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असरदार किरदार और किरदार की इज्जत

Posted On January - 14 - 2020

आलोक पुराणिक

एक इश्तिहार में अजय देवगन तानाजी बने औरंगजेब के किले को ध्वस्त कर रहे हैं, मराठा साम्राज्य के भगवे झंडे को स्थापित कर रहे हैं।
दूसरे ही इश्तिहार में तानाजी उर्फ अजय देवगन किसी दवाई के साथ दिख रहे हैं, जिसका इस्तेमाल बॉडी को फिट बनाने, बॉडी का वजन मनचाहे तरीके से बढ़ाने के लिए होता है।
तानाजी कोई बनियान बेचते हुए भी दिखते हैं किसी इश्तिहार में। तानाजी पान-मसाला बेचते हुए भी दिखते हैं, मुझे डर है कि किसी फिल्म में राणा प्रताप कहीं यह न कहने लगें—यह वाला पान-मसाला खाकर ही युद्ध के लिए जाना चाहिए।
बहुत संभव है तानाजी किसी इश्तिहार में अपनी मजबूत मसल का राज भी बता रहे हों। तानाजी किसी शराब के ब्रांड से जुड़े इश्तिहार में दिख रहे हैं। क्या-क्या देखना पड़ेगा। तानाजी किला फतह करें, यह तो समझ में आता है। पर तानाजी पान-मसाला बेचें, यह तो कतई हृदयद्रावक घटना है। हाय-हाय यही देखना बचा है क्या।
अगर अजय देवगन तानाजी बन रहे हैं, तो कुछ वक्त के लिए पान-मसाले और बनियान के इश्तिहारों से मुक्त हो जायें। रामलीलाओं में तमाम पात्रों की भूमिका कर रहे अभिनेताओं से उम्मीद रहती है कि वह कम से कम रामलीला के दौरान बहुत शुद्ध पवित्र जीवन जीयेंगे। रावण बने सज्जन भले ही यह सब कर लें, पर सीताजी बनी महिला या बालिका से उम्मीद रहती है कि बहन रामलीला के दौरान शुचिता का पालन करेगी। अपनी इज्जत का ख्याल कोई चाहे जितना करे, पर उस किरदार की इज्जत का ख्याल जरूरी है, जो कोई निभा रहा है।
अमिताभ बच्चन अब कुछ भी बेच लें, कोई दिक्कत नहीं है। फिल्मों में अब वह बहुत टॉप लीड भूमिकाओं में नहीं आते। एक जमाने में वह फिल्मों में डॉन, शायर वगैरह बनते थे। कभी-कभी फिल्म में वह ऐसे शायर बने थे, जो बाद में उद्योगपति हो गये थे। शायरी से काम नहीं चलता, यह बात अब से चार दशक पहले आयी फिल्म में से भी साफ हुआ था। अमिताभ बच्चन शायर से उद्योगपति बन गये, कभी-कभी फिल्म में। बाद में अमिताभ बच्चन कभी डॉन बने, कभी जुआरी बने। डान, जुआरी, शायर को कुछ भी बेचने का हक है। डॉन चरस न बेचकर बनियान बेचे तो देश का भला ही कर रहा होता है। जुआरी जुआ न खेलकर पान-मसाले या शराब का सेल काउंटर लगा ले, तो भी कुछ न कुछ ठोस आर्थिक गतिविधि ही कर रहा होता है। और शायर तो यूं भी कुछ भी बेचने का हकदार हो जाता है कि शायरी की कमाई में घर न चलता। पर तानाजी होकर पान-मसाला बेचना। अजय देवगन को सोचना चाहिए।


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