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नक्शे में भविष्य

Posted On March - 14 - 2020

जियोग्राफी में रुचि है और बढ़िया क्रिएटिव एवं मैथमेटिकल स्किल्स भी हैं, साथ में मैप्स बनाने का शौक रखते हैं तो कार्टोग्राफी में करिअर प्लान कर सकते हैं। इस कोर्स में मानचित्र यानी नक्शे बनाने का काम किया जाता है। बता दें कि मैप का इस्तेमाल नेविगेशन, मौसम से जुड़ी रिपोर्ट तैयार करने लिए किया जाता है।
मैप्स की अहमियत
जहां मैप या नक्शे पुराने ज़माने में केवल सेलर्स और नेविगेटर्स इस्तेमाल करते थे वहीं आजकल यह सबके लिए ज़रूरत बन गए हैं। कहीं जाना हो, कोई सड़क, जगह ढूंढनी हो या किसी टूरिस्ट स्पॉट का पता करना हो। टूरिस्ट्स, मौसम की रिपोर्ट तैयार करने के लिए, रेलवे लाइन्स बिछाने के लिए, फ्लाइट्स-पाथ्स के निर्धारण के लिए और समुद्री-व्यापार के रूट्स तय करने के लिए भी मैप का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा नदियों झीलों, मैदानों, वनों की जानकारी भी हमें मानचित्रों से ही मिलती है।
शैक्षणिक योग्यता
कुछ कॉलेज डिप्लोमा, ग्रेजुएट और मास्टर्स लेवल पर कार्टोग्राफी में स्पेशलाइज्ड कोर्सेज भी ऑफर करते हैं। भारत में कई शिक्षण संस्थान कार्टोग्राफी या इससे संबंधित क्षेत्र में स्नातक पाठ्यक्रम का संचालन करते हैं। कार्टोग्राफी में मास्टर डिग्री भी होती है। 12वीं के बाद कार्टोग्राफी करना चाहते हैं तो किसी संस्थान से कार्टोग्राफी में डिप्लोमा करके किसी संस्था से जुड़ सकते हैं। कुछ संस्थान एक साल का डिप्लोमा कोर्स भी कराते हैं।
आमतौर पर, अंडरग्रेजुएट कोर्सेज के लिए, स्टूडेंट्स ने 12वीं क्लास का बोर्ड एग्जाम या संबद्ध क्वालीफाइंग एग्जाम आवश्यक विषयों सहित पास किया हो। कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है। सीट लिमिट के कारण कई इंस्टीट्यूट्स कैंडिडेट्स की स्क्रीनिंग और सेलेक्शन के लिए अपने एंट्रेंस एग्जाम लेते हैं। कई बार कैंडिडेट्स को एडमिशन देने के लिए अन्य पॉपुलर एंट्रेंस एग्जाम्स के स्कोर्स एक्सेप्ट किये जाते हैं।
कार्टोग्राफी में सर्टिफिकेट कोर्स
योग्यता : जियोग्राफी विषय के साथ 10 + 2
कोर्स की अवधि: 3 महीने से 1 वर्ष
डिप्लोमा कोर्सेज़

0 जियोइनफॉर्मेटिक्स में डिप्लोमा
योग्यता: जियोग्राफी विषय के साथ 10 + 2
कोर्स की अवधि : 2 से 3 साल
ग्रेजुएट लेवल कोर्सेज
0 बीई जियो इनफॉर्मेटिक्स
योग्यता: जियोग्राफी के साथ 10 + 2
कोर्स की अवधि: 4 साल
0 बीटेक जियो इनफॉर्मैटिक्स
योग्यता: जियोग्राफी के साथ 10 + 2
कोर्स की अवधि: 4 साल
0 बीएससी जियोग्राफी
योग्यता: जियोग्राफी के साथ 10 + 2
कोर्स अवधि: 3 साल
0 बीए जियोग्राफी
योग्यता: जियोग्राफी के साथ 10 + 2
कोर्स अवधि: 3 साल
मास्टर्स लेवल कोर्सेज
0 जियोग्राफिकल कार्टोग्राफी में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा
योग्यता: ग्रेजुएशन की डिग्री
कोर्स की अवधि : 2 साल
0 एमए जियोग्राफी
योग्यता: ग्रेजुएशन की डिग्री
कोर्स की अवधि: 2 साल
0 एमई जियो इनफॉर्मेटिक्स
योग्यता: ग्रेजुएशन की डिग्री
कोर्स की अवधि: 2 साल
0 एमएससी जियोग्राफी
योग्यता: ग्रेजुएशन की डिग्री
कोर्स की अवधि: 2 साल
0 एमएससी जियो इनफॉर्मेटिक्स
योग्यता: ग्रेजुएशन की डिग्री
कोर्स अवधि: 2 साल
0 एमटेक: रिमोट सेंसिंग और जियोग्राफिकल इनफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस)
योग्यता: ग्रेजुएशन की डिग्री
कोर्स की अवधि: 2 साल
कुशल कार्टोग्राफर की मांग आज सार्वजनिक क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी है। जनगणना विभाग, भूमि सर्वेक्षण तथा पर्यटन विभाग में समय-समय पर भर्तियां निकलती हैं।
कार्टोग्राफी के लिए संस्थान
0 जामिया मिलिया इस्लामिया जामिया नगर, नई दिल्ली।
0 पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़।
0 उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद।
0 सैम हिगिनबोटम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर, इलाहाबाद।
0 (रिमोट सेंसिंग एंड जियोग्राफिकल इनफॉर्मेशन सिस्टम में पीजी डिप्लोमा कर सकते हैं)
कार्टोग्राफी में वैज्ञानिक, तकनीकी और कलात्मक पहलू होते हैं, इसलिए एक कार्टोग्राफर को इन सबकी अच्छी जानकारी होनी चाहिए। आज डिजिटल युग में कार्टोग्राफी बहुत आसान हो गई है। पहले कार्टोग्राफी करने के लिए जगह-जगह जाकर सर्वे किया जाता था। फिर हाथ से मानचित्र आदि बनाने पड़ते थे, लेकिन आज के डिजिटल युग में सेटेलाइट की मदद से कार्टोग्राफी का काम करना आसान हो गया है। उदाहरण के लिए, आप गूगल मैप को ले सकते हैं।
नौकरी की संभावनाएं
जैसे-जैसे तकनीक का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे ही इस क्षेत्र में कार्टोग्राफर की मांग भी बढ़ रही है। सरकारी क्षेत्र के अलावा विभिन्न संगठन हैं, जो मैप्स आदि बनाने का काम करती हैं। आर्किटेक्चर और इंजीनियरिंग संगठनों में भी कार्टोग्राफर की मांग रहती है। आप खुद का भी व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
इनकम
कोर्स पूरा करने के बाद आप शुरू में 20 से 25 हजार रुपए प्रति माह कमा सकते हैं। जैसे-जैसे इस फील्ड में आप पुराने होते जाएंगे, आपकी आय बढ़ती जाएगी। अगर आप इस पर रिसर्च कर लेते हैं तो ये आय लाखों में हो सकती है।


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