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एक वायरस से सहमी दुनिया

Posted On March - 26 - 2020

तिरछी नज़र

शमीम शर्मा

बचपन से लेकर अब तक सुनी कहानियों में यही पढ़ा और सुना था कि शेर जंगल का राजा है और सबसे खतरनाक जीव है। अगर उसके चंगुल में कोई आ जाये तो बचने की कोई संभावना नहीं रहती। पर कोरोना वायरस तो शेर का भी बाप निकला। इसके बाद वायरस के जिक्र पर यही सुनने में आता था कि अफवाहों से बड़ा कोई वायरस नहीं है। फिर भी अगर भारत में अफवाहों से भी बड़ा कोई वायरस ढूंढ़ना ही है तो वह है सांप्रदायिक संकीर्णताओं का वायरस। पर कोरोना वायरस तो सभी वायरसों का ताऊ निकला, जिसने समूची दुनिया को मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। एक वायरस समूची मानवता पर भारी पड़ रहा है।
पहली बार ऐसा हो रहा है कि विश्व के ताकतवर देश एक विकट महामारी की तबाही की चपेट में पहले आये हैं। उनके पास हर तरह की सुविधायें और इलाज हैं पर बचाव का कोई रास्ता नहीं मिल रहा है। सारी साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधायें, सारी दौलत और संसाधन धरे के धरे रह गये। बड़ी-बड़ी सुपर पॉवर के पसीने छूटे हुए हैं। हमारे पास इस महामारी से बचाव का एक ही रास्ता है कि बस बचाव करें। कछुए की तरह अपने ही भीतर सिमट जायें वरना निपट जायेंगे।
कोरोना के बचाव पर अब मोदी जी ने कहा है कि 21 दिनों तक घर में बैठो। इस पर एक महाशय की टिप्पणी है कि जिस मोदी ने 2014 से कांग्रेस को घर बिठा दिया, उसने अब पूरे हिन्दुस्तान को घर में बैठा दिया है। कोई कह रहा है कि तीन दिन पहले थाली बजवाई थी तो 21 दिन का सूतक लगना ही था।
कहने वालों का कुछ नहीं जाता। कहने वाले कमाल करते हैं। कौन ढूंढ़ेगा इन सवालों का जवाब, कहने वाले तो बस सवाल करते हैं।
यह घड़ी नहीं है कि रोजी-रोटी के संकट की बात की जाये या देश की अर्थव्यवस्था पर आंसू बहाये जायें। माना कि दिहाड़ीदारों के लिये 21 दिन जीना किसी मुसीबत से कम न होगा। पर उनकी मदद के लिए रास्ते निकाले जाना स्वाभाविक है। फिलहाल तो प्रश्न सिर्फ जान का है। गर जान ही निकल गई तो दिहाड़ी हो, नौकरी हो या फैक्टरी, किस काम की?
खैर, पहली बार उन लड़कों की डिमांड बढ़ गई है जो भारत देश में ही जॉब करते हैं। इतना ही नहीं, बंगलुरू, पुणे, मुम्बई, अहमदाबाद आदि शहरों में लगे लड़कों के रेट भी काफी गिर चुके हैं।

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एक बर की बात है अक रामप्यारी नैं अपने दिल तैं पूच्छ्या अक यो प्यार-व्यार के बला है तो दिल फटकार लगाते होए बोल्या—ज्यादा फालतू बात ना कर््या कर, मेरा काम खून सप्लाई करना है।


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