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भाजपा को भारी पड़ गए भड़काऊ बयान

Posted On February - 15 - 2020

हरीश लखेड़ा/ट्रिन्यू
नयी दिल्ली, 14 फरवरी
दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार के कारण जानने के लिए मंथन करने के बाद प्रदेश भाजपा ने भी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की लाइन पर मुहर लगा दी है। शाह कह चुके हैं कि कुछ नेताओं के भड़काऊ बयानों से पार्टी को नुकसान हुआ। इसके अलावा पार्टी का यह भी मानना है कि अति आत्मविश्वास और शाहीन बाग मामले से सही तरीके से नहीं निपटना भी हार के प्रमुख कारणों में रहा है।
प्रदेश भाजपा ने शुक्रवार से इस चुनाव के हार के कारण जानने के लिए मैराथन बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। शुक्रवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ विचार मंथन किया। अगले 3 दिनों तक प्रदेश के पार्षदों से लेकर कार्यकर्ताओं से भी कारण जाने जाएंगे। इसके बाद रिपोर्ट को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंप दिया जाएगा।
हार के कारणों में केजरीवाल सरकार की बिजली, पानी आदि मुफ्त बांटो योजना की काट के लिए अपने वादों को सही तरीके से जनता तक नही पहुंचाना भी एक प्रमुख कारण माना गया। इसी तरह मुख्यमंत्री का चेहरा पेश नहीं करने को भी एक कारण माना जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश भाजपा नेताओं ने यह भी माना कि दिल्ली के मुद्दों की बजाए राष्ट्रीय मुद्दों पर चुनाव लड़ना भी हार का एक प्रमुख कारण रहा है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल को आतंकी कहना और ‘गोली मारो’ जैसे नारे लगवाने से पढ़े-लिखे वोटरों, खासतौर पर युवाओं और महिलाओं में गलत संदेश गया। इसी तरह पार्टी संगठन को लेकर भी कहा गया कि कई सीटों पर टिकट बंटवारे के बाद गुटबाजी भी कायम रही। इसके अलावा कुछ सांसदों की कार्यशैली तथा पार्षदों के भी ज्यादा सक्रिय न होना भी हार का एक कारण माना जा रहा है।
दिल्ली के तीनों नगर निगमों में भाजपा की सत्तारूढ़ है। इस बैठक के दौरान यह बात भी सामने आई कि इस बार भी बड़ी संख्या में पार्टी कैडर ने उदासीनता दिखाई। दिल्ली में भाजपा के सदस्य संख्या से कम वोट मिले। भाजपा दावा करती है कि दिल्ली में उसके 62.28 लाख सदस्य हैं, जबकि उसे मात्र 35.75 लाख वोट ही मिले।


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