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सिल्वर स्क्रीन

Posted On November - 2 - 2019

ए. चक्रवर्ती

अनीस का सफर

56 साल के लेखक-निर्देशक अनीस बज्मी ने 29 साल के अपने करियर में फिल्म इंडस्ट्री में बहुत पापड़ बेले हैं। जल्द ही उनकी फिल्म ‘पागलपंती’ आएगी। इसके तुरंत बाद वह ‘भूल-भुलैया’ को लेकर मशगूल हो जाएंगे। वह शुद्ध व्यावसायिक फिल्म बनाने के लिए मशहूर हैं। नो एंट्री, सैंडविच, वेलकम, सिंह इज किंग, रेडी, वेलकम बैक, मुबारकां जैसी आधा दर्जन से ज्यादा फिल्में बना चुके अनीस को बड़े सितारों के साथ काम करने में बहुत मज़ा आता है। 1995 की अपनी फिल्म हलचल के बाद ही वह लाइम लाइट में आ गए थे। मगर 1998 में फिल्म ‘प्यार तो होना ही था’ के हीरो अजय देवगन के साथ उनकी अच्छी ट्यूनिंग हो गई। मगर ‘दीवानगी’ के बाद अजय के साथ न जाने क्या हुआ कि फिर दोनों किसी फिल्म में साथ नज़र नहीं आए। बाद में अनिल कपूर उनके सर्वाधिक प्रिय अभिनेता बन गए। वैसे अनीस सलमान, अक्षय और जाॅन अब्राहम के साथ भी काम करते रहते हैं मगर इन दिनों अनिल उनकी हर फिल्म के मुख्य आधार होते हैं। वह कहते हैं, ‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि अनिल एक बेहद पाॅवरफुल अभिनेता हैं। वह काफी दिनों से टोटल हीरोनुमा रोल करने से बच रहे हैं। मैं उनकी फिटनेस का हमेशा कायल रहा हूं। एक बैलेंस अभिनेता के तौर पर उनका बहुत अच्छा उपयोग किया जा सकता है। नो एंट्री, नो प्रॉब्लम, वेलकम, वेलकम बैक, मुबारकां के बाद मेरी नई फिल्म ‘पागलपंती’ में भी वह हैं। जाॅन और कार्तिक आर्यन भी उनकी गुड बुक में आ चुके हैं। अनीस कहते हैं,‘जाॅन पिछली कुछ फिल्मों सें बहुत मेच्योर अभिनेता के तौर पर सामने आये हैं। उनकी भी खासियत यह है कि वह अपनी हर फिल्म को लेकर बेहद संजीदा रहते हैं।’

रंगीन है रवीना का करिअर

इन दिनों रवीना की सक्रियता कम हुई है। अब वह कन्नड़ फिल्म केजीएफ चैप्टर-2 की शूटिंग शुरू करेंगी। इसके अलावा यदा-कदा टीवी शो में भी नज़र आ जाती हैं। अभी हाल में उन्हें अपने बच्चों के साथ दशहरा मनाना बहुत अच्छा लगा। शादी से पहले उन्होंने जिन दो लड़कियों पूजा और छाया को गोद लिया था, वे अब सेटल हो चुकी हैं। वे भी जब उनसे मिलने आती हैं तो उनका वक्त आराम से बीत जाता है। इन दिनों वह अपने पति और बच्चों के साथ जीवन के एक अलग पड़ाव का मजा ले रही हैं। रवीना टंडन 45 की हो चुकी हैं। 2004 में शादी के बाद से ही उन्होंने अपनी फिल्मी व्यस्तता को बहुत सीमित कर दिया था। अब कभी एकाध फिल्में या टीवी होस्ट का काम करना उन्हें अच्छा लगता है। 1991 में ‘पत्थर के फूल’ के बाद से वे अब तक सौ के करीब फिल्में कर चुकी हैं। उनके मुताबिक वे पहले की तुलना में आज अपने करियर को लेकर ज्यादा सचेत हैं। वह बताती हैं,‘फर्क सिर्फ इतना आ गया है कि आज मैं सोच-समझ कर एकाध फिल्म करती हूं। वैसे भी मैं अब पेड़ के इर्द-गिर्द नाचने-गाने के हास्यास्पद काम करने को तैयार नहीं हूं। मैं मानती हूं कि कभी मैंने इस तरह का काफी हास्यास्पद काम किया था। आज मैं जिस पोज़ीशन में हूं, मैं नहीं समझती कि इस तरह की फिल्में करना जरूरी है।’

आयुष्मान का जवाब नहीं

अभिनेत्री भूमि पेडणेकर ने सबका मन जीत लिया है। नई फिल्म ‘सांड की आंख’ भले ही बॉक्स ऑफिस पर कोई ज्यादा हलचल मचा नहीं पाई हो पर उनके सहज अभिनय की सर्वत्र तारीफ हुई है। शायद यह भी एक वजह है कि इन दिनों उन्हें लगातार काम मिल रहा है। खैैर ‘सांड की आंख’ के बाद उनकी अगली फिल्म होगी ‘बाला’, जिसमें एक बार फिर उनके हीरो हैं आयुष्मान खुराना। उल्लेखनीय है कि आयुष्मान के साथ उनकी पहली फिल्म ‘दम लगा के हइसा’ थी। फिर दोनों ने ‘शुभ मंगल सावधान’ में साथ काम किया। अब आने वाली फिल्म ‘बाला’ में भी दोनों साथ नज़र आएंगे। आयुष्मान के साथ उनकी केमिस्ट्री जम गई है। खुद भूमि भी इस बात को मानती है। वह बताती है, ‘यह केमिस्ट्री इतनी सफल है क्योंकि मैं और आयुष्मान दोनों ही बहुत अच्छे एक्टर हैं। फिर आयुष्मान मेरे लिए बहुत स्पेशल है क्योंकि वह मेरी पहली फिल्म के हीरो थे। यही वजह है कि काम के बाहर भी हम बहुत अच्छे दोस्त हैं।’
ऐसे में एक सहज जिज्ञासा पैदा होती है, आयुष्मान के बाद वह और किन-किन हीरो के साथ काम करना चाहती है। वह बिना रुके बताती है,‘वह लिस्ट तो बहुत लंबी है। अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान मेरे आॅल टाइम फेवरेट हैं। इस जेनरेशन में मेरे दो प्रिय अभिनेता हैं-रणवीर सिंह और विकी कौशल। मुझे दोनों के साथ काम करने का मौका मिला है। और अक्षय कुमार के साथ तो काम करने का मौका मिल ही चुका है।’

पूजा हेगड़े तैयार

2010 से साउथ की लगभग आधा दर्जन फिल्मों में काम कर चुकी अभिनेत्री पूजा हेगड़े इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘हाउसफुल-4’ को लेकर बेहद उत्साहित हैं। इस फिल्म में उनके किरदार के दो नाम हैं। वह बेहिचक मानती हैं कि यह रोल बहुत बड़ा नहीं था,पर इस फिल्म के ज़रिए वह जबरदस्त ढंग से लाइम लाइट में आई। पूजा कहती हैं,‘सच कहूं तो मुझे इस जैसी एक अहम फिल्म की ज़रूरत थी। तीन साल पहले की मेरी पहली फिल्म मोहनजोदड़ो ने भी मुझे यह मौका नहीं दिया था। हाउसफुल-4 में अक्षय जैसे अभिनेता के साथ काम करने का अपना एक अलग मज़ा है। उन जैसे अनुशासित हीरो मैंने बहुत कम देखे हैं। ताज्जुब है, वह कितनी तेज़ी से अपने काम को पूरा कर देते हैं।
सांवली-सलोनी पूजा को अपने सांवले रंग को लेकर कोई अफसोस नहीं है और न ही इस बात को वह ज्यादा तवज्जो देती है।
वह कहती है,‘कुदरत ने मुझे जो भी रंग-रूप दिया है, उसके लिए मैं उसकी शुक्रगुजार हूं।’

याद आईं अनुराधा

हाल ही में गायिका अनुराधा पौडवाल ने बहुत सादगीपूर्ण ढंग से अपना जन्मदिन मनाया। डेढ़ हजार से ज्यादा फिल्मी गाने गा चुकी सुरीली आवाज़ की धनी अनुराधा पौडवाल एक बार फिर फिल्मी गायन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ख़बर है कि महेश भट्ट की अगली फिल्म सड़क-2 में फिर उनका पार्श्वगायन सुनने का मौका मिलेगा। उल्लेखनीय है कि सड़क में उनके गाने खूब हिट हए थे। 2006 में आखिरी बार उन्होंने फिल्म ‘जाने क्या होगा’ के लिए गाना गाया था। इसके बाद से फिल्मों के लिए उन्होंने न के बराबर गाने गाये हैं। पर निजी एलबम को लेकर वह बराबर सक्रिय रही। अभी हाल में उनके निजी एलबम करवाचौथ को भी महिलाओं ने खूब पसंद किया। वैसे फिल्मी गायन से इतर भक्ति संगीत के क्षेत्र में भी उनके गायन का कोई जवाब नहीं है। वह बताती हैं,‘भक्ति संगीत मुझे एक खास तरह की तृप्ति देते हैं। मुझे लगता है, इसके बाद मैं अपने अंदर एक नई तरह की ऊर्जा महसूस करती हूं। वैसे भी इस उम्र में काम की भागदौड़ मुझे ज्यादा पसंद नहीं है। बस मैं पूरे सुकून से अपना संगीत सृजन करती रहती हूं। इन दिनों भी दो-तीन एलबम को लेकर व्यस्त हूं। अब फिर से फिल्मों के लिए भी गाने का मन बनाया है।’ दरअसल 1991 में अपने संगीतकार पति की मृत्यु के बाद से वह थोड़ी गंभीर-सी हो गई। मगर संगीत के प्रति उनका जनून बदस्तूर जारी है। उनका बेटा आदित्य और बेटी कविता भी संगीत से जुडे हुए हैं। उनका स्वर्गीय गुलशन के प्रति एक खास सम्मान है।

क्या कर रही है गौरी शिंदे

डियर जिंदगी के लगभग 3 साल बाद भी डायरेक्टर गौरी शिंदे बिल्कुल शांत थी। अब जाकर पता चला है कि अपनी नई फिल्म की स्िक्रप्ट को अंतिम रूप दे रही हैं। वैसे गौरी विज्ञापन जगत का बड़ा नाम है। अपनी पहली फिल्म इंग्लिश-विंग्लिश से ही उन्होंने अपनी निर्देशकीय क्षमता का पूरा दम भरा था। मगर 2016 में अपनी दूसरी फिल्म डियर जिंदगी से वह बॉक्स ऑफिस पर बहुत पीछे रह गई। बहरहाल चर्चित निर्देशक आर. बाल्की की पत्नी गौरी ने यह साबित कर दिखाया है कि वह पति से अलग हटकर भी एक अलग दुनिया बना सकती है।

नवाज़ की नाराज़गी

कंट्रोवर्सी

नवाजुद्दीन सिद्दीकी इन दिनों दर्शकों से काफी खफा हैं। उनका कहना है कि वे उन दर्शकों से खासे नाराज़ हैं जो मसाला फिल्म देखने के आदी हैं। ऐसे दर्शकों से उन्हें किसी भी तरह की कोई उम्मीद नहीं है। नवाज़ का कहना है कि दर्शक वल्गर और फूहड़ ह्यूमर देखने के आदी हो चुके हैं और उन्हें उनकी फिल्में पसंद नहीं आ रही हैं क्योंकि उनकी फिल्मों में गंभीर विषय होते हैं। नवाज़ का मानना है कि दर्शक अपनी फिल्म देखने की पसंद को इम्प्रूव भी नहीं करना चाहते हैं। फिल्में चुनने के बारे में अपनी पसंद का ज़िक्र करते हुए नवाज़ कहते हैं कि मैंने सोचा था कि अपने टाइप की फिल्में करूंगा, लेकिन जब उन फिल्मों का हश्र देखा तो यह अच्छी तरह समझ गया कि जो बाज़ार में चलता है, वही करना चाहिए, इतना ज्यादा गहराई में जाने की कोई ज़रूरत नहीं है। दरअसल नवाज़ुद्दीन हाल ही में रिलीज़ हाउसफुल-4 में नज़र आए थे। यह फिल्म उनके गंभीर सब्जेक्ट से अलग हटकर कॉमेडी मूवी है। हालांकि उनकी भूमिका को बहुत ज्यादा नोटिस नहीं किया गया है। लगता है इसी वजह से नवाज़ दर्शकों से खफा हैं। एक तो कॉमेडी मूवी में उनकी एंट्री और उसमें भी उन्हें नोटिस न किया जाना ही उनके अंदर की पीड़ा को इन शब्दों में बयां कर रहा है।
नवाजुद्दीन कह रहे हैं कि दर्शकों के लिए ऐसी फिल्म होनी चाहिए, जिसमें 4 से 5 गाने हों, वल्गर ह्यूमर हो, एक इमोशनल सीन हो, जिसमें उनको रोना आ जाए, यही देना चाहिए दर्शकों को। लोगों को एक ही तरह के रोमांस को देखने की आदत है, उन्हें फोटोग्राफ जैसी फिल्में अच्छी नहीं लगती। उनको लगता है ऑडियंस कभी भी नहीं सुधर सकती। वे मानते हैं कि इस मामले में बॉलीवुड बहुत समझदार है, दर्शकों को वही फिल्में देता है, जो उन्हें चाहिए। असल में नवाजुद्दीन इन दिनों फिल्म ‘मोतीचूर चकनाचूर’ के प्रमोशन में जुटे हैं। इसी के लिये वे पब्लिसिटी भी पाने का प्रयास कर रहे हैं। नवाज के अलावा इस फिल्म में अथिया शेट्टी मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म 15 नवंबर को रिलीज़ होगी। देखना है कि इस फिल्म में दर्शक नवाज़ की नाराज़गी दूर कर पाते हैं कि इसे भी बिना नोटिस किये छोड़ देते हैं।

 


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