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चोपड़ा के बाद चाको ने भी दिया इस्तीफा

Posted On February - 13 - 2020

नयी दिल्ली, 12 फरवरी (ट्रिन्यू/एजेंसी)
दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के दिल्ली प्रभारी पीसी चाको ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया। चाको ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस्तीफा भेजा है। मंगलवार को नतीजे आने के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस की इस दुर्गति के लिए प्रदेश के नेता पार्टी हाईकमान को जिम्मेदार मान रहे हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप ने 62 सीटें हासिल करके शानदार जीत दर्ज की। भाजपा को महज 8 सीटें ही मिलीं जबकि कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला।
बयान पर मचा घमासान
कांग्रेस की करारी शिकस्त के बाद चाको के एक बयान पर कई नेताओं ने हमला बोला है। दरअसल, कांग्रेस नेता चाको ने कहा कि कांग्रेस का पतन 2013 में शुरू हुआ जब शीला दीक्षित मुख्यमंत्री थीं। उन्होंने कहा,‘एक नई पार्टी आम आदमी पार्टी (आप) के उदय ने कांग्रेस के पूरे वोट बैंक को छीन लिया। हम इसे कभी वापस नहीं पा सके। यह अभी भी आप के साथ बना हुआ है।’ बाद में चाको ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी भी तरह से शीला दीक्षित को जिम्मेदार नहीं ठहराया है, बल्कि सिर्फ यह तथ्य रख रहे थे कि पार्टी का प्रदर्शन कैसे धीरे-धीरे खराब होता चलाया गया और कांग्रेस का वोट आप की तरफ चला गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने इसको लेकर चाको पर निशाना साधा और कहा कि चुनावी हार के लिए दिवंगत शीला दीक्षित को जिम्मेदार ठहराना दुर्भाग्यपूर्ण है। शीला दीक्षित के करीबी रहे कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी चाको पर निशाना साधते हुए कहा, ‘2013 में जब हम हारे तो कांग्रेस को दिल्ली में 24.55 फीसदी वोट मिले थे। शीला जी 2015 के चुनाव में शामिल नहीं थीं जब हमारा वोट प्रतिशत गिरकर 9.7 फीसदी हो गया। 2019 में जब शीला जी ने कमान संभाली तो कांग्रेस का वोट प्रतिशत 22.46 फीसदी हो गया।’
अपनी भूमिका, जवाबदेही पर गौर करें
कांग्रेस ने दिल्ली में करारी हार के बाद पार्टी नेताओं के बीच जुबानी जंग को बुधवार को ‘अवांछित एवं अस्वीकार्य’ करार दिया और उन्हें अनुशासन की मर्यादा में रहने की नसीहत देते हुए कहा कि इन नेताओं को पहले अपनी भूमिका और जवाबदेही के बारे में विचार करना चाहिए। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि अगर ये नेता अपनी भूमिका पर विचार कर लेंगे तो दिल्ली में पार्टी को नए सिरे से खड़ा करने की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘हम कांग्रेस की तरफ से कहना चाहते हैं कि कांग्रेस के कुछ नेता जिस तरह से अनुशासन की मर्यादा लांघकर एक दूसरे आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं वो अवांछित और अस्वीकार्य है।’ सुरजेवाला ने कहा, ‘यह बेहतर होता कि नेता अपनी भूमिका, अपनी जिम्मेदारी, पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और चुनाव प्रचार के समय अपनी निष्ठा की तरफ देखते। अगर वो ऐसा करते हैं तो पार्टी को नए सिरे से खड़ा करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।’
..तो पीसीसी अपनी दुकान बंद कर दें : शर्मिष्ठा
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की जीत को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चिदंबरम द्वारा विपक्ष का हौसला बढ़ाने वाला परिणाम करार दिए जाने पर उनकी ही पार्टी की नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने आपत्ति जताते हुए बुधवार को कहा कि अगर कांग्रेस ने भाजपा को पराजित करने का काम क्षेत्रीय दलों को आउटसोर्स कर दिया है तो प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (पीसीसी) को अपनी दुकान बंद कर देना चाहिए।


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