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कामरेड पृथ्वी सिंह गोरखपुरिया स्मारक नामकरण विवाद पहुंचा थाने

Posted On December - 5 - 2019

टोहाना, 4 दिसंबर (निस)

टोहाना में बुधवार को पुलिस स्टेशन में स्मारक के नामकरण विवाद पर दोनों पक्षों की बात सुनते बीडीपीओ व एसएचओ। -निस

गांव गोरखपुर में कामरेड पृथ्वी सिंह गोरखपुरिया स्मारक के नाम परिवर्तन को लेकर विवाद पुलिस में पहुंच चुका है। प्रशासनिक स्तर पर गोरखपुर में शांति बहाल रखने एवं विवाद समाप्त करने को लेकर बुधवार को गणमान्य व्यक्तियों की बैठक पुलिस स्टेशन में हुई। बैठक में दोनों पक्ष अपनी-अपनी जिद पर अड़े रहे। कामरेड कृष्ण स्वरूप गोरखपुरिया के पक्ष के लोग दोनों ही प्रतिष्ठित व्यक्तियों का नाम स्मारक पर करवाने के लिए तर्क वितर्क देते रहे। मगर कामरेड पृथ्वी सिंह के पक्ष के लोगों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुमार व एसएचओ देवेंद्र सिंह नैन ने दोनों पक्ष के लोगों को आपसी तालमेल एवं भाईचारे के साथ इस विवाद को निपटाने के लिए अपील भी की।
गोरखपुर के नंबरदार रणवीर सिंह ने बैठक में कहा कि कामरेड पृथ्वी सिंह व कृष्ण स्वरूप गोरखपुरिया की राम-लखन के रूप में पहचान थी। इसलिए दोनों ही दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए संयुक्त रूप से स्मारक पर नामकरण होना चाहिए। इसका विरोध करते हुए एडवोकेट रामचंद्र सिवाच ने कहा कि कामरेड पृथ्वी सिंह गोरखपुरिया का स्मारक 11 वर्ष पहले बनाया गया था, लेकिन अब उसके साथ छेड़छाड़ किया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि कृष्ण स्वरूप गोरखपुरिया के प्रति उनका सम्मान है और दूसरे स्थान पर उनका स्मारक बनाए तो सहयोग देंगे।
कामरेड पृथ्वी सिंह के स्मारक बनाने में कामरेड कृष्ण सिंह गोरखपुरिया काम महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने 21 नवंबर 2008 को एक यादगार कमेटी का गठन किया जिसमें 11 लोगों को शामिल हुए थे। उपरोक्त कमेटी के कृष्ण स्वरूप गोरखपुरिया प्रधान थे। उस दौरान कमेटी ने सर्वसम्मति से कम्युनिटी सेंटर पर कामरेड पृथ्वी सिंह गोरखपुरिया स्मारक नाम अंकित करवा दिया। अब कामरेड कृष्ण स्वरूप गोरखपुरिया के निधन के बाद गांव के लोगों ने यादगार कमेटी के कुछ सदस्यों की मदद से पृथ्वी सिंह व कृष्ण स्वरूप का नाम संयुक्त कर दिया, जिस पर विवाद खड़ा हो गया।

… नहीं तो कानूनी  तरीके से होगा  फैसला : बीडीपीओ
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि जहां पर विवाद है वह 6 कनाल भूमि ग्राम पंचायत गोरखपुर के नाम रिकॉर्ड में दर्ज है। जिस पर कम्युनिटी सेंटर बना हुआ है और सरकारी ग्रांट से ही निर्माण हुआ है। इसलिए दोनों पक्षों को विवाद को निपटा कर सर्वसमिति से फैसला कर लेना चाहिए। अगर मामला प्रशासनिक स्तर पर आता है तो कानूनी तरीके से फैसला किया जाएगा। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह नैन ने स्पष्ट कर दिया कि गांव में किसी प्रकार की शांति भंग नहीं होने देंगे। अगर किसी ने कानून को हाथ में लिया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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