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रक्षा समिति और संसदीय दल की बैठकों से बाहर

Posted On November - 29 - 2019

लोकसभा में अपनी बात रखते रक्षामंत्री राजनाथ सिंह।

ट्रिब्यून न्यूज सर्विस
नयी दिल्ली, 28 नवंबर
भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने गोडसे पर फिर टिप्पणी की, जो उन्हें भारी पड़ी। महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की तारीफ करने पर साध्वी को रक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति से हटा दिया गया है। साथ ही भाजपा ने संसद सत्र के दौरान पार्टी संसदीय दल की बैठकों में शामिल होने पर पाबंदी लगा दी है। लोकसभा में बृहस्पतिवार को इस मुद्दे पर चर्चा कराने व सरकार से बयान देने की मांग पर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने हंगामा किया। कांग्रेस ने वाॅकआउट भी किया।
कांग्रेस ने प्रज्ञा से माफी मांगने की मांग की है। पार्टी ने मोदी सरकार को गोडसेपंथी बताते हुए लोकसभा में प्रज्ञा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।
पूरे प्रकरण के बाद प्रज्ञा ने दावा किया कि उनकी टिप्पणी नाथूराम गोडसे को लेकर नहीं, बल्कि शहीद उधम सिंह के लिए थी। हालांकि उनकी सफाई को न तो भाजपा ने स्वीकार किया, न विपक्ष ने। बता दें कि प्रज्ञा ने दूसरी बार गोडसे की तारीफ की है। इससे पहले लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने गोडसे को देशभक्त करार दिया था। उनके बयान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नाराज हुए थे। तब प्रज्ञा ने माफी मांग ली थी।
उधर, इस मसले पर भाजपा संसदीय दल की बृहस्पतिवार सुबह हुई बैठक में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रज्ञा ठाकुर को रक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति से हटाने की सिफारिश कर दी, जिस पर संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने तुरंत कार्रवाई की। नड्डा ने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर संसद के मौजूदा सत्र के दौरान भाजपा संसदीय दल की बैठकों में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। गौरतलब है कि बुधवार को लोकसभा में एसपीजी (संशोधन) बिल पर चर्चा के दौरान प्रज्ञा ठाकुर की टिप्पणी से यह विवाद शुरू हुआ। तब डीएमके सांसद ए राजा चर्चा के दौरान नाथूराम गोडसे के उस बयान का जिक्र कर रहे थे कि उसने महात्मा गांधी को क्यों मारा। इस पर प्रज्ञा ने उन्हें टोक दिया। आरोप है कि उन्होंने गोडसे को देशभक्त कहा। हालांकि प्रज्ञा के बयान को लोकसभा के रिकॉर्ड से हटा दिया गया।
लोकसभा में हुआ हंगामा
लोकसभा में बृहस्पतिवार को प्रश्न काल शुरू होते ही कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी के बयान पर सदन में चर्चा कराने की मांग करने लगे। कांग्रेस दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि महात्मा गांधी के हत्यारे को देशभक्त बताया जा रहा है। यह सरकार नाथूराम गोडसेपंथी है। उन्होंने सरकार से बयान देने की मांग की। लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने मांग खारिज कर दी। सदन में मौजूद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गोडसे को देशभक्त कहे जाने की बात तो दूर, देशभक्त मानने की अगर किसी की सोच भी है तो उनकी पार्टी इसकी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि गांधी पहले भी हमारे मार्गदर्शक थे, रहेंगे। हालांकि विपक्षी सांसद रक्षा मंत्री के बयान से संतुष्ट नहीं हुए और सदन से वॉकआउट कर गए। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाधी ने कहा कि भाजपा और संघ परिवार की आत्मा गोडसे ही है।


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