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अनुशासन का पाठ

Posted On February - 16 - 2020

याद रही जो सीख

सौरव भारद्वाज
यातायात नियमों को तोड़ना आजकल एक फैशन सा हो गया है। खासकर स्कूल या कॉलेज जाने वाले लड़के ऐसी गलतियां बार-बार दोहराते हैं। कॉलेज के दिनों में मैं भी ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करता था, खासकर हेलमेट पहनना मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं था। मैं कहीं भी आता- जाता तो हेलमेट के बिना निकल जाता और साथ में होने के बावजूद इसका उपयोग नहीं करता था। इस सिलसिले में मेरे पिताजी ने मुझे बार-बार समझाया कि हेलमेट पुलिस से बचने के लिए नहीं बल्कि हमारी अपनी सुरक्षा के लिए होता है। परंतु मैं उनकी बातों पर गौर नहीं करता था। कई बार मैं रेड लाइट जंप करके निकल जाता। एक दिन मैं अपनी एक्टिवा से घर की ओर जा रहा था कि अचानक घर से कुछ दी दूरी पर मुझे ट्रैफिक पुलिस ने रोक लिया। मेरे पास लाइसेंस भी नहीं था। चालान कर पुलिस ने मेरी एक्टिवा जब्त कर ली। अब मुझे पिताजी की बात बार-बार याद आ रही थी, साथ ही घर जाने में भी डर लग रहा था। मैं हिम्मत करके चालान की रसीद लेकर घर पहुंचा तो मेरी लापरवाही पर पिताजी गुस्से से आगबबूला हो गये। मुझे कुछ चांटे भी रसीद कर दिये। मेरी मां भी उस वक्त वहीं पर मौजूद थी लेकिन वह एक भी शब्द नहीं बोली। मुझे उम्मीद थी कि मां मुझे मेरी गलती के लिये डांटेंगी नहीं और पिताजी के गुस्से से भी बचा लेंगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो मैं मां से नाराज़ हो गया। बाद में चालान भुगतने से लेकर एक्टिवा वापस पाने में जो मशक्कत करनी पड़ी, उससे मुझे एक बात अच्छी तरह समझ आ गई कि अगर उस दिन हेलमेट पहना होता तो इतने चक्कर न काटने पड़ते, न ही घरवालों के गुस्से का शिकार होना पड़ता। इस घटना के बाद मैंने यातायात नियमों का पालन करना भी शुरू कर दिया। साथ ही मुझे इस बात का भी अहसास हो गया कि अगर उस दिन मेरी मां मेरी गलती पर पर्दा डाल देती या मुझे बचाने का प्रयास करती तो शायद मैं वही गलती दोबारा दोहराता। और कभी यह बात ना समझ पाता कि ट्रैफिक नियमों का पालन करना भी अनुशासन की एक अहम कड़ी है।

माता-पिता या बड़ों के आदर्शों से ही बच्चे आगे बढ़ते हैं और उनकी दी गई सीख ज़िंदगी भर याद रहती है। बच्चों की कामयाबी की नीव बड़ों और बुज़ुर्गों द्वारा दिये सबक पर िटकी होती है। आपके साथ भी कई यादें जुड़ी होंगी, जो आपको बड़ों की कोई ऐसी बात याद दिलाती हों, जिसे आपने जीवन में अपनाया हो। अपनी यादें लहरें के पाठकों से शेयर करना चाहते हैं तो हमें लिखिए। फोटो संलग्न करना न भूलें।


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