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सुनवाई से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के जज

Posted On February - 13 - 2020

नयी दिल्ली, 12 फरवरी (एजेंसी)
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम.एम. शांतानागौडर ने सारा अब्दुल्ला पायलट की उस याचिका पर सुनवाई से बुधवार को खुद को अलग कर लिया जिसमें सारा ने अपने भाई एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर जन सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिए जाने को चुनौती दी है। सारा पायलट की याचिका सुनवाई के लिए जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस शांतानागौडर और जस्टिस संजीव खन्ना की 3 जजों वाली पीठ के समक्ष आई थी।
जस्टिस शांतानागौडर ने सुनवाई के प्रारंभ में कहा, ‘मैं मामले में शामिल नहीं हो रहा हूं।’ उन्होंने सुनवाई से खुद को अलग करने के लिए कोई विशिष्ट कारण नहीं बताया। पीठ ने कहा कि याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी। सारा ने जम्मू कश्मीर जन सुरक्षा कानून, 1978 के तहत अपने भाई को नजरबंद किए जाने को चुनौती देते हुए सोमवार को शीर्ष न्यायालय का रुख किया था।
याचिका में नजरबंदी के आदेश को गैरकानूनी बताते हुए कहा गया है कि इसमें बताई गईं वजहों के लिए पर्याप्त सामग्री और ऐसे विवरण का अभाव है जो इस तरह के आदेश के लिए जरूरी है। याचिका में उमर अब्दुल्ला को जन सुरक्षा कानून के तहत नजरबंद करने संबंधी 5 फरवरी का आदेश निरस्त करने का अनुरोध किया गया है।
याचिका में कहा गया है कि उमर अब्दुल्ला को चार-पांच अगस्त, 2019 की रात घर में ही नजरबंद कर दिया गया था। इसमें कहा गया है,‘यह विरला मामला है कि वे लोग जिन्होंने सांसद, मुख्यमंत्री और केन्द्र में मंत्री के रूप में देश की सेवा की और राष्ट्र की आकांक्षाओं के साथ खड़े रहे, उन्हें अब राज्य के लिए खतरा माना जा रहा है।’


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