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उद्यमी बनें न कि नौकरी के लिये लाइन लगायें

Posted On February - 14 - 2020

पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में बृहस्पतिवार को आइकोनिका में संबोधित करते हिमाचल के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय। -दैनिक ट्रिब्यून

चंडीगढ़, 13 फरवरी (ट्रिन्यू)
युवा रिसर्चर अपने शोध को लैबोरेटरी से बाहर ले जाकर समाज के गरीब तबके तक ले जायें। तभी उनकी रिसर्च सार्थक होगी। रिसर्च/एकेडमिया इंडस्ट्री के बीच नई दवाएं विकसित करने के लिये कोलाबोरेशन करें। पूरी दुनिया नई वैक्सीन का इंतजार कर रही है। ये विचार आज पंजाब विश्वविद्यालय में हैल्थ केयर पर वैश्विक सम्मेलन आइकोनिका 2020 के उद्घाटन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने व्यक्त किये। उन्होंने महात्मा गांधी को उद्धृत करते हुए कहा कि अगर आपका पैसा गया तो समझो कुछ नहीं गया और अगर आपका स्वास्थ्य गया तो समझों कुछ गया लेकिन अगर आपका चरित्र गया तो समझो सब कुछ ही चला गया। उन्होंने इस सम्मेलन में महिलाओं की अच्छी तादाद में भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यदि महिलाएं इस सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा आती हैं तो देश खुशहाल होगा। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे उद्यमी बने न कि नौकरी के लिये लाइन लगायें बल्कि दूसरों को अपने यहां नौकरी पर रखें। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे फिजिकली व मानसिक दोनों तरह से फिट रहें और नशे की लत से दूर रहें। दत्तात्रेय ने कहा कि युवा पीढ़ी को साइंटिफिक टेम्पर के साथ नैतिक मूल्य भी सीखने चाहिए क्योंकि बिना नैतिक मूल्यों के शिक्षा का कोई लाभ नहीं।
इस मौके पर फार्मएक्सील के चेयरमैन डॉ. दिनेश दुआ ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर बरपा है, ऐसे में फार्मा सेक्टर के लिये नये शोध की चुनौती होगी। डॉ. दुआ ने भारतीय फार्मा उद्योग का दृष्टिपत्र 2030 पेश करते हुए कहा कि भारत सरकार को हैल्थकेयर पर 2022 तक होने वाला जीडीपी खर्च 1.2 से बढ़ाकर 2.5 से 3 फीसदी तक करना होगा जिसे 2030 तक यूरोप व अमेरिका की तर्ज पर पांच प्रतिशत किया जाना आवश्यक है। डॉ. दुआ ने कहा कि इसके लिये इंडियन फार्मा कंपनियों, सरकार और रेगुलेटरी एजेंसियों को सांझे प्रयास करने होंगे।
विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने का प्रयास : कुलपति
पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार ने कहा कि अलग-अलग विशेषज्ञता रखने वाले लोगों को एक मंच पर लाने के लिये सम्मलेन के रूप में प्रयास किये हैं। उन्होंने युवा विज्ञानियों से सम्मेलन से कुछ सीखने को कहा। डीयूआई प्रो. शंकरजी झा, डीन रिसर्च प्रो. आरके सिंगला, डीएसडब्ल्यू प्रो. इमानुअल नाहर सहित फैकल्टी मैंबर व विषय विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।


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