फिर उठा यमुना नदी पर पुल बनाने का मुद्दा !    कश्मीर में चरणबद्ध तरीके से बहाल होगी इंटरनेट सेवा !    बर्फबारी ने कई जगह तोड़ी तारबंदी !    सुजानपुर में क्रिकेट सब सेंटर जल्द : अरुण धूमल !    पंजाब में नदी जल के गैर-कृषि इस्तेमाल पर लगेगा शुल्क !    जनजातीय क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप जारी !    कर्ज से परेशान किसान ने की आत्महत्या !    सेना का 'सिंधु सुदर्शन' अभ्यास पूरा !    कलाई काटने वाले विधायक ने माफी मांगी !    तेजाखेड़ा फार्म हाउस अटैच !    

सिल्वर स्क्रीन

Posted On November - 16 - 2019

ए. चक्रवर्ती
टाइगर को अनन्या पसंद
‘स्टूडेंट आॅफ द ईयर-2’ के बाद से ही अभिनेत्री अनन्या पांडे के प्रति अभिनेता टाइगर श्रॉफ का मोह खुलकर सामने आने लगा था। जिसे अब उन्होंने धीमे स्वर में कबूल करना शुरू कर दिया है। हाल ही में अभिनेत्री दिशा पाटनी के साथ अपने आत्मीय संबंधों की खबरों को बहुत संजीदगी से टालते हुए टाइगर ने अनन्या के प्रति अपने लगाव की बात को बेहद डिप्लोमेटिक ढंग से कबूल किया है। असल में मामला क्या है? हुआ यूं कि सोशल मीडिया में ‘आस्क मी एनिथिंग’ नामक एक गेम शो उन्होंने हिस्सा लिया था। वहां दो प्रश्नों का बहुत गंभीर जवाब उन्होंने दिया। पहला सवाल था-आपकी प्रिय सहअभिनेत्री कौन है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने बहुत स्नेहपूर्ण ढंग से लगभग धमाका करते हुए अनन्या पांडे का नाम लिया था। इसके बाद के दूसरे प्रश्न कि क्या आप दिशा के साथ रोमांस कर रहे हैं या नहीं, का जवाब उन्होंने बहुत ही शालीनता के साथ टाल दिया। इसका मतलब तो यही है कि दिशा के प्रति उनका आकर्षण घटा है। फिलहाल तो टाइगर अपने ढंग से अनन्या को प्रमोट कर रहे हैं।
कीर्ति को किसिंग सीन पर आपत्ति
अभिनेत्री कृति खरबंदा ने कई दूसरी नायिकाओं की तरह शुद्ध मसाला फिल्मों को तवज्जो देना शुरू कर दिया है। अब ‘हाउसफुल-4’ के ठीक बाद उनकी फिल्म ‘पागलपंती’ भी जल्द रिलीज़ होगी। उनके मुताबिक, ‘अनीस सर कितनी मनोरंजक फिल्में बनाते हैं। मुझे खुशी है कि मैं इतनी जल्दी उनके साथ काम कर पाई। यह एक मल्टीस्टारर फिल्म है। लेकिन इसमें मेरा जाह्नवी का किरदार फिल्म का एक अहम हिस्सा है।’ कीर्ति अपने बारे में आगे बताती हैं,‘मैंने साउथ की तमिल और कन्नड़ फिल्मों से अपना करियर शुरू किया था। मुझे साउथ की फिल्म इंडस्ट्री पर बहुत फख्र है। यहां मैंने सीखा कि कैसे अनुशासित ढंग से एक फिल्म को निर्धारित समय में पूरा किया जा सकता है।’
आज जबकि हिंदी फिल्मों में उनकी अच्छी स्थिति बन रही है,उन्होंने कन्नड़ फिल्मों का दामन बिल्कुल नहीं छोड़ा है। दिल्ली में जन्मी और बेंगलुरु में पली-बढ़ी कीर्ति के पास इन दिनों चेहरे, तैश, वान जैसी हिंदी की चार-पांच फिल्में हैं। वैसे अभी तक की उनकी सारी फिल्मों में उनकी बोल्ड इमेज खुलकर सामने आयी है। वह कहती हैं,‘फिल्म का जो सब्जेक्ट होगा, उसी के मुताबिक मेरी इमेज होगी। अब आप इसे एक दिलचस्प संयोग कह सकते हैं कि साउथ की कई फिल्मों में मैं इसी इमेज के साथ आई हूं। और वहां मेरी कई ऐसी फिल्में भी हैं, जिसमें मेरे दमदार रोल को खूब पसंद किया गया। अब मैं हिंदी फिल्मों में भी कुछ ऐसा करिश्मा करना चाहती हूं।’ वैसे बोल्ड सीन के नाम पर किसिंग सीन उन्हें पसंद नहीं है। अभी हाल में उन्हें अपनी फिल्म के लिए एक किसिंग सीन करना था, पर इसे करने से उन्होंने साफ इनकार कर दिया। वह बताती हैं,‘ऐसे सीन करने पर मुझे कोई आपत्ति नहीं है,पर बेवजह ऐसे सीन के नाम पर मैं अपसेट हो जाती हूं। पहली हिंदी फिल्म ‘राज़ रिबूट’ में इमरान हाशमी के साथ मेरा एक किसिंग सीन था। इस सीन को करते समय मुझे बहुत अटपटा लगा। मुझे लगता है, ऐसे सीन कहानी का हिस्सा होने पर ही फिल्माए जाएं। लेकिन मुश्किल यह है कि हमारी ज्यादातर फिल्मों में ऐसे सीन गैरज़रूरी होते हैं।’ बहरहाल पागलपंती के बाद उन्हें महानायक अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का मौका मिला है।
क्या-क्या करेंगे हर्षवर्द्धन
फार्म हाउस में रहूंगा…..लिखूंगा और फिल्में बनाउंगा। यह कह रहे हैं अनिल कपूर के लाडले हर्षवर्धन कपूर।….. इन दिनों वह विश्वविख्यात निशानेबाज अभिनव बिंद्रा की बायोपिक में काम कर रहे हैं। अभी तीन साल पहले अभिनेता हर्षवर्द्धन कपूर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में आए थे। मगर शुरुआत ‘मिर्जियां’ जैसी बड़ी फ्लॉप से हुई। संयोग से उनकी दूसरी फिल्म भावेश जोशी भी ज्यादा ठीक नहीं थी। मगर हर्ष इस विफलता से जरा भी हताश नहीं है। अपनी खामियों को बेहिचक माानने वाले हर्ष फिल्म मेकिंग के हर पक्ष को अच्छी तरह से समझना चाहते हैं। बहुत कम लोगों को पता हो कि एक्टिंग में जोर आजमाइश करने से पहले वह अनुराग कश्यप की फिल्म ‘बोंबे वेलवेट’ में एक सहायक के तौर पर भी काम कर चुके हैं। वह बेहिचक मानते हैं कि कपूर टाइटल उनके लिए भी मददगार साबित हुआ है। वह बताते हैं,‘इतने साल से मेरे पिता अनिल कपूर इंडस्ट्री में हैं। जाहिर है वे सबके प्यार और श्रद्धा के पात्र हैं। बेटे के तौर पर मैं उस प्यार का एक छोटा-सा हिस्सा पाने का हकदार तो हूं ही। पर यह भी ठीक है कि मैं एक अलग तरह का आदमी हूं। मेरा व्यक्तित्व एकदम जुदा है। अपना एक अलग अस्तित्व है। एक्टिंग स्टाइल भी अलग है। मैं अपने ढंग से इस इंडस्ट्री में आगे बढ़ना चाहता हूं। कुछ और भी नया करना चाहता हूं।’ असल में वह हीरो कभी नहीं बनना चाहते थे। असल में उनका मन लेखक बनने के लिए शुरू से ही मचल रहा था। वह कहते हैं,‘2007 में मेरी मुलाकात पहली बार राकेश ओमप्रकाश मेहरा से हुई। तब मैंने उनकी फिल्म मिर्जियां में काम करने के लिए कोई आग्रह नहीं किया था। बात यहीं खत्म हो गई। इसके बाद चार साल के लिए अमेरिका चला गया। यहां राइटिंग को लेकर मैंने एक कोर्स किया। इसके बाद देश लौटने पर राकेश सर से कई मुलाकातें हुई। तब उन्होंने मिर्जियां की स्कि्रप्ट सुनाई। मैं स्कि्रप्ट सुनकर राज़ी हो गया। अनुभवों ने मुझे बहुत कुछ सिखा दिया है।
आलिया-रणवीर का टशन
फिल्म इंडस्ट्री में दो कलाकारों के बीच का टशन कोई नई बात नहीं है। जिसके चलते कुछ कैंप से उन्हें बाहर भी जाना पड़ता है। अब ऐसे ही एक नए टशन के मुख्य आधार बने हैं आलिया भट्ट और रणवीर सिंह। और इसकी एक बड़ी वजह है फिल्मकार संजय लीला भंसाली। असल में दोनों ही भंसाली के प्रिय एक्टर हैं, दोनों ही उम्दा एक्टर हैं। पर अब दोनों के बीच में जबरदस्त झमेला शुरू हो गया है। अभी दो-तीन माह पहले सुनने को मिल रहा था कि भंसाली की फिल्म ईंशा अल्लाह में रणवीर सिंह काम करने के लिए तैयार नहीं हुए थे क्योंकि रणवीर को ऐसा लग रहा था कि संजय उनकी बजाय आलिया को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। फिर सलमान के साथ हुए मतभेद के चलते यह फिल्म हमेशा के लिए डिब्बे में बंद गई। भंसाली ने इसके बाद आलिया को लेकर ‘गंगूबाई काठियारवाड़ी’ शुरू कर दी। और इसकी एक अहम भूमिका में वह रणवीर को लेना चाहते थे। मगर रणवीर ने फिर इनकार कर दिया। अब भंसाली इस रोल में संभवतः अजय देवगन को लेना चाहते हैं। दरअसल रणवीर सिंह के मन में यह बात घर कर गई है कि भंसाली उन्हें छोड़कर आलिया को कुछ ज्यादा ही तवज्जो दे रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने भंसाली को साफ इनकार कर दिया था। जबकि भंसाली अपनी दूसरी फिल्म बैजू बावरा में उन्हें लेने का मन पूरी तरह से बना चुके थे। लेकिन अब वह बैजू बावरा के मुख्य किरदार में भी रितिक को ले रहे हैं। इन सब वजहों से उनके बीच की कोल्ड वॉर सामने आ रही है, लेकिन मतभेद अभी भी खुलकर सामने नहीं आए हैं। भंसाली तो वैसे भी बेहद शालीन और खामोश तबीयत के इनसान हैं। आलिया और रणवीर ने भी खुलकर अपने अभिमान को व्यक्त नहीं किया है। यही नहीं, दोनों ही ऐसी बातों का खंडन करते हैं। वैसे इन दिनों भंसाली और रणवीर एक-दूसरे को इग्नोर करके चल रहे हैं,यह बात ज़रूर सच है।
हंगामा चाहते हैं विवेक
विवेक इन दिनों फिर से सक्रिय हैं। अब वह एयरफोर्स के हीरो अभिनंदन के वर्तमान बायोपिक पर बेस्ड एक फिल्म बालाकोट बनाना चाहते हैं। असल में इन दिनों बेकार बैठे विवेक के पास ऐसी बातें सोचने के लिए पर्याप्त वक्त है। इस प्रसंग में विवेक का कहना है कि बालाकोट भारत के युवा वर्ग को एयरफोर्स को लेकर उत्साहित करेगा। यही नहीं, अब उनका यह दावा है कि बालाकोट जल्द ही एक ऐसी उम्दा फिल्म के तौर पर सामने वाली है, जो अमेरिकन फिल्म ‘टाॅप गन’ को चुनौती दे सकती है। उल्लेखनीय है कि इस फिल्म की रेटिंग भी बहुत अच्छी नहीं थी। अब यह गौरतलब बात है कि खुद विवेक के करिअर में अब तक कोई ऐसी उल्लेखनीय फिल्म नहीं आई है, जिसे लोग याद रखें। इस साल प्रदर्शित ‘प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी’ भी कुछ खास कमाल नहीं कर पाई। इसलिए अब ऐसा कहा जा सकता है कि उनके करिअर को संभालने के लिए बालाकोट एक तुरुप का इक्का साबित हो सकती है।


Comments Off on सिल्वर स्क्रीन
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.