंट्री दिलाई थी। इसका लाभ भी उन्होंने खूब उठाया। वह चार से पांच करोड़ की फीस लेने लगे। प्रति विज्ञापन फिल्म वह एक करोड़ से ज्यादा की फीस मांगने लगे। यह फीस उन्हें मिलती भी रही। उन्होंने इस मौके का पूरा दोहन किया। इसमें कुछ गलत भी नहीं है।
वैसे भी बाॅलीवुड हमेशा ही हिट और फिट के फॉमूले पर चलता है। ऐसे में नवाज़ से कुछ चूक भी हुई, वह आफबीट फिल्मों के सम्मोहन में बुरी तरह फंस गए। जिसके चलते ही उनकी पिछली ऐसी ही एक फिल्म ‘मोतीचूर चकनाचूर’ का भी बुरा हश्र हुआ। मात्र दो करोड़ की कमाई करने वाली यह फिल्म एक दिन में ही थियेटर से गुम हो गई। इसके चलते ही उनके भाई के निर्देशित एक फिल्म ‘बोले चूड़ियां’ भी बनकर रिलीज़ के पचड़ों में फंस गई। लगता है अब नवाज़ को भी एहसास हो चला है। ताज़ा खबर यह है कि नवाज़ साजिद, राजकुमार हिरानी, शाहरूख, सलमान आदि कई बैनर की फिल्मों में फिर से एंट्री लेना शुरू कर सकते हैं।


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