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हरियाणा में अब 12वीं तक के विद्यार्थियों को मिलेंगी मुफ्त किताबें

Posted On January - 21 - 2020

चंडीगढ़ (ट्रिन्यू) : हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को भी अब मुफ्त पाठ्य पुस्तकें मिलेंगी। राज्य सरकार की ओर से सभी विद्यार्थियों के लिए इन पुस्तकों का प्रबंध होगा। प्रदेश में टभी तक पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए ही मुफ्त पुस्तकों का प्रावधान था। प्रदेश सरकार ने इस योजना के विस्तार का फैसला किया है।
केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2019 में भी इसकी सिफारिश की गई है, लेकिन अभी इसे लागू नहीं किया गया है। इस नीति में की गई सिफारिशों को हरियाणा ने सबसे पहले लागू करने का फैसला लिया है। 9वीं कक्षा से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें मुहैया करवाने पर राज्य सरकार को सालाना 41 करोड़ 47 लाख रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौंवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाई जाती हैं। इन पुस्तकों की कीमत 600 से लेकर 700 रुपये प्रति कक्षा प्रति विद्यार्थी तक है। यह सारा पैसा अब सरकार वहन करेगी। प्रदेश में नौंवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कुल संख्या 6 लाख 19 हजार 256 है। इन चारों कक्षाओं के विद्यार्थियों को पुस्तकालयों अथवा बुक बैंक के माध्यम से किताबों का वितरण होगा।
यह भी निर्णय लिया गया है कि जो विद्यार्थी पासआउट करके अगली कक्षा में प्रमोट होंगे, वे पिछली कक्षा की पुस्तकों को पुस्तकालय में जमा करवा देंगे ताकि दूसरे विद्यार्थियों को इनका लाभ मिल सके। पुरानी पुस्तकों को जमा करवाने के बाद ही विद्यार्थियों को पुस्तकालय से अगली कक्षा की पुस्तकें मिलेंगी। यही फैसला इसीलिए लिया गया है ताकि पुस्तकों को बार-बार इस्तेमाल किया जा सके। इससे सरकार पर वित्तीय बोझ भी कम होगा।

नूंह से पहले हो चुकी शुरुआत
शिक्षा के मामले में नूंह को प्रदेश का सबसे पिछड़ा जिला माना जाता है। केंद्र सरकार इस जिले को पहले ही एसपीरेशनल डिस्ट्रीक्ट घोषित कर चुकी है। इसके तहत बच्चों का ड्रापआउट रोकने के लिए मुफ्त पुस्तकों का प्रबंध किया गया है। नूंह में किताबों के लिए सरकार पहले ही 2 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। सरकार का मानना है कि यह फैसला जहां अभिभावकों पर आॢथक बोझ कम करेगा वहीं पुस्तकों का बार-बार प्रयोग करने से पेड़ों की कटाई भी कम होगी। इसेस पर्यावरण को सुधारने में भी मदद मिलेगी।
यह कहा शिक्षा मंत्री ने
शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2019 की सिफारिशों को हरियाणा सबसे पहले लागू करेगा। अभी तक आठवीं तक के विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें मिलती थी। अब 9वीं से 12वीं तक के विद्याॢथयों को भी इसका लाभ मिलेगा। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत सरकार बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है। छात्राओं को शैक्षणिक संस्थान तक परिवहन सुविधा, स्कूलों में अलग से शौचालय की व्यवस्था की गई है।


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