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लोढा सुधारों में ढिलाई, सीएसी की नियुक्ति पर होगी चर्चा

Posted On December - 1 - 2019

मुंबई, 30 नवंबर (एजेंसी)
पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की अध्यक्षता में बीसीसीआई रविवार को जब अपनी पहली वार्षिक आम बैठक का आयोजन करेगा। इसमें सुप्रीमकोर्ट द्वारा स्वीकृत कुछ सुधारवादी कदमों में ढिलाई बरतने, क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) जैसी क्रिकेट समितियों का गठन और आईसीसी में बोर्ड का प्रतिनिधि नियुक्त करने पर चर्चा होगी। सुप्रीमकोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने 33 महीने तक बीसीसीआई का संचालन किया जिसके बाद पिछले महीने गांगुली की अगुआई में नये पदाधिकारियों ने प्रभार संभाला।
सौरव गांगुली का कार्यकाल विस्तार प्रमुख मुद्दा
बीसीसीआई अगर लोढा समिति के सुधारवादी कदमों में ढिलाई देता है तो गांगुली का 9 महीने का मौजूदा कार्यकाल बढ़ सकता है। लोढा समिति के सुधारवादी कदमों को सुप्रीमकोर्ट से स्वीकृति मिली हुई है। एजीएम के लिए जारी एजेंडा में बीसीसीआई के मौजूदा संविधान में अहम बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। सुप्रीमकोर्ट द्वारा स्वीकृत मौजूद संविधान के अनुसार अगर कोई पदाधिकारी बीसीसीआई या राज्य संघ में 3 साल के 2 कार्यकाल पूरा कर लेता है तो उसे 3 साल का अनिवार्य ब्रेक लेना होगा।
सुप्रीमकोर्ट से लेनी होगी स्वीकृति
बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने बताया कि सभी प्रस्तावित संशोधनों का लक्ष्य बोर्ड के ढांचे को मजबूत करना है और सुप्रीमकोर्ट से स्वीकृति मिलने पर ही इसे लागू किया जाएगा। हालांकि अब प्रस्ताव दिया गया है भविष्य में एजीएम में तीन-चौथाई बहुमत ही संविधान में किसी संशोधन को स्वीकृत देने के लिए पर्याप्त होगा क्योंकि सुप्रीमकोर्ट की स्वीकृति लेना व्यावारिक नहीं होगा जो मौजूदा संविधान के अनुसार जरूरी है।
खुल सकते हैं श्रीनिवासन के रास्ते
पिछले 3 साल में प्रशासनिक संकट के कारण आईसीसी में बीसीसीआई का रुतबा काफी कम हुआ है और ऐसे में बोर्ड ने प्रस्ताव रखा है कि वैश्विक संस्था में अनुभवी व्यक्ति बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व करे और इसके लिए 70 साल की आयु सीमा का नियम लागू नहीं हो। ऐसी स्थिति में पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के बीसीसीआई की ओर से आईसीसी बैठक में हिस्सा लेने का रास्ता साफ हो सकता है। श्रीनिवासन को 2013 में खेल को झकझोरने वाले स्पाट फिक्सिंग प्रकरण के सामने आने के बाद पद छोड़ने के लिए बाध्य होना पड़ा था। अनिवार्य ब्रेक बोर्ड और राज्य संघ में 2 कार्यकाल का प्रस्ताव तीन-चौथाई बहुमत से पारित होता है तो गांगुली और सचिव जय शाह का कार्यकाल भी बढ़ जाएगा।


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