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पपेटियर बन सीखें कठपुतली कला

Posted On March - 14 - 2020

टेक्नोलॉजी के इस युग में कठपुतली का खेल दिखाने वाले कम ही नज़र आते हैं। आज के समय में भले ही ये सड़कों पर या गांव के नुक्कड़ पर दिखाई न देते हों, लेकिन फिर भी इनका क्रेज़ कम नहीं हुआ है। बस समय के साथ इनका रूप बदल गया है। वर्तमान में फिल्म और टीवी में पपेटियर ज्यादा नज़र आते हैं। अगर आप भी चाहें तो बतौर पपेटियर अपना भविष्य देख सकते हैं। भारत में कहानी कहने की सबसे पुरानी कला है। कठपुतली भी लंबे समय तक संचार का एक बहुत प्रसिद्ध रूप था। भारत के अलग−-अलग राज्यों की अपनी−-अपनी कठपुतली शैली है। भारत में कठपुतली की समृद्ध विरासत रही है, जो पिछले कुछ समय से कहीं विलुप्त होती जा रही है। लेकिन अब विभिन्न संस्थान एक बार फिर से इस कला को सहेजने का कार्य कर रहे हैं।
पपेटियर क्या करता है
एक पपेटियर सिर्फ कठपुतली को ही संचालित नहीं करता, बल्कि उसे बीच-−बीच में डायलॉग्स भी बोलने होते हैं। साथ ही वह अपनी आवाज़ के उतार−-चढ़ाव के ज़रिए उन संवादों में जान डाल देता है।
इसके लिए कल्पनाशील व आत्मविश्वासी होना बेहद आवश्यक है। साथ ही अगर आपकी मिमिक्री, स्कल्प्चर में रुचि है तो इस क्षेत्र में सफलता पाना काफी आसान हो जाता है। आजकल धागे से चलाने वाले पपेट का इस्तेमाल कम किया जाता है, बल्कि हाथों में पहने जाने वाले पपेट अधिक देखे जाते हैं। इसलिए एक पपेटियर को अपना डायलॉग्स को कुछ इस तरह से बोलना होता है कि देखने वाला व्यक्ति उसे समझ न पाए। यह भी एक कला है, जिसका काफी अभ्यास करना पड़ता है।
योग्यता
पपेटियर बनने के लिए किसी फॉर्मल डिग्री का होना अनिवार्य नहीं है, लेकिन फिर भी आप पपेटरी में डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। इस कोर्स के दौरान आपको उंगली, कलाई और हाथों का संचालन, कठपुतली की आवाज निकालना व पपेट बनाना आदि आ जाता है, जिससे आपको काम के दौरान काफी आसानी होती है।
आजकल टीवी के विभिन्न चैनलों में ऐसे कई शोज आते हैं, जिनमें कठपुतली या साफट टॉयज को बतौर पपेट इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप पपेट को हैंडल करने के साथ−-साथ कई तरह की आवाजें निकालने में सक्षम हैं तो टीवी चैनलों में काम मिलना काफी आसान हो जाता है। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्कूल्स, पार्टी व अन्य जगहों पर पपेट शोज करवाए जाते हैं, आप वहां भी काम कर सकते हैं। इतना ही नहीं, जो लोग इस कला को सीखना चाहते हैं, उन्हें आप इसे सिखाकर भी पैसा कमा सकते हैं।
प्रमुख संस्थान
यूनियन इंटरनेशनल डी लॉ मेरियनेट (यूनिमा), कोलकाता।

जामिया मिलिया इस्लामिया विवि, दिल्ली।

मुंबई यूनिवर्सिटी, मुंबई।


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