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बाल कविता

Posted On December - 1 - 2019

छुट्टी खुशियां लाये
रविवार की छुट्टी आज,
देर तक सोते रहेंगे।
मम्मी न खींचेगी रजाई,
पापा न कुछ कहेंगे।
टेबल से उठाकर अखबार,
खोल कर प्यारा पन्ना।
सर्वप्रथम बाल कहानी,
पढ़ने की होती तमन्ना।
याद रही जो सीख पढ़ेंगे,
और स्कूल में पहला दिन।
बाल कविता भी अच्छी लगती,
रहते न पढ़े बिन।
मम्मी बनाये गाजर का हलवा,
भीनी-भीनी खुश्बू आये।
मुंह में आ रहा है पानी,
छुट्टी नन्ही खुशियां लाये।
—हरिन्दर सिंह गोगना

दूर भगाओ सर्दी
चल रही ठंडी हवाएं,
सूरज हुआ नाराज़।
कोहरा भी बहुत है,
घर में बैठिए आज।।
सर्दी दूर भगाने को,
गज़क, रेवड़ी खाओ।
तन में गर्मी लाने को,
मूंगफली खूब चबाओ।।
तन को रखो ढक कर,
पानी ना करना कम।
नहाना रोज जरूर,
तुम रहोगे ताज़ा दम।।
जब भी निकले धूप,
जमकर करना सेवन।
विटामिन डी मिलेगा,
काम करेगा तन मन।।
पानी भी पीना गुनगुना,
आइसक्रीम से रहना दूर।
खाना गरम ही खाना,
शक्ति मिलेगी भरपूर।।
—मुकेश कुमार जैन


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