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जेपी मॉर्गन की संपत्ति कुर्क करने की अनुमति

Posted On May - 23 - 2020

नयी दिल्ली, 22 मई (एजेंसी)
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जेपी मॉर्गन की संपत्ति कुर्क करने की अनुमति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दे दी। न्यायालय ने यह आदेश विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों का उल्लंघन कर घर खरीदारों के पैसे को कथित तौर पर दूसरे कामों में लगाने के लिए अब बंद हो चुके आम्रपाली समूह से लेनदेन में शामिल पाए जाने के बाद दिया।
ईडी ने शीर्ष अदालत को बताया कि उसने जेपी मॉर्गन के खातों में 187 करोड़ रुपये की पहचान की है। यह धनशोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई के योग्य है और इसी मामले में उसकी संपत्ति कुर्क करने की अनुमति चाहिए। मामले से जुड़े वकील ने बताया कि जस्टिस अरुण मिश्रा और नजस्टिस यू यू ललित की पीठ ने इस मामले की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के जरिये की और ईडी को इस बहुराष्ट्रीय कंपनी की संपत्ति कुर्क करने की अनुमति दे दी।
ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने पीठ को बताया कि जांच एजेंसी ने प्रथम दृष्टया जेपी मॉर्गन के खाते में 187 करोड़ की पहचान की है।
जो उनके मुताबिक धनशोधन कानून का उल्लंघन कर जमा कराई गई। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने गत वर्ष दो दिसंबर को एजेंसी को किसी भी संपत्ति को कुर्क करने से रोका था इसलिए अब कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करने के लिए संपत्तियों को कुर्क करने के लिए अनुमति की जरूरत है। इस बीच, न्यायालय ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी से एनबीसीसी को ऋण के तहत 500 करोड़ रुपये मुहैया कराने के लिए निर्देश प्राप्त करने को कहा ताकि आम्रपाली की रुकी परियोजनाओं को शुरू किया जा सके क्योंकि अभी तक निजी क्षेत्र की कोई भी कंपनी आगे नहीं आई है। बनर्जी ने पीठ को बताया कि इस मामले पर वित्त मंत्रालय में बैठक होने वाली है और संबंधित प्राधिकरण को अदालत के विचार से अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि अदालत की ओर से नियुक्त रिसीवर वरिष्ठ अधिवक्ता आर वेंकटरमानी की सलाह पर गौर किया जा रहा है जिसमें ऋण वितरण में भारतीय स्टेट बैंक के दिशानिर्देशों में ढील देने को कहा गया है। न्यायालय ने कहा कि वह इस मामले पर अगले हफ्ते सुनवाई करेगा और बनर्जी से कहा कि वह रुकी हुई परियोजनाओं के वित्तपोषण पर निर्देश लेकर आएं। उल्लेखनीय है कि 13 जनवरी को शीर्ष अदालत ने मौखिक रूप से ईडी को जेपी मॉर्गन की भारतीय संपत्ति को कुर्क करने को कहा था। अदालत ने यह मौखिक आदेश ईडी द्वारा यह बताने पर दिया कि प्रथम दृष्टया अमेरिकी कंपनी जेपी मॉर्गन ने फेमा के नियमों का उल्लंघन किया है और इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। न्यायालय ने ईडी को आमप्राली के सीएमडी अनिल कुमार शर्मा और अन्य दो निदेशकों शिव प्रिया और अजय कुमार को अपनी हिरासत में पूछताछ करने की भी अनुमति दे दी थी जो शीर्ष अदालत के आदेश पर जेल में हैं।


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