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मैया के सामने हनुमान रूप धरा था कान्हा ने

Posted On January - 12 - 2020

पलवल जिले के होडल स्थित चमेलीवन में भगवान हनुमान का प्राचीन मंदिर।

तीर्थाटन

देशपाल सौरोत
ब्रज क्षेत्र में अाने वाले हरियाणा के पलवल जिले के होडल में स्थित है ऐतिहासिक तीर्थ चमेलीवन और अंजनी कुंड। यह पौराणिक तीर्थ भगवान श्री कृष्ण, मां यशोदा आैर भगवान हनुमान से जुड़ा है। यह ब्रज चौरासी कोस यात्रा का एक हिस्सा है। मथुरा-वृंदावन की यात्रा पर जाने वाले अधिकांश श्रद्धालु चमेलीवन का भी रुख करते हैं। खासतौर पर प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां हनुमान जी के मंदिर व कुंड के दर्शन करने आते हैं।
किंवदंतियों के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण चमेलीवन आते थे। पौराणिक कथा के अनुसार महारास के दौरान भगवान कृष्ण गायब हो गये, तो गोपियां उन्हें खोजते हुए यहां आयीं। मां यशोदा भी कान्हा की खोज में इस जंगल में आयीं। कान्हा के घर न लौटने पर यशाेदा मैया चिंतित थीं और गुस्से में भी थीं। माता को क्रोधित देखकर कृष्ण ने कुंड में छलांग लगा दी और हनुमान के रूप में प्रकट हो गये।
तब से इस कुंड को अंजनी कुंड कहा जाने लगा। इसके पास ही भगवान हनुमान का मंदिर है। इसके साथ ही भगवान राम, कृष्ण, शिव और शनिदेव के मंदिर भी यहां हैं।

अंजनी कुंड।

100 एकड़ से अधिक में फैला है चमेलीवन
पलवल से 30 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग पर होडल में भुलवाना गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित चमेलीवन 100 एकड़ से अधिक में फैला है। यहां चमेली, कदंब सहित कई तरह के पेड़-पौधे लगे हैं, जो माहौल को सुगंधित बनाए रखते हैं। मंदिर के आसपास पेड़ों पर बड़ी संख्या में बंदर भी रहते हैं। पहले यहां अन्य जानवर भी दिखते थे।
पलवल के विधायक दीपक मंगला का कहना है कि पौराणिक कथाओं में अपना स्थान रखने वाले चमेलीवन को पर्यटक स्थल में बदलने की सरकार की योजना से इस तीर्थस्थल को पंख लगे हैं। मुख्यमंत्री ने इसके लिए 2 करोड़ रुपये की अनुदान राशि दी है।

चमेलीवन में बंदरों को केले खिलाते भक्तजन।
– फोटाे : देशपाल सौरोत

ब्रज भक्ति विलास ग्रंथ में भी है उल्लेख
‘ब्रज भक्ति विलास’ ग्रंथ में भी अंजनी कुंड का उल्लेख है। इसमें लिखा गया है कि अंजनी के स्नान से उत्पन्न तपस्या सिद्धिरूप तीर्थराज आपको नमस्कार। आप विशुद्ध वायुरूप हैं। वहीं, वायु पुराण में इस स्थल का नाम कपिवन बताया गया है।


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