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सिल्वर स्क्रीन

Posted On March - 21 - 2020

ए. चक्रवर्ती

आमिर का समर्पण
आमिर अपने काम के प्रति बेहद समर्पित हैं। वह जल्द ही फिल्म लालसिंह चड्ढा की शूटिंग पूरी कर लेंगे। आमिर खान के बारे में सर्वविदित है कि उनके काम करने का अंदाज़ बिल्कुल जुदा है। वह अमूमन साल-दो साल में एक सेलेक्टेड फिल्म करते हैं। उनकी वह फिल्म पूरी तरह से उन पर आश्रित होती है। इस दौरान उक्त फिल्म के प्रति उनका समर्पण भाव काबिले तारीफ होता है। अब जैसे कि लालसिंह चढ्डा के लिए अपने वज़न से लेकर गेटअप को लेकर आमिर ने काफी रिस्क उठाया है। मगर आमिर इस बात से इनकार करते हैं, ‘रिस्क तभी हो सकता है,जब आप बहुत जल्दबाज़ी में सब कुछ करें। और मैं यह सब कुछ आराम से करता हूं क्योंकि तब मुझे आगे-पीछे अपने किसी दूसरे काम की चिंता नहीं होती। अब जैसे कि पिछले एक साल से मेरे जेहन में सिर्फ लाल सिंह था। अब आगे कुछ भी नया मैं इस फिल्म की रिलीज़ के बाद ही सोचूंगा।’
उनके बारे में यह मशहूर है कि वह अपनी फिल्मों के घोस्ट डायरेक्टर हैं। यही वजह है कि इधर कई सालों से वह रीमा कांगती, विजय कृष्ण, आचार्य अवद्वेत चंदन जैसे नए डायरेक्टर्स के साथ काम करने लगे हैं। इससे फिल्मों के निर्देशन में उनकी दखलअंदाजी सहज ही मजबूत हो जाती है। ऐसे सवालों पर आमिर के जवाब में उनका होमवर्क साफ झलकता है,‘मैं यदि यह कहूं कि बिल्कुल नहीं तो क्या आप यकीन कर लेंगे। पर आपकी रेडीमेट धारणा को मैं नहीं बदल सकता। सच तो यह है कि अन्य दूसरे एक्टर की तरह मैं भी डायरेक्टर का एक्टर हूं। मैं जब भी किसी के साथ काम करता हूं, उसके पूर्व काम को कभी नहीं देखता। वह डायरेक्टर वर्तमान में मुझे कितना प्रभावित कर पाएगा, यही बात मेरे लिए ज्यादा मायने रखती है। ’
नयी शुरूआत करेंगी श्रुति
अभिनेत्री श्रुति हसन हाल ही में काजोल के साथ 13 मिनट की एक बहुचर्चित शार्ट फिल्म ‘देवी’ में दिखीं। इसमें उनके काम की खूब सराहना हो रही है। इस फिल्म को अब तक एक करोड़ लोग देख चुके हैं। दूसरी ओर मई में रिलीज़ होने वाली साउथ के सुपरस्टार हीरो रवि तेजा की तेलुगू फिल्म ‘क्रेक’ में भी उनका काफी दमदार करेक्टर है।
मगर जहां तक हिंदी फिल्मों का सवाल है, दिग्गज अभिनेता कमल हसन की बेटी श्रुति को भी अपने पिता की तरह यहां मन मसोस कर रह जाना पड़ रहा है। श्रुति खुद भी इस बात को मानती है, ‘असल में गब्बर, वेलकेम जैसी लगातार दो हिट फिल्मों के बाद भी मुझे अच्छी फिल्मों के ऑफर नहीं मिले हैं। फिर संजोग ऐसा हुआ कि इसके बाद की मेरी कुछेक हिंदी फिल्में दर्शकों को पसंद नहीं आई। दूसरी ओर मैं साउथ की अपनी फिल्मों और शो को लेकर काफी व्यस्त रहती हूं।’ श्रुति ने अपने पिता की तरह ही अपनी पहचान सिर्फ अभिनय तक ही सीमित नहीं रखी है। वह माॅडलिंग, गायिकी, म्यूजिक कंपोजिंग, डांसिग आदि की अच्छी समझ रखती है। वह कहती है, ‘इसी वजह से मैं साउथ की तमिल-तेलुगू फिल्मों को लेकर लगातार व्यस्त रहती हूं।
मैंने साउथ की कई फिल्मों में म्यूजिक कंपोजिंग के साथ ही कोरियोग्राफी तक की है। पर हिंदी फिल्मों में मुझे सिर्फ एक्टिंग तक ही सीमित रखा गया है। यहां तक कि हिंदी फिल्मों में मेरे गायन का भी उपयोग नहीं किया गया। जबकि मैं साउथ की फिल्मों के लिए बराबर गा रही हूं। शार्ट फिल्म ‘देवी’ में मेरे काम करने की एक वजह यह भी थी। मैं इन दिनों तमिल फिल्म ‘लाबाम’ की शूटिंग कर रही हूं। इसके बाद मैं एक नई हिंदी फिल्म की शूटिंग करूंगी, जिसे साउथ के ही एक बड़े डायरेक्टर बनाएंगे। मैं चाहती हूं कि साउथ के साथ हिंदी की भी फिल्में करती रहूं। इसकी शुरुआत अब जल्द होगी।’
‘द गर्ल ऑन द ट्रेन’ में अदिति
अदिति राव हैदरी फिल्म ‘द गर्ल ऑन द ट्रेन’ को लेकर बेहद क्रेज़ी है। दो साल के अंतराल के बाद उनकी कोई फिल्म रिलीज़ हो रही है। उनकी पिछली रिलीज़ फिल्म ‘दास देव’ तो एक भूली हुई दास्तां बन चुकी है। ऐसे में मई में आने वाली ‘द गर्ल ऑन द ट्रेन’ पर अदिति की बहुत उम्मीदें हैं। वह बताती हैं, ‘फिल्म के डायरेक्टर रिब्बू दासगुप्ता ने बहुत ज्यादा काम नहीं किया है पर वह बहुत सुलझे हुए डायरेक्टर हैं। यह रहस्य-रोमांच से भरी फिल्म है। मैं, परिणीति और कीर्ति कुल्हारी इसके तीन अहम किरदार हैं। इस थ्रिलर का सब्जेक्ट तो मैं बता नहीं सकती। वैसे भी फिल्म का टाइटल ही काफी कुछ बयां कर रहा है। फिलहाल तो इतना ही कह सकती हूं, मेरी इस ट्रेन का सफर अच्छा होगा।’ 14 साल के फिल्म करियर में अदिति ‘दिल्ली-7’, ‘ये साली जिंदगी’, ‘राॅकस्टार’, ‘मर्डर-3’,’वजीर’, ‘फितूर’, ‘पद्मावत’, ‘भूमि’ जैसी एक दर्जन से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुकी अदिति के करियर में अब भी जैसे एक स्पीड ब्रेकर लगा हुआ है।
रिचा की शादी कब?
अभिनेत्री रिचा चड्ढा को फिल्म ‘पंगा’ के बाद खूब नोटिस किया जा रहा है। इधर वह अपनी फिल्म ‘भोली पंजाबन’ को लेकर काफी उत्साहित हैं। इसमें उनका लीड रोल है। दूसरी ओर रिचा और उनके बाॅय फ्रेड अली की संभावित शादी को लेकर अभी तक एक शंका बनी हुई है। आजकल दोनों ही अपने रिश्ते की बात को टाल रहे हैं। जबकि 74वें वेनिस फिल्मोत्सव में ही दोनों ने अफेयर की बात को कबूल किया था। अब उनके बेहद करीबी लोगों की मानें तो दोनों की शादी अप्रैल में होगी। उनके इन करीबी दोस्तों ने तो शादी की नई तारीख 15 अप्रैल तय कर दी है। वैसे रिचा भी इस बारे में साफ-साफ कुछ नहीं बता रही हैं। बस, मुस्करा कर शादी के सवाल को टाल देती हैं। उनकी तुलना में अली फज़ल बेहद खुश नज़र आ रहे हैं। पर वह भी कोई जवाब देने से बचते हैं। इससे पहले भी उनकी शादी की तारीख दो बार सामने आ चुकी है। लगता है दोनों ही शादी की बात को हाइप करके प्रचार में रहना चाहते हैं।
नंबर एक की दावेदार आलिया
अभिनेत्री आलिया भट्ट ने नंबर एक नायिका की अघोषित कुर्सी पर लगता है अपना कब्ज़ा जमा लिया है। कंगना, दीपिका जैसी एक्ट्रेस का नाम अब उनके बाद ही लिया जा रहा है। आलिया ने गत दिनों भंसाली की ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ की काफी शूटिंग पूरी कर ली है। इसके साथ ही उनकी एक और फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ भी इसी साल रिलीज़ होगी। मगर आलिया की जुबां पर इन दिनों संजय लीला भंसाली की ‘गंगूबाई’ का ही नाम है। वह कहती है, ‘मैं अब भी यकीन नहीं कर पा रही हूं कि मैं अपने पसंदीदा निर्देशक के साथ काम कर रही हूं। मैं सच कह रही हूं, इस फिल्म की शूटिंग के दौरान सिर्फ उन्हें फाॅलो करती थी। कई बार वह मुझसे पूछते हैं, यह शाॅट कैसा है। मेरे अच्छा कहने पर वह मुस्करा कर कहते हैं-ऐसी बात नहीं है, शाॅट ठीक से टेक नहीं हुआ। इसे दोबारा लेते हैं। यह कहकर भंसाली सर उस शाॅट को दो-तीन टेक के बाद ही ओके करते हैं।’ सच तो यह है कि गंगूबाई के बाद से ही आलिया एक अलग चर्चा का विषय बन चुकी है। 26 साल की यह तारिका अब अपने ऑन और ऑफ जिंदगी से जुड़े सवालों का सामना पूरी बेबाकी से करती है। वह बताती है, ‘पर मेरे मन के अंदर का बच्चा हमेशा बाहर निकलने की कोशिश करता है। अयान मुखर्जी की ब्रह्मास्त्र की शूटिंग में इस बात को मैंने कुछ ज्यादा ही महसूस किया है। अभिनय के मामले में यह बिल्कुल अच्छा नहीं है। इनफैक्ट एक एक्टर की कोई इमेज ही नहीं होनी चाहिए। मैं वर्सेटाइल होना चाहती हूं। इस मामले में मेरे डायरेक्टर भी मुझे इस मामले में बहुत मदद कर रहे हैं। मैं जल्द राजमौली जी की फिल्म ‘आरआरआर’ की शूटिंग पूरी कर लूंगी। मुझे इस बात का अहसास है कुछ अलग न कर पाने पर लंबी रेस का घोड़ा बन पाना मेरे लिए संभव नहीं होगा।’


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