प्रेस लिखे वाहन में यूपी से आए 3 लोग भेजे शेल्टर होम !    शेल्टर होम में रहने वालों को मिलेंगी सभी सुविधाएं !    द. अफ्रीका में जन्मे कॉनवे को न्यूजीलैंड से खेलने की छूट !    तबलीगी जमात के कार्यक्रम ने बढ़ाई चिंता !    ‘बढ़ाना चाहिए विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का समय’ !    लंकाशर क्लब चेयरमैन हॉजकिस की कोरोना से मौत !    24 घंटे में बनायें सही सूचना देने वाला पोर्टल : सुप्रीम कोर्ट !    भारत-चीन को छोड़कर बाकी विश्व में मंदी का डर !    भारत में तय समय पर होगा अंडर-17 महिला विश्वकप !    हिमाचल में 14 तक बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय !    

फजीहत के बाद सरकार ने प्रदेश में बंद किए ठेके

Posted On March - 27 - 2020

चंडीगढ़, 26 मार्च (ट्रिन्यू)
हरियाणा में लाॅकडाउन के चलते बृहस्पितवार रात बारह बजे से शराब के ठेके बंद हो जाएंगे। फिलहाल यह आदेश 31 मार्च तक लागू रहेंगे। एक अप्रैल से नयी शराब नीति लागू होनी है। राज्य में चूंकि 14 अप्रैल तक लाॅकडाउन के आदेश हैं, इसलिए सरकार 30 मार्च को फैसला लेगी कि शराब के ठेके बंद करने के आदेश कब तक बढ़ाए जाएं।
राज्य में जनता कर्फ्यू के बाद से 31 मार्च तक करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये की लाइसेंस फीस के नुकसान का अनुमान है। हालांकि, इन शराब ठेकों से जगह-जगह लाॅकडाउन का उल्लंघन हो रहा था। खासकर ग्रामीण इलाकों में लोग ठेकों पर जमा हो रहे थे, जिस कारण संक्रमण फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। हरियाणा के डिप्टी सीएम एवं आबकारी व कराधान मंत्री दुष्यंत चौटाला ने बृहस्पतिवार शाम को विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई और बूहस्पतिवार रात से 31 मार्च तक शराब ठेके बंद करने के आदेश दे दिए। शराब ठेकों के खुले होने की वजह से राज्य सरकार को सोशल मीडिया पर लोगों के काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा था।
राज्य में 2500 ठेके
हरियाणा के शराब ठेकेदारों की एलाइड लीकर्स लाइसेंस एसोसिएशन के प्रधान जोगेंद्र भिवानी, महासचिव सतपाल तंवर और उप प्रधान नरेंद्र नरवाल ने दो दिन पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को पत्र लिखकर शराब ठेके बंद करने का अनुरोध किया था। महासचिव सतपाल तंवर के अनुसार इसके पीछे कारण यह था कि ठेकेदारों को कंपनियों से सप्लाई नहीं मिल रही थी। शराब ठेकों पर स्टाफ भी अपने अपने घर जा चुका था और सेल्समैन व बाकी कर्मचारी भी नहीं थे। इसलिए कारोबार नहीं होने के कारण हर रोज लाखों रुपये का नुकसान शराब ठेकेदारों को उठाना पड़ रहा था।
7800 करोड़ राजस्व का लक्ष्य
प्रधान जोगेंद्र और महासचिव सतपाल तंवर ने बताया कि 365 दिन की लाइसेंस फीस करीब 3500 करोड़ रुपये बनती है। यानी एक दिन की लाइसेंस फीस 10 करोड़ हो गई। 22 मार्च से जनता कर्फ्यू के बाद ठेकों पर काम नहीं है। 31 मार्च तक अन्य खर्च जोड़कर लाइसेंस फीस का यह नुकसान करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये होगा। राज्य सरकार ने ३१ मार्च को खत्म होने वाले वित्तीय वर्ष में 6600 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जबकि एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष में 7800 करोड़ रुपये के राजस्व जुटाने का लक्ष्य है।


Comments Off on फजीहत के बाद सरकार ने प्रदेश में बंद किए ठेके
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Manav Mangal Smart School
Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.