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दिल्ली विधानसभा चुनाव में अनधिकृत कालोनियां बनेंगी मुद्दा

Posted On December - 1 - 2019

हरीश लखेड़ा/ट्रिन्यू
नयी दिल्ली, 30 नवंबर
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शपथ के बाद भाजपा और कांग्रेस भी अब दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। आम आदमी पार्टी (आप) पहले से चुनावी ताल ठोकने लगी है। प्रदेश के इन तीनों प्रमुख दलों की तैयारी को देखकर साफ हो गया है कि इस बार अनधिकृत कालोनियों का मामला सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनने जा रहा है।
दिल्ली की 1731 अनधिकृत कालोनियों के 40 लाख लोगों को मालिकाना हक दिलाने संबंधी बिल को लोकसभा से हरी झंडी मिल जाने के बाद इस मुद्दे पर दिल्ली की सियासत गरमा गई है।
दिल्ली में लगभग हर चुनाव में अनधिकृत कालोनियों को नियमित करने का मामला चुनाव में उछलता रहा है, कई बार इस कालोनियों को पास किया गया है, लेकिन अगले चुनाव तक नयी अनधिकृत कालोनियां बस जाती हैं। इससे यह मुद्दा तब तक सामप्त होने के आसार नहीं है, जब तक कि दिल्ली में जमीन बची है। दिल्ली के लगभग 60 फीसदी मतदाता अनधिकृत अथवा नियमित अनधिकृत कालोनियों में ही रहते हैं। ये लोग ही चुनाव नतीजों की दिशा तय करते हैं। इसलिए तीनों की दल इनके हिमायती बनने की कोशिश में लग गए हैं।
कांग्रेस यह कहकर इन दोनों दलों को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रही है कि अब तक इन कालोनियों को नियमित क्यों नहीं किया गया। केजरीवाल सरकार प्रदेश की सभी अनधिकृत कालोनियों में बने सेफ्टी टैंकों की सफाई सरकारी खर्च पर कराने का फैसला कर पहले ही इन कालोनियों के लोगों को लुभाने का प्रयास कर चुके हैं। अब भाजपा केजरीवाल से एक कदम आगे जाने के लिए संसद से इन कालोनियों काे नियमित कराने जा रही है।


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