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फरीदाबाद : निगम के पास कोई रिकार्ड ही नहीं

Posted On March - 2 - 2020

राजेश शर्मा
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में भी पीजी धड़ल्ले से चल रहे हैं। नगर निगम प्रशासन की लापरवाही इस हद तक है कि उसके पास शहर में चल रहे पीजी का डाटा तक नहीं है। शहर में ज्यादातर पीजी अवैध रूप से चल रहे हैं। रिहायशी इलाके में खुले इन पीजी के पास न तो नगर निगम की एनओसी है और न ही फायर फाइटिंग के इंतजाम हैं। शहर में कई ऐसी जगहों पर पीजी हैं, जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तक नहीं पहुंच सकती। शहर में जगह-जगह बड़े-बड़े कालेज व इंस्टीट्यूट हैं। अलग-अलग प्रदेशों व जिलों से यहां पर आकर बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। कालेज व इंस्टीट्यूटों के हॉस्टलों में जगह न मिलने से आसपास के इलाके व सेक्टरों में पेइंग गेस्ट के रूप में रहते हैं। पीजी मालिक सुविधा के अनुसार 4 हजार से 20 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से एक पेइंग गेस्ट से वसूलते हैं। एक कमरे में कई-कई बेड लगे हैं। कमर्शियल टैक्स व अन्य खर्चे बचाने के लिए काेई भी मालिक पीजी की जानकारी न तो नगर निगम को देता है अौर न ही पुलिस को। पुलिस और नगर निगम की नजरों से बचने के लिए ये पीजी का बोर्ड लगाए बिना गुपचुप तरीके से पीजी का धंधा चलाते हैं। नगर निगम सीमा क्षेत्र के सेक्टर-7,8, 9, 10, 11, 14, 21, 48, 37, 28, 29, 30, 31 55 के अलावा एनएच-1-2, 3, और 5 में पीजी चल रहे हैं। सेक्टर-7, 28, 29 में तो इतनी तंग गलियों के मकानों में पीजी खुले हैं कि आग लगने पर वहां तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी तक नहीं पहुंच सकती है।


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