जय मम्मी दी दर्शकों को हंसाना मुश्किल काम है !    एक-दूजे के वास्ते पहुंचे लद्दाख !    अब आपके वाहन पर रहेगी तीसरी नजर !    सैफ को यशराज का सहारा !    एकदा !    घूंघट !    जोक्विन पर्सन ऑफ द ईयर !    गैजेट्स !    मनोरंजन के लिये ही देखें फिल्में !    12वीं के बाद नौकरी दिलाएंगे ये कोर्स !    

बंगाल भाजपा अध्यक्ष के बयान पर विवाद

Posted On January - 14 - 2020

कोलकाता, 13 जनवरी (एजेंसी)
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने अपने बयान से विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि ‘सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को भाजपा शासित राज्यों में कुत्तों की तरह गोलियों से मारा गया’। इस पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के साथ ही भाजपा के कुछ नेताओं ने भी आपत्ति जताई है। घोष ने रविवार को नादिया जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिसंबर में राज्य में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर गोली चलाने तथा लाठीचार्ज का आदेश नहीं देने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की।
उन्होंने कहा था कि दीदी की पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, जिन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, क्योंकि वे उनके मतदाता थे। उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक में हमारी सरकारों ने इन लोगों को कुत्तों की तरह गोली चलाकर मार दिया।
पार्टी ने किया किनारा
केंद्रीय मंत्री तथा भाजपा नेता बाबुल सुप्रियो ने घोष के बयान को ‘गैरजिम्मेदाराना’ बताया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘पार्टी के नाते भाजपा का उससे कुछ लेना देना नहीं है, जो दिलीप घोष ने अपनी कल्पना के अनुरूप कहा होगा। उत्तर प्रदेश और असम में भाजपा सरकारों ने कभी भी लोगों पर गोलियां नहीं चलाईं, कारण जो भी रहा हो। दिलीप दा ने जो कहा, वो बहुत गैरजिम्मेदाराना है।’
यह भाजपा की सोच दिखाता है : तृणमूल
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने घोष पर हमला करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी भाजपा की इस सोच को दिखाती है कि उन्हें असहमति बर्दाश्त नहीं है। तृणमूल कांग्रेस महासचिव और प्रदेश सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि समिति भाजपा की सोच दिखाती है। यह दिलीप घोष का इकलौता बयान नहीं है। यह भाजपा की सोच और एजेंडा है। वे असहमति पसंद नहीं करते।
विधेयक पर राज्यपाल ने ममता को बुलाया
कोलकाता (एजेंसी) : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने विधानसभा में पारित होकर उनके पास मंजूरी के लिए आए 2 विधेयकों पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य में विधायक दल के अन्य नेताओं को 17 जनवरी को मिलने को बुलाया है। राज्यपाल ने 30 अगस्त, 2019 को राज्य विधानसभा में पारित 2 विधेयकों पश्चिम बंगाल (लिचिंग निरोध) विधेयक, 2019 और पश्चिम बंगाल राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग विधेयक, 2019 पर मार्गदर्शन और आगे का रास्ता तलाशने के लिए यह बैठक बुलाई है। धनखड़ ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है।


Comments Off on बंगाल भाजपा अध्यक्ष के बयान पर विवाद
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.