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‘लिथुआनिया का इतिहास’ अब हिंदी में जानिए

Posted On December - 8 - 2019

नयी दिल्ली, 7 दिसंबर (ट्रिन्यू)
एक नवीन प्रयोग के तहत-हिंदी में प्रकाशित ‘लिथुआनिया का इतिहास’ नाम से पुस्तक के माध्यम से लोग लिथुआनिया के बारे में जान सकेंगे। संस्कृत के जरिये जुड़े इस बाल्टिक देश को भारत के और निकट लाने के प्रयास के तहत भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने लिथुआनिया के दूतावास के साथ मिलकर एक समारोह में इस पुस्तक का विमोचन किया। लिथुआनिया के विदेश सचिव लाइमोनास तलत-केल्प्सा ने बताया कि उन्हें पुस्तक छापने का विचार तब आया जब नई दिल्ली के दूतावास में उनकी पोस्टिंग हुई और हिंदी से पहली बार उनका वास्ता पड़ा। उन्होंने बताया कि जब उन्हें कहा गया कि एक्रीडीटेशन फार्म पर हिंदी में भी सारी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी तब उन्हें समझ आया कि उनके देश को हिंदी में कैसे स्पैल करें..’। बाद में हिंदी टीचर की सेवाएं ली और हिंदी सीखी। अब वे हिंदी समझ सकते हैं, बोल सकते हैं और लिख भी सकते हैं।
लिथुआनियाई भाषा में भी कई शब्दों का उच्चारण संस्कृत की तरह ही है-’दैइवास’ यानी देवताओं (भगवान) के लिये, ‘लाबास’ यानी धन संपदा के लिये, ‘सपनास’-यानी सपनों के लिये और ‘अग्निस’ यानी आग के लिये। पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर के समय में पुस्तक की योजना बनी थी।


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