एकदा !    जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग खुला !    वैले पार्किंग से वाहन चोरी होने पर होटल जिम्मेदार !    दिल्ली फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 32 गिरफ्तार !    हाईवे फास्टैग टोल के लिये अधिकारी तैनात होंगे !    अखनूर में आईईडी ब्लास्ट में जवान शहीद !    बीरेंद्र सिंह का राज्यसभा से इस्तीफा !    बदरीनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद !    केटी पेरी, लिपा का शानदार प्रदर्शन !    निर्भया मामला दूसरे जज को भेजने की मांग स्वीकार !    

सर्दी की आगत, लड्डुओं की ताकत

Posted On November - 3 - 2019

कृष्णलता यादव

सर्दी के मौसम में ठंड और बीमारियों से बचाव के लिये हम देसी लड्डू खाते हैं। बाज़ार से खरीदने पर हमें मिलावट का डर सताता रहता है, इसलिये इन्हें इस बार घर पर ही बनाएं। तो आइए, सीखते हैं इन्हें बनाने की विधियां।

गोंद के लड्डू
सामग्री: गेहूं का रवेदार आटा 2 कप, सूखा गोंद 100 ग्राम, काजू-बादाम आदि स्वादानुसार, खरबूजा के बीज एक चम्मच, नारियल का चूरा आधा कप, डेढ़ कप देसी खांड, 2 कप देसी घी।
विधि: गोंद को मध्यम आंच पर तलकर बेलन से दरदरा पीस लें। अब भारी तले की कड़ाही में घी डालकर धीमी आंच पर आटा भूनें, भूनते समय इसे लगातार चलाएं ताकि यह जलने न पाए। आटे का रंग सुनहरा हो जाए और इससे महक आने लगे तब समझिए कि आटा भुन गया है। चाहें तो आटे को सूखा भी भून सकते हैं किन्तु उस अवस्था में आटे का रंग सांवला कर लड्डुओं की स्वाभाविक रंगत खत्म कर देता है। खरबूजे के बीजों को भून लें तथा काजू आदि सूखे मेवों को दरदरा पीस लें।
अब भुने हुए आटे में सूखे मेवे, दरदरा पिसा हुआ गोंद, खरबूजा-बीज, नारियल चूरा, घी, खांड आदि डालकर कड़छी से मिक्स करें और गुनगुना गरम रहते-रहते इच्छानुसार आकार के लड्डू बना लें। इनका प्रयोग 2-3 महीने तक किया जा सकता है।

अलसी के लड्डू
कहा जाता है, अलसी के बीजों में सेहत का खजाना छुपा होता है। अपनी गर्म प्रकृति के कारण इसका प्रयोग सर्दी के मौसम में, विशेषकर लड्डुओं के रूप में किया जाता है।
सामग्री: अलसी के बीज 300 ग्राम, गेहूं का आटा 3 कप, गुड़ 400 ग्राम, देसी घी 3 कप, सूखे मेवे स्वादानुसार, इलायची पाउडर आधा चम्मच।
विधि: एक बड़े पैन में अलसी के बीजों को धीमी आंच पर भूनना शुरू करें, जब चटकने की आवाज कम हो जाए तथा बीज थोड़े फूल जाएं तो इन्हें दूसरे बर्तन में निकाल लें। ठंडा होने पर दरदरा पीस लें। अब कड़ाही में घी गरम करें और उसमें मध्यम आंच पर आटा भून लें। ठंडा होने पर इसमें सूखे मेवे, इलायची पाउडर व अलसी का चूरा डालकर अच्छी तरह मिला लें। गुड़ को गर्म करके पिघला लें। ध्यान रहे, गुड़ को पकाना नहीं होता अन्यथा लड्डू कड़क बनेंगे और स्वाभाविक स्वाद नहीं दे पाएंगे। मिक्सचर में पिघला हुआ गुड़ डालकर फिर ले मिक्स करे। गुनगुना गर्म रहने पर इच्छित आकार के लड्डू बनाएं और खाएं-खिलाएं।

मखाने के ल़ड्डू
मखाना आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम का अच्छा स्रोत है। इसे ‘फूल मखाना’ भी कहा जाता है। पौष्टिकता से भरपूर होने के कारण इसका प्रयोग अनेक रूपों में किया जाता है। अपनी वसारहित प्रकृति के कारण यह वसा-परहेजी लोगों को भी आकर्षित करता है। विशेष बात यह कि इसके लड्डू बनाने में अधिक समय नहीं लगता।
सामग्री: मखाने 100 ग्राम, दूध चार बड़े चम्मच, घी एक बड़ा चम्मच, मेवे इच्छानुसार, देसी खांड 100 ग्राम।
विधि: कड़ाही में घी गर्म कर धीमी आंच पर मखाने भूनें। ये जैसे-जैसे भुनेंगे, इनका आकार छोटा और रंग भूरा होने लगेगा। भुन जाने पर इन्हें अलग बर्तन में निकाल लें। कड़ाही में आधा चम्मच घी डालकर सूखे मेवे भून लें। मखानों को मिक्सी में पीस लें। अब पिसान में मेवों का चूरा व खांड डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लड्डू बांधें। यदि लड्डू ठीक से नहीं बंध पा रहे हों तो आवश्यकतानुसार दूध मिलाकर बांधें। दूध का प्रयोग होने के कारण ये लड्डू बहुत दिनों तक नहीं टिकते। यदि घी का कम से कम प्रयोग करना हो तो मखानों को माइक्रोवेव में भी भून सकते हैं।


Comments Off on सर्दी की आगत, लड्डुओं की ताकत
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading...
Both comments and pings are currently closed.

Comments are closed.

Powered by : Mediology Software Pvt Ltd.