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सिल्वर स्क्रीन

Posted On January - 11 - 2020

ए. चक्रवर्ती

दीपिका को पसंद रितिक का साथ
अभिनेता रितिक रोशन इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘कृष-4’ के लिए ज़ोरदार तैयारी कर रहे हैं। इसके फिल्मकार और रितिक के पिता राकेश रोशन ने अभी तक इस फिल्म की हीरोइन को फाइनल नहीं किया है। फिलहाल कई हीरोइनों के नाम सामने आए हैं। ऐसे में हाल ही में दीपिका ने ‘वाॅर’ फिल्म में रितिक की ज़बरदस्त परफोर्मेंस की तारीफ करके सबको चौंका दिया है। इस प्रशंसा के भी कई अर्थ निकाले जा रहे हैं। खैर, दीपिका के मुताबिक रितिक की वाॅर देखकर वह उस पर मुग्ध है। इस फिल्म को देखने के बाद उन्होंने रितिक का जिक्र ‘डेथ बाई चाॅकलेट’ के उदाहरण के साथ किया है।
उल्लेखनीय है कि ‘डेथ बाई चाॅकलेट’ एक खास तरह का डेजर्ट है, जिसमें चाॅकलेट की मात्रा बहत ज्यादा होती है। दीपिका के इस वक्तत्य के बाद चारों तरफ से यह सुझाव आ रहे हैं कि दोनों को एक साथ कोई फिल्म करनी चाहिए। इसमें कोई शक नहीं दीपिका भी किसी फिल्म में रितिक के साथ जोड़ी बनाना चाहती है। सलमान के बाद बाद रितिक ही ऐसे हीरो हैं, जिनके साथ अभी तक उनकी जोड़ी नहीं दिखाई दी है।
सीधी-सादी काजोल
जल्द ही अभिनेत्री काजोल अपने पति अजय देवगन की फिल्म ‘तान्हाजी’ में दिखाई पड़ेंगी। इसके प्रमोशन के सिलसिले में इधर उनका मुंबई से आना-जाना बराबर लगा रहा। ऐसे में एयरपोर्ट में उन्हें एक नए लुक में नज़र आने की सभी उम्मीद कर रहे थे। पर काजोल इस मामले में अपवाद निकली। यहां भी वह सहज सुंदरी के तौर पर नज़र आईं। जबकि एयरपोर्ट फैशन इन दिनों किसी के लिए अपरिचित शब्द नहीं रहा है। बेहद संज-संवर कर एयरपोर्ट पहुंचकर छायाकारों को पोज देना सितारों के लिए अब कोई नई बात नहीं रह गई है। यही नहीं, अपने निजी स्टाइलिस्ट को उनकी यह हिदायत रहती है कि उनके वार्डरोब एयरपोर्ट फैशन को ध्यान में रखकर सजाएं। जहां तक काजोल का सवाल है, एयरपोर्ट फैशन उनके दिमाग में ज़रा भी नहीं रहता है। उनके मुताबिक बहुत तड़के कोई कैसे मेकअप करके और अच्छे परिधान पहनकर कैसे छह इंची हिल के सैंडिल के साथ एक-डेढ़ किलोमीटर पैदल चल सकता है। वह तो यह सोच भी नहीं पाती है कि कोई हीरोइन इतनी सुबह कैसे अपने बालों को सेट कर पाती है। असल में काजोल एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी अपनी फिल्म तान्हाजी के प्रमोशन में जुटी हैं। इस दौरान वे हर किसी इवेंट में भी एथनिक परिधानों में नज़र आती हैं। उनकी सादगी और खूबसूरत लुक की मीडिया भी खूब तारीफ करता है। काजोल का मानना है कि अगर वे सफर में रहती हैं तो किताबें साथ ज़रूर रखती हैं। दरअसल यात्रा के दौरान मेकअप से ज्यादा किताबें ज्यादा साथ देती हैं।
‘वाॅन’ की शूटिंग में जुटी कृति
हाल ही में अभिनेत्री कृति खरबंदा ने तमिल फिल्म ‘वाॅन’ की शूटिंग शुरू की। बिग बजट की इस फिल्म के हीरो दुल्कर सलमान दक्षिण के सुपरस्टार ममूटी के पुत्र हैं। कृति इसमें सेकेंड लीड कर रही हैं। वैसे साउथ की यह नामचीन हीरोइन अब हिंदी फिल्मों का भी एक परिचित नाम है। गत दिनों साजिद नाडियाडवाला की ‘हाउसफुल-4’ के बाद वह अनीस बज्मी की ‘पागलपंति’ में भी नज़र आई थी। इन दिनों वह बिजोय नांबियार की तैश के अलावा दो और हिंदी फिल्में कर रही हैं। लेकिन फिलहाल उन्हें साउथ की फिल्मों ने एक मजबूत आधार दे रखा है। यहां की फिल्मों में हीरोइन या साइड रोल करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। ‘वाॅन’ के बारे में उनका कहना है, ‘साउथ की मेरी यह फिल्म भी डेढ़-दो माह में पूरी हो जाएगी। मैं दिल्ली की लड़की हूं,पर चूंकि बंगलूर में पली-बढ़ी हूं, इसलिए पिछले दस वर्षों में साउथ की फिल्मों से मेरा एक गहरा नाता जुड़ गया है। शायद 2009 की तेलुगू फिल्म ‘बोनी’ से वहां मेरा करियर शुरू हुआ। इसके बाद से मैं वहां तेलुगू और कन्नड़ फिल्में लगातार करती रही हूं। बस,तमिल फिल्में भी मैंने कम की हैं। तमिल में वाॅन मेरी दूसरी फिल्म है। कृति के मुताबिक यहां की फिल्मों के सेटअप और वर्किंग स्टाइल उन्हें बहुत प्रभावित करते हैं। खैर,साउथ की तरह हिंदी में भी वह सोलो या सेकेंड लीड रोल वाली फिल्में कर रही हैं। वह बताती हैं, ‘देखिए कई बार बेहद ज्यादा चूज़ी होने से बात बिगड़ जाती है। और मुझे लगातार काम करते रहना है। मैने पागलपंती और हाउसफल-4 को बहुत एंज्वाॅय किया। साउथ की वाॅन भी मैं इसीलिए कर रही हूं।’
विराट की प्रेरणा अनुष्का
विराट कोहली अनुष्का की हर बात पर मुग्ध हैं। वैसे इसे नये सिरे से बतलाने की ज़रूरत नहीं है। अनुष्का की लगभग हर फिल्म विराट ने एक से ज्यादा बार देख रखी है। और जिस फिल्म को वह कई बार देख चुके हैं या देख रहे हैं वह है ‘ऐ दिल है मुश्किल।’ अभी हाल में अनुष्का ने यह जानकारी दी कि इस फिल्म में अनुष्का की एक्टिंग देखकर विराट एकदम चुप हो गए थे। इस बारे में अनुष्का के पूछने पर इनका जवाब था- मैं इस विषय में कुछ नहीं कह सकता। क्योंकि इसे व्यक्त करने के लिए उनके पास कोई भाषा नहीं है। असल में विराट फुरसत में ऐ दिल है…में अनुष्का के कैंसर की बात को बताने वाला दृश्य बार-बार देखते हैं। विराट के मुताबिक इस दृश्य में अनुष्का को जीवंत अभिनय उन्हें और भी अच्छा काम करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने खुद माना है कि वह हफ्ते में कम-से-कम दो बार वे इस दृश्य को देखते हैं।
सुनिधि की रॉकस्टार इमेज
कई आलोचकों की यह आम धारणा है कि राॅकस्टार इमेज के साथ ज्यादातर महिलाएं मेल नहीं खातीं। खासतौर से हमारे देश में तो यह थोड़ा असंभव-सा लगता है। पर सुनिधि चौहान को स्टेज पर देखने से यह धारणा झट खंडित हो जाती है। अब एक अरसे बाद वह फिर अपने स्टेज शो की वजह से छा गई हैं। अभी हाॅल में एक काॅलेज में दिया गया उनका स्टेज शो काफी धमाकेदार रहा। उनके स्टेज शो के बारे में एक बात कही जाती है-शी आॅलवेज सेट द स्टेज ऑन फायर…। उनसे यह पूछने पर कि वह स्टेज पर इतनी एनर्जी कहां से लाती हैं, उनका जवाब होता है—वैसे कभी-कभी मैं यह ज़रूर सोचती हूं, स्टेज पर जाते ही न जाने क्यों मेरे अंदर एक अलग तरह की फोर्स काम करने लगती है। तब मुझे ऐसा लगता है, जैसे दर्शक ही मेरा असली सोर्स आॅफ एनर्जी है। यही मुझे चार्जअप कर देता है। इसलिए काॅलेज में परफोर्म करने में ज्यादा मजा आता है। काॅलेज के स्टूडेंट हाई आॅन एनर्जी रहते हैं। इसलिए उनके सामने मैं भी काफी खुल जाती हूं।
निराली गुल पनाग
अभिनेत्री गुल पनाग ने अपने 17 साल के करियर में हमेशा सुकून के साथ काम किया है। वह कहती है, ‘मैंने अपनी एक्टिंग को कभी किसी दायरे में कैद नहीं किया है। थियेटर, फिल्म, टीवी, वेब सीरीज़ ….जब भी, जो भी अच्छा लगा, वहीं ठिकाना बना लिया। हाल ही में मैंने एक अंग्रेजी फिल्म में काम करना मंजूर किया है। बाकी मेरे पास कुछ निजी काम भी हैं। मैं अपना काफी वक्त सोशल वर्क में भी खर्च करती हूं।’ धूप, डोर, मनोरमा सिक्स फीट, अब तक छप्पन जैसी फिल्मों में बेहद उम्दा परफोर्मेंस पेश कर चुकी गुल ने इन वर्षों में भले ही कम फिल्मों में काम किया हो पर उनके अभिनय की ज़मीन कभी कमजोर नहीं थी। 1999 की मिस इंडिया -यूनिवर्स रह चुकी 40 वर्षीया गुल पनाग इसकी वजह बताती हैं, ‘असल में मैंने थियेटर काफी किया है। इसलिए भी किसी भी रोल के चैलेंज को मैंने झट कबूल कर लिया। फिर मैंने एक्टिंग को कभी भी प्रोफेशन नहीं बनाया। इसे मैंने हमेशा अपनी एक खास हाॅबी समझा। उसके चलते ही मैंने माध्यम से ज्यादा अपनी परफोर्मेंस को तवज्जो दी।’ वह अपने जीवन को बहुत स्वतंत्र होकर जीना चाहती है। उनका एक ही तर्क है, ‘मै जैसी हूं, वैसी ही नज़र आना चाहती हूं। मुझे इस बात का कोई अफसोस नहीं है कि इंडस्ट्री में मेरा कोई गाॅडफादर नहीं है। मैं शुरू से ही इस मामले में प्रीति जिंटा को अपना आदर्श मानती रही हूं, जिन्होंने काफी स्ट्रगल के बाद यह बुलंदी हासिल की। मेरा अब तक का कॅरियर भी इस स्ट्रगल का नतीजा है। अब तो खैर मैंने पूरी तरह से इसे कबूल कर लिया है।’


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