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ड्यूटी 12 घंटे, महीने की पगार 750 रुपये, भुगतान बूथ के किराये से

Posted On December - 4 - 2019

पंचकूला के सेक्टर 20 पार्ट-2 स्थित सरकारी प्राइमरी मॉडल स्कूल।

सुरेंद्र सिंह सांगवान/ट्रिन्यू
पंचकूला, 3 दिसंबर
राज्य सरकार कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से गरीबों की आर्थिक हालत सुधारने के लिये दावे खूब करती है लेकिन शिक्षा विभाग में ऐसा मामला सामने आया है जिसमें अफसरों की नाक तले शोषण जारी है। वहीं जिला के अफसरों को इस बारे में जानकारी ही नहीं है। मामला पंचकूला में सेक्टर 20 पार्ट 2 के गवर्नमेंट माॅडल प्राइमरी स्कूल का है। इस स्कूल में पहली से पांचवीं तक 328 विद्यार्थी पढ़ते हैं। लेकिन यहां न तो चौकीदार का पद मंजूर किया और न सफाई कर्मचारी का। यहां प्रेम सिंह बतौर चौकीदार और उनकी पत्नी सुमन सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पगार के रूप में हर महीने 750-750 रुपये दिये जा रहे हैं। करीब एक साल पहले तक यह राशि मात्र 500-500 रुपये थी। प्रेम सिंह का कहना है कि वे 12 घंटे ड्यूटी देते हैं जबकि उनकी पत्नी सुबह 5 से 8 और बाद दोपहर 3 से 6 बजे तक सफाई करती हैं। पगार का भुगतान भी इन्हें चेक से किया जाता है। दोनों की हाजिरी भी लगती है। स्कूल परिसर में एक वीटा बूथ है जिसका हर महीने 1500 रुपये किराया आता है, इसी राशि से प्रेम सिंह व उनकी पत्नी का भुगतान किया जाता है। इस बात की पुष्टि स्कूल इंचार्ज ने भी की। अनुबंध आधार पर दोनों पद मंजूर करने के लिये स्कूूल की ओर से 2 अगस्त और 21 नवंबर 2018 को पत्र भी लिखा गया जिसकी प्रति डीडीओ-राजकीय मिडल स्कूल रैली को भी प्रेषित की गई लेकिन नतीजा शून्य निकला। प्रेम सिंह का कहना है कि उन्हें सरकारी खाते से नियमानुसार वेतन दिया जाए।
क्या कहती है डीईईओ
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी निरुपमा कृष्णन का कहना है कि उनके संज्ञान में ऐसा मामला नहीं है, सेक्टर 20 की प्रिंसिपल से बात करें। संभवत: उन्हें यह जानकारी ही नहीं कि उक्त स्कूल की डीडीओ रैली स्कूल की मुखिया है। सेक्टर 20 की प्रिंसिपल बोलीं-यह स्कूल उनके अंडर नहीं है। रैली स्कूल की मुखिया से संपर्क के प्रयास सफल नहीं हो सके।


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