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खेलों पर भारी महामारी

Posted On May - 10 - 2020

कोरोना महामारी की मार से खेल भी अछूते नहीं है। महामारी ने खेलों के महाकुंभ यानी ओलंपिक को भी टाल देने पर टोक्यो को मजबूर कर दिया। टी-20 वर्ल्ड कप , विंबलडन, बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप समेत फुटबॉल प्रतियोगिताएं, आईपीएल, पीसीएल, और तमाम घरेलू लीग स्थगित हुई हैं या रद्द करनी पड़ी हैं।

नरेन्द्र कुमार

चीन में इस साल की शुरुआत में जब कोरोना वायरस ने दस्तक दी तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह बीमारी महामारी का रूप ले लेगी और पूरी दुनिया इसकी चपेट में आ जाएगी। कोरोना के कारण आज दुनिया के ज्यादातर देशों में लॉकडाउन है। कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां कोरोना का प्रभाव न पड़ा हो। खेल जगत भी इससे अछूता नहीं है। स्टेडियम सूने पड़े हैं और मैदान में पसीना बहाने वाले खिलाड़ी घरों में ‘कैद’ हैं। कई प्रतियोगिताएं या तो स्थगित हो गई हैं या फिर रद्द कर दी गई हैं। पिछले एक महीने से विश्व के किसी कोने में कोई खेल स्पर्धा नहीं हो रही। अभी जुलाई-अगस्त तक खिलाड़ियों के मैदान में लौटने की संभावना कम ही दिखाई देती है, क्योंकि लगभग सभी खेल स्पर्धाएं जुलाई या इसके बाद आने वाले महीनों तक स्थगित कर दी गई हैं। कई स्पर्धाएं तो अगले साल तक स्थगित हो गई हैं। कुछ रद्द कर दी गई हैं।
टोक्यो ओलंपिक अब अगले साल
कोरोना की सबसे बड़ी मार खेलों के महाकुंभ कहे जाने वाले ओलंपिक पर पड़ी है। जापान की राजधानी टोक्यो में 24 जुलाई से 9 अगस्त तक होने वाले ओलंपिक खेल अगले साल तक के लिए स्थगित कर दिए गए हैं। अब ये खेल 2021 में (23 जुलाई से 8 अगस्त तक) टोक्यो में ही होंगे। ओलंपिक के स्थगित होने से खिलाड़ियों की तैयारियों को तो धक्का लगा है। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) को भी आर्थिक रूप से काफी नुकसान उठाना पड़ा है। खेलों के लिए स्टेडियम काफी पहले तैयार हो गये थे और बड़ी संख्या में टिकट भी बिक गए थे। खिलाड़ियों के लिए होटलों की बुकिंग हो चुकी थी। यह सब अब दोबारा से कराना होगा। जापान ने इन खेलों की मेजबानी पर करीब 12 अरब 60 करोड़ डॉलर खर्च किए हैं। ओलंपिक रद्द होने से समिति को करीब 41 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। यह राशि भारत के खेल बजट से 386 अरब रुपये अधिक है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि खेलों को स्थगित करने से करीब 6 अरब डॉलर का अतिरिक्त खर्च इस प्रतियोगिता पर होगा। हालांकि, एक अच्छी बात कि ओलंपिक खेल अब बेशक 2021 में होंगे, लेकिन इन्हें टोक्यो-2020 ओलंपिक ही कहा जाएगा।
क्रिकेट पर कोरोना की गाज
यह साल क्रिकेट प्रेमियों के लिए शानदार होने वाला था। महिला टी-20 वर्ल्ड कप से शुरू होने वाले इस साल का अंत पुरुष टी-20 वर्ल्ड कप से होना था। भारत में क्रिकेट का त्योहार कहे जाने वाला आईपीएल भी इसमें शामिल था। भारत में क्रिकेट पर कोरोना की पहली मार पड़ी दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर। 3 वनडे मैचों की इस सीरीज़ का पहला मैच धर्मशाला में था, लेकिन बारिश के कारण यह नहीं हो सका। इसी दौरान देश में कोरोना का संक्रमण तेजी से पैर पसारने लगा और यह दौरा बीच में ही रद्द कर दिया गया। इसके अलावा, इंग्लैंड का श्रीलंका दौरा भी बीच में ही रद्द कर दिया गया। इसके बाद क्रिकेट मैचों पर पाबंदी का दौर शुरू हाे गया और पहले इंगलैंड क्रिकेट बोर्ड ने, फिर दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड और बीसीसीआई ने सभी तरह के क्रिकेट मैचों के आयोजन पर रोक लगा दी। उधर, पाकिस्तान ने भी पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के नॉकआउट मैचों को स्थगित कर दिया। बांग्लादेश के पाकिस्तान दौरे को टाल दिया गया। जून में होने वाला दक्षिण अफ्रीका-श्रीलंका दौरा भी रद्द हो गया है। टी-20 एशिया कप पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
आईपीएल टला
कोरोना का सबसे बड़ा प्रभाव 29 मार्च से शुरू होने वाली देश की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) पर पड़ा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने फिलहाल इसे अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया है। कोरोना के पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही इस टूर्नामेंट के भविष्य पर फैसला होगा। अगर आईपीएल का मौजूदा सत्र रद्द हो जाता है तो बीसीसीआई को भारी नुकसान होगा। साथ ही नये और पुराने खिलाड़ियों पर काफी प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि आईपीएल में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद खिलाड़ियों के लिए भारतीय टीम में शामिल होने की संभावना बढ़ जाती है। 2020 में आईपीएल रद्द होने से 2021 में होने वाली लीग के खिलाड़ियों की नीलामी टल सकती है, क्योंकि 2021 में होने वाली नीलामी में फ्रेंचाइजियों को अपने पास कुछ खिलाड़ी रखने की अनुमति मिलनी थी और बाकी के तमाम खिलाड़ियों की फिर से बोली लगाई जानी थी। लीग के रद्द होने से ऐसा नहीं हो पाएगा और अगले साल आईपीएल का 13वां सीजन ही खेला जाएगा।
विंबलडन भी रद्द हुआ
टेनिस के सबसे पुराने ग्रैंड स्लैम में से एक विंबलडन को भी कोरोना के कारण रद्द कर दिया गया है। अब तक के इतिहास में यह तीसरा मौका है, जब इस प्रतियोगिता को रद्द किया गया है। पहली बार यह स्पर्धा प्रथम विश्व युद्ध के कारण 1915 से 1918 और दूसरी बार द्वितीय युद्ध के कारण 1940 से 1945 तक नहीं हो सकी थी। टेनिस प्रेमियों के पसंदीदा इस ग्रैंड स्लैम को कराने के लिए आयोजकों ने बहुत प्रयास किए। एक बार तो इसे बिना दर्शकों के खाली स्टेडियम में कराने पर भी विचार किया गया। हालांकि, इस पर बात नहीं बनी। आखिरकार इसे रद्द ही करना पड़ा। विंबलडन को रद्द करने के फैसले से प्रशंसक ही नहीं, कई दिग्गज खिलाड़ी भी नाखुश हैं। आठ बार विंबलडन चैंपियन रह चुके रोजर फेडरर इसे ‘तहस-नहस’ जैसा फैसला बता चुके हैं। 7 बार की विंबलडन विजेता और टेनिस की स्टार महिला खिलाड़ी सेरेना विलियम्स को जब इसके रद्द होने की खबर मिली तो उन्हें इस पर भरोसा नहीं हुआ। उन्होंने अपनी हैरानी ट्वीट कर जाहिर की। टेनिस के एक और ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन को 4 महीनों के लिए स्थगित कर दिया गया है।
फुटबॉल पर भी निशाना
अमेरिका, यूरोप और अफ्रीकी देशों में तमाम फुटबॉल प्रतियोगिताएं स्थगित कर दी गई हैं। इन देशों में इन दिनों फुटबॉल लीग के मैच होते हैं, जो टल गए हैं। अमेरिका में होने वाले कोपा कप को भी एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया है। अब यह टूर्नामेंट 11 जून से 11 जुलाई 2021 के बीच कोलंबिया और अर्जेंटीना में खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट इस बार से हर 4 साल में आयोजित होना था। 2020-यूरो चैंपियनशिप को भी एक साल के लिए टाल दिया गया है। इसके अलावा, चैंपियंस लीग, यूरोप लीग और विश्व कप क्वालीफायर के साथ ही यूरोप की सभी घरेलू लीग (इंगलैंड, स्पेन, इटली, फ्रांस और जर्मनी) को रद्द कर दिया गया है।
दुनिया के विभिन्न शहरों में अलग-अलग संदेश देने वाली मैराथनों पर भी कोरोना का असर पड़ा है। इनमें हजारों लोग हिस्सा लेते हैं। इस साल मार्च के बाद होने वाली लगभग सभी मैराथन रद्द या स्थगित कर दी गई हैं। 26 अप्रैल को लंदन में होने वाली मैराथन स्थगित कर दी गई है। अब यह 4 अक्तूबर को होगी। इसी तरह, बोस्टन मैराथन, पैरिस और बारसीलोना मैराथन भी फिलहाल टाल दी गई है। इस साल जो मैराथन हुईं, उनमें भी कोरोना के कारण बहुत कम संख्या में लोग जुटे। जापान में टोक्यो में होेने वाली मैराथन में आमतौर पर 3 लाख लोग हिस्सा लेते हैं, लेकिन इस साल मार्च में इस मैराथन में सिर्फ 200 लोग ही दौड़े।
बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप टली
कोरोना के कारण बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप सहित सभी टूर्नामेंट रद्द कर दिए गए हैं। कोरोना ने फार्मूला वन की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। दुनियाभर में होने वाली सभी फार्मूला वन चैंपियनशिप स्थगित कर दी गई हैं। इनमें अजरबैजान में होने वाली फार्मूला ग्रां प्री रेस भी शामिल है। इसके अलावा, मोनाको ग्रां प्री, ऑस्ट्रेलिया ग्रां प्री को रद्द कर दिया गया है। बहरीन, वियतनाम, चीन, हॉलैंड और स्पेन में होने वाली फॉर्मूला बन रेसों को स्थगित कर दिया गया है। हॉकी में 29वें अजलान शाह कप हॉकी टूर्नामेंट को स्थगित कर दिया गया है। यह टूर्नामेंट पहले अप्रैल में होना था। अब यह 24 सितंबर से 3 अक्तूबर तक होगा।
उधर, जापान में होने वाली एशियाई पैदल चाल चैंपियनशिप को रद्द कर दी गई है। इसमें 13 भारतीय खिलाड़ियों को हिस्सा लेना था, लेकिन उनकी तैयारियों पर पानी फिर गया है। बॉक्सिंग के कई मुकाबले भी कोरोना के कारण या तो स्थगित हो गए हैं या रद्द कर दिए गए हैं। प्रोफेशनल बॉक्सिंग पर भी इसका असर पड़ा है। भारत के प्रो बॉक्सर विजेंद्र सिंह का मई में होने वाला मुकाबला भी रद्द हो गया है। यही नहीं देश में होने वाली तमाम खेल प्रतियोगिताएं स्थगित कर दी गई हैं।
कोरोना का इलाज मिलने और हालात सामान्य होने के बाद खिलाड़ियों के सामने चुनौतियां कम नहीं होंगी। उन पर दोबारा मैदान में उतरकर पहले जैसा प्रदर्शन करने का दबाव होगा। संभवत: खेल भी पहले जैसे न रहें, उनमें काफी बदलाव देखने को मिल सकता है। खासकर उन खेलों में जहां सामाजिक दूरी बनाए रखना संभव नहीं है। मैदान में जीत का जश्न भी शायद पहले जैसा न हो। गले मिलकर या फिर कंधे पर उठाकर खुशी जताने का वो अंदाज भी संभवत: फिर देखने को न मिले। मैदान ही नहीं दर्शक दीर्घा की तस्वीर भी बदली नजर आ सकती है।


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