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चैनल चर्चा

Posted On January - 11 - 2020

प्रदीप सरदाना

संतोषी बनकर खुश हैं ग्रेसी
एंड टीवी 21 जनवरी से अपने नए सीरियल ‘संतोषी मां –सुनाएं व्रत कथाएं’ का प्रसारण शुरू करने जा रहा है। जिसे सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे देखा जा सकेगा। कुछ बरस पहले भी एंड टीवी ने ‘संतोषी मां’ का प्रसारण किया था। लेकिन उसका यह दूसरा सीज़न व्रत कथाओं पर केंद्रित होगा। हालांकि पहले की तरह संतोषी मां का किरदार इस बार भी ग्रेसी सिंह निभा रही हैं। ‘अमानत’ जैसे सफल सीरियल और ‘लगान’ तथा ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ जैसी फिल्मों में आमिर और संजय दत्त के साथ लीड हीरोइन बनकर आ चुकी ग्रेसी फिर से संतोषी मां बनकर खुश है। हाल ही में ग्रेसी से मुलाक़ात हुई तो उन्होंने बताया- लोग व्रत तो रखते हैं लेकिन उन्हें व्रत की कथाओं और महत्व के बारे में ज्यादा पता नहीं होता। लेकिन इस सीरियल के माध्यम से दर्शक और भक्त यह सब अच्छे से जान सकेंगे। क्या ग्रेसी खुद भी कभी व्रत रखती हैं ? यह पूछने पर ग्रेसी कुछ मुस्कुराते हुए कहती हैं- अभी तो व्रत नहीं रखे लेकिन इस तरह के अनुभवों से अंजान नहीं हूं। ईश्वर में मेरी आस्था है। यहां तक मैं हमेशा सात्विक भोजन ही करती हूं, उससे मेरा मन और मस्तिक दोनों को ऊर्जा और शांति मिलती है। ‘संतोषी मां’ में तन्वी डोगरा और आशीष कादियान भी अन्य प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
महिमा का 25 किलो का घरचोला
कलर्स चैनल पर चल रहे सीरियल ‘शुभारंभ’ में रानी की भूमिका कर रही महिमा मकवाना सीरियल में अपनी शादी की ड्रेस और गहनों को पहनकर खुशी से झूम रही है। महिमा इस सीरियल में गुजराती बहू बनी हैं। शादी के लिए महिमा ने जो प्रचलित शादी की पोशाक ‘घरचोला’ पहनी वह गुजराती परिवारों के सांस्कृतिक मूल्यों में खास मायने रखती है। महिमा कहती हैं- “मैं खुद आधी गुजराती हूं। इसलिए ‘घरचोला’ के महत्व को समझती हूं। मैं पहली बार गुजराती बहू का किरदार कर रही हूं। मैंने जब वह चोला पहना तो मुझे बहुत अच्छा लगा, मेरा ‘घरचोला’ देखने में हल्का सा लगता है। लेकिन उस घरचोले का वज़न पूरे 25 किलो है। सफेद और हरे रंग के घरचोले पर लाल रंग के दुपट्टे का कांबिनेशन भी गज़ब का है। ऊपर से उसके साथ गुजराती गहने पहनने का खूबसूरत एहसास मुझे हमेशा याद रहेगा।”
गौरव बजाज बने पापा
इन दिनों स्टार भारत पर प्रसारित हो रहा सीरियल ‘मेरी गुड़िया’ अपने अलग कंटेंट के लिए चर्चा में है। जिसमें एक मां की आत्मा उसके मरने के बाद इसलिए एक गुड़िया में समा जाती है जिससे वह अपनी बेटी की देखभाल कर सके। इस सीरियल में पिता की अहम भूमिका टीवी के जाने-माने अभिनेता गौरव बजाज निभा रहे हैं। गौरव के लिए वह पल यादगार बन गया जब सीरियल में पिता का रोल करते उन्हें खबर मिली कि अपनी असली जिंदगी में भी वह पिता बन गए हैं। गौरव मुंबई में थे और उनकी पत्नी साक्षी इंदौर में। यह समाचार मिलते ही गौरव तुरंत अपनी पत्नी और नवजात पुत्र से मिलने के लिए इंदौर पहुंचे। गौरव कहते हैं- मेरे लिए वह लम्हा बेहद गौरवशाली था जब मैंने अपने बेटे को पहली बार देखा, उसे चूमा और झट से गोदी में ले लिया। अपने बेटे का नाम हमने व्योम रखा है, यह भगवान गणेश का दूसरा नाम है।
डीडी के शिव का जाना
दूरदर्शन इन दिनों जहां अपनी स्थापना की 60वीं जयंती का उत्सव मना रहा है, वहां दूरदर्शन को नयी दिशा और दशा देकर बुलंदियों पर पहुंचाने वाले शिव शर्मा के निधन के समाचार से एक झटका सा लगा है। दूरदर्शन का स्लोगन है ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, इसी स्लोगन की ध्वनि बरसों से सभी को लुभाती रही है। शिव शर्मा ने दूरदर्शन में कार्यक्रम नियंत्रक से लेकर दूरदर्शन महानिदेशक तक विभिन्न पदों पर रहकर बड़े-बड़े काम किए। यह सब देख सभी उन्हें दूरदर्शन के ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ का ‘शिव’ कहते थे। यह शिव शर्मा की कर्मठता, दूरदर्शिता और योग्यता ही थी कि उनके कार्यकाल को दूरदर्शन के स्वर्ण काल के रूप में देखा जाता है। दूरदर्शन प्रसारण को रंगीन बनाने की बात हो या सन‍् 1982 में देश में आयोजित एशियाई खेलों के सीधे प्रसारण की या फिर ‘महाभारत’ जैसे सीरियल के प्रसारण से दूरदर्शन के नए युग में प्रवेश की। सभी में शिव शर्मा की अहम भूमिका और बहुत योगदान रहा है। हालांकि रिटायरमेंट के बरसों बाद भी उनके हृदय में दूरदर्शन बसता था और वह स्वयं दूरदर्शन के लोगों के मन में।
निर्भय का हनुमान प्रेम
हाल ही में अभिनेता निर्भय वाधवा से मुलाक़ात हुई तो उनकी आकर्षक ‘बॉडी’ देखते ही बन रही थी। पिछले 7 बरसों में विभिन्न धार्मिक-आध्यात्मिक सीरियलों में अलग अलग किस्म के अवतारों में आकर निर्भय ऐसे सीरियलों के सरताज से बन गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि ‘माइथो’ सीरियल में वह चाहे नायक बनें या खलनायक, दोनों किरदारों में अपनी दिलकश छाप छोड़ जाते हैं। ‘संकट मोचन’ सीरियल में वह हनुमान बनकर आए तो उधर ‘शनिदेव’ के सीरियल में वह एक बार फिर हनुमान बने। जबकि ‘महाभारत’ में वह दुशासन बने तो ‘महाकाली’ में महिसासुर। इधर अब गत 7 जनवरी से एंड टीवी पर शुरू हुए ‘क़हत हनुमान, जय श्रीराम’ में निर्भय को बाली के रूप में देखा जा सकता है। निर्भय ने एक विशेष बातचीत में बताया- ‘क़हत हनुमान जय श्रीराम’ में तो मेरा बाली का किरदार इसलिए भी खास है कि इसमें पहली बार बाली की भूमिका को विस्तार से दिखाया जाएगा। अपनी ‘बॉडी’ को आकर्षक बनाने के लिए क्या आप ‘नॉन वेज’ भोजन भी खाते हैं। यह पूछने पर निर्भय कहते है-नॉन वेज खाता तो हूं, लेकिन जिन दिनों हनुमान जी की भूमिका करता हूं, उन दिनों सिर्फ शाकाहारी हो जाता हूं।


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