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आधे-अधूरे संसाधनों के साथ कोरोना से लड़ रही टीम

Posted On March - 26 - 2020

रोहतक पीजीआई के आइसोलेशन वार्ड में अलर्ट टीम। -निस

अनिल शर्मा/निस
रोहतक, 25 मार्च
कोरोना वायरस को लेकर करीब डेढ़ महीने से पीजीआई के 4 सीनियर डाक्टरों की अगुवाई में 60 लोगों की टीम लड़ रही है। पूरी टीम ने मरीजों के इलाज के लिए दिन-रात एक कर रखा है। कोरोना से लड़ रही इस टीम के पास पूरे संसाधन तक उपलब्ध नहीं है। इनके पास पीपीई किट भी पूरी नहीं है। इसके अलावा टीम के पास एन-95 मास्क भी पूरे नहीं है।
डाक्टरों का कहना है कि सरकार तो हर संभव मदद कर रही है, लेकिन मार्केट में ही चीजों की कमी है, वो जैसे-तैस काम चला रहे हैं। टीम के सदस्य बिना किसी डर के अपनी जान को खतरे में डालकर कोरोना से संभावित और पीड़ित मरीजों का इलाज करने में जुटी है। पीजीआई रोहतक में करीब 100 संदिग्ध पहुंचे थे। उनके सैंपल लेकर उन्हें पीजीआई में भी रखा गया है। राहत की बात यह भी है कि सिर्फ एक को छोड़कर सभी मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
एक फरवरी को देश में कोरोना वायरस की आहट के साथ ही पीजीआई प्रबंधन ने पल्मोनरी क्रिटिकल केयर विभागाध्यक्ष डा. ध्रुव चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की और डा. ध्रुव चौधरी को बीमारी के बचाव व प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। टीम में सीनियर डाक्टर डा. पवन, दीपक जैन, डा. मंजूनाथ व दीक्षा को शामिल किया गया। इनके अलावा 5 सीनियर रेजीडेंट डाक्टरों सहित साठ सदस्यों टीम में शामिल हैं। इनमें नर्स, बैरर, सफाई कर्मी, सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। साथ ही बीमारी को देखते हुए वरिष्ठ चिकित्सकों की एक कोर्डिनेशन कमेटी भी गठित की गई है, जिसमें डा. ध्रुव चौधरी, डा. वीके कत्याल, डा. आदित्य भार्गव, डा. विनोद, डीएमएस डा. संदीप व चीफ सुरक्षा अधिकारी मेजर नीरज शर्मा को शामिल किया गया है। कोरोना को लेकर बनाई गई टीम ने दिन-रात एक कर रखा है। यहां तक की टीम के सदस्य परिवार के सदस्यों से भी नहीं मिलते और उनसे दूरी बनाकर रखते है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि हर समय बीमारी लगने का डर रहता है।

5 फरवरी को आया था पहला संदिग्ध
चीन से एक एमबीबीएस छात्र पांच फरवरी रोहतक लौटा था और उसे कोरोना के लक्ष्ण दिखाई देने पर वह जांच के लिए पीजीआई पहुंचा था। पीजीआई द्वारा गठित विशेष टीम ने उसके सैंपल जांच के लिए पुणे भेजा, तब तक मरीज को पीजीआई में ही एडमिट रखा, रिपोर्ट आने के बाद भी उसे 14 दिन तक निगरानी में रखा और बाद में उसे छुट्टी दी गई। अब तक टीम सौ से अधिक कोरोना के संदिग्ध मरीजों की जांच कर चुकी है और सभी की रिपोर्ट नेगेटिव ही आई है, बस सोमवार को तेज कालोनी निवासी महिला की पॉजटिव पाई गई है, जिसे स्पेशल वार्ड में रखा गया है। बुधवार को भी 36 संदिग्धों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।


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